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सोमवार, 30 जून 2025

Desh के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का Red alert

वाराणसी समेत पूर्वांचल में कुछ जनपदों में होगी तेज़ बारिश 

देशभर में मानूसन की दस्तक के बाद उत्तर भारत समेत पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है। दिल्ली, यूपी और झारखंड समेत कई राज्यों के अलग-अलग इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। एक रिपोर्ट 


New Delhi (dil India live). भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार की सुबह की बुलेटिन के मुताबिक, झारखंड, ओडिशा, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर आने वाले दिनों में भारी बारिश होने का अनुमान है। 

कहा गया है कि 30 जून से 5 जुलाई के दौरान पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों में, मध्य प्रदेश, बिहार में बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। 

बिहार में बरसात से आ सकती है बाढ़ 

भारतीय मौमस विभाग के जारी पूर्वानुमान के अनुसार,  बिहार के कई जिलों में अगले 3-4 दिनों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी बिहार में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है।

बिहार के लिए भारतीय मौसम विभाग की ओर से इस दौरान किसानों और यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कहा है कि बिहार में भारी बारिश होने से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालत बन सकते हैं। 

झारखंड में भारी बरसात का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने झारखंड में 2 जुलाई की सुबह तक भारी बरसात होने की संभावना है। सोमवार के लिए रेड अलर्ट भी जारी किया है। इस बीच ताजा अपडेट के अनुसार, राजधानी रांची समेत पूरे प्रदेश में भारी बारिश हो रही है।

पूर्वी सिंहभूम जिले के कोवाली थाना क्षेत्र में शनिवार को भारी बारिश के कारण प्राइवेट लव कुश आवासीय स्कूल जलमग्न हो गया और 162 छात्र फंस गए। स्कूल परिसर, कक्षाओं और छात्रावास में पानी भर जाने से छात्रों को छत पर रात बितानी पड़ी।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ऋषभ गर्ग ने रविवार सुबह करीब 5.30 बजे सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों की मदद से सभी छात्रों को एक-एक करके निकाला।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र और इससे सटे पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों पर एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है। अगले दो दिनों के दौरान यह तूफान धीरे-धीरे उत्तरी ओडिशा, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों और झारखंड से होते हुए पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ेगा। 

उत्तर प्रदेश के इन जिलों में रेड अलर्ट

यूपी में इन 6 जिलों में बरसात को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 10 जिलों में आरेंज अलर्ट। लखनऊ सहित 67 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। रेड अलर्ट वाले जिलों में बहराइच, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, सहारनपुर, शामली, बिजनौर और रामपुर शामिल हैं। 

वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, सोनभद्र, चंदौली, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, हरदोई, फरुखाबाद, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में भारी बारिश के आसाार हैं।

प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फरुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी है। 

शुक्रवार, 27 जून 2025

1 Muharram Barish के बीच निकला दुलदुल का Julus

पहली मोहर्रम पर सदर इमामबाड़े में लब्बैक या हुसैन..की गूंजी सदाएं




सरफराज अहमद 

Varanasi (dil India live). Mahe Muharram की पहली तारीख एक मोहर्रम 1447 हिजरी शुक्रवार को गम ए हुसैन के सिलसिले का पहला जुलूस अलम और दुलदुल का सदर इमामबाड़े में बरसात के बीच निकाला गया। जुलूस के संयोजक हाजी फरमान हैदर ने बताया कि जुलूस में शहर भर से बच्चे, जवान, बुजुर्ग, जियारत, नौहाख्वानी व मातम के लिए ऊबड़ खाबड़ रास्तों को तय करते हुए , बारिश की परवाह न करते हुए सदर इमामबाड़े पहुंचे। सज्जाद अली गुज्जन मुतवल्ली, तथा शामिल रिज़वी के ज़ेरे निगरानी जुलूस आगे बढ़ा। राहिब अली तबलीगी ने मजलिस को खिताब किया। 

इस अवसर पर कई अंजुमनों ने सामूहिक रूप से नोहख्वानी और मातम किया। इसमें अंजुमन सज्जादिया, अंजुमन आबिदीया, अंजुमन हुसैनिया, अंजुमन नसीरूल मोमिनीन, अंजुमन हाशिमिया, अंजुमन सदाये अब्बास ने नौहाख्वानी और मातम किया।ज्जाद अली और अतश बनारसी ने कलाम भी पेश किए। इस अवसर पर जाफर इमाम, फैजी नकवी, अलमदार हुसैन , शब्बीर हुसैन, के अलावा दोषीपुरा, पठानी टोला, कच्ची बाग आदि क्षेत्र के मोमिनीन, रिजवान अलमदार, वगैरा शामिल रहे। फरमान हैदर ने सोझख्वानी की । इस अवसर पर ईरान के समर्थन में तथा अमरीका और इजराइल के विरोध में नारे भी बुलंद हुए। लब्बैक या हुसैन की सदाओं से फिजा गूंजती रही। इस अवसर पे श्री हैदर ने बताया कि २ मोहर्रम को शिवपुर में अंजुमन पंजीतानी के जेरे इंतजाम दुलदुल और अलम का कदीमी जुलूस उठाया जाएगा जिसमें बनारस के अलावा दूसरे शहर की अंजुमने भी हिस्सा लेंगी।

बुधवार, 18 जून 2025

Baarish ka Asar : कहीं 7 घंटे बिजली गुल, कहीं हर 5 मिनट में ट्रिपिंग

बारिश के चलते किराये के जेनरेटर से भरी टंकी

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). मानसून की आहट से ही वाराणसी में शहर से लेकर गांव तक की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। आधी रात बाद बारिश शुरू होते ही पहले तो बिजली विभाग ने एहतियातन बिजली काटी, बाद में तेज हवा के साथ बारिश में कहीं ट्रांसफार्मर खराब हो गया तो कहीं तार टूटने से बिजली गुल हो गई। इस वजह से मंगलवार को कहीं 6 कहीं 7 घंटे बिजली गुल रही।

इधर, शहर के छित्तूपुर, भगवानपुर, डाफी में तो मंगलवार सुबह 9 बजे से देर शाम तक बिजली की आवाजाही जारी रही। लिहाजा किराये पर जेनरेटर मंगाकर कॉलोनियों में लोगों ने घर में उजाला किया और पानी भरा। गांव में भी ट्रिपिंग, लोकल फाल्ट की समस्या बनी रही।


मंगलवार को ग्रामीण इलाकों की तुलना में सबसे अधिक बिजली कटौती की समस्या शहरी क्षेत्र में रही। इसमें नरिया इलाके में सुबह 11 बजे से बिजली गुल हो गई। भगवानपुर, छित्तूपुर, डाफी में सुबह 9 बजे बिजली गुल हो गई। भगवानपुर, छित्तूपुर निवासी आशु पटेल, मन्नू पाल, भूपेंद्र सिंह, राजू पटेल ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर में खराबी की वजह से बिजली का संकट रहा। कुछ देर इन्वर्टर चला लेकिन बाद में वो भी जवाब दे गया। शाम को अंधेरा दूर करने के लिए हम लोगों ने चंदा लगाकर जेनरेटर मंगवाया। किसी तरह घर में रोशनी आई और पानी भरा जा सका। उधर महेशपुर, मड़ौली, भिटारी, मंडुवाडीह बाजार, लंका, सारनाथ, सरायनंदन खोजवा, आदि जगहों पर बिजली की आवाजाही जारी रही। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सारनाथ के तिलमापुर क्षेत्र में सुबह 10 से बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके साथ ही पंचकोसी क्षेत्र में 10 बजे सुबह की कटी बिजली दोपहर 1:20 पर आई। ग्रामीण इलाके में चौबेपुर में बिजली की आवाजाही जारी रही। कछवा रोड क्षेत्र में सोमवार आधी रात बाद 2 बजे से कटी बिजली मंगलवार सुबह 6 बजे आई। इस दौरान ठटरा एवं पूरे के अलावा रूपापुर फीडर के कई गांवों में अंधेरा छाया रहा।

सीएचसी मिसिरपुर में बिजली गुल, मरीजों को परेशानी: सीएचसी मिसिरपुर में मंगलवार की भोर में बिजली कनेक्शन में फाल्ट हो जाने के चलते विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। तीमारदारों ने बताया कि जेनरेटर भी नहीं चलवाया गया। कुछ समय तक ओपीडी में भी अंधेरा रहा।


रविवार, 2 मार्च 2025

Ramzan Mubarak (1) - हक़ की जिन्दगी जीने का रास्ता दिखाता है रमज़ान

रमजान आते ही फिज़ा में होती है नूर की बारिश 

Varanasi (dil India live)। हिजरी कलैंडर का 9 वां महीना रमज़ान है। ये वो महीना है जिसके आते ही फिज़ा में नूर छा जाता है। चोर चोरी से दूर होता है, बेहया अपनी बेहयाई से रिश्ता तोड़ लेता है, मस्जिदें नमाज़ियों से भर जाती हैं। लोगों के दिलों दिमाग में बस एक ही बात रहती है कि कैसे ज्यादा से ज्यादा इबादत की जाये। फर्ज़ नमाज़ों के साथ ही नफ्ल और तहज्जुद पर भी लोगों का ज़ोर रहता है, अमीर गरीबों का हक़ अदा करते हैं, पास वाले अपने पड़ोसियों का, कोई भूखा न रहे, कोई नंगा न रहे इस महीने में इस बात का खास ख्याल रखा जाता है। पता ये चला कि हक़ की जिन्दगी जीने की रमज़ान हमे जहां तौफीक देता है। वहीं गरीबो, मिसकीनों, लाचारों, बेवा, और बेसहरा वगैरह की ईद कैसे हो, कैसे उन्हें उनका हक़ और अधिकार मिले यह रमज़ान ने पूरी दुनिया को दिखा दिया, सिखा दिया। यही वजह है कि रमज़ान का आखिरी अशरा आते आते हर साहिबे निसाब अपनी आमदनी की बचत का ढ़ाई फीसदी जक़ात निकालता है। और दो किलों 45 ग्राम वो गेंहू जो वो खाता है उसका फितरा।

सदका-ए-फित्र ईद की नमाज़ से पहले हर हाल में मोमिनीन अदा कर देता है ताकि उसका रोज़ा रब की बारगाह में कुबुल हो जाये, अगर नहीं दिया तो तब तक उसका रोज़ा ज़मीन और आसमान के दरमियान लटका रहेगा जब तक सदका-ए-फित्र अदा नहीं कर देता। रब कहता है कि 11 महीना बंदा अपने तरीक़े से तो गुज़ारता ही हैतो एक महीना माहे रमज़ान को वो मेरे लिए वक्फ कर दे। परवरदिगारे आलम इरशाद फरमाते है कि माहे रमज़ान कितना अज़ीम बरकतों और रहमतो का महीना है इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि इस पाक महीने में कुरान नाज़िल हुआ। इस महीने में बंदा दुनिया की तमाम ख्वाहिशात को मिटा कर अपने रब के लिए पूरे दिन भूखा-प्यासा रहकर रोज़ा रखता है। नमाज़े अदा करता है। फ़र्ज़ Namaaz के अलावा तहज्जुद, चाश्त, नफ्ल अदा करता है। इस महीने में वो मज़हबी टैक्स ज़कात और फितरा देकर गरीबों-मिसकीनों की ईद कराता है। 

अल्लाह फ़रमाता है कि सिवाए रोज़े के कि रोज़ा मेरे लिये है इसकी जज़ा मैं खुद दूंगा। बंदा अपनी ख्वाहिश और खाने को सिर्फ मेरी वजह से तर्क करता है। यह महीना नेकी का महीना है इस महीने से इंसान नेकी करके अपनी बुनियाद मजबूत करता है। ऐ मेरे पाक परवर दिगारे आलम, तू अपने हबीब के सदके में हम सबको रोज़ा रखने, दीगर इबादत करने, और हक की जिंदगी जीने की तौफीक दे ..आमीन।