रविवार, 15 फ़रवरी 2026

Urdu work Shop में उर्दू के प्रति दिखी दीवानगी, बताया इसे हिंद की भाषा

 डायट चंदौली में तीन दिवसीय उर्दू प्रशिक्षण का हुआ समापन





dil india live (Chandoli). ज़िला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान  सकलडीहा (चंदौली) में आयोजित तीन दिवसीय आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण के अंतर्गत जनपद के उर्दू शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं का क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण का समापन  हुआ। यह वर्क शॉप 12 फरवरी को डायट प्राचार्य बिकायल भारती द्वारा प्रशिक्षण का उद्घाटन किया गया। अपने स्वागत उद्बोधन में प्राचार्य ने सभी शिक्षकों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि जिस प्रकार हिंदी, बांग्ला, तमिल, तेलुगू हमारे देश की भाषाएं हैं उसी प्रकार उर्दू भी हमारे मुल्क के प्रमुख भाषा है जिसके सीख लेने से हमारी बात चीत का अंदाज और खूबसूरत हो जाता है। और लोग हमें ध्यान पूर्वक सुनते हैं। उन्होंने आगे कहा के आप सभी शिक्षकों की नियुक्ति उर्दू विषय पर हुई है इसलिए विद्यालय में उर्दू विषय के शिक्षण पर भी आप सभी विशेष ध्यान दें और अपने दायित्वों का भली भांति निर्वहन करें। 

प्रशिक्षण के नोडल प्रभारी डॉ अजहर साईद ने प्रशिक्षण के सत्रों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा  करते हुए संदर्भ दाताओं का परिचय भी कराया के इस प्रशिक्षण में मुख्य रूप से रिमेडियल टीचिंग पाठ योजना और शिक्षण योजना में अंतर एवं कक्षा में उनका प्रयोग, ,(अफ़शां रूमानी) टी एल एम निर्माण,(इरफान अली मंसूरी) उर्दू गद्य एवं पद्य की विभिन्न विधाओं का कक्षा में शिक्षण, (डॉ अज़हर साईद) उर्दू शिक्षण में आई सी टी का प्रयोग , (शफाअत अली) उर्दू नज़्म की तदरीस (शाह आफताब आलम) द्वारा सत्र लिया गया।

प्रशिक्षण के तीसरे एवं अंतिम दिन सत्र समाप्ति के पश्चात काव्य गोष्ठी एवं मुशायरा का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता डायट प्राचार्य ने की। इस काव्य गोष्ठी मे केवल जनपद चंदौली के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों अपनी रचनाएं प्रस्तुत की मुख्य रूप से सुरेश अकेला, गौहर बनारसी, ज़िया अहसनी, शमसुद्दीन शमस, नदीम ग़ाज़ीपुरी, महफ़ूज़ा  खातून क़सीमुद्दीन तथा शफात अली ने अपनी कविताओं गज़लों और मुक्तकों से समां बांधा। कार्यक्रम का संचालन डॉ अज़हर साईद ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री इम्तियाज़ अहमद खां, इरफान, इमरान, आयशा बनो, नाज़नीन, क़मर जहां, रज़ा मुराद, मुनव्वर हुसैन सहित  सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

शनिवार, 14 फ़रवरी 2026

DAV PG College में युवा महोत्सव Uddan -2026 के दूसरे दिन हुए अनेक आयोजन

 पं. शिवनाथ मिश्र बोलें- "संगीत से जुड़ें युवा वर्ग"

तीन दिवसीय युवा महोत्सव का हुआ भव्य उदघाटन

रुद्रशंकर के कथक के मुरीद हुए दर्शक




dil india live (Varanasi). वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज के युवा महोत्सव उड़ान -2026 के दूसरे दिन शनिवार को युवाओं का उत्साह सातवें आसमान पर रहा। युवा कलाकारों ने गायन, वादन, नृत्य के जरिये पूरे दिन धमाल मचाया। मुख्य आकर्षण युवा कलाकार रुद्रशंकर के कथक ने खूब तालियां बटोरी। आइक्यूएसी (IQAC) के अंतर्गत सांस्कृतिक समिति द्वारा आयोजित युवा महोत्सव उड़ान का दूसरे दिन विधिवत उदघाटन हुआ। पद्मश्री अलंकृत प्रख्यात सितारविद पं. शिवनाथ मिश्र, का. प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल, उप प्राचार्य द्वय प्रो. संगीता जैन, प्रो. राहुल, कलाकार रुद्रशंकर, आइक्यूएसी समन्वयक डॉ. पारुल जैन, सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. तरु सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया। 






       उदघाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि पं. शिवनाथ मिश्र ने कहा कि तनाव भरे जीवन मे संगीत ही एक ऐसा माध्यम है जो हमें सुकून देता है। युवाओं को संगीत से जुड़ना चाहिए, यह करियर के लिए भी महत्वपूर्ण विधा बनकर उभरा है। उन्होंने कॉलेज स्तर पर संगीत की शिक्षा पर भी बल दिया। कॉलेज के का.प्राचार्य प्रो.मिश्रीलाल ने उन्हें अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका अभिनंदन किया। स्वागत डॉ. तरु सिंह, संचालन डॉ. शान्तनु सौरभ एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. हसन बानो ने दिया। प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने सभी को शुभकामनाएं दी।

रुद्रशंकर के घुँघरुओं से निकली घोड़े की टॉप

मुख्य आकर्षण काशी के युवा कथक नर्तक रुद्रशंकर ने सबसे पहले शिव वन्दना से शुरुआत किया, उसके बाद पारंपरिक कथक नृत्य में 16 मात्रा, घोड़े की चाल, बारिश की बूंदें, तबले और घुंघुरू की जुगलबंदी, थाली नृत्य प्रस्तुत किया अंत मे शिव की होली पर कथक किया तो समूचा सभागार तालियों से गूंज उठा। उनके साथ तबले पर उदय शंकर और संवादिनी पर शक्ति मिश्रा ने संगत किया। 

गायन, वादन और नृत्य से चहकता रहा प्रांगण

उड़ान के दूसरे दिन एकल शास्त्रीय नृत्य, एकल शास्त्रीय गायन, लाइट वोकल, फिल्मी नृत्य, समूह नृत्य आदि विधाओं में लगभग 200 प्रतिभागियों ने अपना हुनर दिखाया। शास्त्रीय गायन मे शिवांग पाण्डेय ने ठुमरी, विशेष राजपूत ने राग मल्हार की बंदिश सुनाई। 

निर्णायक मण्डल में ये रहे शामिल

निर्णायक मण्डल में मुख्य रूप से प्रो.ऋचारानी यादव, डॉ. प्रतिभा मिश्रा, डॉ. साक्षी चौधरी, डॉ. शालिनी, डॉ. ऋचा गुप्ता, डॉ. श्रुति अग्रवाल, डॉ. प्रियंका बहल आदि शामिल रही। इस मौके पर चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय सिंह, प्रो.सत्यगोपाल जी, प्रो.पूनम सिंह, प्रो.प्रशान्त कश्यप, प्रो.संजय साह आदि सहित समस्त विभागध्यक्ष, प्राध्यापक उपस्थित रहे।

UP के VKM Varanasi में वार्षिक खेल महोत्सव का राज्यमंत्री ने किया आगाज़

मंत्री रविन्द्र जायसवाल बोलें: खिलाड़ी का दर्जा किसी भी राजनेता से ऊपर

खेल शारीरिक, मानसिक और राष्ट्रीय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण- प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव 

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📍S-18/38, P-5, Nadesar, Varanasi 
📞 9335416885
📱Instagram: @kidzeevaranasi





dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी के तत्वावधान मे 14 February 2026 से 17 February 2026 तक वार्षिक खेल महोत्सव का आयोजन किया गया है। आयोजन के पहले दिन मुख्य अतिथि राज्य मंत्री स्वतन्त्र प्रभार रविन्द्र जायसवाल ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए खेल को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी का दर्जा किसी भी राजनेता से ऊपर होता है क्योंकि खिलाड़ी ही दूसरे देश में अपना राष्ट्रीय ध्वज लहराने की क्षमता रखता है। उन्होंने विशेषकर देश की बेटियों को रसोई से निकलकर खेल के मैदान में अपनी क्षमता दिखाने का आह्वाहन किया और खेल के माध्यम से राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। 
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने मंत्री रविन्द्र जायसवाल का स्वागत करते हुए खेल को छात्राओं के शारीरिक, मानसिक और राष्ट्रीय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। खेल प्रभारी डॉ. विजय कुमार ने वार्षिक खेल महोत्सव के बारे में बताते हुए धन्यवाद प्रेषित किया।



 

पहले दिन हुए यह खेल 

आयोजन के पहले दिन शॉट पुट, ऊंची कूद, लंबी कूद, ताइक्वांडो, कैरम, बैडमिंटन, 100 मीटर रेस, 200 मीटर रेस, खो-खो, शतरंज इत्यादि प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर अपनी प्रतिभागिता दर्ज कराई।

इनकी रही खास मौजूदगी 

समिति के सदस्य डाॅ. आशीष कुमार सोनकर, डाॅ. राम प्रसाद सोनकर, डाॅ. मनोज कुमार सिंह, डाॅ. अखिलेश कुमार राय, डाॅ. सुप्रिया सिंह, डाॅ. पूर्णिमा, डाॅ. शशिकेश कुमार गोंड, डाॅ. सिमरन सेठ, डाॅ. दीक्षा जायसवाल, डाॅ. मालविका, डाॅ. प्रीति विश्वकर्मा आदि उपस्थित थे।

शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026

DAV PG College में युवा महोत्सव उड़ान-2026 का हुआ आगाज़

नाट्य में एसिड अटैक पीड़िता का छलका दर्द 

डीएवी में पहली बार निकली सांस्कृतिक शोभायात्रा

एक दिन में 20 स्पर्धा, 300 से ज्यादा प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा 


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dil india live (Varanasi). वाराणसी में डीएवी पीजी कॉलेज का युवा महोत्सव उड़ान- 2026 का शुक्रवार को रंगारंग आगाज हुआ। आइक्यूएसी (IQAC) के अंतर्गत सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में शुरू हुए युवा महोत्सव के पहले दिन एकल अभिनय, माइम, लघु नाटक, मिमिक्री, शोभायात्रा आदि आयोजनों की धूम रही। स्पंदन के दृष्टिगत पहली बार सांस्कृतिक शोभायात्रा (प्रोसेशन) भी निकाली गई। पहले दिन साहित्य, कला, अभिनय, रंगमंच की 20 विधाओं में 300 से ज्यादा प्रतिभागी शामिल हुए।

उड़ान में पहली बार शोभायात्रा निकाली गई, जिसको लेकर स्टूडेंट्स में खासा उत्साह दिखा। कला संकाय के विद्यार्थियों ने रंगभरी एकादशी और मसाने की होली पर मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। सामाजिक विज्ञान और कॉमर्स संकाय ने मानसिक स्वास्थ्य और कोटा पर आधारित आत्महत्या की प्रवृत्ति पर कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

रंगमंच की विधाओं में लेखक धर्मवीर भारती द्वारा लिखित नदी प्यासी थी का डॉ. विजय यादव के निर्देशन में भावपूर्ण मंचन किया गया। इसके अलावा एसिड अटैक पर आधारित लघु नाटिका भोली चिरैया का मंचन हुआ तो सबकी आँखे सजल हो गयी। वहीं पगला घोड़ा की भी प्रस्तुति हुई। दूसरे विधाओं में मिमिक्री, माइम, एकल अभिनय, शास्त्रीय नृत्य आदि की प्रस्तुतियां हुई।

कला व साहित्य की स्पर्धाओं का बोलबाला 

उड़ान के पहले दिन ललित कला की विधा में डिजिटल भारत, युवा भारत, पर्यावरण आदि पर रंगोली सजायी गयी तो मेहंदी, स्केचिंग, कार्टून, पेंटिंग, ऑन स्पॉट फोटोग्राफी में भी युवाओं ने बढ़चढ़ कर प्रतिभाग किया। साहित्य की विधाओं में पहले चरण का क्विज के अलावा, टर्न कोट, हिन्दी, अंग्रेजी एवं संस्कृत संभाषण, निबंध की स्पर्धाएं आयोजित हुई। 

इनकी रही खास मौजूदगी 

इस अवसर पर कॉलेज के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव, कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी। संयोजन डॉ. तरु सिंह एवं सह संयोजन डॉ. हसन बानो ने किया। उप प्राचार्य द्वय प्रो. संगीता जैन, प्रो.राहुल, चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे। निर्णायक मण्डल में डॉ. ऋचारानी यादव, प्रो.संजय साह, डॉ. पारुल जैन, डॉ. स्वाति सुचरिता नन्दा, डॉ. प्रतिभा मिश्रा, डॉ. साक्षी चौधरी, डॉ. बन्दना बाल चंदनानी, डॉ. नेहा चौधरी, डॉ. ऋचा गुप्ता आदि शामिल रही।



कल का कार्यक्रम 

युवा महोत्सव उड़ान - 26 का भव्य उद्धघाटन सत्र 15 फरवरी को अपराह्न 02 बजे से कॉलेज के स्व. पीएन सिंह यादव स्मृति सभागार में आयोजित होगा। मुख्य अतिथि पद्मश्री पं.शिवनाथ मिश्र महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। काशी के ख्यात कथक नर्तक रुद्रशंकर की प्रस्तुति होगी। इसके अलावा प्रातः 10 बजे से विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहेंगे।

NSS camp : सड़क सुरक्षा के लिए किया जागरूक

यातायात नियमों से स्टूडेंट्स हुए रुबरू

एक्सपर्ट से छात्राओं ने जाना कैसे रोकी जाए दुर्घटनाएं

सड़क मौतों में उत्तर प्रदेश पहले नंबर पर, दूसरे पर एमपी 



dil india live (Varanasi). 13 फरवरी, 2026 को वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई: A द्वारा एक दिवसीय शिविर के अंतर्गत ”सड़क सुरक्षा जागरूकता” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशि प्रभा कश्यप के मार्गदर्शन में किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को यातायात नियमों, सुरक्षित वाहन संचालन तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के प्रति जागरूक करना था। इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका समझाने का प्रयास किया गया।

प्राचार्य प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव की मार्गदर्शन में हुए कार्यक्रम की शुरुआत एनएसएस ताली, थीम गीत और हम होंगे कामयाब गीत के साथ अतिथि वक्ता का स्वागत करने के बाद की गई। इस अवसर पर डॉ. शशि प्रभा कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जागरूकता और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को यातायात नियमों का पालन करने तथा अपने परिवार और समाज में भी जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य अतिथि ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर उदयराज यादव ने अपने संबोधन में सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों जैसे तेज गति, लापरवाही, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग, नशे में ड्राइविंग तथा हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग न करने पर प्रकाश डाला। उन्होंने यातायात संकेतों, ज़ेब्रा क्रॉसिंग, सड़क चिह्नों एवं लेन अनुशासन के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सुरक्षित ड्राइविंग प्रथाओं, यातायात नियमों पर बहुमूल्य जानकारी साझा की।

भारत में प्रति दिन 422 सड़क मौतें

उदयराज यादव ने कहा कि वर्तमान सड़क दुर्घटना के आंकड़ों पर नज़र डालें तो दुनिया भर में प्रति दिन 3,700 सड़क दुर्घटना मौतें, भारत में प्रति दिन 422 सड़क मौतें होती हैं। इससे सबसे अधिक प्रभावित आयु समूह: 16-45 वर्ष है। उन्होंने बताया कि सड़क मौतों में राज्यवार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश (यूपी) पहले स्थान पर है जबकि एमपी दूसरे स्थान पर है । 

कुछ महत्वपूर्ण कानूनों के बारे में उन्होंने चर्चा की, जैसे भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), मोटर वाहन अधिनियम (एमवी अधिनियम) - सड़क सुरक्षा नियमों और दंड को नियंत्रित करता है, एमवी अधिनियम में संशोधन, बढ़ी हुई जुर्माना राशि और दंड। उन्होंने हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी), एचएसआरपी न होने पर जुर्माना, सड़क संकेत और जागरूकता, गति और हेलमेट विनियम, गुड सेमेरिटन कानून - धारा 134 (ए) प्रक्रिया और गोल्डन ऑवर (दुर्घटना के 1 घंटे के भीतर) में मदद करने पर किसी व्यक्ति को दिए जाने वाले पुरस्कार और यातायात नियम और दंड के बारे में भी बात की और सड़क सुरक्षा के लिए डिजिटल समाधान, डिजी लॉकर और एमपरिवहन ऐप पर भी जानकारी दी।




कार्यक्रम का संचालन एनएसएस स्वयंसेविका भाविका मोहनानी एवं देवप्रभा द्वारा किया गया तथा समापन सड़क सुरक्षा शपथ तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कश्यप के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें 153 छात्राओं एवं स्वयंसेवकों ने यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित सड़क व्यवहार अपनाने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं सफल रहा, जिसने समाज के प्रति एनएसएस की प्रतिबद्धता को दर्शाया।


Peace के लिए हुई Varanasi के Teliya bag चौकी पर बैठक

शिवरात्रि, रमज़ान व ईद सकुशल संपन्न कराने के लिए हुई चर्चा 



सरफराज अहमद 

dil india live (Varanasi).  आगामी त्योहारों खासकर महा शिवरात्रि, माहे रमजान माह व प्रमुख मुस्लिम पर्व ईद उल फितर पर शांति व्यवस्था बनाये रखने के संबंध में चौकी तेलियाबाग पर थाना अध्यक्ष चेतगंज विजय कुमार शुक्ला की अगुवाई में पीस कमेटी की बैठक हुई। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक द्वारा अनुपालन में तेलियाबाग क्षेत्र के संभ्रांत व्यक्तियों व मुस्लिम समूह के लोगों के साथ गोष्ठी कर उच्चाधिकारी गणों द्वारा दिए गए आदेशों निर्देशों से अवगत कराया गया। व त्यौहारों को सकुशल संपन्न कराने के लिए हिदायत दिया गया। बैठक में लाउडस्पीकर/डी जे से संबंधित सभी लोगों को जागरूक किया गया और कोई भी नयी परम्परा त्योहारों पर कायम न करने का निर्णय लिया गया। बैठक चौकी प्रभारी समेत दोनों वर्गों के स्थानीय संभ्रांत लोग मौजूद थे।





UP K Varanasi Main बिजलीकर्मियों ने इलेक्ट्रीसिटी अमेंडमेंट बिल 2026 के खिलाफ भरी हुंकार

निजीकरण एवं मजदूर विरोधी चार नये श्रम कानूनों के विरोध में एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल




Sarfaraz Ahmad 

dil india live (Varanasi). वाराणासी में 12फरवरी2026 को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0 के बैनर तले आज बनारस के हजारों बिजलीकर्मियों ने इलेक्ट्रीसिटी अमेंडमेंट बिल 2026,बिजली के निजीकरण एवं मजदूर विरोधी चार नये श्रम कानूनों के विरोध में एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया।

वक्ताओ ने बताया कि यदि बिजली वितरण में निजी कंपनियां शामिल होती हैं, तो तारणियों (subsidies) और जीवनोपयोगी दरों में कमी आ सकती है, जिससे गरीब और ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली महंगी हो सकती है जबकि अब तक बड़े औद्योगिक/व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर उच्च टैरिफ लगा कर छोटे घरेलू उपयोगकर्ताओं को सस्ती बिजली दी जाती थी। अगर यह क्रॉस-सब्सिडी खत्म हुई तो यह व्यवस्था टूट सकती है और घरेलू दरों पर दबाव पड़ेगा। 

   वक्ताओ ने बताया कि निजी कंपनियों का लक्ष्य लाभ कमाना होगा, जिससे ग्रामीण/कम लाभ वाले क्षेत्रों में सेवा पर ध्यान कम रहेगा साथ वर्तमान में स्मार्ट मीटर लगने से किसी भी तकनीकी खराबी आने पर जन्माष्ठमी जैसे महत्वपूर्ण पर्व की तरह ही पूर्व वर्ष की तरह अचानक कभी भी कट जाएगी और उपभोक्ता दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर होंगे।

  वक्ताओ ने बताया कि अगर नई वितरण लाइसेंस निजी कंपनियों को दी जाती हैं, तो राज्य/केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों की भूमिका कम हो सकती है, जिससे कर्मचारियों की सेवाएँ, वेतन और भरण-पोषण पर नकारात्मक असर हो सकता है साथ ही बड़े पैमाने पर निजीकरण की व्यवस्था रोजगार को असुरक्षित कर सकता है और कर्मचारियों की स्थिति कमजोर कर सकता है।

   वक्ताओ ने बताया कि नये श्रम कानून लागू होने से पुराने नियमों में  जो 100 से ज़्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों को किसी भी छंटनी (layoff/ retrenchment) या बंद करने से पहले प्रशासन से अनुमति लेनी होती थी वो नए कोड लागू होने  इसे 300 कर्मचारियों तक बढ़ा देते हैं, मतलब अब ≤299 कर्मचारियों वाले बहुत से कामगारों को बिना किसी सरकारी अनुमति के नौकरी से निकाला जा सकता है। यह नौकरी सुरक्षा को कमजोर करेगा। इससे सबसे बड़ा डर यह है कि कंपनियाँ अपने मनमाने फैसलों से बिना किसी रोक-टोक के कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर सकती हैं, जिससे कामगारों पर अस्थिरता का दबाव बढ़ सकता है। बनारस के किसान मोर्चा संगठन के पदाधिकारी अफ़लातून, चौधरी राजेन्द्र एवं दीक्षा छात्र संघ से ध्रुव और बिगुल मज़दूर दस्ता से लता अपने साथ अपने सदस्यों को लेकर बिजलीकर्मियों के विरोध सभा को समर्थन करते हुये  इलेक्ट्रीसिटी अमेंडमेंट बिल 2026, श्रम कांनूनो के बदलाव एवं निजीकरण का घोर विरोध किया।

सभा की अध्यक्षता ई. मायाशंकर तिवारी एवं संचालन अंकुर पाण्डेय ने किया। सभा को सर्वश्री ई. अवधेश मिश्रा, ई. विजय सिंह, ई. अभिषेक मौर्य, रविन्द्र यादव, रामकुमार झा, विजय नारायण हिटलर, कृष्णा सिंह, सतीश बिंद, दीपक गुप्ता, उदयभान दुबे, जेपीएन सिंह, पंकज यादव, चंदन कुमार,आदि ने संबोधित किया।