मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

Bhim Rao Ambedkar जयंती Varanasi में धूमधाम से मनाई गई

बाबा साहेब के जीवन, संघर्ष और भारतीय संविधान निर्माण में भूमिका पर हुई चर्चा 


F. Farouqi Babu 

dil india live (Varanasi). संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती वाराणसी के अंबेडकर पार्क (कचहरी चौराहा) पर  इस वर्ष अत्यंत धूमधाम, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर विभिन्न सरकारी एवं निजी बैंकों, बीमा कंपनियों तथा सामाजिक संगठनों द्वारा आकर्षक पंडाल लगाए गए। इन पंडालों में बाबा साहेब के जीवन, उनके संघर्ष, योगदान और भारतीय संविधान निर्माण में उनकी भूमिका को दर्शाते हुए उनके साहित्य, चित्रों एवं संविधान की प्रतिमाओं को सजाकर प्रदर्शित किया गया। पूरे क्षेत्र को भव्य रूप से सजाया गया था, जिससे वातावरण पूरी तरह से उत्सवमय और प्रेरणादायक बन गया।


कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं एवं आम जनमानस के लिए मिष्ठान, शरबत, हलवा तथा शीतल जल की विशेष व्यवस्था की गई थी। आने-जाने वाले लोगों ने पंडालों पर रुककर बाबा साहेब के जीवन दर्शन को जाना और उनके प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की।

इसी क्रम में Punjab National Bank द्वारा भी एक भव्य एवं आकर्षक पंडाल सजाया गया। पंडाल में बैंक के एजेएम रामकुमार ने बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने शिक्षा, समानता और अधिकारों के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है।


बाबा साहेब ने नागरिकों को अधिकार दिलाया

कार्यक्रम में पीएनबी एससी/एसटी वेलफेयर एसोसिएशन के अंचल सचिव एस.पी. सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि बाबा साहेब नहीं होते, तो समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को सरकारी सेवाओं में अवसर प्राप्त नहीं हो पाता। उन्होंने ही संविधान के माध्यम से सभी नागरिकों को समान अधिकार दिलाया और सामाजिक न्याय की नींव रखी। उन्होंने उपस्थित लोगों से बाबा साहेब के विचारों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष विकास सोनकर ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का स्वागत किया और इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का कार्य करते हैं।


इस अवसर पर राजीव रंजन, आनंद सोनकर, बी.पी. गौतम, संत कुमार, रोहित कुमार, राजीव कुमार, संजय सोनकर, अरविंद कुमार, रवि कुमार एडवोकेट सहित अनेक गणमान्य लोग एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर बाबा साहेब के आदर्शों पर चलने और समाज में समानता एवं भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में मंडल सचिव सूर्य प्रकाश द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी संगठनों, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।

Reducing Traffic Congestion Scheme के प्रभावी क्रियान्वयन को सड़क पर उतरे पुलिस कमिश्नर

अतिक्रमण हुआ तो संबंधित थानेदार व चौकी प्रभारी होंगे जिम्मेदार -मोहित अग्रवाल 

शहर के प्रमुख मार्गों का किया निरीक्षण, दिए सख्त निर्देश

अधिकारियों ने यातायात संचालन की स्थिति का जायजा लेने 12 कि.मी. पैदल किया गश्त


Sarfaraz Ahmad 

dil india live (Varanasi). आज 14.04.2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा Reducing Traffic Congestion (RTC) Scheme के प्रभावी क्रियान्वयन के दृष्टिगत शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू, सुरक्षित एवं बाधारहित बनाने हेतु प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान आशापुर चौराहा, पाण्डेयपुर चौराहा से चौकाघाट तक लगभग 12 किलोमीटर पैदल गश्त करते हुए यातायात संचालन, सड़क सुरक्षा तथा मार्गों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया गया। 


निरीक्षण के दौरान बिना नंबर प्लेट वाहन, रांग साइड चलने, तीन सवारी बैठाकर वाहन चलाने जैसे यातायात नियमों के उल्लंघन पर विशेष अभियान चलाकर सघन प्रवर्तन कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि जिस थाना क्षेत्र में अतिक्रमण पाया जाएगा, उसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी की होगी। अवैध ऑटो रिक्शा स्टैंडों को चिन्हित कर तत्काल हटाने, सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था लागू करने तथा सड़कों पर अव्यवस्था समाप्त करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त ठेला-खुमचा लगाकर सड़क अवरुद्ध करने वाले व्यक्तियों एवं सड़क पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।


इनकी रही खास मौजूदगी 

अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त वरूणा जोन प्रमोद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त वरूणा जोन लिपि नागयाच, पुलिस उपायुक्त यातायात अनिल यादव, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन वैभव बांगर, अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्र तथा संबंधित सहायक पुलिस उपायुक्त व थाना प्रभारी सहित पुलिस बल उपस्थित रहे।


VKM Varanasi में प्राचीन से लेकर 1857 का विद्रोह, विभाजन पर हुआ संक्षिप्त विमर्श

एसीपी ने साइबर अपराध को लेकर किया जागरूक 

पत्रकारिता, छायांकन, लेखन एवं संपादन पर हुई विभिन्न प्रतियोगिताएं



dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय के संसदीय क्लब ‘यथार्थ’ द्वारा “कालचक्र : अपनी प्रकार का प्रथम ऐतिहासिक संसदीय वाद-विवाद”, माय भारत पहल, युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत आयोजित किया गया। यह आयोजन प्रागैतिहासिक से समकालीन समय रेखा पर आधारित था, जिसमें 6 समितियां: इम्पीरियल रॉयल कॉन्क्लेव, काउंसिल ऑफ कॉन्करर्स, इम्पीरियल काउंसिल ऑफ हिंदुस्तान, डॉन ऑफ डिफाइअंस, द पार्टिशन क्वेश्चन तथा त्रिकाल दर्शन सम्मिलित थी।

इन समितियों में प्राचीन सभ्यताओं से लेकर मुगलकाल, 1857 के विद्रोह और विभाजन तक के प्रमुख ऐतिहासिक विषयों पर संक्षिप्त एवं सारगर्भित विमर्श हुआ। त्रिकाल दर्शन के अंतर्गत पत्रकारिता, छायांकन, लेखन एवं संपादन से संबंधित प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. एनी बेसेंट को माल्यार्पण कर किया गया। तत्पश्चात प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। इसके उपरांत संयोजक डॉ. सौमिली मंडल ने सभी का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्य वक्ता एसीपी विदुश सक्सेना एवं अभिषेक वर्मा (विधि विशेषज्ञ एवं नीतिगत विश्लेषक) ने कार्यक्रम की विशिष्टता और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता पर अपने विचार साझा किए।


अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया तथा निर्णायकों का आभार व्यक्त किया गया। अध्यक्ष आस्था शर्मा, महासचिव पूर्वी अग्रवाल, रचनात्मक निदेशक त्रिशा बाजपेयी एवं मुख्य रणनीति अधिकारी अनुष्का मिश्रा ने टीम सहित सफल आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया। संयोजक डॉ. सौमिली मंडल ने औपचारिक समापन की घोषणा की।

समापन अवसर पर डॉ. शांता चटर्जी, प्रो. मीनू पाठक, डॉ. शशिकला, डॉ. मंजू कुमारी, डॉ. नैरंजना श्रीवास्तव, डॉ. शशिकेश कुमार, डॉ. सिमरन सेठ, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. प्रतिभा यादव आदि उपस्थित थे।


Education news: नवोदय विद्यालय, शिक्षा के साथ संस्कारों का भी दे रहा है संदेश–Post master General कृष्ण कुमार यादव

देश में नवोदय के 17 लाख पुरा विद्यार्थियों का नेटवर्क समाज को नई दिशा देने के लिए तत्पर

नवोदय ने बहुत कुछ दिया है, अब 'पे बैक टू सोसाइटी' की ज़रुरत 


dil india live (Ahmedabad). शिक्षा ही वह रोशनी है, जिससे एक समृद्ध, सक्षम और विकसित भारत गढ़ा जा सकता है। एक सरकारी संस्थान होने के बावजूद नवोदय विद्यालय अपनी उत्कृष्ट शिक्षा व बेहतर परीक्षा परिणामों की वजह से आज शीर्ष पर है। राजनीति, प्रशासन, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, शैक्षणिक, सैन्य सेवाओं से लेकर विभिन्न प्रोफेशनल सेवाओं, बिजनेस और सामाजिक सेवाओं में नवोदयन्स पूरे भारत ही नहीं वरन पूरी दुनिया में पहचान बना रहे हैं। 13 अप्रैल, 1986 को दो नवोदय विद्यालयों से आरंभ हुआ यह सफर आज 661 तक पहुंच चुका है। नवोदय अपनी स्थापना के 40 साल पूरा कर रहा है। देश भर में नवोदय विद्यालय के 17 लाख से अधिक पुरा विद्यार्थियों का नेटवर्क समाज को नई दिशा देने के लिए तत्पर है। 'वसुधैव कुटुंबकम्' एवं 'शिक्षार्थ आइए, सेवार्थ जाइए' की भावना से प्रेरित नवोदय में जाति, संप्रदाय, क्षेत्र से परे सिर्फ राष्ट्र प्रेम की भावना है। 

उक्त भाव नवोदय विद्यालय, आज़मगढ़ के पुरा छात्र एवं सम्प्रति उत्तर गुजरात परिक्षेत्र, अहमदाबाद  के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने 'नवोदय स्थापना दिवस' पर व्यक्त किये। 


नवोदय विद्यालय से सिविल सर्विसेज में चयनित आरंभिक विद्यार्थियों में रहे पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि, वर्ष 2001 में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित भारत की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में चयनित होने के उपरांत पिछले 24 सालों में देश के विभिन्न भागों में पदस्थ रहा, परन्तु इतना अवश्य कहूँगा कि यदि मैं नवोदय विद्यालय में नहीं रहता तो शायद ही यहाँ तक पहुँच पाता। श्री यादव ने कहा कि, मुझे गर्व है कि मैं नवोदय का हिस्सा रहा हूँ। हमारे व्यक्तित्व और कैरियर के निर्माण में नवोदय का बहुत बड़ा योगदान रहा है। नवोदय ने हमें सिखाया कि सपने सिर्फ देखे नहीं जाते, उन्हें जिया भी जाता है — संघर्ष, अनुशासन और समर्पण के साथ। नवोदय विद्यालय से निकले लगभग तीन दशक से ज्यादा हो गए पर अभी भी वही लगाव और अपनत्व बरकरार है। नवोदय ने हम सभी को बहुत कुछ दिया है, अब 'पे बैक टू सोसाइटी' की जरुरत है। 


पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, अधिकतर ग्रामीण पृष्ठभूमि के नवोदय विद्यार्थी आज जिन ऊँचाइयों पर हैं, उसका श्रेय नवोदय की नव उदय की उस भावना को जाता है, जहाँ जात-पात, धर्म, अमीर-गरीब, शहरी-ग्रामीण जैसे तमाम विभेद भूलकर सब सिर्फ एक सकारात्मक सोच के साथ नए पथ पर अग्रसर होते हैं। नवोदयी भावना एक ऐसा अनमोल रिश्ता है, जो हर नवोदयन के दिल में खास जगह बनाए हुए है। ये सिर्फ एक समूह नहीं, बल्कि एक ऐसा अनूठा परिवार है जिसमें अलग-अलग राज्यों या जिलों के नवोदय विद्यालय भले ही हों, लेकिन जज़्बा, अपनापन और यादों की मिठास सबमें एक जैसी है। एक प्रशासक के साथ-साथ साहित्यकार और ब्लॉगर के रूप में भी ख्याति प्राप्त पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करने में नवोदयन्स की अहम भूमिका है। नवोदय परिवार आज भी बेहद संगठित है और लोग एक दूसरे से दिल से जुड़े हैं। सुख-दुःख में एक दूसरे के साथ जिस तरह से खड़े रहते हैं, वह मन में हैरत ही नहीं गर्व भी पैदा करता है। 

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि 'हमीं नवोदय हों' की भावना के साथ आज नवोदय एक ब्रांड बन चुका है। नवोदय ने ग्रामीण भारत के होनहार बच्चों को न केवल उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी, बल्कि आत्मविश्वास, संस्कार और देशसेवा की भावना भी दी। नवोदय विद्यालय का विजन है, "मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को उनके परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर ध्यान दिए बिना, गुणात्मक आधुनिक शिक्षा प्रदान करना, जिसमें सामाजिक मूल्यों, पर्यावरण के प्रति जागरूकता, साहसिक कार्यकलाप और शारीरिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण घटकों का समावेश हो।" नवोदय विद्यालय का आदर्श वाक्य "प्रज्ञानं ब्रह्म" ऋग्वेद के ऐतरेय उपनिषद से एक महावाक्य है, जिसका अर्थ है "प्रकट ज्ञान या चेतना ही ब्रह्म है" । यह  उच्च-गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए नवोदय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सोमवार, 13 अप्रैल 2026

Basant Kanya Mahavidyalaya ने रंगोत्सव से समृद्ध की रंगमंच की परंपरा

थिएटर अनुभव व अभिव्यक्ति के बीच का सशक्त संवाद-उमा भट्टाचार्य



dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय (VKM Varanasi) के क्लब रंगमंच ने दो- दिवसीय कार्यक्रमों में विश्व रंगमंच दिवस और क्लब की पहली वर्षगांठ को विविध आयोजनों के साथ उत्साहपूर्वक मनाया। पहले दिन एकांकी, एकल अभिनय और लघु फिल्म वर्गों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। दूसरे दिन, विजेता प्रविष्टियों को पुरस्कारों से सम्मानित कर रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया गया। 


दूसरे दिन के कार्यक्रमों में आकर्षण का केंद्र, क्लब की नाट्य प्रस्तुति 'जीवा, तुम कब आओगे रही' जिसे सैमुअल बैकेट के मूल फ्रेंच नाटक 'वेटिंग फॉर गोडो' पर आधारित कर, समकालीन भारतीय समाज और चिंतन के ढांचे में रचनात्मक युक्तियुक्तता दी गई। लेखिका डॉक्टर सुप्रिया सिंह ने कहा कि यह नाटक मात्र कथानक की प्रस्तुति नहीं चिंतन से जोड़ने का नजरिया है जिसे रंगमंच पर व्यंग्यात्मक शैली में दिखाना एक वास्तविक चुनौती थी। कलाकारों, अदिति मिश्रा, दीया मिश्रा, आद्रिका अग्रवाल, रश्मि, लतिका बिष्ट, अदिति, और प्राची की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि जीवंत और प्रभावपूर्ण अभिनय ने इस चुनौती को सरल सहज कर दिया।


कार्यक्रम की शुरुआत शिव तांडव स्त्रोत पर छात्रा नीनू की आकर्षक नृत्य प्रस्तुति से हुई जिसके बाद सचिव रंगमंच, अदिति मिश्रा ने क्लब की साल भर की उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने कहा कि महाविद्यालय में उत्कृष्ट नाट्य प्रस्तुतियों का सुदीर्घ इतिहास रहा है। इस क्रम में क्लब के रूप में रंगमंच का गठन एक सुखद दौर की वापसी के रूप में देखा जाना चाहिए। अपने आशीर्वाद संबोधन में प्रबंधक उमा भट्टाचार्या ने थिएटर को अनुभव और अभिव्यक्ति के बीच का सशक्त संवाद बताया। इस प्रक्रिया में जिस तरह समाज को शामिल होने का अवसर मिलता है वह विचारों के प्रसार का भी सबसे प्रभावशाली माध्यम है। अतिथि वक्ता प्रोफेसर रंजन कुमार, छात्र अधिष्ठाता काशी हिंदू विश्वविद्यालय, ने थिएटर के प्रति समाज की परिवर्तित दृष्टि की प्रशंसा की और कहा कि व्यक्तित्व के विकास में थिएटर और अभिनय की भूमिका को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने महाविद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि काशी के उच्च शिक्षण संस्थानों में नाट्य विभाग की कमी चिंतन का विषय है ऐसे में 'रंगमंच क्लब' एक अनुकरणीय प्रयास है। उन्होंने छात्राओं के अभिनय क्षमता की खूब प्रशंसा की। विशिष्ट अतिथि, ख्यात रंगकर्मी, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की प्रोफेसर शुभ्रा वर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी प्रस्तुति रंगमंच के प्रति समर्पण की बेहतरीन परिचायक है। यही समर्पण उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में बेहतर बनने की प्रेरणा देगा। उन्होंने नाट्य प्रस्तुति को अभिनय, स्टेज क्राफ्ट और साउंड-लाइट जैसी तकनीकी कुशलताओं की दृष्टि से भी सराहा और भविष्य में रंगमंच की योजनाओं से जुड़कर कार्य करने का प्रस्ताव दिया।


 

इस अवसर पर छात्राओं द्वारा तैयार लघु फिल्म 'रुदाली' की स्क्रीनिंग भी की गई जिसे रुचिता, गौरी तथा उनकी टीम ने तैयार किया था। कार्यक्रम में सूत्रधार की भूमिका में थीं, कृत्तिका और सृष्टि तथा धन्यवाद ज्ञापन किया कार्यक्रम की संयोजिका डॉक्टर नैरंजना श्रीवास्तव ने। 

इस अवसर पर आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर अरुण जैन भी उपस्थित रहे। महाविद्यालय के आईक्यू एक सी तथा अंग्रेजी विभाग के सहयोग से आयोजित रंगोत्सव में प्राध्यापकों और छात्राओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को सफल बनाया।

PNG Gas आपूर्ति के लिए गेल द्वारा निरंतर प्रयास जारी

वंशी वाट होटल में पाईप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) आपूर्ति की शुरुआत 




dil india live (Varanasi). वाराणसी में जनता को राहत देते हुए गेल (india) लिमिटेड, वराणसी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजना के तहत स्वच्छ, सुरक्षित और किफायती ईंधन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महमूरगंज स्थित वंशी वाट होटल में पाईप्ड नेचुरल गैस (PNG Gas) आपूर्ति की शुरुआत की गई है। वंशी वाट होटल, जो अब तक एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर था, औसतन प्रति माह 30 से 35 सिलेंडरों की खपत करता है। (पीएनजी) गैस आपूर्ति शुरू होने से होटल को अब निर्बाध गैस सप्लाई, बेहतर सुरक्षा, लागत में बचत तथा पर्यावरण के अनुकूल ईंधन का लाभ मिलेगा। 

गेल द्वारा दावा किया गया है कि पीएनजी के माध्यम से न केवल होटल की परिचालन दक्षता में सुधार होगा, बल्कि स्टोरेज की आवश्यकता समाप्त होने, लॉजिस्टिक झंझट कम होने और कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। यह कदम गेल की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत होटल, रेस्टोरेंट, व्यावसायिक संस्थानों एवं उद्योगों को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़कर काशी को हरित और स्वच्छ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। गेल वराणसी लगातार अपने गैस नेटवर्क का विस्तार करते हुए अधिक से अधिक वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को PNG से जोड़ रहा है, ताकि उन्हें विश्वसनीय, सुरक्षित औरपर्यावरण‑अनुकूल ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराया जा सके।

Police Commissioner Mohit Agarwal ने अपर पुलिस उपायुक्त डॉ. ईशान सोनी को दी विदाई

डॉ. ईशान का प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन, समन्वय एवं जनसेवा में महत्वपूर्ण योगदान-मोहित अग्रवाल

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने नवागंतुक लिपि नागयाच का किया स्वागत




Sarfaraz Ahmad 

dil india live (Varanasi). आज पुलिस कार्यालय कमिश्नरेट वाराणसी में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल (Police Commissioner Mohit Agarwal) द्वारा स्थानांतरण के अवसर पर अपर पुलिस उपायुक्त डॉ. ईशान सोनी को भावभीनी विदाई दी गई। बेहद खुशनुमा माहौल में पुलिस आयुक्त ने डॉ. ईशान के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन, समन्वय एवं जनसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उपस्थित अधिकारियों ने भी उनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी। 

इस मौके पर कमिश्नरेट वाराणसी में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल द्वारा नवागत अपर पुलिस उपायुक्त लिपि नागयाच का स्वागत किया गया। पुलिस आयुक्त ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता एवं कार्यकुशलता से कमिश्नरेट की कार्यप्रणाली को नई गति मिलेगी। 

इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा सहित कमिश्नरेट के अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।