गुरुवार, 26 मार्च 2026

VKM Varanasi की छात्राओं ने किया एनजीओ विजिट, जानी कार्यप्रणाली

छात्राओं को ‘यूथ कार्यशाला’ के माध्यम से मिला मार्गदर्शन


dil india live (Varanasi). वाराणसी के वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा की लगभग 25 छात्राओं के एक दल ने आज प्रसिद्ध स्वयंसेवी संस्था वेस इंडिया के कार्यालय का शैक्षणिक भ्रमण (NGO Visit) किया और संस्था की कार्यप्रणाली को निकट से समझा। इस दल का नेतृत्व डॉ. प्रियंका एवं प्रो. कल्पना आनंद द्वारा किया गया। 

इस मौके पर वसंत कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने कहा कि इस तरह के सामुदायिक मेल-जोल छात्राओं के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्षा प्रोफेसर संगीता देवड़िया ने छात्राओं को भविष्य में सामाजिक सेवाओं के लिए अभिप्रेरित किया। कार्यक्रम संयोजन में प्रोफेसर अंशु शुक्ला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतिभागी छात्राएं गृह विज्ञान एवं समाजशास्त्र विभाग से थीं।

इस अवसर पर वेस इंडिया द्वारा एक ‘यूथ कार्यशाला’ का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं को उनके जीवन, करियर और सामाजिक दायित्वों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने बाल श्रम, बाल तस्करी, POSH अधिनियम, रोजगार एवं उद्यमिता, करियर निर्माण हेतु व्यावहारिक तैयारियां, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।

कार्यशाला में प्रमुख विशेषज्ञ के रूप में कैकर टेक्नोलॉजी की सीईओ डॉ० सुनीता सिंघल जालान, पर्यावरणविद एवं समाजसेवी सीए जमुना शुक्ला, बेंगलुरु से टैलेंट एक्विजिशन लीड सुश्री सोनल वर्मा तथा सामाजिक कार्यकर्ता एवं कम्युनिटी लीडर श्री संतोष पांडेय उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के आरंभ में वेस इंडिया के निदेशक एवं समाजसेवी डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव ने संस्था (एनजीओ) गठन के उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कानूनों एवं हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी प्रदान की। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रियंका ने इस विजिट के उद्देश्यों को स्पष्ट किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. कल्पना आनंद ने दिया।

ISSRA Varanasi का Hajj ट्रेनिंग शिडयूल हुआ जारी, 29 से हज का पहला कैंप

कैंप में उलेमा देंगे काशी से काबा तक की हज की मुकम्मल ट्रेनिंग 




dil india live (Varanasi). इण्डियन सोसाइटी फॉर सोशल रिव्योलूशन एण्ड एक्शन (ISSRA) वाराणसी यूपी ने अपने हज ट्रेनिंग का शिडयूल जारी कर दिया है। हज जायरीन के लिए "स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प, 2026" का आगाज़ एहतेमाम किया 29 मार्च बरोज इतवार को इसरा मुख्यालय, उल्फत बीबी कंपाउंड अर्दली बाजार में होगा। इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने यह जानकारी साझा की। 

जानिए कब-कब होगी ट्रेनिंग 

पहला कैंप इतवार 29 मार्च, दूसरा इतवार  05 अप्रैल , तीसरा इतवार 12 अप्रैल , चौथा इतवार 19 अप्रैल व पांचवां इतवार 26 अप्रैल को हज जायरीन एवं आवाम के लिए हज ट्रेनिंग कैम्प सक्रिय रहेगा। कैंप का वक्त सुबह 10.00 बजे से दोपहर 01.00 बजे तक रखा गया है।

ट्रेनिंग के बाद ज़ोहर की नमाज़ 

कैंप के बाद ज़ोहर की नमाज़ मस्जिद उल्फत बीबी में अदा की जाएगी। ट्रेनिंग के दौरान ओलमा द्वारा बतायी गयी कुछ बातें अगर किसी को समझ नहीं आती, या उससे छूट गई तो उसे नमाज के बाद पूरा किया जा सकेगा। इस हज ट्रेनिंग कैम्प में शहर के मायनाज ओलमा की मौजूदगी में हज जायरीनों को हज व उमरह के अरकान एवं मसले-मसाएल की मुकम्मल जानकारी दी जायेंगी। 

जानिए क्या क्या मिलेगी जानकारी 

हज व उमरह के अरकान, हज के प्रकार, हज की नियत, नमाज़े नफिल का तरीका, एहराम क्या है?, और एहराम बांधने का तरीका, मीकात, तवाफ, सई, हलक या तकसीर, रमल, मीना, मुजदलफा में कयाम, कुर्बानी, तवाफे जियारत, तवाफे रूखसत वगैरह के बारे में तफसीली जानकारी दी जाएगी। मदीना मुन्नवरा में हाजिरी व जियारत का तरीका, मज़ारे अकदस सल्ललाहो अलैहे वस्सलम के आदाब, मदीने पाक की मुकद्दस जियारतगाहों के बारे में बताया जायेगा। इसलिए ट्रेनिंग कैम्प में शिरकत करके हज के बारे में मुकम्मल जानकारी हासिल करें। खुसूसी तौर से औरतों के लिए हज ट्रेनिंग का भी इंतजाम पर्दे के एहतेमाम के साथ लेडीज हज ट्रेनर के जरिये करवाया जाता है और उनसे भी अपील है कि इस हज ट्रेनिंग कैम्प में शिरकत करके हज की मुकम्मल जानकारी हासिल करें।

प्रख्यात उस्ताद शायर Ahmad Hanifi का हुआ सम्मान

मुसीबत में मदद को जब कोई लड़की बुलाती है, मुझे महसूस होता है मेरी बेटी बुलाती है



dil india live (Varanasi).देश के मशहूर उस्ताद शायर अहमद हनीफी का शिक्षाविद फहीम अहमद (नेशनल इंटर कॉलेज पेलीकोठी के पूर्व प्रिंसिपल) के काजी सादुल्लाहपुरा स्थित आवास पर स्वागत और अभिनन्दन किया गया। इस मौके पर उन्हें यादगार तोहफे देकर सम्मानित किया गया।

सामाजिक संस्था " सुल्तान क्लब " के अध्यक्ष डॉ. एहतेशामुल हक ने इन अशआर से उनका स्वागत किया कि, खुश आमदीद वह आया है हमारी चौखट पर, बहार जिस के क़दम का तवाफ करती है। आगे कहा कि ऐसा ही एक नाम जो बनारस की धरती पर बहुत तेजी से उभरा है और साहित्य के आसमान में छा गया है, वो नाम है अहमद हनीफी का। अहमद हनीफी साहब एक  उस्ताद शायर हैं जिनके बहुत सारे शागिर्द मौजूद हैं, वो अपनी कविताओं के जरिए लोगों का ध्यान खींचते हैं। उन्होंने कविता के ज़रिए देश, मातृभूमि और समाज को भी सुधारने का प्रयास किया है। आपका नाम भारत के मशहूर शायर कवियों में लिया जाता है। कविता पाठ व मुशायरों में आपको बड़े प्यार से सुना जाता है। आपकी कविताएँ लोगों की ज़बान पर गुनगुनाती रहती हैं। इस मौके पर, पेश हैं आपकी कुछ कविताएँ।

1. मुसीबत में मदद को जब कोई लड़की बुलाती है, मुझे महसूस होता है मेरी बेटी बुलाती है।

 हमारे गांव में अब भी रवादारी यह कायम है, चचा कह कर हमें कैलाश की बेटी बुलाती है।

2. शोहरत को मेरी देखकर मेरे ही दोस्त अब, फैला रहे हैं राह में पत्थर मेरे खिलाफ।

 सच बोलने की बच्चों को तालीम कैसे दूं , सच बोलने से जब हुआ घर-भर मेरे खिलाफ।

    इस मौके पर सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डॉ. एहतेशामुल हक, जनरल सेक्रेटरी एच. हसन नन्हे, शमीम रियाज, फैयाजुद्दीन, इरफानुल हक, आफताब आलम वगैरह मौजूद थे।

बुधवार, 25 मार्च 2026

DAV PG College Main दो दिवसीय ICSSR प्रायोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन

काशी के शिल्पियों ने बनाई दुनिया भर में काशी की पहचान - प्रो. अवधेश प्रधान




dil india live (Varanasi). वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज में अंग्रेजी विभाग के तत्वावधान में आईसीएसएसआर द्वारा प्रायोजित 'वाराणसी के सांस्कृतिक गलियारे की कला, शिल्प और लोक परंपरा में संरक्षित पवित्र भूमि और विरासत' विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतिम दिन बुधवार को समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रो. अवधेश प्रधान ने कहा काशी के शिल्पी भी काशी की पहचान रहे है, यहां मिट्टी और लकड़ी के बने खिलौने एवं गत्ते के बने मुखौटे जो बनारस की पहचान रहे, उन्हें आज दुनियाभर में विशिष्ट उत्पाद के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि काशी ने शास्त्रीय संगीत के साथ साथ उप शास्त्रीय और लोक संगीत को भी अपनाया। 

विशिष्ट अतिथि बीएचयू के म्यूज़ियोलॉजी विभाग की प्रो. उषा रानी तिवारी ने कहा कि काशी ही एक शहर है जहाँ के विरासत भी जीवंत है, जहाँ परंपराएँ दैनिक जीवन और अनुष्ठानों के माध्यम से निरंतर जीवित रहती हैं। सात वार, नौ त्योहार की उक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वाराणसी में वर्ष भर में लगभग 365 दिनों में 513 त्योहार मनाए जाते हैं, जो इसकी अद्वितीय सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है। अध्यक्षता करते हुए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभागाध्यक्ष प्रो. अनीता सिंह ने काशी को विविध दृष्टिकोण से देखने और ऐसे शैक्षणिक संवादों की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसके अलावा विभिन्न सत्रों में दिल्ली विश्वविद्यालय के वरुण गुलाटी ने कहा कि काशी में ज्ञान को अर्जित नही किया जाता है ज्ञान को जिया जाता है। प्रो. ज्योति रोहिल्ला राणा, प्रो. अनूप मिश्रा, प्रो. समीर कुमार पाठक ने भी विचार रखे। 

     संयोजक डॉ. महिमा सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया, संचालन श्रीयुक्ता बासनेट एवं धन्यवाद डॉ. इंद्रजीत मिश्रा ने दिया। इस मौके पर विभाग की डॉ. बन्दना बालचंदनानी, डॉ. नजमुल हसन, डॉ. प्रज्ञा अग्रवाल, डॉ. आराधना सिंह, खितेश विराट शर्मा, शुभम कुमार, अनुजा रंजन आदि शामिल रही।


Sonbhadra Cricket Stadium Main अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट का सफलतापूर्वक आयोजन

सूरज को मिला ‘मैन ऑफ द मैच’ व ‘मैन ऑफ द सीरीज’ पुरस्कार

टूर्नामेंट में 17 गांवों की टीमों ने लिया उत्साह से भाग 




dil india live (Sonbhadra). सोनभद्र क्रिकेट स्टेडियम में 18 मार्च से 25 मार्च तक चतरा ब्लॉक प्रीमियर लीग के अंतर्गत बालक वर्ग अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कुल 17 गांवों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी खिलाड़ियों का चयन उनके-अपने ग्राम प्रधानों द्वारा किया गया था। टूर्नामेंट में भाग लेने वाले प्रमुख गांवों में दुबौलिया, डुमरिया, रामगढ़, नेवारी, दुर्गेश्वर, भूसौलिया, जगदीशपुर, करवनिया, करौंदिया, पटना, सिल्थम, शिवगढ़, गिरिया एवं पड़रीकला सहित अन्य गांव शामिल थे।

24 मार्च (मंगलवार) को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबलों में पहले मैच में पड़रीकला ने रामगढ़ को 6 विकेट से पराजित कर फाइनल में स्थान बनाया। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में करवनिया ने करौंदिया को 11 रनों से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।


25 मार्च (बुधवार) को खेले गए फाइनल मुकाबले में करवनिया और पड़रीकला की टीमें आमने-सामने रहीं। करवनिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 81 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए पड़रीकला की टीम ने 3 विकेट खोकर मात्र 8 ओवर में 82 रन बनाकर शानदार जीत दर्ज की और खिताब अपने नाम किया।

फाइनल मैच में पड़रीकला के कप्तान सूरज यादव ने बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए मात्र 8 गेंदों में 35 रन बनाए तथा गेंदबाजी में 4 विकेट हासिल किए। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ एवं ‘मैन ऑफ द सीरीज’ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धर्मवीर सिंह ने विजेता टीम को ट्रॉफी एवं मेडल प्रदान किए तथा खिलाड़ियों को भविष्य में उत्तर प्रदेश क्रिकेट के अंडर-16 चयन में भाग लेने हेतु प्रेरित किया। उपविजेता टीम को सेंट पॉल स्कूल के प्रिंसिपल द्वारा मेडल एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।

‘मैन ऑफ द मैच’ एवं ‘मैन ऑफ द सीरीज’ के पुरस्कार सोनभद्र क्रिकेट एकेडमी के मुख्य कोच ऐशर जोन द्वारा प्रदान किए गए। उन्होंने खिलाड़ियों को अंडर-16 चयन के लिए आवश्यक कौशल एवं गुणों के बारे में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी दिया। टूर्नामेंट के सफल आयोजन में विकास मिश्रा, राम सुंदर, अंपायर लवकुश एवं रोहित, कमेंटेटर रोशन पांडे एवं संदीप सहित सभी सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा।

Aarya Mahila PG College Main सितार वादन पर विशेष कार्यशाला

डॉ. विकास भारद्वाज ने किया सितार की बारीकियों को छात्राओं से साझा




dil india live (Varanasi). आर्य महिला पी जी कॉलेज में बुधवार को सितार वादन पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर सितार की बारीकियों को छात्राओं से साझा करने मुंबई से पधारे सितार वादक व उत्कृष्ट कलाकार डॉ. विकास भारद्वाज ने सितारवादन के जरिए प्रशिक्षुओं व संगीत प्रेमियों से संवाद किया। छात्राओं की सितारवादन से जुड़ी जिज्ञासाओं को भी पूरा किया।

 यह कार्यशाला वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट, वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा और आर्य महिला पी जी कालेज, चेत गंज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई, जिसमें तीनों महाविद्यालय के संगीत-गायन व वादन विभाग के सभी शिक्षक गणों के साथ साथ छात्राओं की बहू संख्या में उपस्थिति रही। इस मौके पर तबले पर संगत डॉक्टर श्रीकांत मिश्रा ने किया। 

इनकी रही खास मौजूदगी

वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट से गायन विभाग के हनुमान प्रसाद गुप्ता, डॉ जयाशाही, वादन विभाग से प्रोफेसर संजय कुमार वर्मा, डॉक्टर अमनदीप कौर, दिनेश मिश्र, प्रीतम मिश्र, वसंत कन्या महाविद्यालय से प्रोफेसर मीनू पाठक, डॉक्टर सुमन सिंह, डॉक्टर अमित ईश्वर, आर्य महिला पीजी कॉलेज से प्रोफेसर अनामिका दीक्षित, डॉक्टर शैल कुमारी, डॉक्टर शुचि, डॉक्टर जया कुमारी, ध्रुपद गायक डाक्टर राजेश सेंध व पखावज वादक डाक्टर आदित्य दीप उपस्थित थे।

मंगलवार, 24 मार्च 2026

DAV PG College Main वाराणसी के सांस्कृतिक गलियारे पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

परम्परायें ही हमे जड़ो से जोड़ती है - प्रो.धनजंय सिंह



dil india live (Varanasi).वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज में अंग्रेजी विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को आईसीएसएसआर के सहयोग से आयोजित 'वाराणसी के सांस्कृतिक गलियारे की कला, शिल्प और लोक परंपरा में संरक्षित पवित्र भूमि और विरासत' विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता आईसीएसएसआर, नई दिल्ली के सदस्य सचिव प्रो.धनंजय सिंह ने कहा कि हमारी संस्कृति, हमारी परम्परा ही हमें हमारी जड़ो से जोड़ती है, हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं को जानना होगा। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर एक मॉडल प्रतिमान के रूप में उभर कर सामने आया है, हमारे पास ऐसी अनगिनत स्वरूप है जो हमारे संस्कृति के साथ साथ अर्थतंत्र को भी मजबूती प्रदान करते है। 


 विशिष्ट वक्ता नागरी प्रचारिणी सभा, काशी के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने कहा कि काशी को सिर्फ हेरिटेज शहर कह कर काम नही चलाया जा सकता, प्राचीनता, पुरातनता तो काशी के कण कण में व्याप्त है। काशी गंगा की तरह प्रवाहमान होकर विकसित होने वाला शहर है। आईआईटी बीएचयू की विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. अमिता सिन्हा ने मणिकर्णिका घाट पर आधारित पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन दिया। अध्यक्षता करते हुए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर संजय कुमार ने कहा कि बनारस स्थिर रहने वाला शहर नही है, इतिहास में ना जाने कितनी बार इसका विंध्वस हुआ और उतनी ही बार इसका विकास हुआ। इस शहर को कोई नियंत्रित नही कर सकता, यह स्वयं से संचालित होता है। इसके पूर्व संगोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यापर्ण से हुआ। 

स्वागत कॉलेज के का. प्राचार्य प्रो.मिश्रिलाल, विषय स्थापना डॉ. महिमा सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. इंद्रजीत मिश्रा ने दिया। विभिन्न सत्रों में प्रो. आरती निर्मल, डॉ. विनीता चंद्रा, डॉ. जसविंदर कौर, भानुमति मिश्रा आदि विद्वानों ने भी विचार रखे। इस अवसर पर विभाग के डॉ. नजमुल हसन, डॉ. प्रज्ञा अग्रवाल, डॉ. आराधना सिंह, खितेश विराट शर्मा, शुभम कुमार, शीयुक्ता बासनेट, अनुजा रंजन सहित अन्य विभागों के प्राध्यापक उपस्थित रहे।