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गुरुवार, 26 जून 2025

Varanasi Main Kisan आंदोलन के 20 वें दिन में किसानों ने क्या किया

भूमि अधिग्रहण के विरोध के बीच किसानों ने शाहू जी महाराज की मनाई जयंती


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). वाराणसी में निर्माणाधीन इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम गंजारी व आसपास के गाँवों में अर्बन टाउनशिप, स्पोर्ट्स सिटी और फोरलेन सड़क चौड़ीकरण के लिए जबरन भूमि अधिग्रहण के विरोध में आंदोलन 20 वें दिन गुरुवार को भी जारी रहा। यहाँ स्थित एक बाग में किसानों ने छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती मनाई। पूर्वांचल किसान यूनियन की ओर से चल रहे धरना प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे यूनियन के अध्यक्ष योगीराज सिंह पटेल ने शाहूजी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हे शिद्दत से स्मरण किया गया। संचालन कर रहे पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राजकुमार गुप्ता ने उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके सिद्धांतों को आत्मसात करने पर बल दिया।


धरना सभा में वक्ताओं ने कहा कि यहां प्रशासन लगभग एक हजार से अधिक एकड़ भूमि का अधिग्रहण करना चाहती है जो पूरी तरह से गैरवाजिब और जबरन किया जा रहा है। सरकार ने पहले भी हरहुआ-राजातालाब रिंग रोड और स्टेडियम निर्माण के नाम पर हमारी जमीन ली है। अब अर्बन टाउनशिप स्पोर्ट्स सिटी और सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हमारी जमीन जबरन छीनना चाहती है। हम ऐसा नहीं होने देंगे। हम अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। अगर जबरदस्ती हुई तो हम जान देने को तैयार हैं। पहले भी बहुत कुछ दे चुके हैं, अब और नहीं।

किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को नहीं रोका तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका साफ कहना है कि ज़मीन हमारी है और इसे छीनने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल किसानों का विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा हैं, लेकिन चेतावनियों के मद्देनजर प्रशासन के लिए यह एक गंभीर संकेत है। देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।


धरने की अगुआई पूर्वांचल किसान यूनियन के अध्यक्ष योगीराज सिंह पटेल कर रहे हैं वही अध्यक्षता किसान नेता डा. राजेन्द्र सिंह व संचालन पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राजकुमार गुप्ता ने किया। अन्त में आभार हरसोस ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ओम प्रकाश सिंह पटेल ने दिया। 

इनकी रही खास मौजूदगी 

डा. राजेन्द्र सिंह, योगीराज सिंह पटेल, राजकुमार गुप्ता, ओमप्रकाश सिंह पटेल, गणेश शर्मा, रामदुलार, रमेश वर्मा, अवधेश, रणजीत, राकेश, विरेंद्र बौद्ध, रामचंद्र, रामनाथ, भाईराम, आशा पटेल, रामनरेश, विनोद, सत्यनारायण, राम नारायण, जयप्रकाश, कल्पनाथ गोस्वामी, जियाराम पटेल, कमलाकर सिंह, विनय मौर्य, पद्माकर सिंह, राजेन्द्र, निहोरी लाल, रामपत्ती, रामनाथ, लालजी, दीलिप सिंह, अजीत पटेल, रणजीत, हृदय पाल, मनोज कुमार सिंह, विरेंद्र पटेल, रामबालक पटेल, प्रहलाद पाल, राजेश कुमार, राजकुमार राजभर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

शुक्रवार, 20 जून 2025

प्रबंध निदेशक से वार्ता में क्या हुआ? Varanasi Main Bijli karmchari Aandolan का जानिए क्या रहा असर

बिजली कर्मचारियों की प्रबन्ध निदेशक पुर्वांचल से पांच सूत्रीय मांगों पर हुई बातचीत 

संविदाकर्मियों का फेसिअल अटेंडेंस के नाम पर कटा वेतन जल्द होगा जारी

स्थानांतरण के मुद्दे पर संसोधन पत्र जारी करने पर अड़े संघर्ष समिति पदाधिकारी


सरफराज अहमद 

Varanasi (dil India live)। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0 के बैनर तले कल पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर शुरू किया गया था जिसके तारतम्य में आज प्रबन्ध निदेशक के आमंत्रण पर संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता हुई जिसमें पुर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव को निरस्त करने हेतु संघर्ष समिति के मांग को ऊर्जा प्रबन्धन एवं उ0प्र0 शासन को भेजने, वर्ष 2023 के बाद हटाये गये संविदाकर्मियों को कार्य पर वापस रखने, फेसिअल अटेंडेंस के नाम पर संविदाकर्मियों के कटे वेतन दिलाने के साथ ही उत्पीड़न के दृष्टि से किये गए स्थानांतरण आदि पर चर्चा हुई। जिसपर प्रबन्ध निदेशक ने निजीकरण के प्रस्ताव पर संगठन कें पत्र को शासन स्तर पर भेजने, हटाये गये योग्य संविदाकर्मियों को आवश्यकतानुसार खाली जगह पर रखने या विभाग में कार्य कर रही कम्पनियों में उनका नाम भेजने, फेसिअल अटेंडेंस हेतु मोबाइल उपलब्ध कराने या विद्युत उपकेंद्रों पर कैमरायुक्त कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध कराने जिससे एस0एस0ओ0 ऐप्प सेवी के डेटा को भी भर सके, के साथ ही फेसिअल अटेंडेंस न लग पाने के कारण कटे वेतन को तत्काल दिलाने, स्थानांतरण हुए बिजलीकर्मियो के समस्याओं पर आवेदन लेकर उनपर आवश्यक कार्यवाही करने की बात हुई।

 


उत्पीड़न के दृष्टि से प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण किये संगठन के नेताओ पर भी विस्तार से चर्चा हुई जिसमें संगठन के पदाधिकारियो ने प्रशासनिक आधार का कारण जब मांगा तो उनके पास कोई उत्तर नही था जिस पर संगठन पदाधिकारियो ने गलत तरीके या टाइपिंग मिस्टेक से लिखे प्रशासनिक आधार को संशोधित पत्र जारी कर प्रशासनिक आवश्यकता करने की मांग संघर्ष समिति ने रखी और कहाँ की स्थानांतरण से कोई निजीकरण स्वीकार नही करेगा और जहाँ अपने स्थानांतरण किया है वहा ही ड्यूटी करते हुए संघर्ष समिति के हर कार्यक्रम को संपादित करेंगे।

   


विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0 के बैनर तले कल से अनिश्चिकालीन सत्याग्रह जो प्रबन्ध निदेशक के आश्वासन पर फिलहाल स्थगित किया गया था जिसको आगे प्रबन्ध निदेशक के मिनट्स ऑफ मीटिंग आने के बाद जारी रखने या निरस्त करने का निर्णय किया जाएगा। संघर्ष समिति उ0प्र के बैनर तले आज जनजागरण सभा बरईपुर स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय पर हुई जिसमें बिजलिकर्मियो के साथ उपभोक्ताओं ने एक स्वर में बिजली के निजीकरण को सरकार का सबसे बड़ा गलत निर्णय ठहराया। कल जनजागरण सभा लंच ऑवर में सिगरा स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर होगा जिसमें सभी बिजलीकर्मी प्रतिभाग करेंगे। सभा को ई. मनीष झा, रविन्द्र यादव, रंजीत पटेल, सौरभ श्रीवास्तव, राकेश कुमार, धनपाल सिंह, समीर पाल, अंकुर पाण्डेय, अरुण पटेल‌ आदि ने संबोधित किया।

गुरुवार, 19 जून 2025

Varanasi k बिजलीकर्मियो ने शुरू किया प्रबन्ध निदेशक Office पर अनिश्चितकालीन Satyagraha

ऐलान: मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा अनिश्चितकालीन सत्याग्रह 

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live)। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उतर प्रदेश के बैनर तले आज प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर बिजलीकर्मियो ने 2 महीने पहले दिये गये पांच सूत्रीय मांगों के पूरा न होने तक अनिश्चितकालीन Satyagraha (सत्याग्रह) सभा की शुरुआत की। ऐलान किया गया कि उत्पीड़न और लेने देन के आरोप के घेरे में आए स्थानांतरण आदेशों के विरोध में वाराणसी में सत्याग्रह आंदोलन जारी रहेगा।

इस दौरान सभा को संबोधित करते हुये वक्ताओ ने कहा कि 2 महीने पहले प्रबन्ध निदेशक को पांच सूत्रीय मांग पत्र दिया गया किन्तु प्रबन्ध निदेशक द्वारा समस्याओं का समाधान करना तो दूर की बात वार्ता करना भी उचित नही समझा जिससे बिजलीकर्मियो में जबरदस्त आक्रोश पैदा हो गया है और आज मजबूर होकर बिजलीकर्मियो ने Satyagraha शुरू कर दिया है। हद तो तब हो गयी जब बिजलीकर्मियो के सत्याग्रह के लिए विद्युत नगर का गेट बंद कर दिया गया जबकि हमारी नोटिस प्रबन्ध निदेशक आफिस पर सत्याग्रह करने की थी किंतु प्रशासन के आग्रह के कारण बिजलीकर्मियो ने जोर जबरदस्ती नहीं की।

 


वक्ताओ ने कहा कि आज अभी केवल कुछ कर्मचारियों को लेकर सत्याग्रह शुरू किया गया है जिससे पहले ही दिन बिजली व्यवस्था पर कोई असर न पड़े किन्तु यदि प्रबन्ध निदेशक हमारी मांगो को पूरा नही करते तो निश्चित तौर पर पुर्वांचल के समस्त जिलो से बिजलीकर्मियो को बुलाया जाएगा जिससे किसी भी प्रकार की आद्योगिक अशांति होती है तो उसकी समस्त जिम्मेदारी प्रबन्ध निदेशक की होगी।

 विद्युत कर्मचारी संयुक्त संगठन समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के आरएफपी डॉक्यूमेंट पर विद्युत नियामक आयोग को तत्काल अभिमत देने के लिए निजी घरानों और पावर कारपोरेशन प्रबन्धन दबाव डाला जा रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि संभावना बताई जा रही है कि निजी घरानों के दबाव में विद्युत नियामक आयोग किसी भी समय अपना अभिमत पॉवर कार्पोरेशन प्रबंधन को दे सकता है। इस दौरान छात्रसंघ के ध्रुव और ज्ञानप्रकाश ने अपनी कविताओं से सत्याग्रहियों में जोश भर दिया। सभा की अध्यक्षता ई. मायाशंकर तिवारी एवं संचालन अंकुर पाण्डेय ने किया।

  सभा को ई. एस.के.सिंह, ई.विजय सिंह, ई. सियाराम यादव,विजय सिंह, वेदप्रकाश राय, मदन श्रीवास्तव, संतोष वर्मा, जिउतलाल, राघवेंद्र गोस्वामी, उमेश यादव, प्रशांत सिंह, उदयभान दुबे,रामजी भारद्वाज, रंजीत पटेल, अजित कुमार आदि ने संबोधित किया।