सोमवार, 30 मार्च 2026

Varanasi K रोटेरियन Rajesh Gupta को Lucknow में मिली क्लब प्रेसिडेंट की डिग्री

रोटरी मंडल 3120 के PELS – SELS Vision 2026 कार्यक्रम में रोटरी क्लब ब्लड डोनर राजेश गुप्ता को मिली डिग्री 



dil india live (Varanasi).  होटल हॉलिडे इन Lucknow में आयोजित रोटरी मंडल 3120 के PELS–SELS Vision 2026 कार्यक्रम में रोटरी क्लब ब्लड डोनर वाराणसी के चार्टर अध्यक्ष रोटेरियन राजेश गुप्ता को क्लब प्रेसिडेंट की डिग्री प्रदान की गई। यह डिग्री रोटरी मंडल 3120 की गवर्नर रोटेरियन पूनम गुलाटी द्वारा अपने करकमलों से प्रदान की गई, जिससे यह सम्मान और भी गौरवपूर्ण बन गया।

यह उपलब्धि उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, सेवा भावना एवं रोटरी के प्रति समर्पण का प्रतीक है। कार्यक्रम में विभिन्न रोटरी क्लबों के पदाधिकारियों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया, जिसमें रोटेरियन राजेश गुप्ता ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रोटरी का मूल उद्देश्य “सेवा ही सर्वोपरि” है और वे अपने कार्यकाल में समाज सेवा, रक्तदान जागरूकता एवं जनहित के कार्यों को और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ाएंगे।

रोटरी क्लब ब्लड डोनर वाराणसी के सदस्यों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और उनके नेतृत्व में क्लब के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

“Lead by Example” के मंत्र के साथ रोटेरियन राजेश गुप्ता निरंतर समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Assam Assembly Election 2026 के लिए कांग्रेस ने जारी किया Observers की सूची

जालुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के पर्यवेक्षक बने बनारस के हाजी मोहम्मद तौफीक


मोहम्मद रिजवान 

dil india live (Varanasi). जनपद वाराणसी निवासी विधानसभा उत्तरी 388 एवं कांग्रेस पार्टी के समर्पित पूर्व जिला चेयरमैन व उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव हाजी मोहम्मद तौफ़ीक़ कुरैशी को पार्टी नेतृत्व द्वारा असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए जालुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र का पर्यवेक्षक (Observer) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के निर्देश पर की गई है।

इस अवसर पर हाजी मोहम्मद तौफ़ीक़ कुरैशी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, सांसद गौरव गोगोई, वरिष्ठ नेता जितेन्द्र सिंह एवं इक़बाल अहमद सहित सभी वरिष्ठ नेताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा "मुझ पर जो विश्वास जताया गया है, उसके लिए मैं सभी वरिष्ठ नेताओं का विशेष धन्यवाद करता हूँ। मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी ज़िम्मेदारी निभाऊंगा तथा संगठन को मज़बूत करने में अपना पूर्ण योगदान दूंगा। "जालुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र असम की सबसे महत्वपूर्ण और हाई प्रोफाइल सीटों में से एक है। यह गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में इसकी अहम भूमिका मानी जाती है। वर्तमान मुख्यमंत्री की सीट होने के कारण यहाँ का चुनाव पूरे प्रदेश में विशेष चर्चा का केंद्र रहता है।

इसी के साथ यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, जहाँ से चुनावी परिणाम पूरे राज्य के राजनीतिक माहौल और समीकरणों को प्रभावित करते हैं। जालुकबाड़ी में विभिन्न वर्गों और समुदायों का व्यापक प्रतिनिधित्व होने के कारण यह सीट सामाजिक संतुलन और जनमत का भी प्रतीक मानी जाती है। यही कारण है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हैं और यहाँ की चुनावी गतिविधियाँ पूरे असम में व्यापक प्रभाव डालती हैं।



हाजी मोहम्मद तौफ़ीक़ कुरैशी की यह नियुक्ति कांग्रेस पार्टी के संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुभव, सक्रियता और समर्पण से असम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस पार्टी को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी।

Basant Kanya महाविद्यालय की पूर्व छात्रा वर्षा सिंह का PCS में चयन

उत्तर प्रदेश लोक सेवा परीक्षा में 53 वां रैंक किया हासिल, वीकेएम में मनी खुशियां



dil india live (Varanasi). 30/03/2026 दिन सोमवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 2024 PCS के अंतिम परिणामों की घोषणा की गई। जिसमें वसंत कन्या महाविद्यालय के इतिहास विभाग की पूर्व छात्रा वर्षा सिंह का अंतिम रूप से चयन हुआ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा परीक्षा (PCS) में 53 वां रैंक हासिल करते हुए कमर्शियल टैक्स ऑफिसर का पद प्राप्त किया है।
VKM Varanasi की principal डा. रचना श्रीवास्तव ने बताया कि वर्षा सिंह ने सत्र 2017-18 में महाविद्यालय से इतिहास विषय में प्रथम श्रेणी से ऑनर्स प्रतिष्ठा प्राप्त की थी। इसके पश्चात वह संपूर्ण समर्पण से लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी में लग गई और आज सफल हुई। इस अवसर पर महाविद्यालय में खुशियां मनाई गई। प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने वर्षा सिंह को बधाई और शुभकामना प्रेषित करते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गौरव का क्षण बताया है। इसके साथ ही उन्होंने छात्राओं को वर्षा से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। इतिहास विभाग की ओर से प्रो. पूनम पांडेय, डा.स्मृति भटनागर , डॉ. शशिकेश कुमार गोंड और डॉ. श्वेता सिंह सहित शिक्षक - शिक्षकों ने भी वर्षा की सफलता पर उन्हें बधाई अर्पित किया।

UP K Varanasi Main सूफ़ी संत हजरत गाजी मियां की लगी लग्न

दरगाह पर हुई फातेहा चढ़ाई गई चादर, मांगी अमन और मिल्लत की दुआएं

आस्ताने की दीवारों पर हल्दी लगे पंजों की लगाई छाप


Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi)। UP के मज़हबी शहर Varanasi में प्रमुख सूफ़ी संत हजरत सैयद सलार मसूद गाजी मियां (Ghazi Miya) रहमतुल्लाह अलैह की शादी की सवा महीने की लगन रखने की रवायत रविवार को निभाई गई। दरगाह कमेटी के गद्दीनशीन/सेक्रेटरी हाजी एजाजुद्दीन हाशमी की अगुवाई में हल्दी की रस्म-रिवाज निभाई गई। इसमें ख़्वातीन व कमेटी के लोगों ने हल्दी से दरगाह की दरों दीवार पर पंजे की छाप लगाई।

इससे पूर्व गुस्ल के बाद संदलपोशी और चादरपोशी की गई। इसके बाद मजार पर हल्दी का लेपन किया गया। आस्ताने की दीवारों पर हल्दी लगे पंजों की छाप लगाई गई। रस्म होने के बाद कुल शरीफ और सलातो सलाम पढ़ा गया और देश दुनिया में अमन मिल्लत, खुशहाली की दुआ की गई। गाजी मियां की लग्न के साथ ही उनकी शादी की रस्मों की शुरुआत भी हो गई जो सवा महीने तक चलेंगी। 


दरगाह कमेटी के सचिव हाजी एजाजुद्दीन हाशमी, सदर हाजी सिराजुद्दीन हाशमी, नियाजुद्दीन हाशमी, जीशान अहमद के अनुसार फातिहा और चादर पोशी में अकीदतमंदों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। अकीदतमंदों ने गाजी मियां के दरबार में अकीदत से हल्दी लगाई और खुद भी लगवाई। 15 मई को गाजी मियां की पलंगपीढ़ी व मेदनी की रस्म अदा की जाएगी। 


बताते चले कि महमूद गजनवी के सिपहसलार सालार मसूद गाजी मियां का सलारपुरा (बड़ी बाजार) में दरगाह है। यहां प्रतिवर्ष गांजी मिया की शादी की रस्म सैकड़ों साल से होती आ रही है। जिसमें सभी मज़हब के लोगों की भारी भीड़ मजार पर जुटती है। गाजी मियां के शादी के तैयारियों में सवा महीने का लगन रखने की रवायत के बाद पलंग-पीढ़ी बहराइच स्थित दरगाह पर भेजा जाता है। जुलूस बुनकर मार्केट, काजी सादुल्लापुरा, चौकाघाट, हुकुलगंज, तिराहा, मकबूल आलम रोड, पुलिस लाइन, भोजूबीर होते हुए शिवपुर से बहराइच के लिए वाहन से रवाना होता है। गाजी मियां की शादी के मौके पर मन्नत मांगने बड़ी संख्या में लोगों का हुजुम जुटता है। माना जाता है गाज़ी मियां लोगों की बिगड़ी बनाते हैं इसलिए मन्नतें व मुराद के लिए लोगों का मजमा शादी के साथ ही हर जुमेरात व जुमा को भी उमड़ता है।

रविवार, 29 मार्च 2026

ISSRA Varanasi के Hajj Camp 2026 का हुआ शानदार आगाज़

हज कैंप में बताया गया हज क्या है और कैसे पूरा करें अरकान 





dil india live (Varanasi). ISSRA वाराणसी के बैनर तले वाराणसी सहित पूर्वान्चल के विभिन्न जिलों के हज जायरीन के लिए "स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प, 2026" का बेहद शानदार आगाज़ इतवार को  हुआ। ISSRA के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने बताया कि हज, 2026 का मुकद्दस सफर चन्द दिनों में ही शुरू होने वाला है। इस खुशी के मौके पर इसरा (ISSRA) वाराणसी (यू०पी०) के जानिब से रखे गये पहले इतवार के "स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प, 2026" का प्रोग्राम मौलाना अब्दुल हादी साहब की सरपरस्ती में बखूबी सम्पन्न हुआ। आज के इस ट्रेनिंग कैम्प में हाफिज मुबारक साहब ने बताया कि हमें चाहिए कि हम वहां पर पाक-साफ होकर अच्छी तरह गुस्ल और वुजू करके हजबैतुल्लाह के लिए रवाना हों। इसलिए जरूरी है कि गुस्ल और वुजू का सही तरीका हमें जरूर आना चाहिए। उन्होंने बताया कि गुक्ल में तीन फर्ज है- (1) कुल्ली करना, (2) नाक में पानी डालना, (३) सिर से लेकर पूरे बदन पर इस तरह पानी बहाना है कि बाल के नोक के बराबर बदन का कोई हिस्सा भिंगने से बाकी न रह जाय। वुजू के बारे में उन्होंने बताया कि वुजू में चार फर्ज है- (1) चेहरा घोना (2) सिर के बाल के जमने की जगह यानी माथे से लेकर ठुड्‌डी के नीचे तक और दायें कान की लौ से लेकर बायीं कान की लौ तक चेहरे पर पानी बहाना, (3) कोहनियों समेत दोनों हाथों को धोना। (4) चौथाई सर का मसा करना। (5) दोनों पैर टखने समेत धोना। 

इस मौके पर सदर काजी -ए-शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद ने जायरीन को हज के अरकान बताए और हज जायरीनों को तलबियाह याद कराया। जब हज जायरीन कैम्प में लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक लब्बैक ला शरीक अ-लका-लब्बैक इन्नलहम्दा वन्नेमता लका वलमुल्क ला शरीक-अ-लक याद कर रहे थे और जब लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक की सदा कैम्प में गूंजी तो लोगों के दिल की कैफियत बदल गयी। उन्होंने बताया कि हज, नमाज, रोजा, जकात की तरह इस्लाम का एक अहम फरीजों और पांचवां रूक्न है। हज जिस्मानी व माली इबादत का मजमुआ है। उन्होंने कहा कि जब कोई मुसलमान हज का इरादा करे तो उस पर हज के मसाइल सीखना जरूरी है कि ताकि वह हज के अरकानों को सही तरीके से अदा कर सके और सफर की मेहनत व परेशानी, पैसा बेकार न जाय। 

ख़्वातीन की पर्दे में हुई अलग ट्रेनिंग 

हज्जिन औरतों की ट्रेनिंग में आई लेडीज ट्रेनर में हज्जिन सैयदा खानम, निकहत फातमा व समन खान वगैरह मौजूद थी। जिसमें लेडीज ट्रेनर सैयदा खानम ने कहा कि हज की तैयारी आप अभी से शुरू कर दे चूंकि औरतों की जिस्मान कूबत कमजोर होती है और हज एक जिस्मानी व जहनी तौर पर मुश्किल तलब अमल है। इसलिए औरतों को पहले से ही इसकी तैयारी कर लेनी चाहिए। औरतों का अपना सीला हुआ कपड़ा ही एहराम है और औरतें अपने माथे से लेकर सिर के बालों को अच्छी तरह ढक कर रखें एहराम की हालत में अजनबी मर्द के सामने बेपर्दा होना, तलबियाह जोर से पढ़ना, तवाफ इज्तिबा और रमल करना, सई में मिलैन अखिजरैन के दरम्यान दौड़ना, मर्द के हुजूम के वक्त हजे अस्वद को बोसा देना, यह सब उमूर (मना) है। हज्जिन अनम फातमा ने औरतों को हज की कुछ जरूरी दुआएँ याद करवायी तथा उन्होंने हज पर जाने के लिए कुछ जरूरी बातें बताई- 1. आप हज के दौरान पढ़ी जाने वाली दुआएँ व नियत जरूर याद कर लें। 2. रोजाना सुबह फज के बाद खूब पैदल चलने की आदत डालें ताकि वहाँ तवाफ व हज के दौरान आपको कोई तकलीफ न हो। 3. नमाजे जनाजा पढ़ने का तरीका जरूर सीख लें। 4. जमात के साथ नमाज पढ़ने का तरीका जरूर सीख लें और बीच नमाज में शामिल होने के बाद उसको पूरा करने का भी तरीका सीखें। 5. अपने शहर में उपलब्ध लिफ्ट एक्सिलेटर का इस्तेमाल करने का तरीका भी सीखें। 6. आप मोबाइल के इस्तेमाल करने का तरीका जरूर सीखें जिससे जरूरत पड़ ने पर आप अपने ग्रुप व हज कमेटी के लोगों से राब्ता कायम कर सकें जिससे आपको हज के दौरान कोई परेशानी न हो। 


इनकी रही खास मौजूदगी 

वाराणसी से मोहम्मद युनूस, शोहराब आलम, गुलाम रसूल, मोहम्मद युसूफ, मोहम्मद साजिद, हफीजुल्लाह, फिरोज अहमद, अब्दुल सलाम, मोहम्मद मुबारक गाजीपुर से मोहम्मद अमीन, खुर्शीद सिद्दीकी, मोहम्मद हनीफ चन्दौली से अब्दुल बारी, इमरान, फिरोज अहमद, वहीदुल्लाह, अब्दुल हफीज भदोही से मोहम्मद शेख शफीक, मोहम्मद निजामुद्दीन औरतों में खलीकुन्न निशा, आसमां बेगम, साजिदा बेगम, नूरजहां, आसिया खातून, निकहत सुलताना, अंजूम, रूबीना बानो, नसरीन तथा इसरा के अन्य सदस्य एवं पदाधिकारीगण मौजूद थे। इस स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प की अगली कड़ी में दूसरे इतवार 05.04.2026 का प्रोग्राम इसी इसरा मुख्यालय अर्दली बाजार, वाराणसी में होगा।

Palm Sunday: खजूर की डालियों संग निकला जुलूस, संजीदगी से मनाया खजूर इतवार

विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी दुनिया को ईसा मसीह के अंहिसा के संदेश अपनाने पर मसीही समुदाय ने दिया ज़ोर






 dil India live (Varanasi)। एक तरफ दुनिया विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी है वहीं दूसरी ओर प्रभु ईसा मसीह के सलीब पर चढ़ने के पूर्व येरुसलम नगर में उनके प्रवेश और उसके पश्चात् उनकी दुख-पीड़ा और क्रूस मरण को याद करते हुए शहर के विभिन्न मसीही समुदायों ने Palam Sunday (खजूर इतवार) को भक्ति और संजीदगी के साथ मनाते हुए ईसा मसीह के अहिंसा के संदेश को अपनाने की विश्व समुदाय से अपील की। 

सुबह सेंट मेरीज़ महागिरजा से बिशप यूज़ीन की अगुवाई में खजूर की डालियो संग जुलूस निकला। जुलुस विभिन्न जगहों से होकर वापस चर्च आकर सम्पन्न हुआ। इस दौरान हुई प्रार्थना सभा में ईसाई पुरोहितों ने अपने अपने चर्चेज में इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा कि ईसा मसीह को शांति का राज कुमार कहते हैं। उन्होंने दुनिया को भ्रष्टाचार से दूर रहने और अहिंसा के मार्ग पर चलने का जो संदेश दिया उसे अगर हम नहीं अपनाएगें तो अपना वजूद खो बैठेंगे। कलीसिया का आहवान करते हुए तेलियाबाग सीएनआई चर्च में पादरी आदित्य कुमार ने कहा कि ईसा मसीह के अंहिसा के संदेश को अपनाओ और सही राह पर चलो। इस दौरान बाइबिल पाठ संग प्रार्थना की गई। पादरी आदित्य कुमार की अगुवाई में पाम संडे पर खजूर की डालियों संग चर्च कंपाउंड में जुलूस निकाला गया। इस दौरान गिरजाघर खचाखच भरा था जहां मौजूद लोगों में खजूर का तबर्रुक बांटा गया। 

चर्च आफ बनारस में पादरी बेन जान ने सभा को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि ईसा मसीह का जैसा स्वभाव था वैसे ही हम भी अपने स्वभाव को बनाए। उधर पादरी संजय दान की अगुवाई में खजूर की डालियो संग सुबह सेंट पॉल चर्च में जुलूस निकला तो लाल गिरजाघर का पाम संडे का जुलूस पादरी इक़बाल मसीह की अगुवाई में निकला जिसमें भक्त अपने हाथों में खजूर की डालिया लेकर... मेरे प्यारे यीशु जी, मुक्तिदाता यीशु जी, शांतिदाता यीशु जी, होसन्ना आल्लेलूया। जैसे गीत और ईसा मसीह की जयकार लगाते चल रहे थे। जुलूस विभिन्न जगहों से होकर लाल गिरजा पहुंचा। यहां प्रार्थना सभा में बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम दिखाई दिया।



जुलुस विभिन्न जगहों से होकर वापस चर्च आकर सम्पन्न हुआ। प्रार्थना सभा के बाद लोगों में खजूर बांटा गया। ऐसे ही बेटलफूल गॉस्पल चर्च में पास्टर एंडू थामस की अगुवाई में प्रार्थना सभा का अयोजन किया गया। जिसमें चर्च से जुड़े तमाम लोग मौजूद थे। ऐसे ही गौदोलिया स्थित सेंट थामस चर्च, सुंदरपुर में ईसीआई चर्च, नगवां में सेंट फ्रांसिस आफ असीसी चर्च, महरौली में सेंट जांस चर्च, सेंट जांस डीएलडब्ल्यू चर्च, फातेमा माता चर्च, यीशु माता मंदिर समेत तमाम चर्च में प्रभु ईसा मसीह की स्तुति की गई। इसी के साथ अब शुक्रवार को ईसा मसीह का मरण दिवस यानी पुण्य शुक्रवार या गुड फ्राइडे मनाया जाएगा। ऐसे ही सेंट मैरीज चर्च नोएडा, लखनऊ, गाजीपुर समेत देश दुनिया में पाम संडे धूमधाम से आस्थापूर्वक मनाया गया।




शनिवार, 28 मार्च 2026

Palm Sunday के साथ शुरू होगा देश दुनिया में Holy Week

प्रभु यीशु मसीह के दुख भोग की यादें होंगी ताज़ा 



dil india live (Varanasi). ईसाई धर्म का एक अत्यंत पवित्र सप्ताह जिसे दुख भोग सप्ताह या Holy Week कहते है, उसका आगाज़ 29 मार्च से होने जा रहा है। Holy Week का पहला दिन खजूर रविवार (Palm Sunday) है। यह पवित्र सप्ताह Palm Sunday शुरू होकर ईस्टर संडे (Easter Sunday) तक चलता है। पादरी आदित्य कुमार बताते हैं कि Palm Sunday प्रभु यीशु मसीह के यरूशलेम में प्रवेश, उनके दुख भोग, क्रूस पर बलिदान और पुनरुत्थान के स्मरण का समय है, जो मानवता के प्रति उनके प्रेम और त्याग को दर्शाता है।

दुख भोग सप्ताह की मुख्य बातें 

Palm Sunday: इस दिन प्रभु यीशु मसीह ने जब यरूसलेम में विजयी प्रवेश किया था तो वहां के लोगों ने यीशु का खजूर की डालियों से अभूतपूर्व स्वागत किया था। उसी याद को मसीही समुदाय हर साल खजूर इतवार या Palm Sunday मनाकर ताज़ा करता है।

पवित्र गुरुवार (Maundy Thursday): गुड फ्राइडे के एक दिन पूर्व प्रभु यीशु ने अपने 12 शिष्यों के साथ अंतिम भोज (Last Supper) किया था और शिष्यों का पैर धोया था। इस दिन का मसीही समुदाय में न सिर्फ खासा महत्व है बल्कि इस दिन की याद में पूरी दुनिया का मसीही समुदाय के धर्म गुरु पोप से लेकर बिशप तक अपने शिष्यों का पैर धोकर उस सैकड़ों साल पुरानी यादें ताज़ा करते हैं।

गुड फ्राइडे (Good Friday): यह वह दिन है जब प्रभु यीशु को कठोर सजा देने के बाद क्रूस पर चढ़ाया गया था जिससे उनकी मृत्यु हो गई। सबसे खास बात यह थी कि जिसने प्रभु यीशु मसीह को इतनी प्रताड़ना दी यीशु ने उसके लिए भी अपने अंतिम समय में माफ करने की प्रार्थना यह कहते हुए किया कि,हे प्रभु इन्हें क्षमा करें क्यों कि ये नहीं जानते ये क्या कर रहे हैं?

ईस्टर संडे (Easter Sunday): ये वो दिन है जब प्रभु यीशु मसीह पुनः धरती पर जी उठे थे। उनकी कब्र स्वत खुल गई थी। इस दिन को पुनरुत्थान दिवस या ईस्टर भी कहते हैं। यह दिन दुनिया भर में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। आज इतवार को जो छुट्टी होती है वो इसी खुशी में तय की गई है।