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मंगलवार, 12 अगस्त 2025

UP : Varanasi Main Bijli कर्मियों ने निजीकरण को आमजन के साथ बताया छलावा

निजीकरण की प्रक्रिया का विरोध, निजीकरण की प्रक्रिया हो निरस्त

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live)। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले बिजली के निजीकरण के विरोध में आज आंदोलन के 258 दिन भी बनारस के सभी बिजलिकर्मियो ने किया विरोध प्रदर्शन।

इस दौरान वक्ताओ ने बताया कि बनारस के बिजलिकर्मियो सहित प्रदेश के समस्त बिजलीकर्मी के साथ जनप्रतिनिधियों और आमजनमानस ने एक बार पुनः प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपील की है कि तमाम घोटालों से भरे निजीकरण की सारी प्रक्रिया बहुत ही संदेहास्पद है और यह व्यापक जनविरोधी निर्णय है जिसके पक्ष में कोई नही है।

वक्ताओ ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की सारी प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। संघर्ष समिति ने कहा है कि निजीकरण के पहले सरकार यह बताए कि स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के अनुसार निजीकरण के बाद निजी घरानों को कितने वर्ष तक और  कितनी आर्थिक मदद करेगी सरकार। संघर्ष समिति ने कहा कि जिन शर्तों पर निजीकरण किया जा रहा है वही शर्तें सरकारी विद्युत वितरण निगमों पर लागू कर दी जाए तो सरकारी विद्युत वितरण निगमों का कायाकल्प हो जाएगा।

                विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केन्द्रीय पदाधिकारियों ने आज यहां बताया कि भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा सितंबर 2020 में जारी ड्राफ्ट स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट की धारा 2.2 (बी) में लिखा है कि जिस विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किया जा रहा है अगर वहां औसत बिजली विक्रय मूल्य और औसत राजस्व वसूली में अधिक अन्तर है तो निजीकरण के बाद सरकार निजी विद्युत कम्पनी को सब्सिडाइज्ड बल्क पॉवर परचेज कॉस्ट के आधार पर बिजली आपूर्ति तब तक सुनिश्चित करेगी जब तक निजी कम्पनी मुनाफे में नहीं आ जाती। 

         संघर्ष समिति ने कहा कि बिडिंग डॉक्यूमेंट की उक्त धारा के अनुसार सरकार यह स्पष्ट करे कि निजी कम्पनी को सब्सिडाइज्ड बल्क पॉवर परचेज कॉस्ट के आधार पर सरकार  कितने वर्ष बिजली आपूर्ति कराएगी और इस पर सरकार को कितने अरब रुपए की धनराशि खर्च करनी पड़ेगी।

        संघर्ष समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्युत वितरण निगमों के घाटे का सबसे बड़ा कारण बहुत महंगी दरों पर निजी विद्युत उत्पादन घरों से बिजली खरीद के करार है। यहां तक कि ऐसे करार भी हैं जिनसे बिना बिजली खरीदे प्रति वर्ष 6761 करोड रुपए फिक्स चार्ज देना पड़ रहा है। 

         संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण के ड्राफ्ट स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के अनुसार सरकार निजीकरण के बाद निजी घरानों को महंगे पावर परचेज एग्रीमेंट के एवज में सब्सिडाइज्ड बल्क पावर सप्लाई करेगी और इसका  खर्चा सरकार उठायेगी। संघर्ष समिति ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सब्सिडाइज्ड बल्क सप्लाई का प्रतिवर्ष कितना खर्चा आएगा और यह कितने वर्ष तक जारी रखा जाएगा । 

          इसके अतिरिक्त सरकार निजी घरानों को किसानों, बुनकरों आदि को मिलने वाली सब्सिडी की धनराशि भी देगी और सरकारी विभागों का बिजली राजस्व का बकाया भी देगी जो अभी सरकारी विद्युत वितरण निगमों को नहीं दे रही है।   

      संघर्ष समिति ने कहा कि इसके अलावा स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट की धारा 1.1 (ई) के अनुसार निजी कंपनियों को क्लीन बैलेंस शीट दी जाएगी और घाटे तथा  देनदारियों का सारा उत्तरदायित्व भी सरकार लेगी। 

       संघर्ष समिति ने कहा कि बिडिंग डॉक्यूमेंट की धारा 1.1 (एफ)  के अनुसार सरकार 05 से 07 वर्ष तक या और अधिक समय तक निजी घरानों को वित्तीय सहायता भी सरकार  देगी  और यह सहायता तब तक देती रहेगी जब तक निजी कंपनियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर न हो जाए और मुनाफा न कमाने लगे। संघर्ष समिति ने कहा कि बिडिंग डॉक्यूमेंट के अनुसार 42 जनपदों की सारी जमीन मात्र ₹1 प्रतिवर्ष की लीज पर दी जाएगी। वाराणसी, आगरा, गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर और अन्य स्थानों पर जिनका निजीकरण किया जा रहा है जमीन बेशक कीमती है उसे मात्र ₹1 की लिस्ट पर दिए दिया जाना कौन सा रिफॉर्म है ?

       संघर्ष समिति ने कहा कि यदि यही सब करना है तो  सरकारी क्षेत्र के विद्युत वितरण निगमों को लगातार सुधार के बाद कौड़ियों के मोल बेचने की जरूरत क्या है ?

    सभा को सर्वश्री ई. रामाशीष, ई. प्रदीप कुमार, अंकुर पाण्डेय, सरोज भूषण, पंकज यादव, मो. सलाम, उमेश यादव, लालू, बृजेश यादव, पंकज यादव, धनपाल सिंगज, भैयालाल, रामजी भरद्वाज, मनोज यादव, रोहित कुमार, अजय तिवारी, अनुनय पाण्डेय, विनोद सिंह आदि ने संबोधित किया।

मंगलवार, 22 जुलाई 2025

Bijli Bihar Main Free यहां जानिए क्या हुआ ऐलान

सभी को 125 यूनिट मुफ्त बिजली, जुलाई से ही मिलेगा लाभ 

Patna (dil India live). बिहार सरकार ने सभी बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की है। इसका लाभ जुलाई महीने के बिल से ही मिलेगा। 1 अगस्त को बिजली का बिल आएगा, उसमें जुलाई महीने के दौरान हुई कुल खपत में 125 यूनिट बिजली को माफ करते हुए शेष यूनिट पर ही बिजली बिल लगेगा।

इसका लाभ सभी प्री-पेड मीटर धारकों को भी पूरी तरह से मिलेगा। राज्य में प्री-पेड मीटर धारकों की संख्या 60 लाख से अधिक है। प्री-पेड मीटर उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक कोई शुल्क नहीं देना होगा। इसके ऊपर जो भी यूनिट उठेगा, उस पर ही रिचार्ज कराना पड़ेगा। अगर कोई व्यक्ति महीने में अपने प्री-पेड मीटर को रिचार्ज करते हैं, तो उन्हें 125 यूनिट तक कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। रिचार्ज की हुई राशि पर 125 यूनिट की खपत के बाद पहले की तय राशि के आधार पर ही शुल्क देना होगा। मुफ्त बिजली की इस निर्धारित यूनिट के बाद ही रोजाना के हिसाब से पूर्व की तरह ही कटौती होगी।

यह है छूट की व्यवस्था

अगर पोस्ट-पेड या प्री-पेड मीटर वाले किसी उपभोक्ता महीने में 200 यूनिट बिजली की खपत करते हैं, तो उन्हें सिर्फ 75 यूनिट पर ही बिजली का बिल देना होगा। शेष 125 यूनिट बिजली मुफ्त होगी।

इसके बाद 100 यूनिट तक बिजली की खपत पर 4.12 रुपये प्रति यूनिट और 100 यूनिट से अधिक खपत होने पर 5.52 रुपये प्रति यूनिट की दर से शुल्क लगेगा। वर्तमान में भी यही शुल्क लगता है और इसमें किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की गई है।

गौरतलब है कि 18 जुलाई को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में 125 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोषणा की गई थी। इससे 1 करोड़ 86 लाख उपभोक्ताओं को फायदा होने का अनुमान लगाया गया था। इसमें 1 करोड़ 67 लाख विद्युत उभोक्ता ऐसे हैं, जिनकी प्रति महीने औसतन बिजली की खपत 125 यूनिट की है। इससे इन उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली मिलेगी।

सीएम भेज रहे मुफ्त बिजली का मोबाइल पर संदेश

मुफ्त बिजली के इस मुद्दे को लेकर उपभोक्ताओं को एसएमएस के जरिए सूचना भी दी जा रही है। यह संदेश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ से सीधे उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल पर भेजा जा रहा है। इस मामले में ऊर्जा विभाग के सचिव सह बिहार राज्य पॉवर होल्डिंग कंपनी के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह के अनुसार, इस सुविधा से सभी उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत 125 यूनिट बिजली पर सौ फीसदी सब्सिडी दी जा रही है।

बुधवार, 18 जून 2025

Baarish ka Asar : कहीं 7 घंटे बिजली गुल, कहीं हर 5 मिनट में ट्रिपिंग

बारिश के चलते किराये के जेनरेटर से भरी टंकी

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). मानसून की आहट से ही वाराणसी में शहर से लेकर गांव तक की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। आधी रात बाद बारिश शुरू होते ही पहले तो बिजली विभाग ने एहतियातन बिजली काटी, बाद में तेज हवा के साथ बारिश में कहीं ट्रांसफार्मर खराब हो गया तो कहीं तार टूटने से बिजली गुल हो गई। इस वजह से मंगलवार को कहीं 6 कहीं 7 घंटे बिजली गुल रही।

इधर, शहर के छित्तूपुर, भगवानपुर, डाफी में तो मंगलवार सुबह 9 बजे से देर शाम तक बिजली की आवाजाही जारी रही। लिहाजा किराये पर जेनरेटर मंगाकर कॉलोनियों में लोगों ने घर में उजाला किया और पानी भरा। गांव में भी ट्रिपिंग, लोकल फाल्ट की समस्या बनी रही।


मंगलवार को ग्रामीण इलाकों की तुलना में सबसे अधिक बिजली कटौती की समस्या शहरी क्षेत्र में रही। इसमें नरिया इलाके में सुबह 11 बजे से बिजली गुल हो गई। भगवानपुर, छित्तूपुर, डाफी में सुबह 9 बजे बिजली गुल हो गई। भगवानपुर, छित्तूपुर निवासी आशु पटेल, मन्नू पाल, भूपेंद्र सिंह, राजू पटेल ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर में खराबी की वजह से बिजली का संकट रहा। कुछ देर इन्वर्टर चला लेकिन बाद में वो भी जवाब दे गया। शाम को अंधेरा दूर करने के लिए हम लोगों ने चंदा लगाकर जेनरेटर मंगवाया। किसी तरह घर में रोशनी आई और पानी भरा जा सका। उधर महेशपुर, मड़ौली, भिटारी, मंडुवाडीह बाजार, लंका, सारनाथ, सरायनंदन खोजवा, आदि जगहों पर बिजली की आवाजाही जारी रही। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सारनाथ के तिलमापुर क्षेत्र में सुबह 10 से बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके साथ ही पंचकोसी क्षेत्र में 10 बजे सुबह की कटी बिजली दोपहर 1:20 पर आई। ग्रामीण इलाके में चौबेपुर में बिजली की आवाजाही जारी रही। कछवा रोड क्षेत्र में सोमवार आधी रात बाद 2 बजे से कटी बिजली मंगलवार सुबह 6 बजे आई। इस दौरान ठटरा एवं पूरे के अलावा रूपापुर फीडर के कई गांवों में अंधेरा छाया रहा।

सीएचसी मिसिरपुर में बिजली गुल, मरीजों को परेशानी: सीएचसी मिसिरपुर में मंगलवार की भोर में बिजली कनेक्शन में फाल्ट हो जाने के चलते विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। तीमारदारों ने बताया कि जेनरेटर भी नहीं चलवाया गया। कुछ समय तक ओपीडी में भी अंधेरा रहा।