बुधवार, 11 मार्च 2026

BLW Varanasi के दौरे पर पहुंचे चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स के महाप्रबंधक मोहित चंद्रा

रेलवे बोर्ड के पंकज शर्मा ने भी किया निरीक्षण




F. Farouqi Babu 

dil india live (Varanasi). बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आज दिनांक 11 मार्च 2026 को चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW) के महाप्रबंधक मोहित चंद्रा तथा रेलवे बोर्ड के पीईडी/ईई/डेवलपमेंट पंकज शर्मा ने दौरा किया। इस अवसर पर बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

अपने दौरे के दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने बरेका की उत्पादन क्षमता और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रत्यक्ष अवलोकन करते हुए कर्मशाला का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने लोको फ्रेम शॉप, लोको असेंबली शॉप तथा लोको टेस्ट शॉप सहित विभिन्न उत्पादन इकाइयों का भ्रमण किया और लोकोमोटिव निर्माण की आधुनिक प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली तथा कर्मचारियों की दक्षता को करीब से देखा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कर्मचारियों की कार्यकुशलता और समर्पण की सराहना की।

कर्मशाला भ्रमण के उपरांत प्रशासन भवन स्थित महाप्रबंधक कॉन्फ्रेंस हॉल में महाप्रबंधक आशुतोष पंत की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोको के  अत्याधुनिक तकनीकी नवाचार, उत्पादन क्षमता में वृद्धि तथा गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान बरेका के वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्पादन प्रणाली के आधुनिकीकरण और तकनीकी उन्नयन से जुड़े महत्वपूर्ण जानकारी आपस में साझा की। इस अवसर पर महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने पर्यावरण संरक्षण और हरित पहल को बढ़ावा देने के प्रतीक के रूप में मोहित चंद्रा एवं श्री पंकज शर्मा को पौधा भेंट कर सम्मानित किया।

बैठक में प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर सुशील कुमार श्रीवास्तव, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेकशील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रधान वित्त सलाहका मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर शैलेंद्र कुमार सिंह, महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश कुमार  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरे को भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयों के बीच तकनीकी सहयोग, नवाचार और गुणवत्ता उन्नयन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Bishop house Main में जुटे रोजेदार, हुआ इफ्तार

वसुधैव कुटुंबकम् की हमारी परंपरा हमें दुनिया से अलग पहचान देती है-बिशप यूजीन



Varanasi (dil India live)। कैंटोंमेंट स्थित बिशप हाउस परिसर में जैसे ही अज़ान कि सदाएं, अल्लाह हो अकबर, अल्लाह...। फिज़ा में बुलंद हुई तमाम रोजेदारों ने एक ही दस्तरखान पर रोजा इफ्तार किया। इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समेत सभी धर्म के लोग मौजूद थे। सभी ने काशी की गंगा-जमुनी तहजीब की इस रवायत को देखकर रमजान के मुकद्दस महीने में अल्लाह से मिल्लत व सलामती की दुआएं मांगी। बिशप हाउस में सजाए गए दस्तरखान पर ईसाई धर्मगुरुओं ने अपने हाथों से रोजेदारों के लिए थालियां परोसी। अजान होने के बाद रोजेदारों के साथ सभी ने खजूर, शर्बत, जूस, कटलेट आदि तमाम लज़ीज़ इफ्तारी का लुत्फ उठाया। नमाज मौलाना अब्दूल आखिर नोमानी ने अदा कराई। उन्होंने मुल्क हिन्दुस्तान में अमन, मिल्लत और सौहार्द की दुआएं मांगी। स्वागत फादर फिलिप डेनिस ने और शुक्रिया फादर थामस मैथ्यू ने किया। 

बिशप हाउस में इफ्तार पार्टी में शामिल रोजेदार 

भारत मिली जुली तहजीब का मुल्क

इस मौके पर "मेजबान धर्माचार्य बिशप यूजीन जोसेफ ने कहा कि भारत मिली जुली तहजीब का मुल्क है जहां सभी धर्मावलंबी आपस में प्रेम मुहब्बत और भाईचारे के साथ रहते हैं। हमें अपनी इस संस्कृति को बचाए रखना है। यही वसुधैव कुटुंबकम् की हमारी परंपरा हमें पूरी दुनिया से अलग पहचान देती है। यहां के व्रत त्योहार सबको समाहित करने की अपनी संस्कृति के कारण सदैव एकता का संदेश देते रहे हैं। इस आयोजन का उद्देश्य भी परस्पर सामाजिक सद्भावना को बनाए रखना है। 


इनकी रही खास मौजूदगी 

अतहर जमाल लारी, बुनकर बिरादराना तंजीम बारहों के सरदार मकबूल हसन, सपा नेता सैयद नईम, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फसाहत हुसैन बाबू, फिरोज खान मुन्ना, हाजी नासिर जमाल, मन्नू अंसारी, हाजी वकास अंसारी, बसपा नेता मोहम्मद शाहिद खान, इतिहासकार डॉ. मो. आरिफ, सेंट मैरीज कांवेंट स्कूल कैंटोनमेंट की प्रिंसिपल सिस्टर जमीला, फादर जोसेफ परेरा, फादर थामस, फादर सुनील, मो. अमीनुद्दीन, फादर कास्पर, वरिष्ठ पत्रकार एके लारी, नुरुल हसन खां, वरिष्ठ अधिवक्ता महफूज आलम एडवोकेट, अशफाक सिद्दीकी, राजीव पांडेय, डाक्टर हम्ज़ा, अब्दुल हकीम, मोहम्मद ज़ैद अख्तर सिद्दीकी, अमन, इशरत उस्मानी, सैयद सलमान हैदर, ज़ुबैर आदिल, शमीम अंसारी, मो. इस्माइल रज़ा समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।







Muqaddas Ramadan में दिखावे से दूर रहकर हो रही खिदमत

दावते इस्लामी इंडिया बांट रहा जरुरतमंदों में रमज़ान राशन किट



मोहम्मद रिजवान 

dil india live Varanasi (Varanasi). वाराणसी में दावतें इस्लामी इंडिया रमज़ान के मुक़द्दस महीने में जरुरतमंदों की मदद गुपचुप तरीके से करने के लिए आगे आया है। दावतें इस्लामी इंडिया फ्रंटल संगठन मानव सेवा विभाग का गरीब नवाज रिलीफ़ फाउंडेशन द्वारा गरीब, जरुरतमंदों की पहचान करके उन्हें उनके घर पर रमज़ान राशन किट पहुंचाई जा रही है।

संस्था के प्रवक्ता डाक्टर मोहम्मद साजिद अत्तारी ने बताया कि हम लोगों के यहां किट लेने वालों की पहचान गुप्त रखी जाती है यहां तक कि सामने से फोटो तक लेना मना है। कहा जाता है कि मदद में किसी की इज्जत उछालना ठीक नहीं है। इसलिए रमज़ान किट बांटी जा रही है साथ ही जो बीमार हैं उन्हें दवा व इलाज के लिए भी मदद किया जा रहा है।


Ramadan ka Paigham 20: शब-ए-कद्र पर सहर तक हुई इबादत

हज़ार रातों में अफज़ल है शबे कद्र की एक रात



Varanasi (dil India live)। शब-ए-कद्र पर रोज़ादारों ने पूरी रात जागकर इबादत की, इसके बाद सहरी किया और फजर की नमाज अदा करके तीसरे अशरे का पहला रोजा रखा। इस मौके पर तसबीर, कुरान की तेलावत और नफिल नमाजों की कसरत की गई।

शब-ए-कद्र की अहमियत

 रमज़ान महीने की इबादतों में शब-ए-कद्र की अहमियत बहुत ज्यादा है। इसे इस तरह भी समझा जा सकता है कि रब फरमाता है कि रमज़ान के मुक़द्दस महीने के आखिरी अशरे के दस दिनों में पांच रातें ऐसी होती हैं जिन्हें शब-ए-कद्र या ताक रातें कहा जाता है। ये हैं रमज़ान की 21, 23, 25, 27 व 29 वीं की शब। इममें से कोई एक शब-ए-कद्र की रात होती है। यह रात हजार महीनों से बेहतर मानी जाती है। यही वजह है कि इन पांचों रातों में मुस्लिम मस्जिदों व घरों में अल्लाह की कसरत से इबादत करते हैं। यही वजह है कि मर्द ही नही महिलाएं और बच्चे भी घरों में रात जागकर इबादत करते दिखाई देते हैं। उलेमा कहते हैं कि रब कहता है कि तुम्हारे लिए एक महीना रमजान का है, जिसमें एक रात है जो हजार महीनों से अफजल है। उस रात का नाम शबे कद्र है। यानी यह कद्र वाली रात है कि जो शख्स इस रात से महरूम रह गया वो भलाई और खैर से दूर रह गया। जो शख्स इस रात में जागकर ईमान और सवाब की नीयत से इबादत करता है तो उसके पिछले सभी गुनाह माफ कर दिए जाते हैं। यह रात बड़ी बरकतों वाली रात होती है। इस रात को मांगी गई दुआ हर हाल में रब कुबूल करता है। दरअसल रब का आफर केवल रमज़ान महीने में ज्यादा रहता है वो इसलिए भी की यह महीना अल्लाह का महीना है जिसके शुरू होते ही शैतान गिरफ्तार कर लिया जाता है और जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं, जहन्नुम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। या अल्लाह रब्बुल इज्ज़त तू अपने हबीब के सदके में हम सबको रमज़ान की इबादतों और नेमतों से मालामाल कर और हमारी नेक दुआएं कुबुल कर ले... आमीन।

मौलाना अमरुलहोदा
( प्रमुख मुस्लिम उलेमा, मिल्कीपुर) 

मंगलवार, 10 मार्च 2026

माहे Ramzan mubarak का 20 रोज़ा मुकम्मल, हुई इफ्तार दावत

मस्जिद अज़गैब शहीद व बुनकर उद्योग मंडल की इफ्तार दावत में उमड़ा हुजूम


Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi). मस्जिदों से जैसे ही मगरिब की अज़ान की सदाएं फिज़ा में बुलंद हुई रोजेदारों ने माहे रमज़ान मुबारक का 20 वां रोज़ा मुकम्मल किया। इसी के साथ 20 रोजा यानी दो अशरा भी मुकम्मल हो गया। इससे पहले असर की नमाज के बाद मस्जिदों में इबादतगुजार एतेकाफ पर बैठने के लिए दाखिल हुए। 20 वां रोज़ा मुकम्मल होने के साथ ही मस्जिदों में एतेकाफ शुरू हो गया।

रोज़ा इफ्तार दावत में नूरानी नज़ारा 

चिंतन और सामुदायिक भावना के माहौल में, आज शाम राजघाट के किला कोहना स्थित ऐतिहासिक मस्जिद आस्ताना अज़गैब शहीद में एक महत्वपूर्ण इफ्तार दावत का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन मस्जिद के अध्यक्ष हाजी मुख्तार अहमद और सचिव अयाज़ अहमद की अगुवाई व प्रतिष्ठित मार्गदर्शन में किया गया। इस समारोह में स्थानीय निवासी और प्रमुख हस्तियां एक साथ जुटे, ताकि वे अपना रोज़ा खोल सकें और शांति व एकता के पैगाम को साझा कर सकें। इस मौके पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों में बदरुद्दीन खान (अधिवक्ता) वरिष्ठ बसपा नेता मोहम्मद शाहिद खान, लतीफ़ अहमद शामिल थे। शाम की शुरुआत सूर्यास्त के समय पारंपरिक रूप से अज़ान की सदाओं, अल्लाह हो अकबर...की गूंज पर रोज़ा खोलने के साथ हुई। रोज़ा इफ्तार के बाद मगरिब की नमाज़ अदा की गई। कार्यक्रम के दौरान, अध्यक्ष हाजी मुख्तार अहमद ने सेवा और भाईचारे के महत्व पर ज़ोर दिया, जबकि सचिव अयाज़ अहमद ने अतिथियों का उनकी उपस्थिति और मस्जिद के सामुदायिक कार्यों में उनके निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। यह इफ्तार समारोह राजघाट क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की एक जीवंत याद दिलाता रहा, जिसने सभी प्रतिभागियों के बीच एकजुटता की भावना को बढ़ावा दिया।





बुनकर उद्योग मण्डल की इफ्तार पार्टी 

वाराणसी शहर में गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक और मिसाल और इस हिन्दुस्तान की आपसी भाईचारा की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से आज बुनकर उद्योग मण्डल द्वारा रमज़ान के पाक महीने में रोज़ा इफ्तार का एहतमाम किया गया जिसमें शहर के सभी धर्म के मानिंद लोग, सरदार-महतो, सभी राजनीतिक दल एवं सामाजिक संस्था के लोग शामिल हुए। जहाँ सभी उपस्थित लोगों ने अमन चैन व आपसी भाई चारा बना रहे, बाद नमाज़ अल्लाह रब्बुल आलमीन से बारगाहे रिसालत में हाथ उठा कर दुआ की।


NSS Camp में Yoga Skill पर चला विशेष प्रशिक्षण सत्र

योग स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि रोजगार के अवसर भी करता है प्रदान





dil india live (Varanasi). कंपोजिट विद्यालय, छित्तूपुर खास, बीएचयू, वाराणसी में वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई: 014A द्वारा 10 मार्च 2026 को आयोजित सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर का प्रथम दिवस सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर का आयोजन डॉ. शशि प्रभा कश्यप के मार्गदर्शन में किया गया।सात दिवसीय विशेष NSS शिविर की थीम “युवाओं में कौशल विकास” रखी गई थी, जिसके अंतर्गत शिविर के प्रथम दिवस योग कौशल (Yoga Skill) पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का उद्देश्य युवाओं में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, आत्मअनुशासन, सकारात्मक जीवनशैली एवं रोजगार क्षमता का विकास करना था।


योग प्रशिक्षण सत्र की अतिथि प्रशिक्षक निधि, (योग प्रशिक्षक एवं शोध छात्रा, पंचकर्म विभाग, आयुर्वेद संकाय, इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी) थी। उन्होंने स्वयंसेवकों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान अभ्यास करवाए और उनके स्वास्थ्य एवं मानसिक एकाग्रता पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। निधि ने बताया कि योग केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि रोजगार के अवसर भी प्रदान करता है। इस क्षेत्र में योग प्रशिक्षक, फिटनेस ट्रेनर, वेलनेस कंसल्टेंट, योग थैरेपिस्ट तथा योग संस्थानों में प्रशिक्षक के रूप में करियर बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को योग में दक्षता प्राप्त कर प्रमाणित प्रशिक्षण लेकर इसे अपने व्यावसायिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर डॉ. शशि प्रभा कश्यप ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि योग एक महत्वपूर्ण जीवन कौशल है, जो युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, एकाग्रता और कार्यक्षमता को विकसित करता है। उन्होंने स्वयंसेवकों को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने तथा समाज में इसके लाभों का प्रचार-प्रसार करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में 50 एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया और विद्यालय के विद्यार्थियों को भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा तथा इसने सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर की एक सकारात्मक और सफल शुरुआत की तथा शिविर का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

Dargah Aala Hazrat, Bareilly के प्रमुख मुफ्ती असजद रज़ा खां गिरफ्तार

मुफ़्ती असजद रज़ा खान क़ादरी की रियाद में हिरासत पर एमएसओ ने भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की


Sarfaraz Ahmad 

dil india live (Riyadh). दरगाह आला हजरत प्रमुख काजी-ए-हिंदुस्तान व दुनिया के ख्यातिलब्ध सुन्नी धर्म गुरु मुफ़्ती असजद रज़ा खान क़ादरी हज-ए-उमराह के लिए सऊदी अरब गये हुए हैं जहां से खबर है कि Riyadh (Saudi Arabia) में स्थानीय प्रशासन द्वारा उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। इस खबर से भारतीय मुस्लिमों में उबाल है। मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एमएसओ) ने अपने बयान में कहा कि मुफ़्ती असजद रज़ा खान क़ादरी भारत के एक अत्यंत प्रतिष्ठित सूफ़ी धर्मगुरु हैं और Dargah Aala Hazrat, Bareilly का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो देश दुनिया में सूफ़ी विचारधारा, अमन, मोहब्बत और धार्मिक संतुलन का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। उनकी पहचान केवल एक धार्मिक विद्वान के रूप में नहीं बल्कि समाज में सद्भाव, शांति और राष्ट्रीय एकता के संदेशवाहक के रूप में भी है।

उधर प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी मुस्लिमों में इस मुद्दे पर गुस्सा है। सदर काजी -ए-शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने धमकी देते हुए कहा है कि अगर तत्काल काजी -ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रज़ा खां कादरी को रिहा नहीं किया गया तो देश भर के मुस्लिम आंदोलन करेंगे। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, हज मंत्री से इसमें हस्तक्षेप की मांग की है ‌

एमएसओ ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना भारत सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। खासकर जब मामला किसी ऐसे धार्मिक और सामाजिक व्यक्तित्व से जुड़ा हो जिनका देश में व्यापक प्रभाव और सम्मान है। संगठन ने उम्मीद जताई कि भारत सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सऊदी अरब के संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क करेगी और जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए आवश्यक राजनयिक कदम उठाएगी। एमएसओ के अनुसार इस मामले में पारदर्शिता और स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है ताकि देशभर में फैली चिंताओं को दूर किया जा सके और लोगों को सही स्थिति के बारे में भरोसेमंद जानकारी मिल सके। उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया है अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है।

नीचे देखिए रज़ा एकेडमी ने इस संबंध में क्या कहा -