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सोमवार, 30 मार्च 2026

Assam Assembly Election 2026 के लिए कांग्रेस ने जारी किया Observers की सूची

जालुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के पर्यवेक्षक बने बनारस के हाजी मोहम्मद तौफीक


मोहम्मद रिजवान 

dil india live (Varanasi). जनपद वाराणसी निवासी विधानसभा उत्तरी 388 एवं कांग्रेस पार्टी के समर्पित पूर्व जिला चेयरमैन व उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव हाजी मोहम्मद तौफ़ीक़ कुरैशी को पार्टी नेतृत्व द्वारा असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए जालुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र का पर्यवेक्षक (Observer) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के निर्देश पर की गई है।

इस अवसर पर हाजी मोहम्मद तौफ़ीक़ कुरैशी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, सांसद गौरव गोगोई, वरिष्ठ नेता जितेन्द्र सिंह एवं इक़बाल अहमद सहित सभी वरिष्ठ नेताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा "मुझ पर जो विश्वास जताया गया है, उसके लिए मैं सभी वरिष्ठ नेताओं का विशेष धन्यवाद करता हूँ। मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी ज़िम्मेदारी निभाऊंगा तथा संगठन को मज़बूत करने में अपना पूर्ण योगदान दूंगा। "जालुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र असम की सबसे महत्वपूर्ण और हाई प्रोफाइल सीटों में से एक है। यह गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में इसकी अहम भूमिका मानी जाती है। वर्तमान मुख्यमंत्री की सीट होने के कारण यहाँ का चुनाव पूरे प्रदेश में विशेष चर्चा का केंद्र रहता है।

इसी के साथ यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, जहाँ से चुनावी परिणाम पूरे राज्य के राजनीतिक माहौल और समीकरणों को प्रभावित करते हैं। जालुकबाड़ी में विभिन्न वर्गों और समुदायों का व्यापक प्रतिनिधित्व होने के कारण यह सीट सामाजिक संतुलन और जनमत का भी प्रतीक मानी जाती है। यही कारण है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हैं और यहाँ की चुनावी गतिविधियाँ पूरे असम में व्यापक प्रभाव डालती हैं।



हाजी मोहम्मद तौफ़ीक़ कुरैशी की यह नियुक्ति कांग्रेस पार्टी के संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुभव, सक्रियता और समर्पण से असम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस पार्टी को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी।

मंगलवार, 15 जुलाई 2025

UP: Varanasi Main हज जायरीन का हुआ खैरमकदम

हाजी साहेबान को पहनाया गया अरबी रुमाल 

Varanasi (dil India live). हज बैतुल्लाह से सरफराज होकर हाजियों के अपने मुल्क वापसी पर इसरा (ISSRA) वाराणसी यूपी द्वारा खजुरी स्थित "ड्रीम पैलेस मैरेज लॉन" में हाजियों के खैरमकदम एवं अभिनंदन समारोह' का आयोजन मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी की सदारत व मौलाना हसीन अहमद हबीबी की निजामत में आयोजित किया गया। जिसमें हाजियों व हज्जिनों को अरबी रूमाल पहनाने के बाद माल्यार्पण कर उनका खैरमकदम किया गया। 


इंडोनेशिया के बाद सबसे ज्यादा हाजी भारत से 

इस दौरान इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने बताया कि वर्ष 2025 में सम्पूर्ण भारत से जाने वाले हज जायरीन की संख्या पूरे विश्व में दूसरे नम्बर पर थी। जिसमें प्रथम स्थान पर इण्डोनेशिया के हज यात्री थे। भारत के सबसे बड़े प्रान्त उत्तर प्रदेश से हज यात्री दूसरे प्रान्तों की अपेक्षा सबसे अधिक थे। इसरा (ISSRA) के द्वारा लगाये गये हज ट्रेनिंग कैम्प में हज जायरीन को हज से मुत्तालिक पूरी जानकारी दी गई। जिससे हज जायरीनों को हज के अरकानों को मुकम्मल करने में आसानी हुई। 


नबी के रौज़े पर जारी हो गया आंसू

हज बैतुल्लाह से सरफराज होकर तथा हुजूर सल्लाहो अलैहे वसल्लम के रौज-ए-अकदस की जियारत से सकुशल वापस आने पर वाराणसी से हाजी रियाज अहमद, बदरूद्दीन, शमशेर अली, मो. आलम का कहना था कि हम सब लोग खुशकिस्मत थे कि हमारी रवानगी मदीना मुनव्वरा के लिए हुई। हमने यह दिल में सोचा था कि जब रौज-ए-अकदस (स.) आंखों के सामने होगा तो अपने दिल का हाल बयान करूंगा व दिल से तमाम दुआएँ मागूंगा लेकिन जब रौज-ए-अकदस (स.) गुम्बदे खजरा व रौज-ए-अकदस निगाहों के सामने आया तो आंखों से सिर्फ आसूं ही जारी हो गये और हम सब सिर्फ हाथ उठाकर रोते रहे न तो दिल की बातें याद रही और न ही दुआएं याद रही।


गाजीपुर से आये हाजी नफीस अंसारी 'बिस्मिल्लाह का कहना था कि इसरा (ISSRA) द्वारा हज टेनिंग कैम्प में मिली जानकारी और संस्था द्वारा बांटे गये पर्चे से हम लोगों को हज के अरकानों को पूरा करने में काफी सुविधा हुई और अरकानों और दुआओं को बार-चार रटना नहीं पड़ा।

बलिया से आये हाजी मुन्नवर हुसैन का कहना था कि वाकई काबा शरीफ तथा मस्जिद नबवी (स.) में अल्लाह तआला की रहमत बरसती है और चौबीसों घण्टे नूर की बारिश होती रहती है और अल्लाह तआला गैब से अपने मेहमानों की मदद फरमाता है। ऐसे ही रामनगर से आये हाजी अनवारूल, हाजी अली बख्श, हाजी अफजाल व  अनीस अहमद का कहना था कि अल्लाह तआला अपने हाजियो को पूरी दुनियां से हज बैतुल्लाह से सरफराज करने के लिए बुलाता है और अपने मेहमानों के लिए इस पाक सरजमीं पर फरिश्तों को भेजकर उनकी मदद मेहमाननवाजी फरमाता है, और उसकी रहमों करन से हाजी हज के मुश्किल अरकानों को पूरा कर पाता है। वाकई एक ही दिन में उमराह और कई-कई तवाफ करने के बाद जम-जम पीकर अल्लाहतआला की बारगाह में जब सेहत की दुआ की जाती है तो सारी थकान दूर हो जाती है। अल्लाह तआला फिर से ऐसी कूबत अता करता है कि बार-बार तवाफ और उमराह किया जाता था। 

ऐसे ही चन्दौली से आये मसीउद्दीन खॉ, हाजी नियामत उल्ला ने बताया कि इबादत में 40 दिन बीत गये पता ही नहीं चला और अभी खुदा की इबादत से अभी दिल भरा ही नहीं था कि वापस जाने की बारी आ गई और तवाफे विदा करने की बारी आई तो ऐसा लगा कि रूह जिस्म से निकल जायेगी। 6. सोनभद्र से आये मो० आरिफ खों मदीना में हुजूर स० के रौजए अकदस के सामने अदब के साथ खड़े होकर जब हमने रो-रो कर अपने और सभी हाजियों के हज के अरकानों या बखैरियत पूरा होने और हज के मुश्किल अरकानों को आसानी से पूरा होने के लिए दुआ की तो अल्लाह ने हम सभी को हज बैतुल्लाह से सरफराज किया और हम लोग अल्लाहतआला करम से अपने अपने मुल्कों में बखैरियत पहुँच गये। प्रोग्राम के अंत में सभी ओलमा व हाजी साहबानों ने मिलकर यह दुआ कि जो लोग इस साल 2025 हज में किन्हीं वजहों से हज पर नहीं जा पाये हैं या जिनकी तमन्ना 2026 में हज पर जाने की है उन्हें अल्लाह अपने रहम व करम से इस साल हज 2026 में सरफराज फरमाये।

इनकी रही खास मौजूदगी 

औरतों में लेडीज हज ट्रेनर सबीहा खातून, समन खां, निकहत फातमा, अनम फातमा सहित हज्जिन बहीदुन, चांद, अफसाना, खूश्बू बानो, दरख्शा, खालिदा बेगम, कमरुन्निसा, खैरून्निशा, जरीना बेगम, सुबस्ता खान, सफिया बेगम, नफीसा बेगम, सुल्ताना बीबी, जरीना बीबी आदि मौजूद थी। इस मौके पर उलेमा में मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी, मौलाना निजामुद्दीन चतुर्वेदी, हाफिज गुलाम रसूल, मौलाना मुबारक ने जलसे को खेताब किया। हाफिज हबीबुर्रहमान, कारी शहाबुद्दीन, हाजी सैय्यद असफर अली बनारसी, डाक्टर हम्ज़ा तथा इसरा (ISSRA) के पदाधिकारी एवं सदस्यगण मौजूद थे।

बुधवार, 12 जुलाई 2023

Haji zaid, Nurulhuda के सिर सजा सरदार व महतो का ताज

जलालीपुरा के नए सरदार व महतो की हुई दस्तारबंदी





Varanasi (dil India live). मोहल्ला सरैया स्थित हाजी हकीम के बगीचे में मोहल्ला जलालीपुरा के नए सरदार और महतो की दस्तारबंदी की रस्म अदा की गई। नए सरदार और महतो की दस्तारबंदी की रस्म अदायगी बुनकर बिरादराना तंजीम बाईसी के सरदार हाजी हाफिज मोइनुद्दीन ने अपने हाथो से किया। नए सरदार हाजी जैद को और महतो हाजी नुरुलहुदा ऊर्फ बाबू को सर पर पघडी बांध कर दरस्तारबंदी की रस्म अदायगी की। इस मौके पर बाईसी के सरदार हाजी हाफिज मोइनुद्दीन ने कहा की सरदार और महतो की जो आज दोनो जिम्मेदारान को यह पद दी गई है यह बहुत ही जिम्मेदारी की पद है जो सर पर पगड़ी बंधाई है ये पगड़ी नहीं एक कांटो भरा ताज है जिसे बहुत ही जिम्मेदारी और ईमानदारी से और बिना भेद भाव के सभी के साथ इंसाफ करना है इसमें ने कोई अपना होता है न कोई पराया है सब एक समान है। समाज के जो भी मसले सामने आए उस मसले के साथ बिना भेद भाव के इंसाफ करना ये दोनो सरदार महतो की जिम्मेदारी है।  की किसी के साथ ना इंसाफी न हो। इस दस्तार बंदी की सदारत मौलाना हारून रशीद नक्शबंदी ने की। इस मौके पर तकरीर मौलाना कारी दिलशाद साहब और मौलाना हारून नक्सबंदी साहब ने की । इस दस्तारबंदीय में आए सभी लोगो  का स्वागत चेत्रीय पार्षद हाजी ओकास अंसारी ने किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में थाना जैतपुरा प्रभारी श्री मथुरा प्रसाद राय जी सामिल हुए। दस्तारबंदि में प्रमुख रूप से मौजूद हाजी इस्तियाक, हाजी बाबूलाल किंग, हाजी नसीर, हाजी बाबू महतो, हाजी मुमताज, हाजी गुलाब, पार्षद गुलशन अली, हाजी तुफैल, सरदार अजीजुल्हक, हाजी गुड्डू सरदार, हकीम महतो,  बाऊ सरदार, अली हसन, खलील सरदार, सरदार गुलाम नबी, हाजी अनिसुर्रहमान, हाजी इम्तियाज, हाजी लाला, असलम, अब्दुल रब, बिस्मिल्ला अंसारी, नुरुल ऐन, हाजी समसू, अफजल अंसारी, वहाब अंसारी सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।