पहले तिरंगा लहराएंगे फिर हुसैन का उठाएंगे परचम
सफर का चांद दिखाई दिया, शहीदाने कर्बला की याद में मजलिसे हुई तेज़
Sarfaraz Ahmad
Varanasi (dil India live). 30 मोहर्रम को देश भर में हिजरी साल के दूसरे महीने सफर का चांद देखा गया। ये वो महीना है जिसकी 20 तारीख को इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला का चेहलूम सारी दुनिया में पूरी अकीदत के साथ मनाया जाता है। इसे अरबईन के नाम से भी जाना जाता है। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि इस महीने में कई अहम तारीखें हैं। शहर ए बनारस में 16 सफर यानी 11 तारीख से ही जुलूसों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसी महीने की 10 तारीख को बीबी सकीना की शहादत का ग़म मनाया जाएगा। 16 और 17 को आठवें इमाम अली रज़ा के शहादत का ग़म मनाया जाएगा। 28 सफर को हजरत मोहम्मद (से.) और इमाम हसन की शहादत का ग़म मनाया जाएगा। शहर में 7 दिनों तक लगातार विभिन्न इलाकों में अलम, ताबूत, ताज़िए के जुलूस निकाले जाएंगे। मुख्य कार्यक्रम 15 अगस्त शुक्रवार यानी 20 सफर को मनाया जाएगा। फरमान हैदर ने बताया कि इमाम हुसैन का चालीसवां मनाने के लिए सारी दुनिया से करोड़ों लोग कर्बला पहुंचते हैं। इसमें भी लाखों लोग नजफ़ से कर्बला की 100 किमी की दूरी पैदल तय करते हैं इसे मशी के नाम से जाना जाता है। फरमान हैदर ने कहा कि चालीसवां 15 अगस्त को है। इस मौके पर पहले तिरंगा फहराया जाएगा और उसके बाद जुलूस निकलेगा।
![]() |
इस दौरान शहर में दर्जनों जुलूस निकाले जाएंगे। हुसैनी परचम के साथ लोग अपने देश का तिरंगा भी लहराएंगे। तिरंगा देश भक्ति और आजादी का प्रतीक है। इमाम हुसैन ने भी जुल्म के खिलाफ कुर्बानी पेश करके सारी इंसानियत को आजादी से रूबरू कराया। उन्होंने इस सिलसिले से शासन प्रशासन से अपील की है के रास्तों की साफ सफाई, बिजली पानी तथा सुरक्षा की ओर विशेष ध्यान देने का कष्ट किया जाए। ग़म ए हुसैन के सिलसिले से इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला का बीसवां शहर भर में मजलिस मातम और ताबूत उठाकर मनाया गया। कई जगह रात भर नोहा मातम भी हुआ।