मंगलवार, 17 फ़रवरी 2026

UP K Varanasi Main सांस्कृतिक संकुल में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम

यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने किया नीलू मिश्रा का सम्मान 




Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi). वाराणसी स्थित सांस्कृतिक संकुल, चौकाघाट में आयोजित मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश नवदीप रिणवा ने मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने हेतु SVEEP आइकॉन के रूप में एथलीट नीलू मिश्रा को सम्मानित किया। इस अवसर पर नीलू मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए किए गए जन-जागरूकता प्रयासों की सराहना है, जो मेरे लिए अत्यंत गौरव और प्रेरणा का विषय है।

इस गरिमामय अवसर पर वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राज लिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, सभी ईआरओ, सुपरवाइजर तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मतदाता जागरूकता, शत-प्रतिशत मतदान और लोकतांत्रिक सहभागिता बढ़ाने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।

नीलू ने कहा कि मैं इस सम्मान के लिए निर्वाचन विभाग एवं सभी वरिष्ठ अधिकारियों का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ तथा भविष्य में भी मतदाता जागरूकता और सामाजिक सहभागिता के कार्यों में पूर्ण समर्पण के साथ योगदान देती रहूंगी।

सोमवार, 16 फ़रवरी 2026

Ramzan की आहट से ही बदलने लगी मोमिनों के चेहरे की रंगत

चेहरों पर रमज़ान की खुशी मस्जिदों-घरों में तैयारियां हुई तेज 

18 को दिखा चांद तो 19 को पहला रोज़ा





सरफराज अहमद 

dil india live (Varanasi). Ramzan की आहट से ही Allah के नेक बंदों के चेहरे की रंगत बदलने लगी है। उन्हें इंतजार है तरावीह, सहरी का, रोजा रखने की उनमें बेताबी है और उन्हें इफ्तार का इंतजार है। यही वजह है कि मस्जिदों-घरों में रमज़ान की तैयारियां तेज हो चली है।

दरअसल रमज़ान को अब गिनती के दिन रह गए हैं। मौलाना हसीन अहमद हबीबी बताते हैं कि 18 फरवरी 29 शाबान है। अगर 29 वीं का चांद दिख जाता है तो मस्जिदों में नमाजे तरावीह शुरू हो जाएगी अल्लाह के नेक बंदे सहरी करके 19 को पहला रोज़ा रखेंगे। अगर चांद का दीदार नहीं हुआ तो 19 फरवरी को शाबान की 30 वीं का चांद देखकर तरावीह शुरू होगी और 20 रमज़ान को मोमिन पहला रोज़ा रखेंगे।

मदरसा हाफ़िज़ जुम्मन साहब के प्रिंसिपल हाफ़िज़ नसीम अहमद बशीरी बताते हैं कि तरावीह की नमाज सबसे पहले तीन दिन में मुकम्मल होती है। जबकि हर रोजेदारों को चांद देखकर तरावीह शुरू और ईद का चांद देखकर तरावीह खत्म करने का हुक्म है। इसलिए अगर किसी ने तीन दिन, पांच दिन या जितने भी दिन की तरावीह पढ़ी है उसे पूरे रमज़ान तरावीह के मुकम्मल होने के बाद सुरे तरावीह पढ़ना सुन्नत है। मौलाना अजहरुल कादरी कहते हैं जो तीन दिन में तरावीह मुकम्मल करते हैं वो यह न सोचें की बरी हो गये बल्कि उसे सुरे तरावीह पूरे रमज़ान पढ़ना है। उधर मस्जिदों में तरावीह की जहां तैयारियां चल रही है वहीं दूसरी ओर रमज़ान का टाइम टेबल बांटा जा रहा है। लोग दुकानों पर इफ्तार व सहरी के सामान की खरीदारी में जुटे हुए हैं।

VKM Varanasi: वार्षिक खेल महोत्सव में विभिन्न टीमों ने दिखाया दम

पुस्तकें मानसिक शक्ति की खुराक हैं तो खेल शारीरिक शक्ति की-उमा भट्टाचार्या




dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी के तत्वावधान में 14 से 17.02.2026 तक वार्षिक खेल महोत्सव के दूसरे दिन उमा भट्टाचार्या, (प्रबंधक, वसन्त कन्या महाविद्यालय) ने छात्राओं को खेल के गुण सिखाते हुए कहा जैसे पुस्तकें मानसिक शक्ति की खुराक हैं वैसे ही खेल शारीरिक शक्ति की। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने छात्राओं के जबरदस्त प्रदर्शन को देखकर कहा कि यदि महिलाओं की वास्तविक शक्ति और अद्भुत क्षमता का प्रत्यक्ष उदाहरण देखना हो, तो आज इन छात्राओं के प्रदर्शन से बेहतर कोई मिसाल नहीं हो सकती।इस दौरान खेल प्रभारी डॉ. विजय कुमार ने धन्यवाद प्रेषित किया।



इन टीमों ने किया सहभागिता 

टूर्नामेंट में वाॅलीबाॅल और कबड्डी के लिए धीरेन्द्र महिला पी.जी काॅलेज, महिला महाविद्यालय, वी.के.एम. इण्टर काॅलेज और वी.के.एम. पी.जी. काॅलेज की टीमों ने उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज की इसके साथ ही खो-खो में नेहा कुमारी की टीम रानी चेनम्मा ने 5 अंक से बढ़त प्राप्त करते हुए रानी लक्ष्मीबाई को हराकर विजेता ट्राॅफी पर अपना कब्जा जमाया। 


इनकी रही खास मौजूदगी 

समिति के सदस्य डाॅ. आशीष कुमार सोनकर, डाॅ. राम प्रसाद सोनकर, डाॅ. मनोज कुमार सिंह, डाॅ. अखिलेश कुमार राय, डाॅ. सुप्रिया सिंह, डाॅ. पूर्णिमा, डाॅ. शशिकेश कुमार गोंड, डाॅ. सिमरन सेठ, डाॅ. दीक्षा जायसवाल, डाॅ. मालविका, डाॅ. प्रीति विश्वकर्मा, आदि उपस्थित रहे। 

DAV PG College: युवा महोत्सव में फ्यूजन बैंड का चला सब पर जादू

युवाओं को संजय मिश्रा ने दिया जिंदगी जीने का फलसफा



dil india live (Varanasi). वाराणसी में हर हर महादेव का उदघोष और अपने निराले अंदाज में दर्शकों से रूबरू होते फ़िल्म अभिनेता संजय मिश्रा को देख लोग झूम उठें। माँ कसम, ढोलू जस्ट चिल, पापा जैसे अपने चुटीले डायलॉग सुनाया तो दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुँच गया। अवसर था डीएवी पीजी कॉलेज में चल रहे तीन दिवसीय युवा महोत्सव 'उड़ान- 26' के समापन समारोह का। बतौर मुख्य अतिथि डीएवी पहुँचे संजय मिश्रा ने अपने चिर परिचित अन्दाज में युवाओं से सीधा संवाद कर सबका दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि संघर्ष का रास्ता ठीक होने से ही सफलता की सही शुरुआत होती है। जीवन के प्रति अपना नजरिया साझा करते हुए उन्होंने सीख दी कि व्यक्ति को सादा जीवन जीना चाहिए और बाहरी चकाचौंध (जैसे कौन सी गाड़ी है) के बजाय व्यक्ति के व्यक्तित्व पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा, अपने करियर को नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी को प्रेरणास्रोत बनाओ और जीवन में किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि कई लोगों को प्रेरणा दें। उन्होंने यह भी कहा कि केवल पढ़ाई रटना काफी नहीं है, बल्कि उसे समझना जरूरी है। उन्होंने अपना उदाहरण दिया कि उन्होंने तबला नहीं सीखा, लेकिन तैरना सीख लिया। संजय मिश्रा ने अपने लोकप्रिय संवादों और मजाकिया अंदाज से पूरे माहौल को रसमयी बनाए रखा और छात्रों को जीवन को भरपूर जीने का संदेश दिया। प्रख्यात सितारविद पं. देवब्रत मिश्र विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।



महाविद्यालय के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव एवं कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने संजय मिश्रा एवं देवब्रत मिश्र का अंगवस्त्र, रुद्राक्ष की माला एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर अभिनंदन किया। स्वागत उपाचार्य द्वय प्रो. संगीता जैन एवं प्रो.राहुल ने किया। रिपोर्ट समन्वयक डॉ. तरु सिंह एवं संचालन डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर आइक्यूएसी (IQAC) की समन्वयक डॉ. पारुल जैन, डॉ. हसन बानो, डॉ. विजयनाथ दुबे, डॉ. संजय कुमार सिंह, डॉ. प्रियंका बहल, डॉ. ऋचा गुप्ता आदि उपस्थित रहे।






फ्यूज़न बैंड ने जीता दिल

ईस्ट मीट्स वेस्ट फ्यूजन बैंड ने मन को मोह लेने वाली प्रस्तुतियां दी। उन्होंने सबसे पहले राग यमन की बंदिश “एरी आलि पिया बिन" सुनाया, उसके बाद साँसो की माला सुनाया तो समूचा प्रांगण तालियों से गूँज उठा। इसके बाद गरज गरज आज मेघ, हमरी अटरिया पे, शिव शिव शिव शूल ताल में ध्रुपद अंग में सुनाकर सबके रोम रोम को झंकृत कर दिया। बैंड में कृष्णा मिश्र सितार सह गायन , सेपे वर्मिनन - इलेक्ट्रिक गिटार (बेल्जियम), डैन फील्ड्स -ड्रम्स (यूएसए), नवनीत प्रजापति- (तबला),  वत्स अग्निहोत्री- सितार , राम आमदारे- गिटार , अभिषेक- कीबोर्ड, अनुराग गुप्ता- गायन पर रहे।

नारद के चालान ने गुदगुदाया

युवा महोत्सव में तीसरे दिन 10 से ज्यादा स्पर्धाओं में छात्रों ने प्रस्तुति दी। स्किट में डिजिटल भारत को समर्पित व्यंग 'नारद का चालान' ने सबको खूब गुदगुदाया। इसके अलावा तारक मेहता का उल्टा चश्मा और अनपढ़ नेता ने करारा कटाक्ष किया। इसके साथ ही फोक डांस, कल्चरल डांस आदि की भी मनमोहक प्रस्तुतियां हुई।

VKMVaranasi Main 2 दिवसीय कार्यशाला एवं प्रदर्शनी 18 से

स्वदेशी शिल्प प्रदर्शनी के साथ ही बिक्री के लिए लगेंगे स्टाल




dil india live (Varanasi). वाराणसी स्थित वसंत कन्या महाविद्यालय (VKM), कमच्छा के गृह विज्ञान विभाग द्वारा 18 एवं 19 फरवरी को प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक महाविद्यालय परिसर के कैंटीन क्षेत्र में दो दिवसीय अनुभवात्मक कार्यशाला का सफल आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता देवड़िया के कुशल निर्देशन में संपन्न होगी। कार्यशाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत कौशल विकास एवं अनुभव आधारित शिक्षण की संकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।

इस कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय पारंपरिक शिल्प विधाओं से व्यावहारिक रूप में जोड़ना तथा ‘Learning by Doing’ की अवधारणा के माध्यम से स्वदेशी कला परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम के अंतर्गत दो प्रमुख शिल्प विधाओं— लिप्पन आर्ट तथा खटवा एवं मिरर वर्क, का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। लिप्पन कला, जो कच्छ (गुजरात) की प्रसिद्ध भित्ति सज्जा परंपरा है, तथा खटवा-मिरर वर्क, जो पारंपरिक कढ़ाई और दर्पण सज्जा की विशिष्ट शैली है, विद्यार्थियों को न केवल रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर देंगी, बल्कि उन्हें उद्यमिता के संभावित आयामों से भी परिचित कराएंगी।

कार्यशाला में लिप्पन कला के लिए 113 विद्यार्थियों तथा खटवा के लिए 51 Students ने पंजीकरण कराया है, जबकि 10 पंजीकरण अन्य श्रेणी में प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 8 प्राध्यापक सदस्यों ने भी सहभागिता सुनिश्चित की है, जो इस आयोजन की अकादमिक गंभीरता एवं व्यापकता को दर्शाता है।

इस कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों डी.एम.पी.जी. कॉलेज, महादेव पी.जी. कॉलेज, पी.जी. कॉलेज गाजीपुर, घनश्याम सिंह पी.जी. कॉलेज, वनिता पॉलिटेक्निक, केशव प्रसाद मिश्र राजकीय महाविद्यालय, राजकीय महिला महाविद्यालय, रामाबाई महिला राजकीय पी.जी. कॉलेज, महारानी बनारस महिला महाविद्यालय, एम.जी.के.वी.पी., पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला कॉलेज तथा दीप राय इंटर कॉलेज से विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी दर्ज कराई है। यह अंतर-संस्थागत सहभागिता इस बात का संकेत है कि पारंपरिक शिल्प कलाओं के प्रति युवाओं में रुचि एवं जागरूकता विकसित हो रही है।

कार्यक्रम में दो विशिष्ट संसाधन व्यक्तित्वों की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र है। लिप्पन आर्ट कार्यशाला का संचालन डॉ. सृष्टि पुरवार द्वारा किया जाएगा, जो फैकल्टी सेंटर ऑफ फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं तथा विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार एवं एमएसएमई, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा नामित डिज़ाइनर हैं। वहीं खटवा एवं मिरर वर्क सत्र का संचालन स्वतंत्र शिल्प विशेषज्ञ अनन्या शर्मा द्वारा किया जाएगा, जो पारंपरिक कढ़ाई कला में दक्षता रखती हैं।

प्राचार्य प्रो रचना श्रीवास्तव के अनुसार यह कार्यशाला केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत के पुनर्संवाद का माध्यम है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप यह पहल विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता एवं कौशल-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करती है। साथ ही, यह आयोजन भारतीय स्वदेशी कला परंपराओं के संरक्षण की दिशा में एक सार्थक कदम सिद्ध होगा।

गृह विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम शैक्षणिक गुणवत्ता, व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं सांस्कृतिक संवेदनशीलता का एक उत्कृष्ट समन्वय प्रस्तुत करता है। महाविद्यालय की मैनेजर उमा भट्टाचार्य ने आशा व्यक्त की है कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों को न केवल कौशल संपन्न बनाएंगी, बल्कि उन्हें सांस्कृतिक रूप से सजग एवं आत्मनिर्भर नागरिक के रूप में भी विकसित करेंगी। इन दो दिनों में गृहविज्ञान विभाग की UG, PG एवम सर्टिफिकेट कोर्स की छात्रायो द्वारा हस्त निर्मित उत्पादों की प्रदर्शिनी एवम बिक्री भी की जाएगी ।

Varanasi के GuruNanak Bhawan में सैकड़ों स्टूडेंट्स ने लिया भारतीय कला का प्रशिक्षण

हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन, नृत्य, रंगमंच तथा दृश्य कला को प्रशिक्षुओं ने सीखा व नजदीक से जाना

कला की चार विधाओं को सीखने जुटे वाराणसी के 9 व्याख्या केन्द्रों के 180 प्रशिक्षु 




dil india live (Varanasi). सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र, संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली के तत्वाधान में गुरूनानक खालसा बालिका इण्टर कालेज वाराणसी द्वारा 'संस्कृति परियोजना वाराणसी' के अन्तर्गत पाँच दिवसीय संस्कृति उत्सव 2025-26 का आयोजन कार्यक्रम स्थल- गुरूनानक भवन सिद्धगीरीबाग रोड, सिगरा, वाराणसी में 11 से 15/02/2025 तक किया गया। इस संस्कृति उत्सव 2025-26 में वाराणसी के 9 व्याख्या केन्द्रों के कुल 180 छात्र-छात्राओं ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन, शास्त्रीय नृत्य, रंगमंच तथा दृश्य कला (चित्रकला) की चार विधाओं में विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त किया। विशेषज्ञ प्रशिक्षक अम्रदिता मैत्रा बनर्जी हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन, पूर्णिमा पाण्डेय शास्त्रीय नृत्य, संघर्ष प्रताप मौर्य- रंगमंच तथा खुशबू उपाध्याय सोनी- (चित्रकला विशेषज्ञ) प्रशिक्षक द्वारा वाराणसी के विभिन्न व्याख्या केन्द्रों, जिनके नाम वाराणसी के संतो एवं महापुरूषों के नाम पर आधारित है, के माध्यम से निर्धारित विषयों पर प्रशिक्षित छात्राओं द्वारा अपने-अपने कार्यकम की आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियां छात्र-छात्राओं से कराई गई। 




प्रत्येक केन्द्र ने अपने-अपने विषय के अनुरूप उत्कृष्ट कार्यकम प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। Cultural Resources and Training (CCRT), संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा नामित क्षेत्राधिकारी डा० रजनीश कुमार सिंह अधिकारी की देखरेख एवं मार्गदर्शन में सम्पूर्ण कार्यक्रम सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न हुआ। अपने संबोधन में उन्होने सभी 9 व्याख्या केन्द्रों का सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया। 

विशेष रूप से गुरूनानक खालसा बालिका इण्टर कालेज का धन्यवाद ज्ञापित किया। जिनके सहयोग से इस कार्यशाला का सफल आयोजन संभव हो सका। कार्यशाला के नोडल अधिकारी राहुल गोस्वामी ने संपूर्ण कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को अत्यंत बारीकी से देखते हुए दिन-रात परिश्रम कर उत्कृष्ट एवं सुव्यस्थित आयोजन सुनिश्चत किया। उनके कुशल समन्वय से सभी व्यवस्थाएं सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Director Institute of Fine Arts Gangapur Varanasi अवधेश कुमार सिंह रहे। अपने संबोधन में उन्होने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्यालय के Manager सरदार परमजीत सिंह अहलुवालिया, Director जगजीत कौर, प्रधानाचार्या सुमेधा, Dean Art and Culture Kashi Vidyapith सुनिल विश्वकर्मा, उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रबंधक परमजीत सिंह अहलुवालिया ने अपने संबधोन में कहा कि विद्यालय सदैव शैक्षिक गुणवत्ता के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी समान महत्व देता है और भविष्य में भी CCRT के सहयोग से ऐसे कार्यकम आयोजित करता रहेगा। विद्यालय की डायरेक्टर जगजीत कौर Cultural Resources and Training (CCRT), संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि CCRT संस्कृति मंत्रालय जैसी प्रतिष्ठित संस्था के सहयोग से कार्यशाला का सफल आयोजन हमारे लिए गौरव का विषय है। इस प्रकार के कार्यकम विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने तथा उन्हे राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर से जोडने का कार्य करते है। संस्था सदैव विद्यार्थियों के हित में ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करती रहेगी। इस परियोजना के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का आवसर प्राप्त हुआ है।

प्रधानाचार्या सुमेधा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे कार्यकमों में भारतीय कला, संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढती है। अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद भी ज्ञापित किया।

रविवार, 15 फ़रवरी 2026

Breking news: Naseemuddin Siddiqui व Anis Ahmed हुए साइकिल पर सवार

नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत बड़ी संख्या में दूसरे दलों के नेता हुए समाजवादी 








dil india live (Lucknow). UP (उत्तर प्रदेश) की politics में बड़ा फेरबदल देखने को आज उस समय मिला, जब बहुजन समाज पार्टी की सरकार में कद्दावर मंत्री रहे Naseemuddin Siddiqui व हज राज्य मंत्री अनीस अहमद फूल बाबू आज साइकिल पर सवार हो गये। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाकर समाजवादी बना दिया। बसपा सरकार में वक्फ, आबकारी, हज समेत कई बड़े विभाग नसीमुद्दीन सिद्दीकी के पास हुआ करता था मायावती के बाद उनकी ही तूती बोलती थी ऐसे ही अनीस अहमद तीन बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं।  इसके अलावा कई पूर्व विधायकों ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

राजकुमार पाल हुए साइकिल पर सवार 

अपना दल (S) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल ने भी समाजवादी पार्टी में शामिल होकर राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी का सपा में आना प्रदेश की सियासत में बड़ा संदेश माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आगामी चुनावों को देखते हुए यह सपा के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक बढ़त साबित हो सकती है। सियासत में नसीमुद्दीन सिद्दीकी का अपना अलग मुकाम है।