शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026

Hazrat Shubrati Shah बाबा का उर्स कल, उमड़ेगा हुजुम

उर्स में फातेहा पढ़ने उमड़ेगा अकीदतमंदों का हुजूम


dil india live (Varanasi). हज़रत शुबराती शाह बाबा (Hazrat Shubrati Shah) रहमतुल्लाह अलैह का लाल खाँ, सराय गोवर्धन थाना चेतगंज, वाराणसी का सालाना उर्स मुबारक शनिवार को अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जाएगा। उर्स में अकीदतमंदों का हुजूम फातेहा पढ़ने व जियारत करने उमड़ेगा। 

उर्स कमेटी ने पुरखुलूस गुज़ारिश की है कि इस नूरानी बज़्म में शरीक होकर सवाबे दारेन हासिल करें और प्रोग्राम को कामयाब बनायें। शनिवार को बाद नमाज़े ज़ोहर कुरानख़्वानी होगी। बाद नमाज़े मग़रिब गुस्ल व चादर पोशी का एहतमाम किया गया है। बाद नमाज़े इशा मीलाद शरीफ और मीलाद शरीफ के बाद आस्ताने पर लंगर का आयोजन किया गया है। 

बबलू सिद्दीकी, शौकत अली, राशीद अली, आसिफ अली, इकबाल अहमद, आबू, निजाम, अल्ताफ, अयाज, नौशाद, अफरोज धर्म जायसवाल, वहीद, शाकिर, जाहीद, कल्लू, डब्लू, साहिल, फिरोज, सलमान आदि व्यवस्था संभाले रहेंगे। खादिम- मो. साबिर (पप्पू) की अगुवाई में उर्स अमन और मिल्लत के साथ सम्पन्न होगा।

VKM Varanasi Main ‘स्पेक्ट्रम 360 में Embracing Neurodiversity’ का आयोजन

हमारी किस्मत हमारे हाथों में नहीं, बल्कि हमारे न्यूरॉन्स में 




dil india live (Varanasi). वाराणसी  वसंत कन्या महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग एवं मनोविज्ञान क्लब ‘मनस्विनी’ के संयुक्त तत्वावधान में “Spectrum 360: Embracing Neurodiversity” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. शुभ्रा सिन्हा के संबोधन से हुआ। इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अरुण मौर्य एवं ज्योति सिंह, (संस्थापक Iconic Brain: Neurodevelopment Brain Mapping and Psychological & Career Mapping Assessment) ने न्यूरोडायवर्सिटी पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने ऑटिज़्म के कारणों, उपचार, वास्तविक जीवन के केस स्टडीज़ तथा मस्तिष्क की संरचना एवं कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “हमारी किस्मत हमारे हाथों में नहीं, बल्कि हमारे न्यूरॉन्स में होती है,” जिससे मस्तिष्क की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत ‘Homework’ नामक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसके उपरांत विद्यार्थियों के साथ विचार-विमर्श सत्र आयोजित हुआ। साथ ही स्पेक्ट्रम विषय पर एक लघु प्रश्नोत्तरी (क्विज़) का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर डॉ. अंजू लता सिंह, डॉ. खुशबू मिश्रा, डॉ. शशि प्रभा कश्यप एवं डॉ. आरपी. सोनकर सहित सभी प्राध्यापकगण तथा 150 से अधिक उत्साही students उपस्थित थे।



Radhika Tiwari पर उद्योग व्यापार मंडल युवा महिला सभा ने जताया भरोसा

उद्योग व्यापार मंडल युवा  महिला सभा का जिलाध्यक्ष बनाया



 dil india live (Varanasi). वाराणसी के मिर्जामुराद निवासी राधिका तिवारी (Radhika Tiwari) को व्यापार मंडल ग्रामीण उद्योग युवा महिला का जिला अध्यक्ष बनाया गया। राधिका पर उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार गुप्ता ने भरोसा जताया कि वो व्यापारियों के हित में काम करेंगी। इस मौके पर प्रदेश संगठन महामंत्री व जिला अध्यक्ष व्यापार मंडल वाराणसी ग्रामीण शुभम सिंह, संयुक्त महामंत्री व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश वीरेंद्र गुप्ता, भाऊपुर टेकरिया व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय पटेल, फूलपुर बाजार व्यापार मंडल अध्यक्ष जितेंद्र उर्फ सपालु व राजकुमार गुप्ता, हाथी व्यापार मंडल अध्यक्ष शुभम ठाकुर, रोहनिया व्यापार मंडल अध्यक्ष दशमी यादव, गोराई व्यापार मंडल अध्यक्ष जलाल पप्पू मोदनवाल, सिंधोरा व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रमोद कुमार, हरहुआ बाजार व्यापार मंडल महामंत्री वीरेंद्र गुप्ता, रामेश्वर युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष सुमित गुप्ता, कुर्ता बाजार व्यापार मंडल अध्यक्ष कन्हैया प्रजापति, कानूनी सलाहकार व्यापार मंडल वाराणसी वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज सिंह, अधिवक्ता रितेश व जिला अध्यक्ष महिला सभा आरती पटेल, पूर्वांचल महिला व्यापार मंडल अध्यक्ष सविता सिंह व दर्जनों व्यापार मंडल के पदाधिकारी गण ने उन्हें बधाई दी है। आयोजन के दौरान राधिका का बुके देकर सम्मान किया गया।

UP: Varanasi Main Urs Hazrat yaqub shahid कल, उमड़ेगा अकीदतमंदों का हुजूम

हज़रत याकूब शहीद के उर्स में होगी फातेहा, चढ़ाई जाएगी चादर


dil india live (Varanasi). हज़रत याकूब शहीद बाबा रहमतुल्लाह अलैह वाराणसी (Hazrat yaqub shahid Varanasi) का सालाना उर्स कल, 11 अप्रैल 2026, बरोज़ शनिवार को अकीदत के साथ मनाया जाएगा। हज़रत याकूब शहीद बाबा का उर्स गंगा जमुनी तहज़ीब की मिसाल है। जिसमें फातेहा पढ़ने और मन्नतों की चादर चढ़ाने जायरीन का हुजूम उमड़ता है। मस्जिद के इमामे जुमा हाफ़िज़ मोहम्मद ताहिर ने पूरा शिडयूल जारी किया। उन्होंने कहा कि हज़रत का दर अकीदत का मरकज है।

यहां जानिए क्या है पूरा कार्यक्रम 

  • नमाज़-ए-ज़ुहर के बाद कुरान ख़्वानी होगी।

  • नमाज़-ए-अस्र के बाद मुफ्ती-ए-बनारस अहले सुन्नत हज़रत मौलाना मोइनुद्दीन अहमद फारूकी (प्यारे मियां) की तक़रीर होगी।
  • नमाज़-ए-मग़रिब के बाद चादर पोशी और क़ुल शरीफ होगा।
  • नमाज़-ए-ईशा के बाद महफ़िल-ए-समां का आयोजन होगा। जिसमें सूफियाना कलाम पेश किया जाएगा।

Ambedkar Nagar : किछौछा शरीफ़ में उर्स का आगाज़

हजरत सैयद मखदूम अशरफ सिमनानी के आस्ताने पर उमड़ा हुजूम




Mohd Rizwan 

dil india live (Ambedkar Nagar)। किछौछा शरीफ़ में हजरत सैयद मखदूम अशरफ सिमनानी के आस्ताने पर उर्स मनाया जा रहा है। उर्स में देश दुनिया के जायरीन फ़ैज़ उठा रहे हैं। इससे पहले 640 वें गुस्ल मुबारक की शुरुआत जुमेरात से हुई। शाम होते ही दरगाह परिसर का माहौल रूहानी रंग में रंग गया था। खान वाद-ए-अशरफिया से जुड़े लोगों और अकीदतमंदों में उर्स को लेकर उत्साह देखते ही बन रहा था। रात करीब 10 बजे से जलसे की शुरुआत हुई। पूरी रात आयोजन के बाद शुक्रवार भोर करीब चार बजे गुस्ल मुबारक की रस्म हुई। इसमें दरगाह के सज्जादानशीन सैयद मोहिउद्दीन अशरफ व सैयद मोहामिद अशरफ 51 घड़ा गुलाब और केवड़ा जल से मजार मुबारक को गुस्ल किया गया। उर्स में सभी मजहब के लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। शायद यही वो तहज़ीब है जिसे इतिहास हिंदुस्तानी तहज़ीब कहता है।

उर्स में उमड़ा जायरीन का सैलाब

कुल शरीफ, महफिल-ए-समां और लंगर के साथ हज़रत के उर्स का खुसूसी समापन हुआ। इस मौके पर आस्ताने पर सूफियाना कलाम की गूंज फिज़ा में जहां बुलंद हो रही थी वहीं तमाम लोगों ने चादरपोशी के साथ अमनो-मिल्लत और देश की तरक्की की दुआएं मांगी। इससे पहले उर्स में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में जायरीन दरगाह परिसर पहुंचे हुए थे। रात में होने वाले जलसे, तकरीर और सामूहिक दुआओं की तैयारियां दिन भर होती रहीं। अलग-अलग स्थानों पर इबादत का दौर जारी रहा। लोगों ने अनुशासन और अकीदत के साथ उर्स में हिस्सा लिया। माहौल में अमन और अकीदत का सुखद अहसास लोग महसूस कर रहे थे। शाम के समय दरगाह क्षेत्र में आपसी भाईचारे और एकता की झलक देखने को मिली। अलग-अलग जगहों से आए लोग एक साथ इबादत में शामिल हुए। सामूहिक दुआओं के दौरान माहौल और नूरानी हो गया। लोगों ने अमन और खुशहाली की कामना की। देर शाम जायरीन की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि जायरीन की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। गुस्ल मुबारक के दौरान तीन दिनों तक दरगाह में आस्था और श्रद्धा का माहौल बना रहेगा।

हज़रत मखदूम अशरफ की शिक्षाएं

सुल्तान हजरत सैयद मखदूम अशरफ की शिक्षाएं आज भी समाज के लिए रहनुमाई (मार्गदर्शक) का काम करती हैं। उन्होंने प्रेम, भाईचारा, सहिष्णुता और इंसानियत का पैग़ाम दिया, जिसे अपनाकर समाज में अमन और मिल्लत की स्थापना की जा सकती है।

- सैयद नसीम अशरफ

जरूरतमंदों की मदद को अपना धर्म 

हजरत मखदूम अशरफ ने अपनी पूरी जिंदगी मानवता की सेवा में समर्पित कर दी। उन्होंने गरीबों, जरूरतमंदों और असहाय लोगों की मदद को अपना धर्म समझा और समाज में करुणा व सेवा की मिसाल प्रस्तुत की।

-सैयद मुहम्मद खालिद अशरफ

गुरुवार, 9 अप्रैल 2026

DAV PG College Main सूर्य उपासना के पुरा-सांस्कृतिक अध्ययन पर हुई चर्चा

भारतीय वास्तुकला और मूर्तिकला में सूर्य का स्थान अद्वितीय-डॉ. ओम प्रकाश


dil india live (Varanasi). वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के छात्रमंच 'संस्कृति' के तत्वावधान में सूर्य उपासना का पुरा-सांस्कृतिक अध्ययन विषय पर अकादमिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. ओम प्रकाश कुमार ने संगोष्ठी में संस्कृति मंच के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए सुर्य उपासना के ज्योतिषीय महत्व पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष एवं संकाय प्रमुख प्रो. प्रशान्त कश्यप ने कहा कि भारतीय वास्तुकला और मूर्तिकला में सूर्य का स्थान अद्वितीय है। 


     संगोष्ठी में विद्यार्थियों ने शैल चित्रकला में सूर्य उपासना, सिंधु-सरस्वती सभ्यता की मुहरों पर स्वस्तिक और सूर्य के प्रतीकों की वैज्ञानिकता, वैदिक काल में 'गायत्री मंत्र' और ऋग्वेद के सूक्तों का सस्वर पाठ, सूर्य को जगत की आत्मा, रामायण और महाभारत कालीन प्रसंगों, जैसे आदित्य हृदय स्तोत्र और भगवान कृष्ण के पुत्र साम्ब द्वारा सूर्य मंदिर निर्माण की कथाओं को ऐतिहासिक संदर्भ, पुरावशेषों के माध्यम से चित्रित धूसर मृदभांड संस्कृति काल एवं उत्तरी कृष्ण मार्जित मृदभांड काल संस्कृतियों के दौर में सूर्य उपासना, गुप्तोत्तर काल से लेकर राजपूत काल तक सूर्य मंदिरों के निर्माण, सूर्य मूर्ति निर्माण का विकास और सूर्य उपासना पद्धति, सूर्य मंदिर केवल पूजा के साथ खगोलीय गणनाओं के केंद्र आदि विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये । 

    कार्यक्रम में विभाग की डॉ. मनीषा सिंह, डॉ. मनोज सिंह यादव, डॉ. ज्योति सिंह एवं डॉ. किस्मत कुमारी ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की समीक्षा की और उन्हें सूक्ष्म ऐतिहासिक बारीकियों से अवगत कराया। संचालन छात्र आदर्श पांडेय, धन्यवाद ज्ञापन आँचल सिंह एवं रिपोर्ट सृष्टि जायसवाल द्वारा प्रस्तुत की गई।

कृषि मूल्य निर्धारण पर छात्रों ने रखे विचार

डीएवी पीजी कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग के स्टूडेंट फोरम इको वॉइस में गुरुवार को कृषि के मूल्य निर्धारण की भूमिका और महत्व पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। छात्रा खुशी सिंह ने कृषि मूल्य निर्धारण का उत्पादन, उत्पादकता एवं किसानों की आय पर प्रभाव का विश्लेषण किया। छात्र आयुष राय ने न्यूनतम समर्थन मूल्य और क्षेत्रीय असमानता द्वारा कृषि विकास में चुनौतियों तथा साथ ही मुद्रा स्फीति एवं खाद्य संकट के समय कृषि मूल्य निर्धारण की भूमिका का विश्लेषण समझाया। परिचर्चा में दिव्य गट्टानी, नमिता, आकाश, मनीष ने अर्थनीति द्वारा अपने कार्यों के विश्लेषण को समझाया। आयोजन में विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप कुमार मिश्र, डॉ. मयंक कुमार सिंह, डॉ. सिद्धार्थ सिंह, डॉ.आहुति सिंह आदि शामिल रहे। संचालन डॉ. शालिनी सिंह ने किया।

बुधवार, 8 अप्रैल 2026

VKM Varanasi Main Hindi के पहले आंचलिक उपन्यास देहाती दुनिया के सौ वर्ष पूर्ण होने पर हुई परिचर्चा

आचार्य शिवपूजन सहाय के बहुआयामी रचनाधर्मिता पर डाला प्रकाश 



dil india live (Varanasi). आचार्य शिवपूजन सहाय कृत हिंदी के पहले आंचलिक उपन्यास देहाती दुनिया के सौ वर्ष पूर्ण होने पर वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा वाराणसी के पुनर्नवा हिंदी साहित्य परिषद् हिंदी विभाग द्वारा एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। आयोजनकर्ता स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्राएं थीं जिसमें देहाती दुनिया के बहाने साहित्य और समाज के अंतर्संबंधों को भारत के ग्रामीण परिप्रेक्ष्य में समझने का एक सार्थक प्रयास दिखाई दिया। 

प्राचार्या प्रो.रचना श्रीवास्तव ने छात्राओं के इस पहल की सराहना की। हिंदी विभाग की अध्यक्ष प्रो.आशा यादव ने छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए आचार्य शिवपूजन सहाय के बहुआयामी रचनाधर्मिता पर सूक्ष्मता से प्रकाश डाला। प्रो. सपना भूषण , डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव, राजलक्ष्मी जायसवाल ने अपने विचारों से छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। डॉ . प्रीति विश्वकर्मा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।स्वागत कु.जया तथा संचालन साक्षी सैनी द्वारा किया गया।  कु.शालिनी, उपमा यादव, शिवा त्रिवेदी, कृष्णा यादव,आस्था राजपूत, खुशबु पटेल,सुरभि कात्यायन इत्यादि छात्राओं ने चर्चा में सक्रिय भागीदारी की।