चर्चेज में हुई प्रार्थना सभाएं, उमड़ा जनसैलाब
यीशु के सात वचन सुनकर छलकी सभी की आंखें
Varanasi (dil India live)। ईसा मसीह को क्रुस पर पवित्र मौत की याद में चर्चेज में गुड फ्राइडे सादगी के साथ मनाया गया। इस मौके पर विशेष आराधना व प्रार्थना सभा संजीदा माहौल में हुई। सेंट मैरीज महागिरजा, तेलियाबाग सीएनआई चर्च, लाल गिरजाघर, सेंट पॉल चर्च, सेंट थॉमस चर्च, गौदोलिया सेंट जांस चर्च महरौली, सेंट जांस चर्च बरेका, चर्च आफ बनारस छावनी, सेंट बेटलफुल गाॅस्पल चर्च, ईसीआई चर्च आदि में प्रार्थना सभा के दौरान लोगों का हुजूम उमड़ा। इस दौरान मसीही समुदाय ने नम आंखों से प्रभु यीशु को याद किया। इस दौरान जब प्रभु ईसा मसीह को क्रूस पर चढ़ाये जाने का मार्मिक इतिहास का वर्णन पास्टर और पादरी ने किया तो इसे सुनकर लोगों की आंखों में सहज ही आंसु भर आएं। बनारस में प्रोटेंसटेंट मसीही समुदाय के चर्चेज़ में प्रार्थना दोपहर 12 बजे से शुरु हुई तो कैथलिक चर्चेज़ में 3 बजे से क्रूस पर प्रभु यीशु को चढ़ाये जाने की मार्मिक गाथा का मंचन किया गया। वहीं राम कटोरा चर्च, विजेता प्रेयर मिनिस्ट्री में शाम में प्रेयर हुई। सेंट मैरीज में मसीही क्रूस मार्ग की आराधना करते हुए चल रहे थे। जहां जहां प्रभु ईसा मसीह को प्रताड़ित किया गया था उन रास्तों से एक व्यक्ति जो येशु के किरदार में था बड़ा सा क्रुस कंधे पर लिए आगे बढ़ रहा था, ठीक वैसे ही जैसे प्रभु यीशु को क्रुस मरण की दर्दनाक सजा दी गई थी।
सेंट मेरीज़ महागिरजा में बिशप यूज़ीन प्रार्थना सभा की अगुवाई करते हुए चल रहे थे। फादर थामस, फादर जान अब्राहम, फादर जोसेफ परेरा, सिस्टर जमीला, सिस्टर तारा, सिस्टर अंजू, सिस्टर मोनिका, संतोष, प्रीतम आदि मौजूद थे। मंचन के माध्यम से बताया गया कि ये वो दिन है जिस दिन प्रभु यीशु मसीह को गोल्गथा नामक पहाड़ पर, जो कलवारी नमक स्थान पर स्थित है, क्रुस पर चद़ाया गया था। इस घटना से पूर्व प्रभु यीशु मसीह को रोमी सैनिकों एवं धर्मगुरुओं द्वारा अत्यंत वेदनाओं एवं दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा और अंत में क्रूस पर प्रभु यीशु ने अपने प्राण त्याग दिए। उनकी मौत को सभी हर साल गुड फ्राइडे के रुप में मनाते हैं। चर्च आफ बनारस के पादरी बेनजॉन व तेलियाबाग चर्च के पादरी आदित्य कुमार ने बताया कि यीशु मसीह को घोर यातना दी गई, और क्रूस पर उन्हे चढ़ाया गया। क्रूस पर उनकी पवित्र मौत की खबर से कि कलवारी में ईसा शहीद हुए धरती रो पड़ी मगर चमत्कार तीसरे ही दिन हुआ जब कब्र का दरवाजा खुल गया और ईसा मसीह पुनः जीवित हो उठे।
क्रूस पर दिए प्रभु ने सात वचन
क्रूस पर से यीशु ने सात दिव्य वचन कहे जिन्हें पास्टर और पादरी ने प्रार्थना सभाओं में पढ़कर लोगों को सुनाया। यीशु मसीह के मानने वाले इन वचनों को आत्मसाध कर जीवन में इसे अपनाने का संकल्प लेते दिखाई दिए। मैत्री भवन के निदेशक फादर फिलिप डेनिस ने कहा कि मसीहियों का ये विश्वास है की प्रभु यीशु फिर धरती पर आएंगे। आज के दिन को शुभ शुक्रवार इसलिए कहा जाता है क्यूंकि आज ही के दिन प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाति को उनके पापों से बचाने के लिए अपने प्राण दिए और सभी को उद्धार का अवसर प्रदान किया।
क्रूस पर Seven Last Words of Jesus
क्षमा का वचन
"हे पिता, इन्हें क्षमा कर क्योंकि यह नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं" (लूका 23:34)।
उद्धार/आशा का वचन
"मैं तुझ से सच कहता हूँ कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा" (लूका 23:43)।
प्रेम और संबंध का वचन
"हे नारी, देख, यह तेरा पुत्र है!" और (शिष्य से) "यह तेरी माता है!" (यूहन्ना 19:26-27)।
परित्याग/दर्द का वचन
"एली, एली, लमा शबक्तनी?" अर्थात् "हे मेरे परमेश्वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया है?" (मत्ती 27:46)।
मानव पीड़ा का वचन
"मैं प्यासा हूँ" (यूहन्ना 19:28)।
विजय का वचन
"पूरा हुआ!" (यूहन्ना 19:30)।
समर्पण का वचन
"हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूँ" (लूका 23:46)।
हार्टमनपुर चर्च गाजीपुर
हार्टमनपुर चर्च गाजीपुर में फादर पी. विक्टर की अगुवाई में पुण्य शुक्रवार या Good Friday मनाया गया। इस दौरान फादर ने क्रूस मार्ग पर prayer कराई। उन्होंने इस मौके पर प्रभु यीशु मसीह की शहादत और कलवारी में उनको दी गई यातनाओं पर रौशनी डाली।































