गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026

VKM Varanasi Main पुरा छात्रा सम्मेलन का भव्य आयोजन

“भारतीय ज्ञान परम्परा : प्राचीन बुद्धिमत्ता एवं सतत समाधान” पर हुई संगोष्ठी 




dil india live (Varanasi). वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा,वाराणसी कमच्छा, वाराणसी में 18 फरवरी 2026 को “भारतीय ज्ञान परम्परा: प्राचीन बुद्धिमत्ता एवं सतत समाधान” विषय पर एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी तथा पूर्व छात्रा सम्मेलन ‘आवर्तन–2026’ का भव्य आयोजन महाविद्यालय की एलुमनी एसोसिएशन द्वारा किया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, शोधार्थियों, छात्राओं एवं पूर्व छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ कुलगीत एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रचना श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण में भारतीय ज्ञान परम्परा की समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के बहुविषयक, मूल्यपरक एवं अनुभवात्मक शिक्षण दृष्टिकोण से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली सतत विकास लक्ष्यों, विशेषतः गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करती है।अंतर्राष्ट्रीय अतिथि डॉ. शमा मित्तल ने भारतीय ज्ञान प्रणाली की वैश्विक उपयोगिता तथा पर्यावरणीय संतुलन में उसकी भूमिका को रेखांकित किया। मुख्य वक्ता प्रो. चन्द्रकला पाडिया, पूर्व कुलपति,


महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, ने भारतीय चिंतन की दार्शनिक गहराई एवं उसके व्यावहारिक आयामों पर प्रकाश डाला। द्वितीय मुख्य वक्ता प्रो. कल्पलता पाण्डेय, पूर्व कुलपति, जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति एवं सतत विकास लक्ष्यों के संदर्भ में भारतीय शिक्षण परम्परा की उपयोगिता को स्पष्ट किया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती उमा भट्टाचार्य, प्रबंधक, व.क.म., ने छात्राओं को भारतीय मूल्यों के संरक्षण एवं आत्मनिर्भरता की भावना से प्रेरित किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. कुसुम मिश्रा, पूर्व प्राचार्या, वी.के.एम., ने शिक्षा में मानवीय संस्कार,संस्कृति एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के समन्वय पर बल दिया। संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. शांता चटर्जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।तकनीकी सत्र में विभिन्न विषयों पर लगभग पचास शोधपत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें भारतीय गणित, पर्यावरणीय चिंतन, नारी अध्ययन एवं मूल्य शिक्षा जैसे आयामों पर सारगर्भित चर्चा हुई। पूर्व छात्राओं द्वारा लगाए गए स्टालों में पेंटिंग, ललित कला एवं वैदिक गणित शिक्षण सामग्री का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। सांस्कृतिक सत्र में सितार वादन, शास्त्रीय एवं लोकनृत्य, गायन ,काव्य पाठ तथा श्रुति नाटक की मनोहारी प्रस्तुतियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कैलिफोर्निया से आनलाइन माध्यम से जुड़ीं पुराछात्रा व प्रख्यात कथाकार आर्या झा ने अपनी कहानी प्रस्तुत की।इस अवसर पर लगाए गए नि: शुल्क स्वास्थ्य शिविर में पुरा छात्राओं ने अपने स्वास्थ्य परीक्षण कराए।कार्यक्रम का समापन इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. पूनम पाण्डेय के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह आयोजन भारतीय ज्ञान परम्परा की पुनर्प्रतिष्ठा, नई शिक्षा नीति–2020 के उद्देश्यों की पूर्ति तथा पूर्व एवं वर्तमान छात्राओं के मध्य सुदृढ़ संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

बुधवार, 18 फ़रवरी 2026

Ramadan ka Paigham -1

चांद देखे जाने की तस्दीक के साथ शुरू हुआ माहे रमज़ान 

रमजान आते ही फिज़ा में होती है नूर की बारिश 





Sarfaraz/Rizwan 

Varanasi (dil India live)। हिजरी कलैंडर का 9 वां महीना रमज़ान शुरू हो चुका है। बनारस में चांद नहीं देखा जा सका मगर दूसरे जिलों से चांद के देखें जाने की देर से ही सही तस्दीक हो गई जिसके चलते उलेमा ने ऐलान किया है कि रमज़ान का आगाज़ हो गया है, 19 फरवरी को पहला रोजा रखा जाएगा। इस दौरान आज तरावीह की नमाज का भी आगाज़ हो गया।

ये वो महीना है जिसके आते ही फिज़ा में नूर छा जाता है। चोर चोरी से दूर होता है, बेहया अपनी बेहयाई से रिश्ता तोड़ लेता है, मस्जिदें नमाज़ियों से भर जाती हैं। लोगों के दिलों दिमाग में बस एक ही बात रहती है कि कैसे ज्यादा से ज्यादा इबादत की जाये। फर्ज़ नमाज़ों के साथ ही नफ्ल और तहज्जुद पर भी लोगों का ज़ोर रहता है, अमीर गरीबों का हक़ अदा करते हैं, पास वाले अपने पड़ोसियों का, कोई भूखा न रहे, कोई नंगा न रहे इस महीने में इस बात का खास ख्याल रखा जाता है। पता ये चला कि हक़ की जिन्दगी जीने की रमज़ान हमे जहां तौफीक देता है। वहीं गरीबो, मिसकीनों, लाचारों, बेवा, और बेसहरा वगैरह की ईद कैसे हो, कैसे उन्हें उनका हक़ और अधिकार मिले यह रमज़ान ने पूरी दुनिया को दिखा दिया, सिखा दिया। यही वजह है कि रमज़ान का आखिरी अशरा आते आते हर साहिबे निसाब अपनी आमदनी की बचत का ढ़ाई फीसदी जक़ात निकालता है। और दो किलों 45 ग्राम वो गेंहू जो वो खाता है उसका फितरा।







सदका-ए-फित्र ईद की नमाज़ से पहले हर हाल में मोमिनीन अदा कर देता है ताकि उसका रोज़ा रब की बारगाह में कुबुल हो जाये, अगर नहीं दिया तो तब तक उसका रोज़ा ज़मीन और आसमान के दरमियान लटका रहेगा जब तक सदका-ए-फित्र अदा नहीं कर देता। रब कहता है कि 11 महीना बंदा अपने तरीक़े से तो गुज़ारता ही हैतो एक महीना माहे रमज़ान को वो मेरे लिए वक्फ कर दे। परवरदिगारे आलम इरशाद फरमाते है कि माहे रमज़ान कितना अज़ीम बरकतों और रहमतो का महीना है इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि इस पाक महीने में कुरान नाज़िल हुआ। इस महीने में बंदा दुनिया की तमाम ख्वाहिशात को मिटा कर अपने रब के लिए पूरे दिन भूखा-प्यासा रहकर रोज़ा रखता है। नमाज़े अदा करता है। फ़र्ज़ Namaaz के अलावा तहज्जुद, चाश्त, नफ्ल अदा करता है। इस महीने में वो मज़हबी टैक्स ज़कात और फितरा देकर गरीबों-मिसकीनों की ईद कराता है। 

अल्लाह फ़रमाता है कि सिवाए रोज़े के कि रोज़ा मेरे लिये है इसकी जज़ा मैं खुद दूंगा। बंदा अपनी ख्वाहिश और खाने को सिर्फ मेरी वजह से तर्क करता है। यह महीना नेकी का महीना है इस महीने से इंसान नेकी करके अपनी बुनियाद मजबूत करता है। ऐ मेरे पाक परवर दिगारे आलम, तू अपने हबीब के सदके में हम सबको रोज़ा रखने, दीगर इबादत करने, और हक की जिंदगी जीने की तौफीक दे ..आमीन।


VKM Varanasi: छात्राओं ने NSS camp Main लिया कपड़े पर ब्लॉक पेंटिंग का प्रशिक्षण

राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में दिखीं सीखने और जानने की जिज्ञासा




dil india live (Varanasi). आज 18.2.26 दिन बुधवार को "वसंत कन्या महाविद्यालय" (VKM Varanasi) की 'राष्ट्रीय सेवा योजना', इकाई - 5 की कार्यक्रम अधिकारी 'डॉ. वर्षा सिंह' के निर्देशन में सप्त दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ 'कम्पोजिट विद्यालय' सुंदरपुर, नगर क्षेत्र - वाराणसी में किया गया। शिविर के तीसरे दिन स्वयंसेविकाओं द्वारा शिविर स्थल की स्वच्छता, लक्ष्यगीत तथा योग व्यायाम के साथ किया गया। इस मौके पर खेल प्रशिक्षक ओमप्रकाश और धीरज के निर्देशन में स्वयंसेविकाओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी गई जिसमें विद्यालय के बच्चों ने भी भाग लिया। स्वयं सेविकाओं ने कक्षाओं में जाकर पठन - पाठन का संचालन भी किया और अनुशासन व्यवस्था के साथ सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी भी दी। 

अपराह्न में आर्ट एक्सपर्ट पूजा सेठ ने लिपप्ण कला और कपड़े पर ब्लॉक पेंटिंग का गुर प्रशिक्षुओं को सुखाया। पूजा सेठ ने कहा कि स्वरोजगार और अतिरिक्त कमाई करने के नजरिए से ये कलाएं आज के युग में प्रासंगिक हैं।


NSS camp Main प्रशिक्षुओं ने सीखा लिप्पण कला की बारीकियां

जब तैयार हुई सुंदर कलाकृतियां तो देखते रह गए सभी 




dil india live (Varanasi). आज 17.02.2026, दिन मंगलवार को सप्तदिवसीय विशेष शिवर का आयोजन रा. से. यो. की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. वर्षा सिंह के निर्देशन में किया गया। शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत विद्यालय के प्रांगण में स्थित पंडित मदन मोहन मालवीय के मूर्ति पर माल्यार्पण के साथ किया गया। 

दरअसल सुंदरपुर वाराणसी में स्थित कंपोजिट विद्यालय अपने आप में ऐतिहासिक महत्व रखता है जिसकी स्थापना पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा भारत की स्वतंत्रता से पूर्व ही सन 1928 में किया गया था। अपराह्न में द्वितीय सत्र में युवाओं के मध्य कौशल विकास के उद्देश्य से पिडिलाइट कंपनी से पूजा के निर्देशन में लिप्पण कला की विभिन्न सुंदर कलाकृतियां निर्मित करने का प्रशिक्षण प्राप्त किया गया। इस दौरान जब तैयार हुई सुंदर कलाकृतियां तो मौजूद लोग देखते रह गए। प्रशिक्षुओं ने एक से बढ़कर एक खूबसूरत कलाकृतियां अभिव्यक्त कर लोगों को चकित कर दिया।

मंगलवार, 17 फ़रवरी 2026

Hazrat Zanzira Shah Wa Hazrat सिक्कड शाह बाबा के उर्स में उमड़े जायरीन

रौशनी से जगमगा उठा आस्ताना, सूफियाना कलाम से गूंजा बाबा का दर





Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi). । हजरत जंजीरा शाह व हजरत सिक्कड शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह का सालाना तीन दिनी उर्स अकीदत और एहतराम के साथ हबीबपुरा पितरकुंडा में मनाया जा रहा है। इतवार को अकीदत और एहतराम के साथ शुरू हुए उर्स में तीसरे रोज़ जायरीन का हुजूम उमड़ा हुआ है। आस्ताना सुफियाने कलाम और रौशनी से गुलजार है।

मौलाना शफीक अहमद मुजद्दीदी की अगुवाई में हो रहे उर्स में इससे पहले सोमवार को बाद नमाज़ ज़ोहर कुरआन खानी, बाद नाज असर चादर पोशी व कुल शरीफ, बाद नमाजे इशा जश्ने ईद मीलादुन्नबी का जलसा देर रात पाक कुरान की तेलावत से शुरू हुआ, जिसमें उलेमा मुफ्ती शाहजैब मदनी, मौलाना हसीन अहमद हबीबी, मौलाना अब्दुल मुतल्लीब व मौलाना कौसैन मौअजजम आदि ने वलियों की जिंदगी पर रौशनी डाली।


मगलवार बाद नमाजे जोहर कुरानखानी हुई जिसमें लोगों का हुजूम पाक कुरान की तेलावत के उमड़ा हुआ था, बाद नमाज़ असर कुल शरीफ चादरपोशी हुई तो बाद नमाज़े मगरिब लंगरे आम लोगों का मजमा फ़ैज़ उठाने जुटा हुआ था। बाद नमाजे इशा महफिले समां का आयोजन किया गया है। इस दौरान देर रात तक जहां हबीबपुरा में कव्वाली का सुफियाना कलाम गूंज रहा था, वहीं दूसरी ओर बाबा के दर पर फातेहा पढ़कर फ़ैज़ उठाने दूर दराज से अकीदतमंदों का हुजूम लगा हुआ था।

Pragati -2026 Baal Utsav मंडलीय प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

विजेताओं को उपनिदेशक व बीएसए ने किए पुरस्कृत




dil india live (Varanasi). वाराणसी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति - 2020 में बच्चों की अभिव्यक्ति को मंच प्रदान करने, उनके सर्वांगीण विकास, क्रॉस लर्निंग स्पेस, नए शैक्षिक तरीके को खोजना, छिपी हुई क्षमता का पता लगाने व प्रतिभा दिखाने हेतु मीना मंच के अंतर्गत प्रगति स्वाभिमान और सफलता की ओर 2 .0  "प्रगति 2026 बाल उत्सव " का आयोजन वाराणसी पब्लिक स्कूल केराकतपुर वाराणसी  में मंडल स्तरीय प्रतियोगिता के रूप में आयोजित किया गया।

   



  मुख्य अतिथि उपनिदेशक /प्राचार्य, डायट सारनाथ वाराणसी उमेश कुमार शुक्ला द्वारा दीप प्रज्ज्वलन व सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के संयोजक हेमंत राव, सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) वाराणसी मंडल द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत बड़े ही मनोहारी ढंग से प्रस्तुत किया गया। जेंडर संवेदीकरण के अंतर्गत एकांकी नाटक का भी प्रस्तुतीकरण बच्चों द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए शुक्ला ने कहा कि मीना मंच बालिकाओं को एक सशक्त मंच उपलब्ध कराता है, वर्तमान में मीना मंच से जुड़कर बच्चों में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित  हो रहे हैं ।कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा को प्रस्तुत करते हुए हेमंत राव (सहायक शिक्षा निदेशक) ने मंडल स्तर पर हो रहे प्रयासों की सराहना किया, साथ ही उपस्थित सभी शिक्षकों को जीवन कौशल की शिक्षा को प्रभावी ढंग से प्रदान करने हेतु  आवाहन किया। अध्यक्षीय भाषण एवं धन्यवाद ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वाराणसी अनुराग श्रीवास्तव द्वारा किया गया।मंडली प्रतियोगिता हेतु वाराणसी व चंदौली से 11- 11 बच्चे व जौनपुर तथा गाज़ीपुर से 10-10 बच्चे क्रमशः विद्यालय स्तर, ब्लॉक स्तर व जनपद स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर आए थे। मंडल स्तर पर इन 42 बच्चों को पांच प्रकार की गतिविधियां जो जेंडर स्टीरियोटाइप, बॉडी इमेज, बॉडी इमेज प्रमोटेड बाय मीडिया, बॉडी टॉक व नेगेटिव बॉडी टॉक थीम पर आधारित है, में प्रतिभाग कर 25 अंकों के प्रति स्पर्धा मे बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया गया। परिणाम से प्राप्त सर्वश्रेष्ठ 10 स्थान के बच्चों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता लखनऊ के लिए भेजा जाएगा। इस प्रतियोगिता में गतिविधियो का आयोजन व निर्णायक की भूमिका मीना मंच के मास्टर ट्रेनर राजीव सिंह, रश्मि त्रिपाठी, परमा विश्वास, रमेश सिंह, सुनीता दीक्षित, रत्नेश कुमारी के साथ ब्लाक नोडल, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा, अमृता चौहान ने किया। पांच चक्र की प्रतियोगिता के पश्चात अनंत, नंदिनी, सोनाली, भारती व नैन्सी (सभी वाराणसी से), रजनी वर्मा अनन्या, साक्षी (सभी जौनपुर से), निधि यादव गाजीपुर कृपानंद चंदौली से क्रमशः 1 से 10 स्थान पर रहे । सभी विजेता बच्चों को पुरस्कार के रूप में मेडल व सर्टिफिकेट आदि प्रदान किया गया । शेष बच्चों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र दिया गया। बच्चों के साथ उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों, मास्टर ट्रेनर नोडल टीचर  को भी सम्मानित किया गया ।

कार्यक्रम को सहयोग करने में अमित पांडे, प्रबंधक वाराणसी पब्लिक स्कूल, राम पूजन पटेल, BEO विद्यापीठ ,यशवंत सिंह, अनीता यादव, जेपी यादव, सुभाष यादव SRG गण चंदौली, त्रिलोकी शर्मा, डीसी, सीमा सिंह सविता अग्रहरि ,अलमुनाई - सदस्य वैष्णवी  मिश्रा, अनिल तिवारी, राजेश, संजय गुप्ता, मोहनलाल, वासुदेव यादव आदि प्रमुख लोग रहे। कार्यक्रम का संचालन  राजीव सिंह SRG /MT वाराणसी एवं अरविंद सिंह ने किया ।

UP K Varanasi Main सांस्कृतिक संकुल में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम

यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने किया नीलू मिश्रा का सम्मान 




Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi). वाराणसी स्थित सांस्कृतिक संकुल, चौकाघाट में आयोजित मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश नवदीप रिणवा ने मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने हेतु SVEEP आइकॉन के रूप में एथलीट नीलू मिश्रा को सम्मानित किया। इस अवसर पर नीलू मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए किए गए जन-जागरूकता प्रयासों की सराहना है, जो मेरे लिए अत्यंत गौरव और प्रेरणा का विषय है।

इस गरिमामय अवसर पर वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राज लिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, सभी ईआरओ, सुपरवाइजर तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मतदाता जागरूकता, शत-प्रतिशत मतदान और लोकतांत्रिक सहभागिता बढ़ाने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।

नीलू ने कहा कि मैं इस सम्मान के लिए निर्वाचन विभाग एवं सभी वरिष्ठ अधिकारियों का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ तथा भविष्य में भी मतदाता जागरूकता और सामाजिक सहभागिता के कार्यों में पूर्ण समर्पण के साथ योगदान देती रहूंगी।