यूपी के सबसे बुजुर्ग विधायक थे आलमबदी, निजामाबाद से 5 बार चुने गए एमएलए
SP MLA Nizamabad azamgarh Alam Badi Azmi or SP president akhilesh yadav (file photo)

- Mohd Rizwan
जानिए आलमबदी आज़मी को
आजमगढ़ में जन्मे आलमबदी आज़मी सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के खास थे। समाजवाद उनके रग-रग में बसा था। आजमगढ़ ही नहीं पूरे पूर्वांचल में उनकी अलग पहचान थी। वो विधायक होते हुए भी कभी स्कूटी से विधानसभा पहुंच जाते थे तो कभी उन्हें रिक्शे की सवारी करते लोग देखते। सपा के गांधी नाम से वो चर्चित थे। उन्होंने निजामाबाद सीट पर पांच बार जीत हासिल कर रिकार्ड कायम किया था। उनकी तबीयत नासाज होने के बाद उन्हें 13 अप्रैल को लखनऊ के मेदांता अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था। जहां से ठीक होने के बाद वो वापस आजमगढ़ लौट आए थे। इसके बाद जून और जुलाई में भी उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया और वहीं से इनका इलाज चल रहा था। इसी दौरान बुधवार की देर रात उनके इंतकाल की खबर ने अजीजों को मानो तोड़ दिया हो घर से लेकर रिश्तेदारों अजीजों व समर्थकों की आंखें खुल ब खुद नम हो गई।
समर्थकों में मचा कोहराम
निधन की खबर सुनते ही उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। वह 1996 से लेकर 2007 तक निजामाबाद सीट से विधायक चुने गए थे। वर्तमान में भी वह पांचवीं बार जीत कर विधायक बने थे। सपा विधायक आलमबदी आजमी अपने राजनीतिक अनुभव के चलते सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी बताए जाते थे। गोरखपुर टेक्निकल इंस्टिट्यूट से उन्होंने 1956 में इलेक्ट्रिक और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। 12वीं तक की शिक्षा उन्होंने इस्लामिया कॉलेज गोरखपुर से ही पूरी की थी।
उनके निधन के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, "समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं आज़मगढ़ की निज़ामाबाद विधानसभा से लोकप्रिय विधायक जनाब आलम बदी साहब का इंतकाल, अत्यंत दुखद! दिवंगत आत्मा को शांति दें भगवान। शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो। भावभीनी श्रद्धांजलि!"
संभल से सपा की विधायक पिंकी यादव ने उनके निधन पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा है। उन्होंने लिखा कि निजामाबाद विधानसभा का पांच बार प्रतिनिधित्व करने वाले आजमी साहब का इंतकाल अत्यंत दुखद समाचार है। उनका पूरा जीवन विचारधारा, जन सेवा और सामाजिक सौहार्द के मूल्यों को प्रति समर्पित रहा। वह सादगी और जनता के प्रति समर्पण की जीवंत मिसाल थे। उनका जाना समाजवादी परिवार एवं प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।





























