शुक्रवार, 15 मई 2026

डाक विभाग द्वारा One State One GST के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अहमदाबाद में हुआ वर्कशॉप

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने किया वर्कशॉप का शुभारंभ

बोलें : डाक विभाग की कार्य प्रणाली में आएगी सरलता, एकरूपता एवं दक्षता


dil india live (Ahmedabad). भारतीय डाक विभाग द्वारा “वन स्टेट वन जीएसटी” के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 15 मई, 2026 को अहमदाबाद में एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप का शुभारंभ उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने किया। वर्कशॉप का उद्देश्य नई जीएसटी प्रणाली के सफल संचालन के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षित करना तथा एकीकृत कार्यप्रणाली को समझाना था। इसमें विभिन्न मंडलों के प्रवर अधीक्षक डाकघर, अधीक्षक, सीनियर पोस्टमास्टर और लेखाधिकारी शामिल हुए। 


वर्कशॉप का शुभारंभ करते हुए पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि अब तक विभिन्न मंडलों में जीएसटी प्रक्रियाओं के संचालन में कार्यप्रणालीगत भिन्नताएँ देखने को मिलती थीं, किंतु यह नई व्यवस्था पूरे राज्य में एकीकृत प्रणाली के रूप में कार्य करेगी। इससे लेखांकन, टैक्स अनुपालन, इनवॉइस प्रबंधन तथा वित्तीय रिपोर्टिंग अधिक सरल एवं प्रभावी होगी। साथ ही प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि, समय की बचत, त्रुटियों में कमी तथा जवाबदेही में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित होगा। “वन स्टेट वन जीएसटी” केवल एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि कार्यप्रणाली में सरलता, पारदर्शिता, एकरूपता एवं दक्षता स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। बदलती आर्थिक एवं तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप विभागीय कार्यशैली में सुधार समय की आवश्यकता है, जिससे अधिक सरल, पारदर्शी एवं उत्तरदायी व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। “वन स्टेट वन जीएसटी” इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

सीनियर लेखाधिकारी बी. शिवा कुमार तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट कंसल्टेंट निर्मल भंडारी द्वारा वर्कशॉप में पुरानी एवं नई जीएसटी प्रणाली की तुलनात्मक समीक्षा, सप्लाई के वर्गीकरण, जीएसटी फ्रेमवर्क, पंजीकरण एवं उसकी प्रयोज्यता, इनपुट टैक्स क्रेडिट की पात्रता, प्रतिबंध, दावा प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजीकरण, सीजीएसटी नियम 42 एवं 43 के अंतर्गत आईटीसी वर्गीकरण, कॉमन क्रेडिट की पहचान, ब्लॉक्ड क्रेडिट विश्लेषण तथा पात्र एवं अपात्र आईटीसी का विभाजन, मासिक रिटर्न फाइलिंग चक्र एवं अनुपालन न करने के प्रभाव, तथा जीएसटी के अंतर्गत टीडीएस प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी गई। वरिष्ठ लेखा अधिकारी पूजा राठौर ने स्वागत भाषण देते हुए सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन किया तथा वर्कशॉप की रूपरेखा प्रस्तुत की। 

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग में “वन स्टेट वन जीएसटी” व्यवस्था लागू होने से विभागीय वित्तीय प्रबंधन अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी, एकीकृत एवं प्रभावी बनेगा। पूर्व व्यवस्था में प्रत्येक ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (डीडीओ) के लिए अलग-अलग जीएसटी एवं जीएसटी-टीडीएस पंजीकरण संचालित होते थे। अब डाक निदेशालय द्वारा लागू किए जा रहे इस नए फ्रेमवर्क के अंतर्गत प्रत्येक राज्य में विभाग का केवल एकीकृत जीएसटी पंजीकरण होगा। इसके लिए डाक विभाग द्वारा केंद्रीकृत सिंगल पैन प्राप्त कर संबंधित जीएसटी पंजीकरणों से समुचित रूप से जोड़ा गया है। इस नई व्यवस्था से इनपुट टैक्स क्रेडिट का अधिक प्रभावी एवं समुचित उपयोग सुनिश्चित होगा, कर भुगतान प्रक्रिया केंद्रीकृत एवं सरल बनेगी, अनुपालन संबंधी प्रक्रियाओं में एकरूपता आएगी तथा विभागीय वित्तीय दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

UP k Varanasi Main गाजी मियां की मेदनी का निकला जुलूस, पलंग-पीढ़ी बहराइच रवाना

शिद्दत की उमस और गर्मी के बावजूद जुलूस में शामिल हुए अकीदतमंद


dil india live (Varanasi). वाराणसी में हजरत सैयद सलार मसूद गाजी मियां रहमतुल्लाह अलैह की मेदनी का जुलूस जुमे की सुबह अकीदत और रवायतों के साथ निकाला गया। इस दौरान पलंग-पीढ़ी गाज़ी मियां की मुख्य दरगाह शरीफ बहराइच के लिए रवाना हो गई। इससे पहले शिद्दत की गर्मी और उमस के बीच तमाम रस्में पूरे अदब और अकीदत के साथ पूरी की गई। 

कार्यक्रम दरगाह कमेटी के गद्दीनशीं हाजी एजाजुद्दीन हाशमी की देखरेख और सदर हाजी सेराजुद्दीन अहमद की सरपरस्ती में आयोजित किया गया। सुबह से ही दरगाह परिसर में जायरीन और अकीदतमंदों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।पारंपरिक तरीके से गाजी मियां की दरगाह सलारपुर बड़ी बाजार से पलंग-पीढ़ी, निशान और अन्य शादी के रस्म के सामान लेकर दरगाह परिसर में जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल लोगों ने पूरी अकीदत के साथ रस्मों को अदा किया।


दरगाह कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रशासन की अनुमति और तय दिशा-निर्देशों के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम सम्पन्न होने पर हर्ष व्यक्त किया और पुलिस कमिश्नरेट व जिला प्रशासन का शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमेटी के सदस्य लगातार सक्रिय रहे, जुलूस में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और दूर-दराज से पहुंचे जायरीन शामिल हुए। पूरे दरगाह परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा और लोगों ने गाजी मियां के दर पर दुआएं मांगीं।

गुरुवार, 14 मई 2026

Doctor बनकर लोगों की सेवा करना चाहता है Rashid Rizwan

राशिद ने अर्जित किया 95 प्रतिशत से अधिक अंक 

सीएचएस इंटर जीव विज्ञान के राशिद रिजवान ने प्रथम स्थान प्राप्त कर पेश किया मिसाल 

dil india live (Varanasi). नेशनल इंटर कॉलेज पीलीकोठी के वरिष्ठ अध्यापक रिज़वानुल्लाह के पुत्र राशिद रिजवान ने सीबीएसई 2026 की बोर्ड परीक्षा इंटर जीव विज्ञान वर्ग में 95.2% प्राप्त कर कॉलेज में प्रथम स्थान पाया है, जबकि पूरे विद्यालय में सभी वर्ग में 7 वां स्थान प्राप्त कर कॉलेज और अपने खानदान का नाम रोशन किया है। राशिद ने सेंट्रल हिंदू बॉयज स्कूल से ही कक्षा 6 से 12 वीं तक की पढ़ाई मुकम्मल की है, उसका ख्वाब है कि वह डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है राशिद रिज़वान हमेशा से ही वह कक्षा में स्थान प्राप्त करता रहा है उसने इसका श्रेय माता-पिता के साथ अपने अध्यापक को देता है। राशिद रिज़वान की कामयाबी पर नेशनल इंटर कॉलेज के प्रबंधक हाजी मकबूल हसन, प्रधानाचार्य मंजूर आलम ,सामाजिक संस्था सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डॉ एहतेशामुल हक ने मुबारकबाद दी है और बच्चे के रौशन मुस्तकबिल की कामना की है।

DAV PG College Varanasi में वार्षिक शोध पत्रिका प्रभा के नौवें अंक का विमोचन

पत्रिकाएं ज्ञान परम्परा को अक्षुण्ण बनाए रखती है- डॉ. नीलकण्ठ तिवारी


dil india live (Varanasi). वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज (DAV PG College Varanasi) की वार्षिक यूजीसी पीयर रिव्युड शोध पत्रिका प्रभा के नौवें अंक का विमोचन गुरुवार को मुख्य अतिथि शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकण्ठ तिवारी ने किया। इस अवसर पर कॉलेज के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव, कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रिलाल सहित अन्य गणमान्य भी विमोचन में मौजूद थे। 

इस अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की गई जिसे सम्बोधित करते हुए डॉ. नीलकण्ठ तिवारी ने कहा कि भारत ज्ञान, संस्कृति, पांडित्य, दर्शन जैसे विषयों की परम्परा का द्योतक रहा है, ये पत्रिकाएं हमारे ज्ञान परंपरा को अक्षुण्ण बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डीएवी कॉलेज की यह शोध पत्रिका प्रभा शोध की समग्रता को दिखलाती है और शोध के मौलिक स्वरूप को नष्ट होने से भी बचाती है। यह शोध पत्रिका बौद्धिक समाज के लिये बहुत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने यह भी कहा की पत्रिका शब्द की उत्पत्ति भारत की ही देन है, यहीं ज्ञान, अनुभूति को लिपिबद्ध करने की परंपरा रही है।


   कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रिलाल ने कहा कि हमारे लिए यह गौरव की बात है कि इस पत्रिका का विमोचन ऐसे समय मे हो रहा है जब भारत की हिन्दी पत्रकारिता अपने 200 वर्ष की जीवन यात्रा का उत्सव मना रहा है। इस उपलक्ष्य में हम यह पत्रिका हिन्दी पत्रकारिता के गौरवशाली अतीत को समर्पित करते है।

   इसके पूर्व मुख्य अतिथि का स्वागत प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र, रुद्राक्ष की माला एवं पुष्पगुच्छ देकर किया। संचालन पत्रिका के सम्पादक डॉ. दीपक कुमार शर्मा एवं धन्यवाद ज्ञापन उप प्राचार्य प्रो.संगीता जैन ने दिया। इस मौके पर उप प्राचार्य प्रो. राहुल, आइक्यूएसी की समन्वयक डॉ. पारुल जैन, डॉ. राजेश झा, डॉ. श्रुति अग्रवाल के अलावा मण्डल अध्यक्ष तारकेश्वर गुप्ता, संदीप चौरसिया, ब्रजेश जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, गणमान्यजन एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बुधवार, 13 मई 2026

PM modi की Gold न खरीदने की अपील का काशी में विरोध

स्वर्णकारों ने झालमुरी बेचकर किया प्रतिकात्मक विरोध 


सरफराज अहमद 

dil india live (Varanasi). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशहित में देशवासियों से एक साल तक सोना (Gold) न खरीदने की अपील किया है। मगर अब पीएम की अपील का विरोध उनके ही संसदीय क्षेत्र वाराणसी की गलियों तक पहुंच गया है। देश के विभिन्न हिस्सों खासकर यूपी के लखनऊ के बाद बुधवार को वाराणसी में पीएम नरेंद्र मोदी की अपील का स्वर्णकार समाज और व्यापारियों ने विरोध किया। 

इस दौरान जिला मुख्यालय पर अनोखा और प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। स्वर्णकारों और कारीगरों ने पारंपरिक आभूषण बनाने वाले औजारों को दरकिनार कर हाथों में झालमुरी के डिब्बे थाम लिए और सांकेतिक रूप से झालमुरी बेचकर अपना विरोध दर्ज कराया। इससे पहले लखनऊ में विरोध प्रदर्शन हुआ था। व्यापारियों ने अपनी दुकानें भी बंद रखी थीं।

संकट के दौर में कारीगरों की रोजी-रोटी

प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य सरकार और समाज का ध्यान स्वर्ण व्यापार में आ रही भारी गिरावट की ओर खींचना था। व्यापारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद दुकानों पर ग्राहकों की संख्या नगण्य हो गई है। इससे न केवल बड़े शोरूम, बल्कि उन हजारों कारीगर परिवारों की आर्थिक स्थिति बदहाल हो गई है जो प्रतिदिन गहने बनाकर अपना पेट पालते हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार की नीतियां और इस प्रकार के बयान जारी रहे, तो सदियों पुरानी इस कला से जुड़े लोग अपना पुश्तैनी काम छोड़कर मजदूरी या छोटे-मोटे काम करने को मजबूर हो जाएंगे।

प्रदर्शन के दौरान स्वर्णकार नेता शुभम सेठ 'गोलू' ने कहा, "स्वर्ण व्यापार भारत में केवल एक व्यवसाय नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और लाखों परिवारों की आजीविका का आधार है। लगातार घटते व्यापार और ऊपर से शीर्ष नेतृत्व के ऐसे बयानों ने गरीब कारीगरों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा कर दी है।" उन्होंने आगे कहा कि सोने को भारतीय समाज में 'स्त्रीधन' और मुसीबत का साथी माना जाता है, ऐसे में इसके बहिष्कार की बात करना अर्थव्यवस्था और परंपरा दोनों के लिए आत्मघाती है।

व्यापारियों और कारीगरों ने एक स्वर में मांग की है कि सरकार स्वर्ण व्यवसाय को प्रभावित करने वाले ऐसे बयानों और नीतियों को तत्काल वापस ले। उन्होंने मांग की कि इस उद्योग से जुड़े लाखों लोगों के हितों की रक्षा के लिए राहत पैकेज या प्रोत्साहन नीतियों पर विचार किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर तक जाएगा।

इस विरोध प्रदर्शन में सूरज दयाल सेठ, किशन सेठ, मुकुंद सेठ, सुनीति सिंह, राज सेठ, विशाल सेठ, चेतन सोनी, विष्णु दयाल सेठ, सुजीत सेठ, संदीप सेठ, सुभाष सेठ, सुरेंद्र सेठ सहित भारी संख्या में स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधि शामिल रहे।

Banaras Sangit Gharana के इस कलाकार का मुम्बई में सम्मान

पं. देवब्रत को मिला मुम्बई में मधुबन रत्न सम्मान

dil india live (Mumbai). वाराणसी निवासी, बनारस संगीत घराने के ख्यातिलब्ध सितारवादक पं. देवब्रत मिश्र को मुम्बई में प्रतिष्ठित मधुबन रत्न सम्मान से नवाजा गया। शास्त्रीय संगीत में घरानों की परंपरा को सहेजने वाली मुम्बई की मधुबन चैरिटबल संस्था एवं स्वरमौली द्वारा उन्हें यह सम्मान दिया गया। मुम्बई, विले पार्ले ईस्ट स्थित वीर सावरकर सेवा केंद्र (श्रीराजभाऊ जोशी सभागृह) में प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु स्वामी श्याम मनोहर महाराज द्वारा पं. देवब्रत मिश्रा को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर उनके पुत्र और उभरते हुए सितार वादक कृष्णा मिश्र को मधुबन गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष जयेश दंड एवं केशव परांजपे भी उपस्थित रहे।

       


कार्यक्रम में पं. देवब्रत मिश्र और कृष्णा मिश्र ने बनारस घराने की प्राचीन बंन्दिश सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने सबसे पहले राग पूरिया धनाश्री में अलाप के बाद तीन ताल में विलम्बित और द्रुत की बंन्दिश सुनाई। अन्त में बनारस की पारंपरिक ठुमरी अंग गायकी में बंन्दिश सुनाया तो समूचा प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उनके साथ तबले पर जयेश रेगे ने संगत किया। कार्यक्रम में पंडित सुखदेव चतुर्वेदी का ध्रुपद गायन भी हुआ।

पं. देवब्रत मिश्र ने इस सम्मान को अपने पिता विश्वविख्यात सितारविद पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्र को समर्पित कर दिया।उनके सम्मान पर काशी के संगीत कलाकारों ने भी हर्ष जताते हुए उन्हें बधाई दी।

Purvanchal के Varanasi Main आंधी ने लोगों को डराया फिर बारिश ने सहलाया

वाराणसी में 50 किमी रफ्तार से चली हवाएं, झमाझम हुई बारिश

तीन दिन आंधी-बारिश का अलर्ट


Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi). भीषण गर्मी, आग बरसती तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बेहाल पूर्वांचल के लोगों को आंधी और उसके बाद हुई बरसात ने फौरी राहत देने का काम किया। पहले आयी आंधी ने लोगों को डराया फिर बारिश ने शीतल जल से सहलाया। इस दौरान वाराणसी में 50 किमी रफ्तार से हवाएं चली और झमाझम हुई बारिशें हुई। इस दौरान मौसम विभाग ने तीन दिन आंधी-बारिश के लिए अलर्ट किया है ताकि कोई बड़ा हादसा न होने पाएं।

बुधवार को दोपहर बाद अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज आंधी शुरू होने से लोग अभी परेशान ही थे कि कुछ ही देर में बारिश ने उन्हें राहत का तोहफा दिया। यही नहीं तेज हवाओं के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर तबाही भी आती, पेड़ गिरे कुछ जगहों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे पेड़ और डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। आम का काफी नुकसान हुआ। जहां पेड़ गिरे वहां आवागमन में स्थानीय लोगों व राहगीरों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ी हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना समाचार लिखे जाने तक नहीं मिली।
















आंधी और तेज हवाओं के चलते वाराणसी में ही कैंटोनमेंट क्षेत्र में लगा बड़ा सूचना बोर्ड सड़क पर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त कोई वाहन उसकी चपेट में नहीं आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।उधर मिर्जामुराद थाना अंतर्गत श्याम तारा महिला महाविद्यालय के समीप तेज आंधी, बारिश के कारण एक विद्युत पोल टूट कर धराशाई हो गया। लोगों का कहना था कि जल्दी इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। मंडुवाडीह में सुनील विश्वकर्मा के घर पर पड़ोसी की बाउंड्री गिरने से कुछ लोगों के घायल होने की सूचना भी मिली पर समाचार लिखे जाने तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी थी। आंधी तूफान की वजह से मंडुवाडीह के ही कंदवा स्थित कर्दमेश्वर महादेव मंदिर के पास नीम का पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।


बारिश के बाद मौसम सुहाना होने पर लोग घरों से बाहर निकल आए और शहर के प्रमुख घाटों तथा पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ गई। तेज आंधी ओर बारिश के बाद हजारों की संख्या में दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती के दर्शन पहुंचे। दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट और अन्य घाटों पर बड़ी संख्या में लोग ठंडी हवाओं और बारिश के बाद के मौसम का आनंद लेते नजर आए। पर्यटकों ने भी मौसम का भरपूर लुत्फ उठाया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ती गर्मी और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा था। अचानक हुई बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी है। हालांकि तेज तूफान के कारण कुछ देर के लिए सड़क यातायात प्रभावित रहा और कई इलाकों में पानी भर गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक-दो दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।