अब्बास मुर्तजा शम्सी के दौलतखाने व बनकट में रोज़ा हुआ इफ्तार
dil india live (Varanasi). कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अब्बास मुर्तुजा शम्सी के दालमंडी स्थित दौलतखाने पर इतवार को रोजा इफ्तार दावत का भव्य आयोजन किया गया। इस इफ्तार पार्टी में शहर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे अपनी पूरी कमेटी के साथ जहां शामिल हुए वहीं इफ्तार दावत में शिरकत करने आए लोगों का अब्बास मुर्तजा शम्सी ने जोरदार स्वागत किया।
आयोजन में अमन, मिल्लत और देश व कौम की तरक्की के लिए लोगों ने नमाज के बाद दुआ में हाथ उठाया। इफ्तार पार्टी में धर्म और जाति से ऊपर उठ कर सभी ने मोहब्बत का पैगाम दिया। इस इफ्तार पार्टी में शामिल होने मुनाजिर हुसैन मंजू, पूर्व पार्षद हाजी ओकास अंसारी (वर्तमान पार्षद पति). राघवेंद्र चौबे, राशिद सिद्दीकी, मो. सलीम, गणेश शंकर पाण्डेय, प्रमोद वर्मा, शकील अहमद जादूगर आदि मौजूद थे।
उधर लोहता के बनकट में आज खानकाहे आलिया, कामीलिया, आबदानिया में मौलाना सूफी मोहम्मद ज़कीउल्लाह असदुल क़ादरी के ज़ेरे एहतमाम मुकद्दस 18 रमज़ान को रोज़ा इफ्तार दावत का आयोजन किया गया। मौलाना जकीउल्लाह असदुल कादरी की अगुवाई में हुए रोज़ा इफ्तार में मस्जिद से जैसे ही अज़ान की सदाएं बुलंद हुई तमाम रोजेदारों ने अपना 18 वां रोज़ा मुकम्मल किया। इस दौरान मौजूद तमाम लोगों ने लज़ीज़ इफ्तार का लुत्फ उठाया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता सैयद फसाहत हुसैन बाबू भी इफ्तार में शामिल हुए।
मुकद्द्स रमज़ान जैसे-जैसे रुखसत होने लगता है। रातों की इबादतें बढ़ जाती है। खुदा के नेक बंदे उन इबादतों में तड़प उठते हैं। कि काश रमज़ान कुछ दिन और होता तो इबादत का और मौका मिल जाता। पता नहीं अगले रमज़ान में इसका मौका मिले या न मिले। एक तरफ ईद की तैयारियां चल रही है। लोग बाज़ारों का रुख करते हैं मगर खुदा के नेक बंदे रब से यही दुआ करते हैं कि काश मेरे रब जिंदगी में रमज़ान की नेमत और मिल जाती तो इबादत का और मौका मिलता। दुआ करते-करते वो बेज़ार होकर रो पड़ते हैं। दिल इण्डिया लाइव की एक रिपोर्ट..।
dil India live (Varanasi)। रमज़ान जैसे-जैसे रुखसत होने लगता है। रातों की इबादतें बढ़ जाती है। खुदा के नेक बंदे उन इबादतों में तड़प उठते हैं। कि काश रमज़ान कुछ दिन और रुक जाता तो थोड़ा और इबादत का मौका मिल जाता। पता नहीं अगले रमज़ान में इबादत का मौका मिले या न मिले। हम हयात में हों न हो। एक तरफ ईद की तैयारियां चल रही है। लोग बाज़ारों का रुख कर रहे हैं। बंदा पूरे महीने कामयाबी से रोज़ा रखने के बाद अपनी कामयाबी की उनमें खुशी तलाश रहा है, वहीं कुछ ऐसे भी खुदा के नेक बंदे हैं जो इन दुनियावी मरहले से दूर होकर अपने रब से रमज़ान के आखिरी वक्त तक दुआएं मांगता है। लोगों की मगफिरत के लिए पूरी-पूरी रात जागकर इबादत करते है। इस्लामी मामलों के जानकार मौलाना अमरुलहुदा कहते हैं रमज़ान का आखिरी अशरा रोज़ेदारों के लिए खासी अहमीयत रखता है। इसमें ताक रातों में खूब इबादत मोमिनीन करते है ताकि उनकी मगफिरत तो हो ही साथ ही जो लोग दीन से भटक गये हैं, जो रोज़े और नमाज़ की अहमीयत नहीं समझ सके वो नादान भी सही राह पर आ जायें।
रोने-गिड़गिड़ाने वाला खुदा को बेहद पसंद
छोटी मस्ज़िद औरंगाबाद के इमाम मौलाना निज़ामुद्दीन चतुर्वेदी कहते हैं कि खूब इबादत के बाद भी खुदा के नेक बंदे सिर सजदे में और हाथ इबादत में उठाये खुदा से यही दुआ करते हैं कि इस बार इबादत ज्यादा नहीं कर पाया ऐ मेरे रब जिंदगी में रमज़ान की नेमत और मिल जाये ताकि और इबादत का मौका मिले। वो बताते हैं कि दुआओं के दौरान ज़ार-ज़ार रोने और गिड़गिड़ाने वाला खुदा के नज़दीक बेहद पसंद किया जाता है। इसलिए खुदा के नेक बंदे रमज़ान की रुखसती पर दुआ के वक्त रो पड़ते हैं।
अजाब नाजिल होगा जो रोज़ा नहीं रखते
मदरसा फारुकिया के कारी शाहबुददीन कहते हैं हममें से कई ऐसे भी बंदे हैं जो रमज़ान महीने की अहमीयत नहीं समझ पाये, रात की इबादत तो दूर दिन में ही वो चाय खाने और पान की दुकानों को आबाद किये रहते हैं। हदीस और कुरान में आया है कि ऐसे लोगों पर खुदा का अज़ाब नाज़िल होगा। हाफिज तहसीन रज़ा (ग़ालिब) कहते है कि जिन लोगों ने रब के महीने की अहमीयत नहीं समझी। जो दिन रोज़े व रात इबादत में गुज़रनी चाहिए उसे ज़ाया किया। शर्म आती है ऐसे लोगों पर जो खुद को मुसलमान तो कहते हैं मगर उनमें मोमिन की कोई पहचान नहीं नज़र आती। रमज़ान में मोमिनीन ऐसे लोगों के लिए भी दुआएं करते हैं। मौलाना अकील हुसैनी कहते हैं कि जो कुछ भी नेकिया रमज़ान में कमाया है उसे ईद में लूटा न दें, क्यों कि रमज़ान की नेकियां ही साल भर इंसान को बुरे कामों और बुराईयों से बचाती हैं। रमज़ान में कमाई नेकियों को संजो कर रखे। जैसे रमज़ान में मस्जिद आबाद थी वैसे ही पूरे साल इबादत करें।
इंसानियत के प्लेटफार्म को ज़िंदा कीजिए और अपनी जिंदगी का सबूत पेश कीजिए-मौलाना हसीन अहमद हबीबी
सदर काजी -ए-शहर द्वारा मंथली राशन किट भी किया गया तकसीम
dil india live (Varanasi). 18 रमज़ान सन 1447 हिजरी इतवार को परवाज़ वेलफेयर सोसाइटी बनारस की तरफ से मुस्लिम इंटर कालेज लल्लापुरा गेट के बाहर ज़रूरतमंद ख्वातीन को स्पेशल इफ्तार किट तक्सीम किया गया और साथ ही साथ मंथली राशन किट और कपड़े के साथ-साथ नकाब तक़्सीम किया गया। तंजीम परवाज़ वेलफेयर सोसाइटी के अहम ज़िम्मेदार शम्सी के हाथों से तक़सीम कराया गया साथ ही साथ यह उल्लेखनीय है की 1 साल से ज़्यादा अरसा हुआ तंजीम का यह सिलसिला सदर क़ाज़ी ए शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद हबीबी की सरपरस्ती में हर महीने पाबंदी के साथ राशन किट जरूरतमंदों तक पहुंचाई जा रही है और आज रमज़ान शरीफ के महीने में 8 मार्च को पहला स्टॉल लगा जहां से यह तमाम चीज तक्सीम की गई। दूसरा स्टाइल हमारा कैंप इंशाल्लाह औरंगाबाद में और तीसरा कैंप हमारा इंशाल्लाह बजरडीहा में लगेगा।
कैंप में डॉक्टर अफ़ज़ल मिस्बाही, हाफ़िज़ अब्दुल क़दीर, राज़ खान मोहम्मद आबिद साहब कारी हसीन साहब परवाज़ वेलफेयर सोसाइटी के जनरल सिक्योरिटी मौलाना क़ौसैन मोअज़्ज़म मदनी, मोहम्मद असलम उस्ताद के अलावा बहुत सारे ज़िम्मेदार हज़रात ने हिस्सा लिया।
मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने कहा कि बनारस के अहले खैर हज़रात से गुज़ारिश है के परवाज़ वेलफेयर सोसाइटी की तरह आप भी आला हज़रत वेलफेयर सोसाइटी, राज़ा वेलफेयर सोसाइटी, मुफ्ती आज़म वेलफेयर सोसाइटी, मुजाहिदे मिल्लत वेलफेयर सोसाइटी आदि अनेक तंज़ीम बनाये और कोशिश की जाए कि घूम घूम कर जो मांगने वालों का रास्मो रिवाज भीड़ भाड़ है इसे रोकें और यह मांगने वाला सिस्टम खत्म करें। ज़रूरतमंदों को उनके घर तक पहुंचाएं और तालीम पर ज़ोर दीजिए।
अपने माहौल के अंदर, सोसाइटी के अंदर तालीम आम कीजिए। खराब हालत को दूर कीजिए, इकरा मकतब परवाज़ वेलफेयर सोसाइटी ने चालू किया है आप भी हर-हर इलाके में इकरा मकतब जहां पर हर तरह की शिक्षा का इंतजाम हो सोसाइटी में कोई भी बंदा जाहिल ना रह जाए। यह सिलसिला सिर्फ किसी धर्म विशेष के लिए ना हो बल्कि किसी भी धर्म जात के लोग हों जो कमजोर हैं मजबूर हैं ऐसे लोगों की मदद करने के लिए इंसानियत के प्लेटफार्म को ज़िंदा कीजिए और अपनी जिंदगी का सबूत पेश कीजिए।
dil india live (Varanasi). यही वह ऐतिहासिक सरज़मीन है जिसे 'मैदान-ए-बदर' कहा जाता है। आज से लगभग 1400 साल पहले, 17 रमज़ानुल मुबारक, 2 हिजरी को इसी मैदान में इस्लाम की सबसे पहली और सबसे अज़ीम जंग लड़ी गई थी। इस जंग की कुछ खास बातें जो हर मुसलमान का ईमान ताज़ा कर देती हैं:
बेमिसाल मुकाबला: एक तरफ अल्लाह के रसूल ﷺ की कयादत में सिर्फ 313 निहत्थे सहाबा थे, और दूसरी तरफ कुरैश का 1000 का लश्कर जो हथियारों और घोड़ों से लैस था। अल्लाह की Asked: इसी मैदान में अल्लाह के नबी ﷺ ने सजदे में गिरकर दुआ मांगी थी, जिसके बाद आसमान से फरिश्तों की फौज उतारी गई और हक को बातिल पर ऐसी जीत मिली जिसने तारीख बदल दी। नतीजा: इस जंग ने साबित कर दिया कि जीत तादाद से नहीं, बल्कि ईमान की ताकत और अल्लाह की मदद से मिलती है। आज भी इस मैदान की खामोशी उस अज़ीम फतह की गवाही देती है। अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त हमें बदर के शहीदों और सहाबा-ए-किराम के नक्श-ए-कदम पर चलने वाला बनाए और हमारे ईमान को वैसी ही मजबूती अता फरमाए। आमीन, सुममा आमीन। (सोशल मीडिया से)
कांग्रेस की रोज़ा इफ्तार दावत में अमन, मिल्लत, तरक्की और सौहार्द की दुआएं
सभी मजहब के लोगों ने किया शिरकत
Sarfaraz/Rizwan
dil india live (Lucknow). Lucknow Uttar Pradesh Congress committee की ओर से कांग्रेस मुख्यालय पर इबादत के इस पाक महीने रमजान में रोजा इफ़्तार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश भर से आए रोजेदारों, शहर के सम्मानित नागरिकों और कांग्रेस कार्यकताओं ने हिस्सा लिया। इफ्तार के समय सभी ने मिलकर देश की खुशहाली, अमन-चौन और तरक्की के लिए दुआ में हाथ उठाया। रोजा इफ्तार में ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली, मशहूर शिया धर्म गुरू मौलाना यासूब अब्बास, टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना फजले मन्नान वाइजी, मौलाना सूफियाना निजामी, मौलाना वासिफ वाइजी, सीनियर एडवोकेट और बार काउंसिल नेता सैय्यद महफूजुर रहमान फैजी, पूर्व मंत्री मोईद अहमद समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव, प्रभारी उत्तर प्रदेश अविनाश पाण्डेय, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधान मण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना राष्ट्रीय सचिव, सह प्रभारी उत्तर प्रदेश धीरज गुर्जर एवं तौकीर आलम, शहनवाज आलम, राज्य सभा में उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, राकेश राठौर, इमरान मसूद, तनुज पुनिया सांसदगणों ने रोजा इफ़्तार कार्यक्रम में शिरकत की।
इस मौके पर अविनाश पाण्डेय ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना हमें आपसी भाईचारे, प्रेम, त्याग, और इंसानियत का संदेश देता है, यह महीना समाज में एकता, सद्भाव, और आपसी विश्वास को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। अजय राय ने कहा कि रमजान का पवित्र माह इबादत और आत्मिक शुद्धि का अवसर होता है, जिसमें हम अल्लाह की इबादत और कुरान का पाठ कर अपने आचरण को पवित्र बनाते हैं। प्रमोद तिवारी ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास बलिदान और सबको साथ लेकर चलने का रहा है। आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि हमारी संस्कृति जोड़ने की बात करती है, तोड़ने की नहीं। इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि इफ्तार की यह शाम नफरत के अंधेरे के खिलाफ मोहब्बत की रोशनी है। इमरान मसूद ने कहा कि जनता अब नफरत की राजनीति से ऊब चुकी है। तनुज पुनिया ने कहा कि युवाओं की जिम्मेदारी है कि एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहां इंसानियत सबसे ऊपर हो। रोजा इफ़्तार कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व सांसद पीएल पुनिया, कमल किशोर कमाण्डो, पूर्व मंत्री राजबहादुर, डा. मसूद, पूर्व विधायक सतीश अजवानी, श्याम किशोर शुक्ला, लूईश खुर्शीद, इंदल रावत, प्रदेश कोषाध्यक्ष शिव पाण्डेय, अनिल यादव, अरशद खुर्शीद, जिला कांग्रेस लखनऊ के अध्यक्ष रूद्र दमन सिंह बब्लू, शहर कांग्रेस उत्तरी के अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव त्यागी, दक्षिणी के डा. शहजाद आलम, डा. प्रमोद पाण्डेय, डा. अलीमुल्लाह खान, अंशू अवस्थी, हनीफ खान, अर्चना राठौर एवं सलमान सईद, सहित बड़ी संख्या में कार्यकताओं एवं रोजेदारों ने रोजा इफ्तार कार्यक्रम में इफ्तार किया।
उम्मते मुस्लिमां, मदरसा ख़ानमजान व हबीबीया मंजिल समेत कई जगहों पर इफ्तार दावत
Sarfaraz/Rizwan
dil india live (Varanasi). शनिवार इफ्तार दावतों के नाम रहा। इस दौरान उम्मते मुस्लिमां, मदरसा ख़ानमजान व हबीबीया मंजिल समेत शहर और आसपास के इलाकों में कई जगहों पर इफ्तार दावतें हुई जिसमें लोगों का हुजूम उमड़ा। उम्मते मुस्लिमां के तत्वाधान में शनिवार को चौक स्थित मस्जिद बीबी रज़िया में रोज़ा इफ़्तार दावत में कसीर तादाद में रोज़ेदार समेत शहर के गणमान्य नागरिक सम्मिलित हुए। मग़रिब की अज़ान होने पर रोज़ेदारों ने खजूर से रोज़ा खोला। मग़रिब की नमाज़ मौलाना अज़ीजुल्ला क़ादरी ने अदा कराई। नमाज़ के बाद मुल्क में अमन चैन और तरक़्क़ी के साथ ही ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई की मग़फ़ेरत और ईरान की फ़तह के लिए दुआख़्वानी हुई।
इस अवसर पर अतहर जमाल लारी, भारत यात्री बबलू बिंद केवट, मुनाज़िर हुसैन मंजू, सैय्यद नईम, सेक्रेटरी शमसुद्दीन, राजू, दालमंडी व्यापार मंडल के सेक्रेटरी मो. शाहनवाज़ शानू, अब्दुल माजिद, आबिद शेख, दिलशाद अहमद दिल्लु, मस्जिद बीबी रज़िया के मुतवल्ली मोहम्मद सैफ़, फ़ादर आनंद, किशन दीक्षित, संजीव सिंह, राघवेंद्र चौबे, फसाहत हुसैन बाबू आदि मौजूद थे।
ऐसे ही अर्दली बाज़ार स्थित मदरसा ख़ानम जान में कांग्रेसी नेता शहाबुद्दीन लोदी के संयोजन में सामूहिक रोज़ा इफ़्तार का आयोजन किया गया। जैसे ही मगरिब के अज़ान की सदा गूंजी सभी ने खजूर, शरबत से रोज़ा खोल कर लज़ीज़ इफ्तार का लुत्फ उठाया। इफ्तार के बाद सभी ने कौमों मिल्लत की सलामती, आपसी भाईचारा, अमन और शांति के लिए रब से दुआएं की। इस पाक मौक़े पर इफ़्तार के दुआओं की कुबूलियत का एक विशेष समय माना जाता है। दिन भर की इबादत के बाद अल्लाह का शुक्रिया अदा करने का एक बेहतरीन मौका होता है। मगरिब की नमाज मौलाना कारी शाकिब अली ने अदा कराई। आयोजन में अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, पूर्व सांसद राजेश मिश्रा, पूर्व सांसद कैलाश सिंह यादव, पूर्व विधायक हाजी अब्दुल समद अंसारी, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता संजीव सिंह, कांग्रेस प्रदेश सचिव फसाहत हुसैन बाबू, प्रजानाथ शर्मा, हसन मेंहदी कब्बन,सहित अनेक राजनीतिक, सामाजिक हस्तियों ने शिरकत की। अतिथियों का स्वागत मदरसा प्रबंधक दानिश शहाब ने किया। धन्यवाद ज्ञापन इरफाना यासमीन ने किया।
उधर मरहूम अली आज़म हबीबी के अर्दली बाज़ार स्थित आवास हबीबीया मंजिल में मोहम्मद हबीब के संयोजन में रोज़ा इफ्तार दावत का आयोजन किया गया। इस मौके पर मौलाना अजहरुल कादरी ने फातेहा व दुआख्वानी में अमन, मिल्लत और देश की तरक्की की दुआएं मांगी। आयोजन में डाक्टर हाजी जहीर, इतिहासकार डाक्टर मोहम्मद आरिफ, हशमतुल्ला राजू, मोहम्मद शफातुल्ला, मौलाना शफी अहमद, जमाल आरिफ, इकबाल हामिद, मोहम्मद अदनान, आतिफ मोहम्मद खालिद, इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां, मोहम्मद शाहरुख, शादाब हसन, सैय्यद, फिरोज खान, डाक्टर हम्ज़ा, मोहम्मद तौसीफ, मोहम्मद इमरान आदि मौजूद थे। शुक्रिया मोहम्मद ज़ैद अख्तर ने दिया। ऐसे ही शहर में कई जगहों पर रोज़ा इफ्तार दावत का आयोजन किया गया था।
महिला दिवस की पूर्व संध्या : महिलाओं के महत्व और मूल्यों को समझने पर दिया जोर
dil india live (Varanasi). अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व दिवस पर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई 4 वसंत कन्या महाविद्यालय द्वारा 7 मार्च 2026 को एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, उनकी समस्याओं और समाज में उनके योगदान के प्रति जागरूकता फैलाना, विशेष रूप से भारतीय महिलाओं की भूमिका को समझाना था। इस कार्यक्रम में NSS स्वयंसेवकों, अध्यापकों और आमंत्रित अतिथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में लोगों का स्वागत करते हुए देते प्राचार्य प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रीय सेवा योजना की ताली एवं लक्ष्य गीत से हुई तत्पश्चात डॉक्टर शुभांगी श्रीवास्तव ने समस्त शिक्षिकाओं मुख्य अतिथि एवं छात्राओं का स्वागत किया। इस अवसर पर , डॉ. आरती चौधरी , डॉ. अनुराधा बापुली, डॉ अनु सिंह, डॉ. पूर्णिमा सिंह, डॉ. श्वेता की उपस्थिति और सहयोग भी रहा।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर शुभ्रा सिन्हा ने महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत निर्णय लेने की क्षमता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं की आर्थिक निर्भरता और आत्मनिर्भरता के विषय में भी अपने विचार साझा किए। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने समाज में महिलाओं के महत्व और उनके मूल्यों को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया। पूरे शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने महिलाओं और समाज से जुड़े मनोवैज्ञानिक तथा सामाजिक प्रश्नों में सक्रिय रूप से भाग लिया।
इसके बाद कृष्णा यादव (बी.ए. द्वितीय वर्ष) और शालिनी यादव (बी.ए. प्रथम वर्ष) ने महिला दिवस पर कविता पाठ किया। छात्राओं को हस्तकला कौशल आर्ट एंड क्राफ्ट में तीन दिवसीय कार्यशाला को सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन शालिनी गुप्ता ने किया धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर शुभांगी श्रीवास्तव ने दिया।
अंत में शिविर का समापन NSS स्वयंसेवकों में महिलाओं के सशक्तिकरण के मनोवैज्ञानिक पक्ष को समझने और उसके प्रति प्रतिबद्धता के साथ हुआ।
वाराणसी के हुदा रफी व हम्द रफी ने रखा रोजा,पेश की मिसाल
dil india live (Varanasi). रमज़ान की रहमतों और बरकतों का क्या कहना, अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर। यह वो मुक़द्दस महीना है जिसमें रब्बुल इज्ज़त बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि छोटे छोटे मासूम बच्चों को भी रोज़ा रखने की तौफीक अता फरमाता है। रब की रज़ा के लिए घर वालों से जिद करके वाराणसी के पठानी टोला की रहने वाली 9 वर्षीय नन्ही हुदा रफ़ी और उसका भाई हम्द रफी ने भी रोजा रखकर मिसाल पेश किया है। इसके चलते इन मासूम बच्चों के वालिदैन (अपने माता-पिता) का सिर भी फख्र से ऊंचा हो गया है।
घर वालों का कहना है कि दोनों बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज और मेहनती हैं। उनके इस सफर में उनके माता-पिता और उस्तादों का अहम योगदान रहा, जिनके सही मार्गदर्शन और लगन ने इस कठिन कार्य को मुमकिन कर दिखाया। दोनों की इस उपलब्धि की खबर जैसे ही पठानी टोला और आसपास के इलाकों में फैली, उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नन्ही हुदा व हम्द रफी अन्य बच्चों के लिए एक मिसाल हैं। "बेटियां हर मैदान में आगे बढ़ रही हैं, और हुद ने भी यह साबित कर दिया कि अगर इरादे नेक हों और मेहनत सच्ची, तो उम्र कोई बाधा नहीं बनती।" ऐसा ही होनहार हम्द रफी भी है। वाराणसी के सेंट मैरीज कांवेंट स्कूल में तालीम ले रहे दोनों बच्चों ने यह दिखा दिया है कि अगर इरादें नेक हों तो मंजिल आसान हो जाती है।