Eid की खुशियों की आहट से महक उठा बाजार
Mohd Rizwan
Varanasi (dil India live)। काबा में कल चांद देखा गया आज इतवार को वहां ईद का जश्न मनाया जा रहा है। वही काशी में आज चांद रात है। अगर चांद का दीदार हो जाता है तो सोमवार को यहां ईद मनाई जाएगी। ईद की आहट से ही बाजार बूम कर रहा है। ईद की खरीदारी अब अंतिम चरण में है। बाजार में सेवई की खुशबू बिखर रही है तो वहीं कुर्ता-पायजामा लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। बच्चे, युवा और बुजुर्गों में कुर्ता-पायजामा की खरीदारी ज्यादा है। इसके साथ ही इत्र, कपड़े, जूते-चप्पल और टोपी, सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें देर रात तक गुलजार रह रही हैं।
शाम ढलने के बाद मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में चहल-पहल बढ़ जा रही है। ईद के ग्लोबल पर्व पर पिछली बार की तुलना में 20 फीसदी अधिक महंगाई भी बाजार में छाई है। इसके बावजूद रोजेदारों में उत्साह है। भदऊ चुंगी स्थित सेवईं मंडी में अधिकतर कारोबारियों का माल खत्म हो चुका है। सेवईं की बिक्री अभी बनी हुई है। गर्मी को देखते हुए दिन में कम और शाम के बाद ज्यादा खरीदारी हो रही है। दालमंडी, बेनिया, नई सड़क, मदनपुरा, बजरडीहा, सरैया, अर्दली बाजार, पीलीकोठी, कज्जाकपुरा क्षेत्रों में सेवई, ड्राई फ्रूट्स समेत अन्य सामानों की खरीदारी अपने शबाब पर है। गोला दीनानाथ, विशेश्वरगंज, खोजवां, पांडेयपुर आदि क्षेत्रों में किराना माल की खपत बढ़ी है।
हाजी नासिर जमाल ने बताया कि खुशियां बांटने वाले इस पर्व पर लोगों की कुर्ता-पायजामा पहली पसंद होती है। तमाम आकर्षक और डिजाइनदार कुर्ते-पायजामे बाजार में हैं। टेलर के यहां दिन रात काम चल रहा है। नया ऑर्डर अब कोई नहीं ले रहा है। दालमंडी के सामाजिक कार्यकर्ता शकील अहमद जादूगर ने बताया कि गर्मी के कारण रात तक दुकानें खुल रही हैं और अधिकतर खरीदारी शाम में इफ्तारी के बाद शुरू हो रही है। दूर दराज के लोग दिन में और स्थानीय वाशिंदे रात में खरीदारी कर रहे हैं। हंकार टोला के सरफराज ने बताया कि खजूर, सेवई, ड्राई फ्रूट्स की खरीदारी 80 फीसदी तक हो चुकी है। मार्केट में ईरानी और अफगानी नकाब की बिक्री हो रही है।
बाजार में सेवइईयों की वैराइटी पर अगर नज़र डालें तो बेनिया के दुकानदार नूर मोहम्मद ने बताया कि बनारसी सेवई की कीमत 300 से 400 रुपये किलो, हैदराबाद की सेवई 300-350, कतर की सेवई 650 रुपये किलो बिक रही है। वहीं, लोकल बनारस की 100 से 250 रुपये किलो तक की सेवईं की बिक्री ज्यादा हैं। पूर्वांचल के कोने कोने और बिहार तक से लोग यहां खरीदारी को उमड़ रहे हैं।