मेडिकल स्टोर से बेचता था प्रतिबंधित नशीली दवाएं
सरफराज अहमद
Varanasi (dil India live). वाराणसी में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीएनबी) ने चेतगंज थाना क्षेत्र के हबीबपुरा स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर एक करोड़ रुपये से अधिक की एनआरएक्स श्रेणी की दवाएं जब्त की हैं। इस दौरान दुकान संचालक प्रमोद कुमार वर्मा को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
यह कार्रवाई नारकोटिक्स गाजीपुर और लखनऊ की संयुक्त टीम ने अधीक्षक एस.के. सिंह और के.के. श्रीवास्तव के नेतृत्व में की। छापेमारी के बाद से अवैध तरीके से भंडारण कर दवा बेचने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। इस मौके पर 10851 टैबलेट्स: ट्रामाडोल, अल्प्राजोलम, क्लोनाजेपाम जैसी नशीली दवाएं,1026 बोतलें कोडीन फॉस्फेट सिरप बरामद किया। इस दौरान कोई वैध कागजात या लाइसेंस उपलब्ध नहीं मिला और न ही मेडिकल स्टोर पर बिक्री और भंडारण की कोई अधिकृत अनुमति नहीं मिली।
इस तरह हुई कार्रवाई?
टीम को सूचना मिली थी कि उक्त दुकान पर इस तरह की दवाएं धड़ल्ले से बेचीं जा रही है। इस आधार पर बनाई गई टीम ने हबीबपुरा स्थित मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। जब वहां मौजूद दवाओं के वैध कागज़ मांगे गए तो दुकान संचालक प्रमोद वर्मा कोई दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वह दवाएं दवामंडी से बगैर बिल के खरीद कर नशे के लती लोगों को बेचता था।
क्या है एनआरएक्स दवाएं, क्या है कानून
नारकोटिक्स अधीक्षक केके श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि ट्रामाडोल, अल्प्राजोलम और क्लोनाजेपाम जैसी दवाएं एनआरएक्स (New Refill Prescription) श्रेणी में आती हैं।इन्हें सिर्फ डॉक्टर की लिखित पर्ची पर ही बेचा जा सकता है। हर बार खरीदने के लिए नया प्रिस्क्रिप्शन ज़रुरी होता है। इसकी बिक्री और भंडारण के लिए लाइसेंस अनिवार्य होता है। उन्होंने कहा कि टीम यह पता लगाने में जुटी है कि दवाएं किस थोक व्यापारी से खरीदी गई थीं और क्या उसमें कोई और नाम भी शामिल है।
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