शनिवार, 14 मार्च 2026

NSS camp Main "Soft Skill for Employability" विषयक प्रभावशाली कार्यशाला का हुआ आयोजन

युवाओं में कौशल विकास  शिक्षा तथा रोजगार पर चर्चा



dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई: 014A द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर का  पांचवां दिन  सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दिन की शुरुआत सुबह 10:00 बजे स्वयंसेवकों की उपस्थिति दर्ज करने के साथ हुई, उसके बाद एनएसएस ताली, थीम गीत और हम होंगे कामयाब गीत के साथ शिविर की शुरुआत हुई। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशि प्रभा कश्यप की अगुवाई में सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर की थीम “युवाओं में कौशल विकास” रखा गया था जिसके अंतर्गत "रोजगार योग्यता के लिए सॉफ्ट स्किल्स" ( Soft Skill for Employability) विषय पर एक अत्यंत प्रभावशाली कार्यशाला आयोजित की गई। इस सत्र का मुख्य केंद्र-बिंदु युवाओं में कौशल विकास और शिक्षा तथा पेशेवर रोजगार के बीच की खाई को पाटने में इसकी प्रत्यक्ष भूमिका थी।

केवल अकादमिक डिग्रियां अब पर्याप्त नहीं 

कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशि प्रभा कश्यप ने इस बात पर जोर दिया और कहा  कि आधुनिक रोजगार बाजार में केवल अकादमिक डिग्रियां अब पर्याप्त नहीं हैं। इस दिन का मुख्य आकर्षण श्री रविंद्र सहाय के नेतृत्व में आयोजित एक गहन प्रशिक्षण सत्र था  श्री सहाय को लोकप्रिय रूप से "करियर गुरु" के नाम से जाना जाता है और वे भारत सरकार की 'नेशनल करियर सर्विस' में एक राष्ट्रीय परामर्शदाता हैं, जिन्हें करियर मार्गदर्शन और परामर्श के क्षेत्र में 35 वर्षों का अनुभव है। डॉ. कश्यप द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि वक्ता तथा सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया गया।



 रविंद्र सहाय ने एक सफल करियर बनाने में संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क, समय प्रबंधन, समस्या-समाधान की क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण  के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद सहाय ने नीम के पेड़ का उदाहरण देकर सॉफ्ट स्किल्स के महत्व को समझाया  उन्होंने बताया कि कैसे मज़बूत जड़ें और संतुलित विकास जीवन में अच्छे व्यक्तित्व गुणों और मूल्यों के विकास का प्रतीक हैं। उन्होंने छात्रों को रोज़ाना अच्छी आदतें विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया, जैसे कि आत्मविश्वास और आत्म-जागरूकता बढ़ाने के लिए हर सुबह खुद से बात करना और शीशे के सामने खड़े होकर बात करने का अभ्यास करना। उन्होंने "व्यक्तिगत विकास के लिए चार वर्ग" (Four Squares for Personal Development) की अवधारणा भी प्रस्तुत की, जिसमें शामिल थे: एक अच्छा दृष्टिकोण विकसित करना, भावनाओं को प्रभावी ढंग से संभालना, आत्म-देखभाल का अभ्यास करना, लक्ष्य निर्धारित करना और उन पर कार्रवाई करना I इसके अलावा, उन्होंने जीवन के पाँच तत्वों की व्याख्या की और उन्हें महत्वपूर्ण जीवन कौशलों से जोड़ा: पृथ्वी (पृथ्वी तत्व): स्थिरता, धैर्य, सहनशीलता और भावनात्मक शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। जल (जल तत्व): अनुकूलनशीलता और परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता का प्रतीक है। अग्नि (अग्नि तत्व): ऊर्जा, साहस, उत्साह और लक्ष्यों को प्राप्त करने के जुनून का प्रतिनिधित्व करता है। वायु (वायु तत्व): गति और निरंतर विकास का प्रतीक है। आकाश (आकाश तत्व): एक व्यापक दृष्टिकोण, आत्म-जागरूकता, दूरदृष्टि और सजगता का प्रतिनिधित्व करता है।

उन्होंने छात्रों को स्किल इंडिया पहल के माध्यम से व्यावहारिक कौशल सीखने और  नेशनल करियर सर्विस पोर्टल के माध्यम से करियर मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आज की दुनिया में डिजिटल साक्षरता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के महत्व पर ज़ोर दिया।  इंटरैक्टिव सेशन के दौरान, छात्रों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बारे में सवाल पूछे गए, और भाग्यज्योति पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे आईं और AI से जुड़े सात मुख्य बिंदु साझा किए।

कुछ छात्रों को उनकी भागीदारी और प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। तेजस्विनी और भाग्यज्योति को उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए पुरस्कृत किया गया। प्रतिभा को भी व्यक्तित्व के बारे में विस्तार से बताने के लिए पुरस्कार मिला। पूरे सेशन के दौरान, नंदकिशोर सर ने छात्रों को प्रेरित और प्रोत्साहित किया, जबकि चंद्रशेखर सर ने सफलता प्राप्त करने में समय प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला।

यह सत्र अत्यंत संवादात्मक रहा, जिसमें स्वयंसेवकों ने प्रश्न पूछकर और करियर विकास पर अपने विचार साझा करके सक्रिय रूप से भाग लिया। यह कार्यक्रम प्रेरक और ज्ञानवर्धक  साबित हुआ, जिसने छात्रों को रोजगार क्षमता और करियर की संभावनाओं को बेहतर बनाने में सॉफ्ट स्किल्स के महत्व को समझने में मदद की।  डॉ. शशि प्रभा कश्यप ने इस सेशन को सार्थक और सफल बनाने के लिए अतिथि वक्ता, एनएसएस स्वयंसेविकाओं और वहां उपस्थित सभी लोगों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन नंदकिशोर सर द्वारा दिए गए एक प्रेरणादायक और सशक्त प्रेरक नारे और राष्ट्रगान के साथ हुआ।

Varanasi Main IPS Mansi को थाना प्रभारी चोलापुर किया गया नियुक्त

परिविक्षाधीन आईपीएस अधिकारी हैं मानसी दहिया 

जनपदीय व्यावहारिक प्रशिक्षण के अंतर्गत थाना चोलापुर का मिला स्वतंत्र प्रभार



  • sarfaraz Ahmad 

dil india live (Varanasi). पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा कमिश्नरेट वाराणसी में जनपदीय व्यावहारिक प्रशिक्षण के क्रम में 77 वें आर आर (वर्ष 2023) बैच की परिवीक्षाधीन IPS मानसी दहिया को थाना प्रभारी चोलापुर नियुक्त किया गया। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी के आदेशानुसार उन्हें थाना चोलापुर का स्वतंत्र प्रभार 12 सप्ताह के लिए सौंपा गया है, जिसमें वे कानून-व्यवस्था बनाये रखने, अपराध नियंत्रण तथा थाना प्रशासन के प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी निभाएंगी।

प्रशिक्षण अवधि के दौरान आईपीएस मानसी दहिया अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए पुलिस कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन करेंगी, साथ ही जनसुनवाई, शिकायत निस्तारण तथा थाना प्रबंधन से संबंधित प्रशासनिक कार्यों का नेतृत्व भी करेंगी।

सोनीपत हरियाणा की हैं निवासी  
  • बैच - 77 वें आरआर (वर्ष 2023 बैच) (IPS)  
  • योग्यता - B.SC, B.ED  
  • पता – सोनीपत, हरियाणा

NSS camp Main स्वयंसेवकों ने निकाली सड़क सुरक्षा रैली

स्वयंसेवकों को दिया गया योगासन का प्रशिक्षण



dil india live (Varanasi). डीएवी पीजी कॉलेज (DAV PG College) की राष्ट्रीय सेवा योजना की विभिन्न इकाइयों द्वारा चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर में शनिवार को विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। इकाई सीएफ एवं जी के स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश झा, डॉ. मनीषा सिंह एवं डॉ. दीपक शर्मा के निर्देशन में छठें दिन नगवां स्थित रविदास घाट में योग प्रशिक्षण प्राप्त किया। आर्ट ऑफ़ लिविंग के योग प्रशिक्षक डॉ. आनंद कर्ण ने स्वयंसेवकों को योगासन का प्रशिक्षण दिया, इसके उपरांत स्वयंसेवकों ने सड़क सुरक्षा - जीवन रक्षा... पर अस्सी व नगवा क्षेत्र मे रैली निकाली। नगवा स्थित गंगा सिवेज ट्रीटमेंट प्लांट जाकर, गंगा स्वच्छ करने क़ी विभिन्न तकनीकी पहलुओ को समझा। अन्तिम सत्र में नन्दलाल बाजोरिया संस्कृत महाविद्यालय के आचार्य डॉ. गंगाधर मिश्र ने भारतीय संस्कृति एवं परम्परा पर व्याख्यान दिया। 



      इकाई ई एवं एच के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ऋचा गुप्ता एवं डॉ. प्रियंका बहल के निर्देशन में प्राथमिक विद्यालय काजीपुर, सोनिया क्षेत्र में शिविर आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न सत्रों में डॉ. कल्पना सिंह, विंध्य नारायण सिंह, आरिफ अहमद ने विषयों पर विचार रखें। 

वहीं कॉलेज में इकाई ए एवं बी द्वारा आयोजित एक दिवसीय शिविर में प्रो. ऋचारानी यादव द्वारा लैंगिक समानता विषय पर व्याख्यान दिया गया। संयोजन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ओमप्रकाश कुमार एवं डॉ. सूर्यप्रकाश पाठक द्वारा किया गया।

UP K Varanasi Main 4 स्कूली वाहन सीज व 7 वाहनों का चालान

शुरू हुआ अनफिट/बिना परमिट संचालित स्कूल वाहनों के विरुद्ध विशेष प्रवर्तन अभियान  

स्कूलों में भ्रमण कर की जाएगी वाहनों की फिटनेस जांच


dil india live (Varanasi). 14 मार्च 2026 को जनपद वाराणसी में अनफिट एवं बिना वैध परमिट संचालित स्कूल वाहनों के विरुद्ध विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया गया। इस अभियान के दौरान कुल 4 वाहन सीज किए गए तथा 7 वाहनों का चालान किया गया।

सड़क पर सघन जांच के अतिरिक्त, प्रवर्तन दल द्वारा विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण कर स्कूल वाहनों की भौतिक सत्यापन प्रक्रिया भी की जाएगी, ताकि उनके फिटनेस, परमिट एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच सुनिश्चित की जा सके।


यह प्रवर्तन कार्रवाई ए.आर.टी.ओ. (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन तथा यात्रीकर अधिकारी अखिलेश पांडेय के नेतृत्व में संपन्न हुई।परिवहन विभाग ने सभी विद्यालय प्रबंधन से अनुरोध किया है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके विद्यालयों के कोई भी वाहन बिना वैध फिटनेस एवं परमिट के संचालित न हों। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन पूर्ण हो, चालकों की नियमित नेत्र परीक्षण समय से कराया जाए तथा सभी निर्धारित सुरक्षा मानक जैसे खिड़कियों पर सेफ्टी ग्रिल/बार, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार पेटी आदि अनिवार्य रूप से वाहन में स्थापित हों।

यदि कोई वाहन स्कूल वाहन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। जो विद्यालय प्रबंधन बार-बार नियमों का उल्लंघन करते हैं अथवा नोटिस एवं चालान जारी होने के बावजूद अपने वाहनों के अभिलेख अद्यतन नहीं करते हैं, उनके विरुद्ध प्राथमिकी (F.I.R.) दर्ज की जाएगी। विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Allahabad high court ने कहा अपना तबादला करवा लें DM SP

संभल में नमाज़ियों की संख्या सीमित करने का आदेश भी किया रद्द



dil india live (Allahabad). इलाहाबाद से बड़ी खबर है। Allahabad High Court ने संभल जिला प्रशासन के उस फैसले को फटकार लगाते हुए खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि संभल जामा मस्जिद के भीतर नमाज़ पढ़ने वालों की संख्या सीमित कर दी जाए। उत्तर प्रदेश प्रशासन के इस फैसले को खारिज करते हुए कोर्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

जस्टिस Atul Sreedharan और जस्टिस Siddharth Nandan की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रशासन को सख्त टिप्पणी के साथ कहा है कि यदि स्थानीय प्रशासन यानी पुलिस अधीक्षक (SP) और जिलाधिकारी, कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम नहीं हैं और इसी वजह से नमाज़ियों की संख्या सीमित करना चाहते हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए या संभल से बाहर तबादले की मांग करना चाहिए।


हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि राज्य का यह संवैधानिक दायित्व है कि हर समुदाय को अपने निर्धारित पूजा स्थल पर शांतिपूर्वक धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति मिले। अदालत ने यह भी कहा कि यदि संबंधित स्थान निजी संपत्ति है, जैसा कि पहले कोर्ट मान चुका है, तो वहां पूजा-अर्चना के लिए राज्य से अनुमति लेने की भी आवश्यकता नहीं है।

Ramadan ka Paigham : यहां जानिए सदका-ए-फित्र की सच्चाई कितना दें किसे दें

सदका-ए-फित्र ईद की नमाज़ से पहले हर हाल में कर दें अदा



dil india live (Varanasi)। सदका-ए-फित्र ईद की नमाज़ से पहले हर हाल में मोमिनीन अदा कर दे ताकि उसका रोज़ा रब की बारगाह में कुबुल हो जाये, अगर नहीं दिया तो तब तक उसका रोज़ा ज़मीन और आसमान के दरमियान लटका रहेगा जब तक सदका-ए-फित्र अदा नहीं कर देता।

हिजरी कलैंडर का 9 वां महीना रमज़ान वो महीना जिसके आते ही जन्नत के दरवाज़े खोल दिये जाते हैं और रब जहन्नुम के दरवाजे बंद कर देता हैं। फिज़ा में चारों ओर नूर छा जाता है।मस्जिदें नमाज़ियों से भर जाती हैं। लोगों के दिलों दिमाग में बस एक ही बात रहती है कि कैसे ज्यादा से ज्यादा सवाब क्या लिया जाये। एक महीने की तो बात है। इसलिए फर्ज़ नमाज़ों के साथ ही नफ्ल और तहज्जुद पर ज़ोर रहता है, अमीर गरीबों का हक़ अदा करता हैं। पता ये चला कि रमज़ान हमे जहां नेकी की राह दिखाता है वही यह मुकद्दस महीना गरीबो, मिसकीनों, लाचारों, बेवा, और बेसहरा वगैरह को उनका हक़ और अधिकार भी देता है। यही वजह है कि रमज़ान का आखिरी अशरा आते आते हर साहिबे निसाब अपनी आमदनी की बचत का ढ़ाई फीसद जक़ात निकालता है तो दो किलों 45 ग्राम वो गेंहू जो वो खाता है उसका फितरा। रब कहता है कि 11 महीना बंदा अपने तरीक़े से तो गुज़ारता ही है, एक महीना माहे रमज़ान को वो मेरे लिए वक्फ कर दे। यही वजह है कि इस महीने को इबादत वाला महीना भी कहते हैं। 

रब कहता है कि माहे रमज़ान कितना अज़ीम बरकतों और रहमतो का महीना है इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि इस पाक महीने में कुरान शरीफ नाज़िल हुई। इस महीने में बंदा दुनिया की तमाम ख्वाहिशात को मिटा कर अपने रब के लिए पूरे दिन भूखा-प्यासा रहकर रोज़ा रखता है। नमाज़े अदा करता है। के अलावा तहज्जुद, चाश्त, नफ्ल अदा करता है इस महीने में वो मज़हबी टैक्स ज़कात और फितरा देकर गरीबों-मिसकीनों की ईद कराता है।अल्लाह ने हदीस में फरमया है कि सिवाए रोज़े के कि रोज़ा मेरे लिये है इसकी जज़ा मैं खुद दूंगा। बंदा अपनी ख्वाहिश और खाने को सिर्फ मेरी वजह से तर्क करता है। यह महीना नेकी का महीना है इस महीने से इंसान नेकी करके अपनी बुनियाद मजबूत करता है। ऐ मेरे पाक परवर दिगारे आलम, तू अपने हबीब के सदके में हम सबको रोज़ा रखने, दीगर इबादत करने, और हक की जिंदगी जीने की तौफीक दे ..आमीन।

      मौलाना इरशाद रब्बानी 
(प्रमुख उलेमा चंपारण, बिहार) 

शुक्रवार, 13 मार्च 2026

NSS camp : Art & Craft Skill के माध्यम से एक्सपर्ट ने बताया युवा कैसे बनेंगे सशक्त!

लुभावनी कृतियों को आकार दे प्रशिक्षुओं ने सभी को किया प्रभावित 






dil india live (Varanasi). 13 मार्च, 2026 को कंपोजिट विद्यालय, छित्तूपुर खास, बीएचयू, वाराणसी में वसंत कन्या महाविद्यालय (VKM), कमच्छा की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई 014A द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर का चौथा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दिन की शुरुआत सुबह 10:00 बजे स्वयंसेवकों की उपस्थिति दर्ज करने के साथ हुई, उसके बाद एनएसएस ताली, थीम गीत और हम होंगे कामयाब गीत के साथ शिविर की शुरुआत हुई। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशि प्रभा कश्यप के मार्गदर्शन में  सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर की थीम “युवाओं में कौशल विकास” रखी गई थी,  इस सत्र का मुख्य उद्देश्य "रचनात्मकता से रोजगार की ओर" में कला और शिल्प कौशल (Art & Craft Skill) के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना था । 

इस सत्र में वाराणसी की पिडिलाइट (Pidilite) कंपनी की जानी-मानी कला और शिल्प विशेषज्ञ नीतू घोषाल ने अतिथि प्रशिक्षक के रूप में भाग लिया। डॉ. कश्यप ने अतिथि वक्ता का स्वागत किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य पारंपरिक कला से आगे बढ़कर यह दिखाना था कि रचनात्मक कौशल को सीधे तौर पर रोजगार और उद्यमिता से कैसे जोड़ा जा सकता है। घोषाल ने एक गहन व्यावहारिक सत्र आयोजित किया, जिसमें उन्होंने स्वयंसेवकों को फैब्रिक पेंटिंग, क्ले मॉडलिंग (मिट्टी के मॉडल बनाना) में ढोकरा आर्ट, क्ले से ईयररिंग बनाना और "बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट" (कचरे से उपयोगी वस्तुएँ बनाना) में पेबल आर्ट या छोटे छोटे पत्थरों से शो पीस, पेपर वेट, मिट्टी के फेंके गए कुल्हाड़ों से शो पीस बनाना इत्यादि कई रचनात्मक तकनीकें सिखाईं।

लंच ब्रेक के बाद दूसरा सत्र दोपहर 2:00 बजे शुरू हुआ। इस सत्र में श्रीमती घोषाल ने यह प्रदर्शित किया कि कैसे पारंपरिक शिल्प तकनीकों को, जब पेशेवर बारीकियों के साथ निखारा जाता है, तो वे रोजगार और उद्यमिता के विशाल अवसर खोल सकती हैं। फैब्रिक पेंटिंग से लेकर पुनर्चक्रित (recycled) सामग्री से उच्च-स्तरीय सजावटी वस्तुएँ बनाने तक, इस प्रशिक्षण ने छात्रों को अपने स्वयं के छोटे पैमाने के व्यवसाय शुरू करने के लिए एक रूपरेखा प्रदान की।

उन्होंने समझाया कि इन कौशलों के माध्यम से युवा इंटीरियर डेकोरेशन, बुटीक व्यवसाय और स्वतंत्र कलाकार (फ्रीलांस आर्टिस्ट) के रूप में अपना करियर कैसे बना सकते हैं। और युवा अपनी बनाई हुई वस्तुओं को बेचने के लिए सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग कैसे कर सकते हैं, जिससे एक स्थानीय शिल्प को वैश्विक व्यवसाय में बदला जा सके। घोषाल ने कहा कि "कला अब केवल किसी गैलरी की दीवारों तक ही सीमित नहीं रह गई है। आज की डिजिटल अर्थव्यवस्था में, एक कुशल कारीगर स्वयं-निर्मित उद्यमी होता ह फॉर लोकल' (स्थानीय के लिए मुखर) जैसे इन कौशलों में महारत हासिल करके, हमारे युवा नौकरी चाहने वालों से नौकरी देने वालों की भूमिडॉ. शशि प्रभा कश्यप ने इस बात पर जोर देते हुए सत्र का समापन किया कि एनएसएस  का मिशन एक आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह का कौशल-आधारित प्रशिक्षण यह सुनिश्चित करता है कि VKM, बीएचयू  के युवा आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए आवश्यक व्यावहारिक उपकरणों से सुसज्जित हों। 

50 स्वयंसेवकों ने व्यावहारिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रशिक्षण सत्र के दौरान अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। यह सत्र अत्यंत प्रेरणादायक, क्रिएटिव एवं ज्ञानवर्धक रहा उसके बाद शिविर का समापन राष्ट्रगान तथा स्वयंसेवकों द्वारा बनाई गई विभिन्न उपयोगी वस्तुओं की एक प्रदर्शनी के साथ हुआ, जिसमें नवाचार और पारंपरिक कलात्मकता का एक सुंदर मेल देखने को मिला।