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बुधवार, 5 मार्च 2025

VKM Varanasi में नारीवादी शोध पद्धति कार्यशाला

दूसरे दिन लैंगिक समावेशिता और नारीवादी दृष्टिकोण पर हुआ विमर्श

कार्यशाला में डीएवी पीजी कॉलेज, वाराणसी के राजनीति विज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. स्वाति नंदा ने "लैंगिक रूढ़ियों को चुनौती देना एवं लैंगिक समावेशिता को बढ़ावा देना" विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. नंदा ने सामाजिक मानकों पर प्रश्न उठाने, पूर्वाग्रहों को समाप्त करने और शोध तथा दैनिक जीवन में समावेशी दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर जोर दिया।

 


Varanasi (dil India live). वाराणसी के वसंत कन्या महाविद्यालय द्वारा आयोजित "फेमिनिस्ट रिसर्च मेथोडोलॉजी" कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागियों को विचारोत्तेजक चर्चाओं और प्रभावशाली दृश्य प्रस्तुतियों के माध्यम से लैंगिक समावेशिता और नारीवादी दृष्टिकोण पर गहन विमर्श में संलग्न किया गया। कार्यशाला में डीएवी पीजी कॉलेज, वाराणसी के राजनीति विज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. स्वाति नंदा ने "लैंगिक रूढ़ियों को चुनौती देना एवं लैंगिक समावेशिता को बढ़ावा देना" विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. नंदा ने सामाजिक मानकों पर प्रश्न उठाने, पूर्वाग्रहों को समाप्त करने और शोध तथा दैनिक जीवन में समावेशी दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर जोर दिया। चर्चा को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए, डॉ. नंदा ने दो सशक्त लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया: आलिया भट्ट की "गोइंग होम" और ईरानी लघु फिल्म "बीइंग ए वुमन इन ईरान"। इन फिल्मों ने महिलाओं की सुरक्षा, स्वायत्तता और पितृसत्तात्मक संरचनाओं में उनके संघर्षों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसके बाद एक गहन चर्चा सत्र हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने फिल्मों में प्रस्तुत विषयों का नारीवादी शोध के संदर्भ में आलोचनात्मक विश्लेषण किया।

कार्यशाला का संचालन एम.ए. अंतिम वर्ष (राजनीति विज्ञान) की छात्रा, आदिया तिवारी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनुराधा बापुली और कार्यशाला में सह समन्वयक डॉ सिमरन सेठ उपस्थित रहीं।

शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2025

DAV PG College में सोमा घोष के सुरों से चहकी उड़ान की दूसरी शाम

डीएवी में युवा महोत्सव उड़ान-2025

'जाने क्यों आज तेरे अंजाम पर रोना आया...'




Varanasi (dil India live)। डीएवी पीजी कॉलेज में तीन दिनी युवा महोत्सव का दूसरा दिन पद्मश्री डॉ. सोमा घोष के नाम रहा। सोमा की कानों में मिश्री घोलने वाली मधुर आवाज़ ने सुर मिलाया,  'तुम्हे देखकर लगता है जैसे, बहारों का मौसम आया हो...तो सभागार में मौजूद हर शख्स झूमता और वाह वाही  देता नजर आया। कॉलेज के स्व. पीएन सिंह यादव स्मृति सभागार में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मुम्बई से आई प्रख्यात शास्त्रीय गायिका एवं पद्मश्री डॉ. सोमा घोष ने अपने सुरों से सबका मन मोह लिया। इस दौरान डॉ. सोमा घोष, प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव, कार्यकारी प्राचार्य प्रो. मिश्री लाल सहित अन्य गणमान्य जनों ने दीप प्रज्ज्वलित कर उड़ान का शुभारंभ किया। इसके उपरांत डॉ. सोमा घोष ने गजलों और गीतों के जरिये युवाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने सुनाया 'किसी की मुस्कुराहटों पर हो निसार, जीना इसी का नाम है'। इसके बाद 'हमरी अटरिया पर आजा रे सांवरिया' सुनाया तो समूचा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके पश्चात उन्होंने 'जाने क्यों आज तेरे अंजाम पर रोना आया' सुनाकर लोगों का मूड थोड़ा चेंज किया। अंत में 'आज जाने की जिद ना करो' सुनाया तो फिर लोग चहक उठें। उनके साथ तबले पर उदय शंकर, की बोर्ड पर संतोष मौर्य एवं साइड रिदम पर रवि त्रिपाठी ने संगत किया। 

सफर में धूप तो होगी, अगर चल सको तो चलो 

 युवा महोत्सव उड़ान में युवाओं को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए डॉ. सोमा घोष ने कहा कि जीवन के सफर में कठिनाईयां बहुत आती है, सफर में धूप तो होगी ही, अगर चल सको तो चलो। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव नारी शक्ति को समर्पित किया गया है जो अत्यंत सराहनीय है, स्त्री के बिना सृष्टि की कल्पना ही नही है। साक्षात शिव बिना शक्ति के शव समान है, जब माँ गौरी रूप में उनके साथ विराजती है तब वे शिव बनते है। उन्होंने कहा कि शब्द ही ब्रह्म है और शिव नाद ब्रह्म के उपासक है। सभी को संगीत सीखना चाहिए, संगीत संस्कार सिखलाती है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की ब्रांड एम्बेसडर डॉ. सोमा।घोष ने कोलकाता के आरजिकर कॉलेज की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जिसने इस जघन्य कृत्य को अंजाम दिया, उसे वह संस्कार नही मिला, उसे वह शिक्षा नही मिली। 

इस मौके पर महाविद्यालय के मंत्री / प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका अभिनंदन किया। अध्यक्षता प्रो. मिश्रीलाल ने किया। स्वागत उद्धबोधन उपाचार्य प्रो. संगीता जैन ने किया। विषय स्थापना डॉ. तरु सिंह, संचालन डॉ. दीपक शर्मा एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. साक्षी चौधरी ने किया। इस मौके पर उपाचार्य प्रो. राहुल, आइक्यूएसी की समन्वयक डॉ. पारुल जैन भी मंच पर उपस्थित रहे। इसके पूर्व पाणिनि कन्या महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा वेद पाठ किया गया। छात्रों ने कुलगीत प्रस्तुत किया। 

नृत्य में छात्राओं में मचाया धमाल

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के क्रम में दूसरे दिन छात्र-छात्राओं ने नृत्य संगीत से जमकर धमाल मचाया, सबसे पहले एकल गायन में ऋषभ शंकर सिंह ने दमा दम मस्त कलंदर, मनीष पाण्डेय ने डिमक डिमक डमरू बाजे, सत्यम पाण्डेय ने ओ री चिरैया, गरिमा गुप्ता ने 'मिथिला नगरिया निहाल सखिया' आदि ने गीतों की प्रस्तुति दी। वहीं वेस्टर्न वोकल सोलो में ऐमन नाज़ ने 'लाइक माय फादर', पौरुष नेगवान ने 'ब्लू', श्रुति थापा ने 'फीलिंग गुड' सुनाया। इसके अलावा ग्रुप डांस में श्रेया एवं समूह, खुशी सिंह एवं समूह, ऋषिता शर्मा एवं समूह, प्रियंका कुमारी एवं समूह शामिल रहे। एकल नृत्य में श्रिया पाण्डेय, अदिति केशरी, गार्गी शर्मा आदि शामिल रहे। 

निर्णायक मण्डल में डॉ. स्वाति सुचरिता नंदा, डॉ. प्रतिभा मिश्रा, डॉ. बंदना बालचंदनानी, डॉ. ओम प्रकाश कुमार, डॉ. आहुति सिंह, डॉ. शालिनी सिंह, नजम उज्ज जमान, रुचि भाटिया, डॉ. नजमुल हसन, डॉ. रश्मि त्रिपाठी, डॉ. श्रुति अग्रवाल, डॉ. शान्तनु सौरभ आदि शामिल रही। वहीं चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय कुमार सिंह सहित सांस्कृतिक समिति की ओर से डॉ. हसन बानो, डॉ. विजयनाथ दुबे, डॉ. ऋचा गुप्ता, डॉ. प्रियंका बहल, डॉ. त्रिपुर सुन्दरी, डॉ. गोपाल चौरसिया आदि शामिल रहे।

गुरुवार, 27 फ़रवरी 2025

DAV PG College में युवा महोत्सव उड़ान -25 का हुआ रंगारंग आगाज़

नाटक में स्त्री की वेदना तो माइम में दिखा रानी पद्मावती का शौर्य

  • मिमिक्री ने गुदगुदाया तो नृत्य पर झूमे दर्शक








Varanasi (dil India live)। डीएवी पीजी कॉलेज में युवा महोत्सव उड़ान-2025 का गुरुवार को रंगारंग आगाज़ हुआ। आइक्यूएसी के तत्वावधान में आयोजित त्रिदिवसीय युवा महोत्सव के पहले दिन ललित कला, साहित्य, रंगमंच एवं गीत-संगीत की विधाओं में स्पर्धाओं का आयोजन हुआ। नारी वेदना को समर्पित प्रख्यात नाटककार बादल सरकार द्वारा रचित नाटक पगला घोड़ा का मंचन देख दर्शकों की आँखे भर आयी। वहीं रंगोली में नारी सशक्तिकरण की थीम पर प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक रंगोली सजायी। 

रंगमंच की विधाओं में उकेरा स्त्री वेदना का स्वरूप

युवा महोत्सव उड़ान के पहले दिन कॉलेज परिसर में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची रही। रंगमंच की स्पर्धाओं में शॉर्ट प्ले में सबसे पहले बर्फ नाटक का मंचन किया गया। जिसमे कश्मीरी महिला के निसंतानता के दुख का चित्रण हुआ। इसके पश्चात प्रख्यात बंगाली नाटककार बादल सरकार द्वारा रचित पगला घोड़ा का भावपूर्ण मंचन हुआ। मरघट पर नवविवाहिता के शव का अंतिम संस्कार करने आये युवकों के कृत्य से व्यथित मृतात्मा के भाव को प्रदर्शित नाट्य को देखकर सभागार में मौजूद हर शख्स की आँखे नम हो गयी। 

युवाओं ने राज, शिवम एवं गौरिशा की टीम ने माइम में रानी पद्मावती के शौर्य पर आधारित जौहर गाथा का मंचन कर भावविभोर किया तो पवन, अक्षय कुमार एवं मुदित ने मिमिक्री में सनी देओल, सलमान खान, संजय दत्त की मिमिक्री उतार कर सबको खूब गुदगुदाया। साथ ही प्रकृति, नदी, पक्षियों की आवाज और संगीत वाद्ययंत्रों की आवाज निकाल कर सबको चकित कर दिया। मोनो एक्टिंग में ट्रांसजेंडर की व्यथा भी दिखाई गई।

एकल नृत्य में नव्या केशव, श्रेया, श्री, अंशिका, इशांत ने कथक से मन मोहा तो विजयलक्ष्मी दास के ओडिसी एवं ईशा विश्वास के भरतनाट्यम ने भी सबके ह्रदय में अमिट छाप छोड़ी। 

ललित कला एवं साहित्य की स्पर्धाओं का आयोजन

उड़ान के पहले दिन ललित कला की विधा में नारी सशक्तिकरण पर रंगोली सजायी गयी तो मेहंदी, स्केचिंग, कार्टून, पेंटिंग, ऑन स्पॉट फोटोग्राफी में भी युवाओं ने प्रतिभाग किया। साहित्य की विधाओं में पहले चरण का क्विज के अलावा, टर्न कोट, संभाषण, निबंध की स्पर्धाएं आयोजित हुई। 

महाविद्यालय के मंत्री/प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव एवं कार्यकारी प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने प्रतिभागियों को शुभकामना दी। संयोजन डॉ. तरु सिंह एवं डॉ. हसन बानो ने किया। इस मौके पर उपाचार्य द्वय प्रो. संगीता जैन एवं प्रो. राहुल सहित चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय सिंह, प्रो. अनूप कुमार मिश्रा, प्रो. विजयनाथ दुबे, प्रो.संजय साह, साक्षी चौधरी, डॉ. श्रुति अग्रवाल, डॉ. शालिनी आदि शामिल रहे। निर्णायक मंडल में प्रो. राकेश राम, प्रो.मधु सिसोदिया, प्रो.विनोद चौधरी, डॉ. पारुल जैन, स्वाति सुचरिता नंदा, डॉ. विजय यादव आदि शामिल रहे। 



मंगलवार, 25 फ़रवरी 2025

नारी शक्ति को समर्पित होगा DAV PG College का युवा महोत्सव ‘उड़ान‘

पद्मश्री सोमा घोष के हाथों होगा आगाज, समापन पर देवब्रत का चमकेगा सितार

त्रिदिवसीय महोत्सव में 40 स्पर्धाओं में 240 प्रतिभागी भरेंगे हौसलों की उड़ान


Mohd Rizwan 
Varanasi (dil India live). डीएवी पीजी कॉलेज का युवा महोत्सव उड़ान - 2025 इस बार नारी शक्ति को समर्पित रहेगा। आइक्यूएसी के तत्वावधान में सांस्कृतिक समिति द्वारा तीन दिनों तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव का शुभारंभ प्रख्यात शास्त्रीय गायिका पद्मश्री डॉ. सोमा घोष द्वारा होगा वहीं विख्यात सितारविद् पं. देवब्रत मिश्रा समापन समारोह की शोभा बढ़ायेंगे। महोत्सव में 40 से अधिक स्पर्धाओं में लगभग 240 से ज्यादा प्रतिभागी शामिल होंगे। खास बात यह है कि इसमें आधी आबादी की प्रतिभागिता ज्यादा होगी। उक्त जानकारी मंगलवार को डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित प्रेस वार्ता में महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने पत्रकारों से बातचीत में दी। प्रो. मिश्रीलाल ने बताया की महाविद्यालय में पूरे एक पखवाड़े तक नारी शक्ति को समर्पित आयोजन हांेगे जिनका प्रारंभ युवा महोत्सव के आगाज के साथ होगा।

त्रिदिवसीय महोत्सव की शुरूआत 27 फरवरी को होगी, पहले दिन साहित्य और ललित कलाओं की स्पर्धाओं का आयोजन होगा। 28 फरवरी, दिन शुक्रवार को महोत्सव का रंगारंग शुभारम्भ किया जायेगा जिसमें बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं की ब्रान्ड एम्बेसडर एवं प्रख्यात शास्त्रीय गायिका पद्मश्री डॉ. सोमा घोष मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। 01 मार्च को समापन सत्र में विख्यात सितारविद् पं. देवब्रत मिश्रा बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। इन तीन दिनों में नारी शक्ति को समर्पण स्वरूप बादल सरकार का प्रख्यात नाटक ‘पगला घोड़ा‘ का मंचन होगा, इसके अलावा माइम में रानी पद्मावती पर आधारित, मोनो एक्टिंग में ट्रांस जेन्डर की व्यथा, स्किट में नारी वेदना को प्रस्तुत करती ‘बर्फ‘ की कहानी का युवाओं द्वारा मंचन होगा। इसके साथ ही रंगोली एवं अन्य विधाओं में भी नारी शक्ति सम्बन्धी कला दिखलाई देगी। विजयी प्रतिभागी बीएचयू के युवा महोत्सव स्पंदन में डीएवी का प्रतिनिधित्व करेंगे।

प्रो. मिश्रीलाल ने बताया की नारी शक्ति पखवाड़े के अन्तर्गत 03 मार्च को शारिरिक शिक्षा विभाग द्वारा छात्राओं के लिए रस्साकशी का खेल आयोजित होगा, वहीं सप्ताह पर्यन्त राष्ट्रीय सेवा योजना अन्तर्गत विभिन्न आयोजन होंगे। 07 मार्च को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्र मार्गदर्शन कार्यक्रम में प्रो. रतन शंकर का विशिष्ट व्याख्यान आयोजित होगा। पखवाड़े का समापन 08 मार्च को अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर स्त्री विमर्श प्रकोष्ठ द्वारा ‘मीडिया में महिलाओं की चुनौतियॉ‘ विषय पर संगोष्ठी के साथ होगा।

पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से उपाचार्य द्वय प्रो. संगीता जैन एवं प्रो. राहुल, आइक्यूएसी की समन्वयक डॉ. पारुल जैन, सांस्कृतिक समिति की समन्वयक डॉ. तरू सिंह, प्रशासनिक अधिकारी कुॅवर शशांक शेखर सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। 

मंगलवार, 4 फ़रवरी 2025

DAV Post Graduate College में 41 विद्यार्थियों को मिला टैबलेट




  • Mohd Rizwan 
Varanasi (dil India live)। डीएवी पीजी कॉलेज में मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार की डिजिशक्ति योजना के अंतर्गत परास्नातक के विद्यार्थियों को टैबलेट प्रदान किया गया। महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल एवं उपाचार्य प्रो. राहुल ने 41 विद्यार्थियों को योजना अंतर्गत टैबलेट प्रदान किया। इस मौके पर लाभार्थी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रो.मिश्रीलाल ने कहा कि हम अब डिजिटल युग में प्रवेश कर चुके है, इस बदलाव में हम सबको सहभागी होना है और उसके सकारात्मक उपयोग से जीवन भी संवारना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति से समाज का कोई भी वर्ग अछूता नही है, ऐसे में विद्यार्थियों को डिजिटली सशक्त बनाने के लिए सरकार का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय और उपयोगी है।

महाविद्यालय के मंत्री/प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने लाभार्थियों को शुभकामना दी। इस मौके पर महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

गुरुवार, 12 जनवरी 2023

Dav pg college nss camp

जीवन में सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी



Varanasi (dil india live). राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर गुरूवार को डीएवी पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना की सात इकाईयों द्वारा स्वामी विवेकानन्द को समर्पित एक दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्वयंसेवकों द्वारा महाविद्यालय परिसर की साफ सफाई की गयी। खेल मैदान आदि जगहों पर जमा प्लास्टिक के कचरों को साफ कर स्वच्छता का संदेश दिया। इसके अलावा एक जनजागरूकता रैली भी निकाली गयी जो मैदागिन, कबीरचौरा से होते हुए महाविद्यालय पहुॅची। रैली में स्वयंसेवक स्वामी विवेकानन्द से जुड़े स्लोगन एवं नारे लगाते हुए चल रहे थे।

इस अवसर पर स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए कार्यक्रम अधिकारियों ने कहा कि युवाओं को स्वामी विवेकानन्द के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। जीवन में आगे बढ़ना है तो सर्वप्रथम जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना होगा। वक्ताओं ने यह भी कहा कि एक सच्चा गुरू आपके जीवन को बदल सकता है। स्वामी विवेकानन्द के जीवन को बदलने में भी उनके गुरू स्वामी रामकृष्ण परमहंस का योगदान था।

शिविर के प्रारम्भ में स्वयंसेवकों ने लक्ष्य गीत प्रस्तुत किया। उसके बाद डॉ. नजमूल हसन ने रासेयो का उद्देश्य बताया। डॉ. प्रतिभा मिश्रा ने स्वअनुशासन के विषय में रौशनी डाली। डॉ. बन्दना बालचन्दनानी ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं का उल्लेख किया। शिविर में डॉ. कल्पना सिंह, डॉ. प्रतिमा गुप्ता, डॉ. सिद्धार्थ सिंह एवं डॉ. शशिकान्त यादव ने भी सम्बोधित किया। कुमार पारितोष, गोविन्द नारायण वैभव, रौनक आदि स्वयंसेवकों ने स्वामी विवेकानन्द पर विचार प्रकट किया। कार्यक्रम में सौ से अधिक स्वयंसवेक शामिल रहे।

सोमवार, 20 जून 2022

Dav pg college: सांख्यिकी तकनीक एवं डेटा विश्लेषण पर एसपीएसएस एवं आर' विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला

आंकड़ों के विश्लेषण में सहायक है एसपीएसएस

डीएवी पीजी कॉलेज में शुरू हुई 10 दिवसीय कार्यशाला




Varanasi (dil india live). डीएवी पीजी कॉलेज के वाणिज्य विभाग एवं रिसर्च प्रमोशन सेल के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार से दस दिवसीय 'सांख्यिकी तकनीक एवं डेटा विश्लेषण पर एसपीएसएस एवं आर' विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। पहले दिन उद्धघाटन सत्र में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभाग के प्रोफेसर अतहर अली खाँ ने कहा कि सांख्यिकी एक रास्ता है जो आंकड़ो का अध्ययन करने में सहायक होता है। किसी भी शोध में सबसे महत्वपूर्ण होता है आँकड़े, उन्हें एकत्रित करना, उनका विश्लेषण करना और उसे निष्कर्ष तक पहुँचाने में एसपीएसएस की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका हो चूकि है। उन्होंने कहा कि एक सही संदेश प्रेषित करने के लिए आंकड़ो का सही होना और उसका सटीक विश्लेषण सबसे जरूरी होता है। 

विषय स्थापना करते हुए कार्यक्रम संयोजक डॉ. राहुल ने कहा कि यह सामाजिक विज्ञान के शोध में एसपीएसएस एवं आर सॉफ्टवेयर एक बेहतरीन टूल है जिसके सहयोग से डाटा को सही तरीके से संरक्षित और उनका परीक्षण कर सकते है। इसके माध्यम से बड़ी संख्या में प्राप्त आंकड़ो को भी गणितीय रूप से व्यवस्थित कर सकते है।

अध्यक्षता महाविद्यालय के मंत्री/प्रबंधक अजीत सिंह यादव ने किया। इसके पूर्व अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन द्वारा हुआ। अजीत सिंह यादव का स्वागत विभागध्यक्ष प्रोफेसर प्रदीप कमल द्वारा अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया। अतिथि परिचय डॉ. आनंद सिंह, संचालन डॉ. श्रुति अग्रवाल एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर मधु सिसोदिया ने दिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रोफेसर ओ.एन दुबे, प्रोफेसर एस. के शर्मा, डॉ. वी.एन दुबे, डॉ. संजय शाह, डॉ. सत्यार्थ बाँधल, डॉ. मितिन आहूजा सहित विभिन्न विभागों के अध्यापक एवं लगभग 50 प्रतिभागी शामिल रहे।

शनिवार, 14 मई 2022

Bharat ने सदैव किया जनभावना का सम्मान : योगी

डीएवी कॉलेज के प्रयास की सीएम ने की सराहना




Varanasi (dil India live)। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में पूरा विश्व भारत की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है। काशी आज पूरे देश का नेतृत्व कर रहा है, यहाँ के लोगो ने यहाँ से सांसद नही प्रधानमंत्री चुन कर भेजा है। उक्त उद्गार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएवी पीजी कॉलेज में आजादी के अमृत महोत्सव पर समर्पित चौरी - चौरा शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित चौरी - चौरा : अपराजेय समर के नाट्य दृश्यांकन के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी जो भी आया कुछ लेकर ही लौटा है, यहाँ से कोई खाली हाथ नहीं जाता है। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में जनभावना का सम्मान सदैव सर्वोपरि रहा है, चौरी- चौरा की घटना उसी जनभावना का परिचायक है। चौरी चौरा की लड़ाई सामान्य मानव, ग्रामीण समाज ने स्वयं लड़ी। यह अत्यंत गौरव का विषय है कि चौरी चौरा पर पहला नाट्य मंचन उस जगह हो रहा है जिसका संबंध मदन मोहन मालवीय जी से है। मालवीय जी ने ही इस घटना का मुकदमा लड़ा और ना जाने कितनो को फाँसी के फंदे पर झूलने से बचाया। आज उन्ही के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अंग डीएवी पीजी कॉलेज ने इसका मंचन कराया, जो अभिनन्दन के पात्र है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि भारत अब आत्मनिर्भर भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। काशी में बना काशी विश्वनाथ धाम अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा सहयोग किया है। धाम से समाज को कितना लाभ हुआ, समाज के अंतिम स्तर तक कार्यकरने वाले के जीवन स्तर में कोई भी बदलाव आया कि नही यह जानना  ओर समाज को उससे अवगत कराने का शोध कार्य भी डीएवी पीजी कॉलेज कार्य है। अंत मे योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी 25 वर्ष भारत के लिए अमृत वर्ष के रूप में होंगे, जिसमे एक नए भारत का उत्थान पूरी दुनिया देखेगी।

स्वागत भाषण देते हुए प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह ने कहा कि  अंग्रेजी हुकूमत ने भारतीयों को बड़ी त्रासदियाँ दी है, उसकी एक बानगी मात्र है चौरी चौरा की घटना, हम उसका स्मरण कर आजादी के सभी नायकों को नमन कर रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारा महाविद्यालय प्रधानमंत्री के विजन डिजिटल लर्निग पर मजबूती से काम कर रहे है।

नाट्य मंचन देख भावुक नजर आए योगी- इंडोर स्टेडियम में आयोजित नाट्य मंचन के दौरान पूरे समय तक मौजुद रहे, इस दौरान नाट्य दृश्यों को देखकर कई बार वे भावुक भी नजर आए। 

चौरी चौरा विद्रोह देख सबकी ऑखें हुई नम

गोरखपुर के चौरा गॉव में ब्रिटिश हुकूमत के जुल्म के खिलाफ 04 फरवरी, सन् 1922 को ग्रामीणों के विद्रोह ने अंग्रेजी सरकार की चूले हिला दी। भगवान अहीर और नजर अली के नेतृत्व में सैकड़ो युवाओं ने जिस प्रकार पुलिसिया दमन का विरोध किया वह अंग्रेजो को भारतीय समाज की शक्ति का एहसास कराने के लिए काफी रही। गांधी जी के आह्वाहन पर युवाओं ने दमन की परवाह किये बगैर अंग्रेजों के पिठ्ठू बने सरदार संत बख्श सिंह, दारोगा गुप्तेश्वर सिंह जैसे जालिमों के अन्याय के विरूद्ध ना सिर्फ आवाज उठाई बल्कि समाज के सामान्य नागरिकों के क्रोध की अभिव्यक्ति को प्रकट करते हुए चौरी चौरा विद्रोह का इतिहास रचा।

यह दृश्य शुक्रवार को डीएवी पीजी कॉलेज में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर चौरी-चौरा शताब्दी समारोह के अन्तर्गत आयोजित चौरी -चौराः अपराजेय समर के नाट्य दृश्यांकन में सजीव हो उठा। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति में महाविद्यालय के इतिहास विभाग के छात्र - छात्राओं द्वारा मंचित इस नाट्य को देखकर महर्षि दयानन्द इण्डोर स्टेडियम में उपस्थित दर्शकों की ऑखें नम हो गयी। 100 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित इस घटनाक्रम को लम्बे समय तक राष्ट्रीय मुक्ति संग्राम का हिस्सा ही नही माना गया, बाद में यह घटना इतिहास में चौरी चौरा विद्रोह के रूप विख्यात हुई। नाट्य निर्देशन रंगकर्मी व्योमेश शुक्ल ने किया।

इससे पूर्व चौरी चौरा शताब्दी समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्रा, प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह, रेक्टर प्रो. वी.के. शुक्ला, प्रबन्धक अजीत कुमार सिंह यादव ने दीप प्रज्ज्वलन एवं मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर मार्ल्यापण से किया। मुख्यमंत्री का स्वागत डॉ. सत्यदेव सिंह ने स्मृति चिन्ह, उत्तरीय एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया।

इनकी रही उपस्थिति 

इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रो. विजय बहादुर सिंह, प्रो. जी.सी.आर. जायसवाल, प्रो. बिन्दा परांजपे, पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्रा, डॉ. उषा किरण सिंह, सभाजीत सिंह, प्रियंकदेव सिंह, डॉ. विनोद कुमार चौधरी सहित शिक्षा जगत के गणमान्य जन, प्रशासनिक अधिकारी एवं समस्त अध्यापक तथा कर्मचारी उपस्थित रहे। संचालन डॉ. समीर कुमार पाठक एवं धन्यवाद ज्ञापन राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा ने दिया।

प्रभा के अमृत महोत्सव विशेषांक का हुआ विमोचन - आयोजन में महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रभा के अमृत महोत्सव विशेषांक का विमोचन भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया।

VKM Varanasi news : साहित्य और सिनेमा में केवल प्रस्तुति और प्रभाव का अंतर

"साहित्य व सिनेमा: अतः संबंध और रूपांतरण" विषय पर प्रो. संजीव का व्याख्यान Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्यालय कमच्...