मंगलवार, 10 मार्च 2026

माहे Ramzan mubarak का 20 रोज़ा मुकम्मल, हुई इफ्तार दावत

मस्जिद अज़गैब शहीद व बुनकर उद्योग मंडल की इफ्तार दावत में उमड़ा हुजूम


Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi). मस्जिदों से जैसे ही मगरिब की अज़ान की सदाएं फिज़ा में बुलंद हुई रोजेदारों ने माहे रमज़ान मुबारक का 20 वां रोज़ा मुकम्मल किया। इसी के साथ 20 रोजा यानी दो अशरा भी मुकम्मल हो गया। इससे पहले असर की नमाज के बाद मस्जिदों में इबादतगुजार एतेकाफ पर बैठने के लिए दाखिल हुए। 20 वां रोज़ा मुकम्मल होने के साथ ही मस्जिदों में एतेकाफ शुरू हो गया।

रोज़ा इफ्तार दावत में नूरानी नज़ारा 

चिंतन और सामुदायिक भावना के माहौल में, आज शाम राजघाट के किला कोहना स्थित ऐतिहासिक मस्जिद आस्ताना अज़गैब शहीद में एक महत्वपूर्ण इफ्तार दावत का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन मस्जिद के अध्यक्ष हाजी मुख्तार अहमद और सचिव अयाज़ अहमद की अगुवाई व प्रतिष्ठित मार्गदर्शन में किया गया। इस समारोह में स्थानीय निवासी और प्रमुख हस्तियां एक साथ जुटे, ताकि वे अपना रोज़ा खोल सकें और शांति व एकता के पैगाम को साझा कर सकें। इस मौके पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों में बदरुद्दीन खान (अधिवक्ता) वरिष्ठ बसपा नेता मोहम्मद शाहिद खान, लतीफ़ अहमद शामिल थे। शाम की शुरुआत सूर्यास्त के समय पारंपरिक रूप से अज़ान की सदाओं, अल्लाह हो अकबर...की गूंज पर रोज़ा खोलने के साथ हुई। रोज़ा इफ्तार के बाद मगरिब की नमाज़ अदा की गई। कार्यक्रम के दौरान, अध्यक्ष हाजी मुख्तार अहमद ने सेवा और भाईचारे के महत्व पर ज़ोर दिया, जबकि सचिव अयाज़ अहमद ने अतिथियों का उनकी उपस्थिति और मस्जिद के सामुदायिक कार्यों में उनके निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। यह इफ्तार समारोह राजघाट क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की एक जीवंत याद दिलाता रहा, जिसने सभी प्रतिभागियों के बीच एकजुटता की भावना को बढ़ावा दिया।





बुनकर उद्योग मण्डल की इफ्तार पार्टी 

वाराणसी शहर में गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक और मिसाल और इस हिन्दुस्तान की आपसी भाईचारा की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से आज बुनकर उद्योग मण्डल द्वारा रमज़ान के पाक महीने में रोज़ा इफ्तार का एहतमाम किया गया जिसमें शहर के सभी धर्म के मानिंद लोग, सरदार-महतो, सभी राजनीतिक दल एवं सामाजिक संस्था के लोग शामिल हुए। जहाँ सभी उपस्थित लोगों ने अमन चैन व आपसी भाई चारा बना रहे, बाद नमाज़ अल्लाह रब्बुल आलमीन से बारगाहे रिसालत में हाथ उठा कर दुआ की।


NSS Camp में Yoga Skill पर चला विशेष प्रशिक्षण सत्र

योग स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि रोजगार के अवसर भी करता है प्रदान





dil india live (Varanasi). कंपोजिट विद्यालय, छित्तूपुर खास, बीएचयू, वाराणसी में वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई: 014A द्वारा 10 मार्च 2026 को आयोजित सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर का प्रथम दिवस सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर का आयोजन डॉ. शशि प्रभा कश्यप के मार्गदर्शन में किया गया।सात दिवसीय विशेष NSS शिविर की थीम “युवाओं में कौशल विकास” रखी गई थी, जिसके अंतर्गत शिविर के प्रथम दिवस योग कौशल (Yoga Skill) पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का उद्देश्य युवाओं में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, आत्मअनुशासन, सकारात्मक जीवनशैली एवं रोजगार क्षमता का विकास करना था।


योग प्रशिक्षण सत्र की अतिथि प्रशिक्षक निधि, (योग प्रशिक्षक एवं शोध छात्रा, पंचकर्म विभाग, आयुर्वेद संकाय, इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी) थी। उन्होंने स्वयंसेवकों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान अभ्यास करवाए और उनके स्वास्थ्य एवं मानसिक एकाग्रता पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। निधि ने बताया कि योग केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि रोजगार के अवसर भी प्रदान करता है। इस क्षेत्र में योग प्रशिक्षक, फिटनेस ट्रेनर, वेलनेस कंसल्टेंट, योग थैरेपिस्ट तथा योग संस्थानों में प्रशिक्षक के रूप में करियर बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को योग में दक्षता प्राप्त कर प्रमाणित प्रशिक्षण लेकर इसे अपने व्यावसायिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर डॉ. शशि प्रभा कश्यप ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि योग एक महत्वपूर्ण जीवन कौशल है, जो युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, एकाग्रता और कार्यक्षमता को विकसित करता है। उन्होंने स्वयंसेवकों को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने तथा समाज में इसके लाभों का प्रचार-प्रसार करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में 50 एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया और विद्यालय के विद्यार्थियों को भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा तथा इसने सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर की एक सकारात्मक और सफल शुरुआत की तथा शिविर का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

Dargah Aala Hazrat, Bareilly के प्रमुख मुफ्ती असजद रज़ा खां गिरफ्तार

मुफ़्ती असजद रज़ा खान क़ादरी की रियाद में हिरासत पर एमएसओ ने भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की


Sarfaraz Ahmad 

dil india live (Riyadh). दरगाह आला हजरत प्रमुख काजी-ए-हिंदुस्तान व दुनिया के ख्यातिलब्ध सुन्नी धर्म गुरु मुफ़्ती असजद रज़ा खान क़ादरी हज-ए-उमराह के लिए सऊदी अरब गये हुए हैं जहां से खबर है कि Riyadh (Saudi Arabia) में स्थानीय प्रशासन द्वारा उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। इस खबर से भारतीय मुस्लिमों में उबाल है। मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एमएसओ) ने अपने बयान में कहा कि मुफ़्ती असजद रज़ा खान क़ादरी भारत के एक अत्यंत प्रतिष्ठित सूफ़ी धर्मगुरु हैं और Dargah Aala Hazrat, Bareilly का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो देश दुनिया में सूफ़ी विचारधारा, अमन, मोहब्बत और धार्मिक संतुलन का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। उनकी पहचान केवल एक धार्मिक विद्वान के रूप में नहीं बल्कि समाज में सद्भाव, शांति और राष्ट्रीय एकता के संदेशवाहक के रूप में भी है।

उधर प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी मुस्लिमों में इस मुद्दे पर गुस्सा है। सदर काजी -ए-शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने धमकी देते हुए कहा है कि अगर तत्काल काजी -ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रज़ा खां कादरी को रिहा नहीं किया गया तो देश भर के मुस्लिम आंदोलन करेंगे। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, हज मंत्री से इसमें हस्तक्षेप की मांग की है ‌

एमएसओ ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना भारत सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। खासकर जब मामला किसी ऐसे धार्मिक और सामाजिक व्यक्तित्व से जुड़ा हो जिनका देश में व्यापक प्रभाव और सम्मान है। संगठन ने उम्मीद जताई कि भारत सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सऊदी अरब के संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क करेगी और जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए आवश्यक राजनयिक कदम उठाएगी। एमएसओ के अनुसार इस मामले में पारदर्शिता और स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है ताकि देशभर में फैली चिंताओं को दूर किया जा सके और लोगों को सही स्थिति के बारे में भरोसेमंद जानकारी मिल सके। उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया है अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है।

नीचे देखिए रज़ा एकेडमी ने इस संबंध में क्या कहा -



Education : राज्य स्तरीय कार्यक्रम में Varanasi के बच्चों ने दिखाया दम

प्रगति 2.0 व बाल उत्सव 2026 में छाया बनारस, प्रदेश से 10 चयनित में 5

बनारसी


dil india live (Lucknow). लखनऊ के दयाल गेटवे ऑडिटोरियम में प्रगति 2.0 एवं बाल उत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों के प्रतिभाशाली बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी को बधाई दी। इस अवसर पर महानिदेशक मोनिका रानी, बालिका शिक्षा के प्रमुख मुकेश सिंह, अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा, तथा यूनिसेफ इंडिया के चीफ जकरिया एडम सहित विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें उपस्थित अतिथियों और दर्शकों ने खूब सराहा। राज्य स्तर तक पहुंचने के लिए बच्चों का चयन तीन चरणों में किया गया। ब्लॉक स्तर, जिला स्तर मंडल स्तर। 

प्रत्येक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ 10 प्रतिभागियों का चयन किया गया। वाराणसी मंडल की मंडल स्तरीय प्रतियोगिता 16 फरवरी 2026 को आयोजित की गई, जिसमें मंडल से चयनित 10 प्रतिभागियों ने राज्य स्तर के लिए प्रतिभाग किया। इन  10 बच्चों में से 5 बच्चे वाराणसी जनपद से चयनित हुए। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सभी प्रतिभागी बच्चों को मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कुछ सुगमकर्ताओं को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट नोडल अधिकारी एवं डीसी को स्मृति चिन्ह तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में डीसी बालिका अमृता चौहान की प्रमुख भूमिका रही। साथ ही डिस्ट्रिक्ट नोडल परमा विश्वास, मास्टर ट्रेनर राजीव सिंह, रमेश सिंह, रश्मि त्रिपाठी, रत्नेश पांडे, तथा सुनीता दीक्षित का विशेष योगदान रहा। जिला एवं मंडल स्तर के कार्यक्रमों का सफल आयोजन एडी बेसिक एवं बीएसए वाराणसी के मार्गदर्शन में सम्पन्न कराया गया।

सोमवार, 9 मार्च 2026

DAV PG College Varanasi: एनएसएस का सात दिवसीय शिविर शुरू

रविदास पार्क में जुटे राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवी 

युवाओं के विकास में एनएसएस की भूमिका उल्लेखनीय


dil india live (Varanasi). डीएवी पीजी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना के यूनिट सी, एफ एवं जी द्वारा सात दिवसीय शिविर का शुभारंभ सोमवार को नगवां स्थित रविदास पार्क में हुआ। मुख्य अतिथि स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि डॉ. रविन्द्र सिंह, मुख्य वक्ता आर्यमहिला पीजी कॉलेज की आचार्य डॉ. पुष्पा त्रिपाठी एवं विशिष्ट अतिथि डीएवी पीजी कॉलेज की उप प्राचार्य प्रो. संगीता जैन सहित कार्यक्रम अधिकारियों ने संयुक्त रुप से शिविर का शुभारंभ किया। 

पार्षद प्रतिनिधि डॉ. रविन्द्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना अत्यंत महत्वपूर्ण संस्था के रूप में स्थापित है।  युवाओं के व्यक्तित्व एवं सामाजिक विकास में एनएसएस की भूमिका बहुत उल्लेखनीय है। डॉ. पुष्पा त्रिपाठी ने राष्ट्रीय सेवा योजना की आधारशिला के प्रयासों का वर्णन किया और छात्रों के संस्कार पर पड़ने वाले प्रभाव को बताया। इन्होंने स्वयं सेवको को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य व भावात्मक विकास हेतु अभिप्रेरित किया। प्रो. संगीता जैन ने सामाजिक परिप्रेक्ष्य में के एनएसएस की उपयोगिता को बताया एवं साइबर युग में सामाजिक मूल्यों के साथ स्वयं की सुरक्षा और समाज व राष्ट्र हित के विभिन्न आयामों को बताया।


इसके पूर्व कार्यक्रम का प्रारंभ राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत एवं ताल से हुआ उसके बाद समस्त स्वयं सेवकों का परिचय हुआ। संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश कुमार झा, स्वागत डॉ. मनीषा सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने दिया। कार्यक्रम में सभी यूनिट के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।


Masjid Hazrat yaqub shahid में हुई इफ्तार दावत, जुटे रोजेदार

रोजेदारों ने रब से मांगा देश में अमन, मिल्लत और कारोबार में बेहतरी



Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil india live). मुकद्दस रमजान जैसे जैसे अपनी रुखसती की ओर है वैसे वैसे इफतार दावतों का दौर भी अपने शबाब पर है। इसी क्रम में मस्जिद याकूब शहीद नगवां समेत कई जगहों पर रोज़ा इफ्तार दावत का आयोजन किया गया। मस्जिद हज़रत याकूब शहीद में रोज़ा इफ्तार में लोगों का हुजूम उमड़ा। मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, गौरीगंज, नवाबगंज, कश्मीरीगंज, बजरडीहा साकेतनगर, सुंदरपुर आदि इलाकों से अकीदतमंदों ने पहुंच कर न सिर्फ रोज़ा इफ्तार किया बल्कि नमाजे मगरिब अदा कर दुआ में भी शामिल हुए और बाबा के दर पर हाजिरी लगाई व फातेहा पढ़ा। इस मौके पर मुल्क में अमन और मिल्लत, कारोबार में बेहतरी की दुआएं मांगी गई।इफ्तार दावत में आए हुए तमाम लोगों का खैरमकदम मस्जिद के इमामे जुमा हाफ़िज़ मोहम्मद ताहिर अपने साथियों के साथ कर रहे थे। यहां लोगों का हुजूम इफ्तार के दौरान उमड़ा हुआ था। हाफ़िज़ मोहम्मद ताहिर ने बताया कि रमज़ान अब अपनी रुखसती की ओर है। दो अशरा मंगलवार को मुकम्मल हो जाएगा। तीसरे अशरे का आगाज़ भी मंगलवार को हो जाएगा। रमज़ान का आखिरी अशरा जहन्नुम से आजादी का है।

मुकम्मल हुआ 19 रोज़ा 
सोमवार को जैसे ही मस्जिद से अजान की सदाएं, अल्लाह हो अकबर, अल्लाह... फिज़ा में बुलंद हुई तमाम रोजेदारों ने रमजान का 19 वां रोजा खोला। सभी ने खजूर और पानी से इफ्तार का आगाज़ किया। इस दौरान तमाम लजीज इफ्तारी का रोजेदारों ने लुफ्त उठाया।

Ramadan Mubarak 19 : जानिए क्या है 'एतेकाफ', रोजेदारों के लिए 'एतेकाफ' का क्या है हुक्म

रमज़ान के आखिरी अशरे में रखा जाता है 'एतेकाफ'


Varanasi (dil India live)। यूं तो रमजान का पूरा महीना ही इबादत के लिए खास मायने रखता है, लेकिन इसके आखिर के 10 दिन सबसे महत्वपूर्ण माने गये हैं। रमजान के आखिरी अशरे में मस्जिद में 'एतेकाफ' करना सुन्नत है। एतेकाफ पर बैठने वाले ईद का चांद देखने के बाद ही मस्जिद से अपने घर लौटते हैं। 

हदीस के मुताबिक एतेकाफ में बैठकर इबादत करने वाले लोगों के अल्लाह सभी गुनाह माफ कर देता है। एतेकाफ सुन्नते केफाया है, अगर मोहल्ले का एक शख्स भी एतेकाफ करले तो सभी के लिए यह रहमतवाला होता है। सभी बरी हो जाते हैं, अगर कोई नहीं बैठा तो पूरा मुहल्ला गुनाहगार होगा। रब का अजाब मुहल्ला झेलेगा। बहुत सारी मस्जिदों में कई लोग 'एतेकाफ' पर बैठते हैं। यही नहीं दावते इस्लामी इंडिया के लोग कंकड़िया बीर मस्जिद में पूरे मेम्बर्स ही ऐतेकाफ पर बैठते है।

मुक़द्दस रमज़ान को तीन अशरों में बांटा गया है। पहला रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा जहन्नुम से आजादी का अशरा । दूसरा अशरा जब मुकम्मल होता है तो एतेकाफ शुरू होता है। इसलिए तीसरा अशरा शुरू होने से पहले मोमिनीन असर की नमाज के बाद मस्जिद में एतेकाफ के लिए दाखिल हो जाते हैं। तीसरा अशरा "जहन्नुम की आग से निजात" दिलाने वाला कहा जाता है। इस अशरे में की गई इबादत के बदले अल्लाह अपने बंदों के गुनाहों को माफ कर उन्हें जहन्नुम की आग से निजात दे देता है। इसी अशरे की कोई एक रात शबे कद्र होती है। इसलिए लोग रात-रात भर जाग कर इबादत करते हैं। बताते हैं कि शबे कद्र में इबादत का सवाब एक हजार रातों की इबादत के बाराबर होता है। इस रात में मांगी गई दुआओं को अल्लाह कुबूल फरमाता है।

मौलाना शफीक अजमल
(प्रमुख इस्लामी विद्वान रेवड़ी तालाब वाराणसी)