रविवार, 1 जून 2025

Hazrat Lathshahi Baba के उर्स में अकीदतमंदों का उमड़ा जनसैलाब

उर्स के दौरान हिंदू मुस्लिम दोनों वर्गों ने लुटाई अकीदत, चढ़ाई चादर 


Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil india live). सर्किट हाउस स्थित hazrat Syed mukhtar ali shah उर्फ लाटशाही शहीद बाबा (रह.) के तीन दिवसीय उर्स में शनिवार को अकीदत का सैलाब उमड़ पड़ा। बाबा के आस्ताने पर जहां एक ओर सूफियाना कलाम गूंज रहा था, वहीं दूसरी ओर सर्किट हाउस के पीछे झूला,चरखी आदि पर बच्चों का हुजूम मस्ती करता दिखाई दिया। सैकड़ों कि तादाद में सजी अस्थाई दुकानें लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। उर्स में आए हुए तमाम लोगों का हुजूम फातेहा पढ़ने के बाद खरीददारी करके लौटता दिखाई दिया। उर्स के दौरान हिंदू मुस्लिम दोनों वर्गों ने बाबा के दर पर जहां अकीदत लुटाई वहीं चादर चढ़ाकर तमाम लोगों ने फातेहा पढ़ा और मन्नतें व मुराद मांगी।


उर्स में सुबह से देर रात तक जायरीन का हुजूम 

बाबा के उर्स में सुबह से देर रात तक जायरीन का हुजूम फातेहा पढ़ने और बाबा कि जियारत के लिए उमड़ा हुआ था। आलम ये था कि सर्किट हाउस, कचहरी आदि के आसपास सड़क पर पांव रखने तक की भी जगह नहीं थी। इससे पूर्व शाम को उल्फत बीबी के अहाते से चादर-गागर का जुलूस निकला, जो कदीमी रास्ते से होता हुआ बाबा के आस्ताने पर पहुंचा। यहां बाबा की मजार पर चादरपोशी कर अकीदतमंदों ने मुल्क की सलामती व खुशहाली की दुआ मांगी। सूफी मोहम्मद जाफर हसनी ने उर्स में आए हुए लोगों का खैरमकदम किया।


तीन दिवसीय उर्स के दौरान कुरानख्वानी, तकरीर व नातिया मुशायरे व लंगर का दौर समाचार लिखे जाने तक चलता रहा। उर्स के मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों संग बंगाल, बिहार, हरिद्वार, दिल्ली, अजमेर सहित पूर्वाचल भर से हजारों अकीदतमंदों ने बाबा के दर पर हाजिरी लगाकर दुआएं मांगी। समाचार लिखे जाने तक उर्स अपने शबाब पर था।

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