रविवार, 12 अप्रैल 2026

UP K Varanasi Main ISSRA द्वारा जायरीन के लिए स्पेशल हज ट्रेनिग

ट्रेनिंग में बताया हज के सफर पर अरब में क्या-क्या रखें सावधानियां 

हज की ट्रेनिंग लेने तीसरे इतवार को जुटे हज यात्री 



dil india live (Varanasi). UP K Varanasi Main इसरा (ISSRA), द्वारा तीसरे इतवार को "स्पेशल हज ट्रेनिग कैम्प, 2026" का आयोजन ISSRA मुख्यालय उल्फत कंपाउंड, अर्दली बाजार में किया गया। 12.04.2026 को हुए इस कैंप की सरपरस्ती मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी तथा शहर के मायनाज ओलमा की मौजूदगी में किया गया। आगाज़ हाफिज गुलाम रसूल ने पाक कुरान की तेलावत से किया तो मौलाना हसीन हबीबी, मौलाना मुबारक की तकरीर हुई। लोगों का इस्तेकबाल इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने किया तो शुक्रिया शाहरुख खां ने कहा।

मिना की तैयारी पहले से करें

मौलाना मुबारक ने अपने बयान में बताया कि 8 जिलहिज्जा को आप मिना के लिए रवाना होंगें। इसकी तैयारी आप पहले से कर लें। अपनी जरूरत की चीज जैसे तसबीह, पाकेट कलाम, फोल्डिंग चटाई, फोल्डिंग जानामाज, पानी की बोतल, खाने का सूखा सामान जैसे मेवा, सोन पपड़ी, सत्तू, फरूई चना बगैरह और जरूरत की अपनी दवायें मोअल्लिम का एड्रेस और फोन नम्बर जरूर रख लें। अपना मोबाइल और चार्जर अपने साथ रखें ताकि अपने ग्रुप से बिछड़ने के बाद राब्ता कायम कर सकें।
8 जिलहिज्जा को एहराम पहन कर मक्का से मिना को रवाना होना है मिना में रात को कयाम करना है। यहां जोहर अस्र, मगरिब और ऐशा की नमाज पढ़ना है।

9 जिलहिज्जा को अराफात पहुंचना जरूरी

मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने हज के बारे में बताते हुए कहा कि दूसरे दिन 9 जिलहिज्जा की फज की नमाज मिना में पढ़कर अराफात के लिए रवाना होना है। याद रहे कि अगर आप यदि अराफात की हद में नहीं पहुंच सके तो आप का हज नहीं होगा। क्योंकि वकूफे आराफात फर्ज है यह हज का रूक्ने आज़म है। मस्जिद नमरा में जोहर और अस्र की नमाज अस्र के वक्त पढ़ेंगे। मगरीब के बाद मगरीब की नमाज बिना पढ़े हुए अराफात से मुज्दलेफा को रवाना होना है। मगरीब और इशा की नमाज एक साथ मुज्दलेफा में अदा पढ़नी है कजा नहीं। रात में मुज्दलेफा में कयाम करना है। वकूफे मुज्दलेफा वाजिब है। आप मुज्देलफा में करीब 70 कंकरी चुनकर शैतान को मारने के लिए अपने पास रख ले। तीसरे दिन 10 जिलहिज्जा को मुज्देलका से फज के बाद सूरज निकलने से पहले मिना के लिए रवाना होना है। जवाल से पहले सिर्फ बड़े शैतान को 7 ककरी मारना वाजिब है।

1. जब आप 10 जिलहिज्जा को बड़े शैतान को 7 कंकरी मार लेंगे तो उसके बाद कुर्बानी वाजिब है। हज्जे तमत्तो करने वाले को कुर्बानी करना मुस्तहब है।
2.  यहां पर जानवर की यही शराइत है जो बकरीद की कुर्बानी की होती है। मसलन बकरा एक साल का हो इससे कम उम्र है तो कुर्बानी जायज नहीं है।
3. अगर जानवर का कान एक तिहाई या इससे ज्यादा कटा होगा तो कुर्बानी होगी ही नहीं।
4. अगर जबह करने आता है तो खुद जेबह करें सुन्नत है। वरना जेबह के वक्त हाजिर रहें।
5. ऊंट की कुर्बानी अफजल है।
6. यहीं कुर्बानी के बाद अपने और तमाम मुसलमानों के हज व कुर्बानी कुबूल होने की दुआ मांगे।
7. हज्जे तमत्तों के लिए तरतीब वाजिब है कि पहले रमी करें। फिर कुर्बानी करें तब हलक करायें। अगर इस तरतीब के खिलाफ किया तो दम वाजिब हो जायेगा। इसके अलावा हज जायरीन को अरबी की गिनती व अरबी में बोले जाने वाले आम बोलचाल की भाषाओं की जानकारी भी दी गई।

ख़्वातीन की पर्दे में हुई अलग ट्रेनिंग 

औरतों में लेडीज ट्रेनर सबीहा खातून, निकहत फातमा, सनम खानम मौजूद थी। लेडीज ट्रेनर सबीहा खातून ने औरतों को रमी के बारे में बताते हुए कहा कि अमूमन देखा जाता है कि मर्द अक्सर बिना किसी वजह के औरतों की तरफ से रमी कर दिया करते हैं इस तरह से औरतें रमी की सआदत से महरूम रह जाती है और चूँकि रमी वाजिब है लिहाजा वाजिब के छूटने के सबब उन पर दम भी वाजिब हो जाता है। लिहाजा औरतें अपनी रमी खुद करें। लेडीज ट्रेनर सनम खानम बताती हैं कि अगर आप मरीज हैं और इस हालत में रमी अपना हाथ पकड़वा कर भी नहीं कर सकती हैं आप अपने साथ के मदों को रमी करने की इजाजत करें तब वे आपकी तरफ से रमी करेंगे। कुर्बानी के बाद औरतें सिर्फ तकसीर करवायें यानी चौथाई (1/4) सर के बालों में से हर बाल अगली पोर के बराबर कटवायें या खुद कैंची से काट ले। 

इनकी रही खास मौजूदगी 

मर्दों में वाराणसी से आसिफ, फिरोज अहमद, अब्दुल सलाम, मो० युनूस, मो. इमरान, इम्तियाज, मो. इजहार, खुर्शीद, मुबारक, लाल मोहम्मद, मो. कासिम, मो. रसूल, रहीम अंसारी, गाजीपुर से मुख्तार, शमशाद, इश्तियाक, हुसैन, चंदौली से मुनव्वर अली, मो. हनीफ, गुलाम रसूल, मो. नसीम मोहम्मद अमीन, मोहम्मद हनीफ जौनपुर से फैजान, मो. कमाल, खलील अहमद, हफीजुल्ला, भदोही से वहीदुल्लाह, मुन्ना, इश्तियाक औरतों में मैमुन निशा, आसिया खातून, नसरीन बेगम, रेहाना, यासमीन अख्तर, रिजवाना, अंजुम, परवीन, शबनम, रुबीना बानो आदि मौजूद थीं।

Hazrat yaqub shahid के उर्स में दिखा मिल्लत का नज़ारा

हज़रत याकूब शहीद के दर पर फ़ैज़ उठाने जुटा मजमा

हज़रत याकूब शहीद का उर्स अकीदत के साथ सम्पन्न



सरफराज अहमद 

dil india live (Varanasi). हज़रत याकूब शहीद (Hazrat yaqub shahid) बाबा रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स पूरी अकीदत के साथ नगवां स्थित बाबा के कदीमी आस्ताने पर मनाया गया। उर्स की सदारत मुफ़्ती एहसान कमाल कर रहे थे। मुफ्ती-ए-बनारस अहले सुन्नत मौलाना मोइनुद्दीन अहमद फारूकी (प्यारे मियां) ने खुसूसी तक़रीर करते हुए नबी की सुन्नत, उनकी तालीम व वलियों के करामात पर रौशनी डाली। उन्होंने कहा कि सूफिज्म का रास्ता ही हमें दीन दुनिया में कामयाबी दिला सकता है। यही वजह है कि आज हज़रत याकूब शहीद के दर पर फ़ैज़ उठाने मजमा जुटा है। इस मौके पर क़ुल शरीफ़ और चादर पोशी हुई में लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। देर रात तक बाबा के आस्ताने पर सूफियाना कलाम गूंज रहा था।

लंका थाना प्रभारी राजकुमार सिंह और नगवा चौकी प्रभारी, भाजपा पार्षद डॉ. रविंदर सिंह ने भी उर्स में शिरकत किया। उर्स के दौरान मस्जिद के ज़िम्मेदारान मोहम्मद मुस्तफ़ा, अब्दुल क़य्यूम, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद फ़िरोज़ आदि व्यवस्था संभाले हुए थे। मस्जिद के इमामे जुमा हाफ़िज़ मोहम्मद ताहिर ने लोगों का स्वागत किया। 

VKM Varanasi में “आर्ट ऑफ लेटर राइटिंग” विषयक दो दिवसीय कार्यशाला

छात्राओं ने किया टाइपोग्राफी एवं कैलीग्राफी की फ्री-हैंड प्रैक्टिस



dil india live (Varanasi). art and education news Varanasi. वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी (VKM Varanasi) के चित्रकला विभाग एवं आर्टचिम आर्ट स्टूडियो व कला आश्रम, सुसुवाही, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में 10 एवं 11 अप्रैल, 2026 को “आर्ट ऑफ लेटर राइटिंग” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया ।

कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव के की अगुवाई में हुआ जिसमें विषय विशेषज्ञ प्रखर दुबे ने व्यवहारिक कला के अंतर्गत विद्यार्थियों को अक्षर विन्यास, रेखा-संरचना तथा रचनात्मक प्रस्तुति के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को अक्षर लेखन की पारंपरिक एवं समकालीन विधाओं से परिचय कराते हुए उनमें रचनात्मक अभिव्यक्ति की क्षमता का विकास करना था।


 

कार्यशाला के प्रथम दिवस में प्रतिभागियों को अक्षर लेखन की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराते हुए लेटर फॉर्म, स्ट्रोक्स, स्पेसिंग तथा कंपोजिशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही प्रतिभागियों को टूल मेकिंग एवं बेसिक प्रैक्टिस का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे वे अक्षरों की संरचना को व्यवहारिक रूप से समझ सकें। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और रुचि के साथ इस प्रशिक्षण में भाग लिया तथा अपने कौशल को निखारने का प्रयास किया।

द्वितीय दिवस 11 अप्रैल को टाइपोग्राफी एवं कैलीग्राफी की फ्री-हैंड प्रैक्टिस कराई गई, जिसमें विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता के अनुसार अक्षरों के विभिन्न स्वरूपों पर कार्य करने का अवसर मिला। इसके उपरांत प्रतिभागियों ने टाइपोग्राफी एवं कैलीग्राफी आर्ट की कृतियों को पूर्ण रूप प्रदान किया। कार्यशाला के समापन सत्र में सभी प्रतिभागियों के कार्यों का प्रदर्शन किया गया तथा उनके कार्यों पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा एवं समीक्षा भी की गई, जिससे विद्यार्थियों को अपने कार्यों में सुधार एवं परिष्कार का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों के लिए न केवल तकनीकी ज्ञान अर्जित करने का माध्यम बनती हैं, बल्कि उनकी सृजनात्मक सोच, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को भी सुदृढ़ करती हैं। इस कार्यशाला की कार्यक्रम संयोजक के रूप में चित्रकला विभाग से डॉ. दीक्षा जयसवाल, डॉ. वर्षा सिंह तथा डॉ. नेहा वर्मा उपस्थित रहीं। प्रतिभागियों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की अपेक्षा व्यक्त की।

शनिवार, 11 अप्रैल 2026

Ummed portal पर वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण के लिए जानिए क्या है नई समय-सीमा

शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अहम फैसले का स्वागत



Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi). उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने प्रदेश भर की वक्फ संपत्तियों (औकाफ़) के डिजिटलीकरण को लेकर अहम दिशा-निर्देश जारी किया हैं। बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) जीशान रिजवी द्वारा जारी आदेश के बाद, वाराणसी के कोऑर्डिनेटर सैयद एजाज़ हुसैन ने इस फैसले का स्वागत करते हुए जिले के सभी संबंधितों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने की हिदायत दी है।

महत्वपूर्ण तिथियां और डेड लाइन 

बोर्ड द्वारा जारी किए गए नए शेड्यूल के अनुसार, पोर्टल पर डेटा फीडिंग से लेकर अप्रूवल तक की प्रक्रिया को तीन चरणों में बांटा गया है। 30 अप्रैल 2026 मेकर और मुतवल्लियों के लिए वक्फ संपत्तियों को ummed portal (उम्मीद पोर्टल) पर अपलोड करने की अंतिम तिथि, 05 मई 2026 चेकर्स द्वारा अपलोड की गई संपत्तियों के विवरण की जांच (Checking) पूरी करने की समय-सीमा, 05 जून 2026 सभी संपत्तियों को पोर्टल पर अंतिम रूप से अप्रूव (Approve) करने की अंतिम तिथि घोषित की गई है।

वक्फ न्यायाधिकरण के हस्तक्षेप से बढ़ी अवधि

विदित हो कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने पूर्व में 6 जून 2025 से 6 दिसंबर 2025 तक ही संपत्तियों को अपलोड करने का समय दिया था। हालांकि, निर्धारित समय में कार्य पूर्ण न हो पाने के कारण वक्फ न्यायाधिकरण ने इस प्रक्रिया के लिए 6 महीने का अतिरिक्त समय प्रदान किया था। कोऑर्डिनेटर सैयद एजाज़ हुसैन ने स्पष्ट किया है कि सभी मेकर, मुतवल्ली, चेकर्स और अप्रूवल्स को इस समय-सीमा का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि "वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटलीकरण अनिवार्य है, इसलिए सभी अपनी जिम्मेदारी को समय रहते अंतिम रूप देना सुनिश्चित करें।

DAV Inter College में उमड़े छात्र, जानिए क्या है वजह

डीएवी प्रवेश परीक्षा: 6 वीं, 9 वीं व 11 वीं में इंट्रेंस देने पहुंचे 600 अभ्यर्थी


dil india live (Varanasi). Education news Varanasi. वाराणसी के डीएवी इंटर कॉलेज, औसानगंज में सत्र 2026-27 के लिए शनिवार को प्रवेश परीक्षा का आयोजन हुआ। कक्षा 6, 9 और 11 के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा में 600 से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार सिंह ने बताया कि कॉलेज में सभी वर्गों की पढ़ाई होती है, यहाँ विज्ञान, गणित के साथ वाणिज्य और कला वर्ग के लिए सीट की ज्यादा मांग है। विद्यार्थियों और अभिभावकों का यह बढ़ता रूझान प्रबंधन द्वारा दिये गए बेहतर माहौल, हमारे शिक्षकों की कड़ी मेहनत, शैक्षणिक गुणवत्ता और विद्यालय के उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों का प्रतिफल है। यही वजह है कि इतनी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया।


VKM Varanasi में Organization में Internship तथा Job के अवसर विषयक व्याख्यान

ओरिएंटेशन कार्यक्रम अकादमिक और इण्डस्ट्री के बीच पुल- प्रो. रचना श्रीवास्तव




dil india live (Varanasi). कमच्छा स्थित वसन्त कन्या महाविद्यालय, वाराणसी के मनोविज्ञान विभाग में 'ऑर्गेनाइजेशन में इंटर्नशिप तथा जॉब के अवसर' विषय पर स्नातक तथा परास्नातक छात्राओं के लिए एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता के रूप में काशी हिन्दू विश्विद्यालय, वाराणसी के मनोविज्ञान विभाग से प्रो. संदीप कुमार उपस्थित थे। 

सत्र का शुभारम्भ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में प्राचार्या ने भारत में तेजी से बढ़ते प्राईवेट सेक्टर की चर्चा की और इसे युवाओं के लिए एक सुन्दर अवसर बताया। साथ ही इस प्रकार के ओरिएंटेशन कार्यक्रमों के महत्व को रेखांकित करते हुए प्राचार्या ने इन्हें अकादमिक और इण्डस्ट्री के बीच पुल की तरह बताया। अतिथि वक्ता प्रो. संदीप कुमार ने अपनी व्यावसायिक संभावनाओं को बढ़ाने के लिए ज्ञान, कौशल तथा ऑफलाइन तरीकों की चर्चा की। कंपनियों तथा संस्थाओं में मानव संसाधन विभाग से संपर्क करने तथा जॉब की संभावनाओं पर भी चर्चा की। 

सत्र के 35 छात्राओं ने प्रतिभागिता की तथा विविध प्रश्न पूछकर कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत विभागाध्यक्षा प्रो. शुभ्रा सिन्हा ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राम प्रसाद सोनकर ने किया। कार्यक्रम में प्रो. अंजूलता सिंह, डॉ. शशि प्रभा कश्यप तथा डॉ. खुश्बू मिश्रा का सक्रिय सहयोग रहा। सत्र के दौरान तकनीकी सहायता दीपक कुमार गौड़, साक्षी गुप्ता तथा साक्षी सिंह के द्वारा प्रदान की गई।

शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026

Hazrat Shubrati Shah बाबा का उर्स कल, उमड़ेगा हुजुम

उर्स में फातेहा पढ़ने उमड़ेगा अकीदतमंदों का हुजूम


dil india live (Varanasi). हज़रत शुबराती शाह बाबा (Hazrat Shubrati Shah) रहमतुल्लाह अलैह का लाल खाँ, सराय गोवर्धन थाना चेतगंज, वाराणसी का सालाना उर्स मुबारक शनिवार को अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जाएगा। उर्स में अकीदतमंदों का हुजूम फातेहा पढ़ने व जियारत करने उमड़ेगा। 

उर्स कमेटी ने पुरखुलूस गुज़ारिश की है कि इस नूरानी बज़्म में शरीक होकर सवाबे दारेन हासिल करें और प्रोग्राम को कामयाब बनायें। शनिवार को बाद नमाज़े ज़ोहर कुरानख़्वानी होगी। बाद नमाज़े मग़रिब गुस्ल व चादर पोशी का एहतमाम किया गया है। बाद नमाज़े इशा मीलाद शरीफ और मीलाद शरीफ के बाद आस्ताने पर लंगर का आयोजन किया गया है। 

बबलू सिद्दीकी, शौकत अली, राशीद अली, आसिफ अली, इकबाल अहमद, आबू, निजाम, अल्ताफ, अयाज, नौशाद, अफरोज धर्म जायसवाल, वहीद, शाकिर, जाहीद, कल्लू, डब्लू, साहिल, फिरोज, सलमान आदि व्यवस्था संभाले रहेंगे। खादिम- मो. साबिर (पप्पू) की अगुवाई में उर्स अमन और मिल्लत के साथ सम्पन्न होगा।