इमाम हुसैन की शहादत सुन रो पड़े अजादार, अंजुमनों ने दर्द भरे नौहों पर किया मातम
dil india live (Varanasi). "आज तक हम कर्बला की दास्तान भूले नहीं, ये ज़मीन भूले नहीं आसमान भूले नही"... Muharram की पहली तारीख को सदर इमामबाड़े में जब नौहाख्वानों ने यह दर्द भरे नौहों को फिज़ा में बुलंद किया तो तमाम लोगों ने ज़ोरदार मातम का नज़राना पेश किया। इस दौरान मोहर्रम का पहला जुलूस सज्जाद अली की अगुवाई व सलमान हैदर के संयोजन में निकाला गया।
यहां जुलूस के उठने से पहले मजलिस को मौलाना राहिब अली ने खिताब किया, जबकि सज्जाद हुसैन और फ़ैयाज़ हुसैन ने कलाम पेश किए। जुलूस में कई अंजुमनों अंजुमन हुसैनिया, अंजुमन सज्जादिया, अंजुमन अबिदिया और अंजुमन हाशिमिया ने नौहाख्वानी व मातम किया।
इनकी रही खास मौजूदगी
शामिल रिज़वी, जफर इमाम, सरताज अली, रेहान अली, अलमदार हुसैन और जावेद हुसैन आदि पिछले 20 सालों से उठ रहे इस जुलूस में मौजूद थे।
शहर भर में हुई मजलिसें
अर्दली बाज़ार, बड़ागांव, रामनगर, फातमान, पितरकुण्ड, दालमंडी, भेलुपुरा, गौरीगंज, शिवाला, बजरडीहा, लोहता, शिवपुर, दोषीपुरा, पठानी टोला, कच्ची बाग़ और चौहट्टा आदि क्षेत्रों में इमामबाड़ों से दर्द भरे नौहों पर जमकर अज़ादारी हुई। सुबह फातमान में मौलाना जफ़र रज़ा ने मजलिस को खिताब कर कर्बला के मसाएब बयां किया तो वहीं हकीम मोहम्मद काज़िम के अज़ाखाने पर वसी मोहम्मद पाशा ने मजलिस को खिताब किया।
शिवपुर से उठेगा कल जुलूस सलमान हैदर ने बताया कि वाराणसी की 29 अंजुमने मोहर्रम पर पूरे जोश-ओ-खरोश से अज़ादारी करती हैं। कल 18 जून को (2 मोहर्रम) शिवपुर में अंजुमन पंजतनी ज़ुल्जनाह का जुलूस हर साल की तरह उठाएगी।
शांतिपूर्ण निकालें जुलूस, कोई नई परंपरा न करें शुरु-पुलिस आयुक्त
मोहर्रम को सकुशल संपन्न कराने को लेकर हुई शांति समिति की बैठक
प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी अपने क्षेत्र के ताजिये वालें स्थानों का भ्रमण कर वहाँ पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराए
समिति सदस्यों से कहा गया कि कोई भी ताजिए के साथ अस्त्र-शस्त्र लेकर प्रदर्शन न करें
dil india live (Varanasi). वाराणसी में आगामी मोहर्रम त्यौहार को सकुशल संपन्न कराने को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक धर्मगुरुओं/इमामबाड़ों के अगुवा, ताजियेदारों और सिविल डिफेंस के सदस्यों के साथ बुधवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल एवं जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में ट्रैफिक पुलिस लाइन सभागार में सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने इसमें एक-एक कर सभी शान्ति समिति के सदस्यों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी और पूरी ज़िम्मेदारी के साथ समाधान कराने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिये। साथ ही समिति के सदस्यों को सुरक्षा व अन्य व्यवस्था के दृष्टिगत जरूरी सतर्कता बरतने के लिए कहा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को ताजिये वालें स्थानों का भ्रमण कर वहां पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति के सदस्यों से कहा कि कोई भी ताजिए के साथ अस्त्र-शस्त्र लेकर प्रदर्शन न करें। डीजे की आवाज भी सामान्य रखें।
जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले एक साल के सभी त्यौहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए हैं। कहा कि सभी जनपदवासी आगामी मोहर्रम के त्यौहार सहित अन्य त्यौहारों को भी परम्परागत, पूरे हर्षोल्लास व शांतिपूर्ण ढंग से मनाएंगे। कहा कि कोई ऐसा कार्य न किया जाए, जिससे किसी की भावना को ठेस पहुंचे। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से कहा ताजिये की ऊंचाई निर्धारित मानक के अनुसार ही होनी चाहिए, ये आप सभी सुनिश्चित करेंगे। कहा कि सभी की आस्था का सम्मान हो और कोई नई परंपरा की शुरुआत न हो। जुलूस के लिए पारंपरिक मार्गों के अनुसार ही आयोजन करने की बात कही गई। उन्होंने अपर नगर आयुक्त को सीवर और नालों व ताजियें वाले स्थानों की बेहतर साफ सफाई और चूने के छिड़काव तथा ग्रामीण क्षेत्रो में इस व्यवस्था के लिए डीपीआरओ को निर्देशित किया। उन्होंने नगर निगम और पंचायतीराज के अधिकारियों को बढ़ती गर्मी के दृष्टिगत पीने के पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित कराने के साथ ही खराब पड़े आरो प्लांट/हैण्डपम्प का प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराने व जरुरत वाले स्थानों पर पानी टैंकर की व्यवस्था हेतु निर्देशित किया। उन्होंने विद्युत वितरण खण्ड के सभी एक्सईएन को यह सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया कि विभिन्न स्थानों पर विद्युत पोल्स,बिजली के बॉक्स एवं लटके तार ना हो और त्यौहार के दृष्टिगत निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को ताजिया निकलने वाले स्थानों की सड़कों और गलियों के गड्ढों को भरने का निर्देश दिया।सीवेज,पेड़ों की छटाई और प्रकाश व्यवस्था के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि गरिमा के अनुरूप शांतिपूर्ण ढंग से ही त्यौहार मनाया जाए। तकनीक का जमाना है, कोई ये न सोचे की अपराध करके बच जाएगा। आज कल चारों तरफ़ सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और सभी सुरक्षाकर्मियों के हाथों में मोबाइल है ही। उन्होंने सभी शांति समिति के सदस्यों से कहा कि कोई भी फर्जी या भ्रामक खबर की सूचना मिलने पर उसकी तत्काल सूचना जिला प्रशासन या अपने पास के थाने में अवश्य दें, जिसका संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके, जिससे जनपद में शांति और कानून व्यवस्था बना रहे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कोई आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट ना करें। उन्होंने थानों में होने वाली शांति समिति की बैठकों में पिछले वर्षों के चिन्हित स्थानों के बारे में सावधानी बरतने का निर्देश दिया। कहा कि सोशल मीडिया और ड्रोन कैमरा के माध्यम से कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
बैठक में अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीना, एडीएम सिटी पंकज कुमार, डीसीपी गौरव वंशवाल व नीतू कादयान, एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा सहित जनपद के ताजियादार, खलिफा, इमामबाड़ों के मुतवल्ली आदि मौजूद थे।
Varanasi (dil India live). 29 जिलहिज्जा को चांद का दीदार हो गया। चांद देखे जाने के साथ ही इस्लामी नये साल माहे मोहर्रम का आगाज़ हो गया। चांद देखे जाने का ऐलान सदर काजी-ए-शहर, ‘काजी-ए-शहर’ व इश्तेमाई रुइयते हेलाल कमेटी समेत तमाम चांद कमेटियों ने किया। ऐलान में कहा गया कि आज (16 जून) को मोहर्रम का चांद दिखाई दिया है। इसलिए मुहर्रम की 01 तारीख 17 जून को होगी और यौमे आशूरा 26 जून 2026 को मनाया जाएगा। उधर चांद के दीदार संग शिया अजाखाने सजा दिए गए। मजलिसे इस्तेकबालिया बनारस समेत पूर्वांचल के चंदौली, जौनपुर, मऊ, आजमगढ, बलिया, गोरखपुर व गाजीपुर आदि शहरों में शुरू हो गई।
दरअसल मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक साल का पहला महीना है। इसी महीने के साथ इस्लामिक नए साल की शुरुआत होती है। वैसे तो ये एक महीना है लेकिन इस महीने में मुसलमान खास तौर पर शिया मुसलमान पैगंबर मोहम्मद (स.) के नवासे इमाम हुसैन समेत कर्बला में शहीद हुए 72 वीरों की शहादत का गम मनाते हैं। सन 61 हिजरी (680 ईस्वी) में इराक के कर्बला में पैगंबर मोहम्मद (स.) के नवासे इमाम हुसैन को उनके 72 साथियों के साथ यजीदी सेना ने शहीद कर दिया था। मुहर्रम में इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत का शिया मुस्लिम गम मनाते हैं।
सुन्नी मस्जिदों में एक से दस मुहर्रम तक शहादतनामा व तकरीर होती है तो शिया मुसलमान इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र करते हैं। उनका गम मनाने के लिए मजलिसें करते हैं। मजलिसों में इमाम हुसैन की शहादत बयान की जाती है। मजलिस में तकरीर (स्पीच) करने के लिए ईरान से भी इंडिया में आलिम (धर्मगुरू) आते हैं और जिस इंसानियत के पैगाम के लिए इमाम हुसैन ने शहादत दी थी उसके बारे में लोगों को विस्तार से बताया जाता है। उधर लोगों ने एक दूसरे को इस्लामिक नये साल की मुबारकबाद दी। सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक और व्हाट्स एप पर इस्लामी हिजरी नये साल की मुबारकबाद लोग अपने अजीजों से शेयर कर रहे थे। हालांकि यह महीना अदब और एहतराम का भी है इसलिए नया साल बेहद सादगी के साथ मनाया जाता है।
शहर भर में हुई इस्तेकबालिया मजलिसे
आज मोहर्रम के चांद होते ही हर तरफ फिजा गमगीन हो गई। या हुसैन या हुसैन...की सदाएं फिजा में गूंजने लगी। हर तरफ इस्तकबाले अज़ा की मजलिसे हुईं व इमामबाड़ों में शमां रोशन किया गया और शरबत पर कर्बला के शहीदों की नजर हुई। शहर भर की 28 अंजुमनों ने नोहाख्वानी और मातम का आगाज़ किया। इस दौरान मजलिस में बताया गया कि यह वह महीना है कि जिसमें इमाम हुसैन ने अपने 71 साथियों के साथ इंसानियत को बचाने के लिए कुर्बानी पेश की।
इंसानियत के लिए मिसाल है शहादत-ए-हुसैन
इस्लाम की तारीख में मुहर्रम बड़े ही अकीदत, एहतेराम के साथ मनाया जाता है। इंसानियत के लिए शहादत-ए-हुसैन एक मिसाल है। मुहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद तनवीर फातेमा ने कहा कि मुहर्रम पर 2 महीना 8 दिन ग़म मनाया जाता है। यही नहीं पूरे दो माह 8 दिन शिया समुदाय के लोग किसी भी खुशी में शरीक नहीं होते। चांद दिखाई देने के साथ ही इमाम बारगाह, अजाखानो, घरों में मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया।
फातेमा ने कहा कि इमाम हुसैन ने जो इन्सानियत की राह दिखाई है ,वही हक पर चलने की नेक राह है। इमाम हुसैन ने जुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाने का पैगाम दिया, हुसैन ने जालिम का साथ नहीं दिया। इसीलिए आपको अपने 72 साथियों के साथ इतनी बड़ी कुर्बानी देनी पड़ी, लेकिन यही कुर्बानी दीन को बचा ले गई, और उसी कुर्बानी की वजह से इंसानियत दुनिया में अभी भी जिंदा है। इमाम हुसैन का बलिदान सत्य, न्याय, धार्मिकता महान प्रेरणा है।
मोहर्रम के वाराणसी में प्रमुख जुलूस
हज़रत अली समिति के सदस्य सलमान हैदर ने पत्रकारों को जुलूस की डिटेल बताई। उन्होंने कहा कि बनारस शहर में कई जगह जुलूसों के रास्तों की परेशानियां हैं और प्रशासन से अपील की जाती है कि वह रास्तों की दुश्वारियां को दूर कराएं और सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं। उन्होंने बताया कि
17 जून (पहली मोहर्रम): सुबह 7 बजे से मजलिसें शुरू होंगी। दोपहर 3 बजे लाट सरैया इमामबाड़े में अलम और दुलदुल का जुलूस निकलेगा।
18 जून (दूसरी मोहर्रम): शिवपुर में रात 8 बजे जुलूस उठेगा। दोपहर 2 बजे उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ के घर पर कदीमी मजलिस होगी।
19 जून (तीसरी मोहर्रम): सायं 5 बजे औसानगंज नवाब की ड्योढ़ी से और शिवाला से अलम का जुलूस निकलेगा।
20 जून (चौथी मोहर्रम): चौहट्टा लाल खाँ इमामबाड़ा से रात 8 बजे अलम व दुलदुल का जुलूस निकलेगा।
21 जून (पांचवीं मोहर्रम): गोविंदपुरा से अलम का जुलूस उठेगा, जिसमें उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के परिजन शहनाई पर मातमी धुन बजाएंगे।
22 जून (छठवीं मोहर्रम): विश्व प्रसिद्ध 40 घंटे का दुलदुल जुलूस कच्ची सराय (दालमंडी) से शाम 5 बजे उठेगा, जो शहर के अलग-अलग रास्तों से होते हुए 24 जून (8 मोहर्रम) की सुबह वापस आएगा।
24 जून (आठवीं मोहर्रम): चहमामा इमामबाड़े से रात 8:30 बजे अलम व तुर्बत का जुलूस निकलेगा।
25 जून (नवीं मोहर्रम): इमाम चौकों पर ताजिये रखे जाएंगे। रात में शिवाला से प्रसिद्ध दूल्हा का जुलूस निकलेगा और भोर में फातमान में अंगारों पर मातम होगा।
26 जून (दसवीं मोहर्रम - आशुरा): सुबह से शाम तक जंजीर और कमा का मातम करते हुए 26 अंजुमनों के जुलूस निकलेंगे जो लाट सरैया और फातमान जाकर खत्म होंगे। शाम को 'शामे गरीबां' की मजलिस होगी।
27 जून (ग्यारहवीं मोहर्रम): दिन में 11 बजे 'चुप का डंका' यानी लुटे हुए काफिले का जुलूस निकलेगा।
28 जून (बारहवीं मोहर्रम - तीजा): दोपहर बाद आलम और अखाड़े का जुलूस निकलेगा।
मौलाना जमीरुल हसन, मौलाना नदीम असगर करेंगे विदेशों में मजलिस
मौलाना सैयद नदीम असगर
dil india live (Varanasi). London or Muscat में मोहर्रम पर मजलिस को Varanasi के आलिम खिताब करेंगे। मोहर्रम पर बनारस के आलिमों की देश विदेश में है काफी डिमांड है। मौलाना जमीरुल हसन, मौलाना नदीम असगर जैसे जव्वादिया अरबी कालेज के उलेमा विदेशों में मजलिस के लिए रवाना हो गए हैं वहीं देश के दूसरे राज्यों में भी यहां के आलीम मजलिस को खिताब करने जा रहे हैं। अर्दली बाज़ार की अंजुमन से जुड़े हसन मेहंदी ने बताया कि इसमें विदेश जाने वाले आलिम रवाना हो गए हैं जबकि देश के दूसरे राज्यों में मजलिस पढ़ने कुछ रवाना हो चुके हैं और कुछ चांद होते ही रवाना होंगे। यहां जानिए कौन कौन उलेमा कहा मजलिस पढ़ेंगा।
ये आलिम जा रहे हैं विदेश
बनारस की कयादत करने वाले उलेमा मौलाना सैयद ज़मीरुल हसन रिज़वी London (लंदन) तो मौलाना सैयद नदीम असगर रिज़वी मस्कट, ओमान (Muscat, Oman) में जहां विदेश की धरती पर मजलिस को खिताब करेंगे वहीं वो बनारस खासकर हिंदुस्तान का भी नाम रौशन करेंगे।
सीएमओ ने आयुष्मान योजना जल्द शुरू होने का दिया आश्वासन
dil india live (Varanasi). वाराणसी में हिन्दू सेवा सदन चिकित्सालय के प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने सोमवार को शहर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिष्टाचार भेंट की। दुर्गाकुण्ड स्थित मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में चिकित्सालय के सचिव राजेन्द्र मोहन साह एवं कार्यकारिणी सदस्य अनिल सर्राफ ने चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार का अंगवस्त्र एवं स्मारिका भेंट कर स्वागत किया।
इस मौके पर अस्पताल के पदाधिकारियों द्वारा में मरीजों के निःशुल्क इलाज के लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना की सुविधा शुरू करने की आवश्यकता बतलाई, जिसे चिकित्साधिकारी ने जल्द से जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में मात्र 700 रुपये में डायलिसिस, टीबी रोगों की मुफ्त दवा, निःशुल्क होम्योपैथ एवं आयुर्वेदिक दवाएँ दी जाती है। इसके साथ ही शहर के मध्य में मेडिसिन, आयुर्वेदिक, सर्जरी, दन्त, नेत्र, स्त्री एंव प्रसूति रोग, डायलिसिस विभाग, नाक, कान गला, बाल रोग, चर्म रोग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं आयुर्वेदिक पंचकर्म विभाग, अल्ट्रासाउण्ड विभाग, एक्सरे विभाग, पैथालॉजी विभाग, एन. आई. सी० यू० विभाग, फिजियोथिरेपी, आपातकालीन चिकित्सा जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध है। ऐसे में प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना की सुविधा मरीजों को मिल जाये तो निश्चित तौर पर बड़े अस्पतालों का बोझ कम हो जाएगा। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. एस.एन कन्नौजिया भी उपस्थित रहे।
विधायक पल्लवी पटेल पुलिस को झांसा देकर पहुंच गई बीएचयू
पुलिस से नोंक-झोंक के बाद समर्थकों संग हुई गिरफ्तार
dil india live (Varanasi). अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष पल्लवी पटेल को समर्थकों संग वाराणसी पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पल्लवी पटेल सोमवार को नीट पेपर लीक समेत अन्य मुद्दों को लेकर बीएचयू गेट पर प्रदर्शन कर रही थीं। इससे पहले नीट पेपर लीक मुद्दे पर पल्लवी पटेल पुलिस को झांसा देकर जौनपुर से विभिन्न ग्रामीण रास्तों से होते हुए बनारस के बीएचयू गेट पहुंच गई जहां पुलिस ने नोंक-झोंक के बाद समर्थकों संग उन्हें गिरफ्तार कर बड़ागांव थाने भेज दिया।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि बिना परमिशन प्रदर्शन की कोशिश में उन्हें गिरफ्तार किया गया है। वो पीएम मोदी के संसदीय कार्यालय तक मार्च करने वाली थीं। लेकिन पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति इसलिए नहीं दी क्योंकि पहले से अनुमति नहीं ली गई थी। इसका हवाला देते हुए सभी को पुलिस वैन से गिरफ्तार कर बड़ागांव पहुंचा दिया। नीट पेपर लीक का विरोध कर रहीं डॉ. पल्लवी पटेल और उनके 24 समर्थकों को पुलिस वैन से शहर से बाहर बड़ागांव थाना ले गई।
बड़ागांव थाने के बाहर जुटे पल्लवी समर्थक
सीबीआई जांच कराने की मांग
पल्लवी पटेल ने नीट पेपर लीक मुद्दे पर सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा, पेपर लीक व धांधली में लिप्त लोगों का नाम सार्वजनिक हो। NTA और अन्य परीक्षा नियंत्रक अधिकारियों पर रासुका लगाकर जेल भेजा जाए। इस मौके पर पल्लवी पटेल ने उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोपों के मद्देनजर फिर से परीक्षा कराने, यूपीएसआई पारदर्शी परीक्षा की गारंटी के लिए स्कोरकार्ड तत्काल जारी करने की भी मांग की।
युवा वर्ग इस सरकार से नाराज
हिरासत में लिए जाने से पहले पल्लवी पटेल ने कहा- मोदी, योगी की डबल इंजन की सरकार से युवा वर्ग नाराज है। यह सरकार पाकिस्तान, कब्रिस्तान और मुसलमान की राजनीति से बाहर निकले। शिक्षा, रोजगार व लोकतंत्र को मजबूत करने वाली राजनीति की ओर बढ़े। युवाओं की बेरोजगारी, रोजगार के नाम पर अवसरों की लूट और शिक्षा व परीक्षा की धांधली अब यूथ को क्रांति की ओर उद्वेलित कर रही है।
प्रदर्शनकारियों ने बीएचयू के लंका गेट से 2 किलोमीटर दूर गुरुधाम कालोनी स्थित प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय तक मार्च निकालने की तैयारी की थी। प्रशासन ने प्रस्तावित मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया। प्रदर्शन से पहले कई संगठनों के पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया गया था।
प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा, प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी।
जौनपुर टोल प्लाजा पर कार रोकी, पल्लवी पगडंडी से निकलीं
प्रदर्शन में पल्लवी पटेल के वाराणसी आने की सूचना पर जिले के बाॅर्डर और टोल प्लाजा पर संबंधित जिलों की पुलिस तैनात रही। रविवार की रात करीब नौ बजे जौनपुर में प्लाजा पर पल्लवी काफिले के साथ पहुंचीं तो पुलिस ने घेराबंदी कर रोकने की कोशिश की।
इस बीच वह कार से दो कार्यकर्ताओं के साथ उतरकर खेत की ओर निकल गईं। मोबाइल फोन बंद कर करीब एक किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद मुख्य मार्ग पर आईं। एक सवारी भरी ऑटो में वह बैठकर वाराणसी सीमा में प्रवेश कर गईं।
मोबाइल फोन ऑन कर अपना लोकेशन पार्टी पदाधिकारियों को भेजा, पार्टी पदाधिकारी उनको लेने पहुंचे। उनको लेकर बाबतपुर स्थित एक कार्यकर्ता के घर पहुंचीं और रात में रुकी रहीं। सोमवार की सुबह 11 बजे बीएचयू गेट पर धरना में शामिल होने पहुंचीं।अपना दल कमेरावादी की विधायक डॉ. पल्लवी पटेल समेत सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ट्रकों और बसों में भर लिया। पहले बताया गया था कि सभी को पुलिस लाइन ले जाया जाएगा, लेकिन बाद में प्लान बदल गया। पुलिस लाइन की जगह उन सभी को शहर से बाहर ले जाया जा रहा है।
बाबा के दर पर अमन व मिल्लत की दुआएं, देश की तरक्की को उठें दुआ में हाथ
Varanasi (dil India live)। हज़रत सैय्यद वलीउल्लाह शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह (हरदाम शाह बाबा) का सालाना उर्स पूरी अकीदत के साथ सम्पन्न हो गया। बाबा का भूवनेश्वर नगर कालोनी स्थित दर पर अकीदतमंदों का हुजूम मगरिब की नमाज़ के बाद उमड़ा हुआ था। लोगों ने दूर दराज से पहुंच कर बाबा के उर्स में अपनी न सिर्फ हाजिरी लगाई बल्कि बाबा के दर पर लगे मेले का भी लुत्फ उठाया।
शनिवार की रात भर उर्स में मशहूर कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किया। दोनों वर्ग के तमाम लोगों ने अकीदत के साथ बाबा के दर पर फातेहा पढ़कर मन्नतें व मुराद मांगी। यूं तो भूवनेश्वर नगर कालोनी स्थित आस्ताने पर उर्स फजर की नमाज़ के बाद से ही शुरू हो गया था मगर मगरिब बाद कुल शरीफ और चादरपोशी के साथ उर्स अपने शबाब पर पहुंच गया। इस दौरान बाबा से अकीदत रखने वाले दोनों मज़हब के जायरीन मन्नतें वह मुराद मांगते दिखाई दिए। देर रात तक लोगों का हुजूम बाबा के दर पर उमड़ा हुआ था। सुफियाना कलाम फिज़ा में मिठास घोल रहा था। आखिर में बाबा के दर पर गुसल, फातेहा, गुलपोशी, चादरपोशी के साथ ही मुल्क में अमन और मिल्लत व कौम की भलाई के लिए दुआएं भी मांगी गई।