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शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2025

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री Nirmala Sitharaman पहुंची BLW, बरेका निर्मित विद्युत रेल इंजन का किया लोकार्पण, राष्ट्र को किया समर्पित

वित्त मंत्री द्वारा नवनिर्मित पर्यवेक्षक विश्रामगृह तथा अमृत कानन कम्युनिटी पार्क का भी उद्घाटन

वित्त मंत्री ने किया बरेका के समर्पित अधिकारियों-कर्मचारियों के कर्तव्य निष्‍ठा की सराहना


Varanasi (dil India live). 21 फरवरी, 2025 को बनारस रेल इंजन कारखाना में केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने बरेका द्वारा निर्मित विद्युत रेल इंजन WAP7 को हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित किया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर बरेका महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह सहित सभी अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री द्वारा "मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड" के तहत लोकोमोटिव निर्माण में आत्मनिर्भरता के उद्देश्य से दिए गए मंत्र के परिणाम स्वरूप वित्तीय वर्ष 2024-25 में बरेका ने अब तक 375 लोकोमोटिव बनाकर महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। इस उपलब्धि के लिए संपूर्ण बरेका परिवार गर्व का अनुभव कर रहा है, विशेष रूप से महिला कर्मचारियों में अत्यधिक उत्साह देखने को मिला।


यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 से बरेका ने विद्युत लोकोमोटिव का निर्माण प्रारंभ किया और आज यह रेलवे के लिए यात्री सेवा हेतु WAP7 एवं मालवाहक सेवा हेतु WAG9 लोको का उत्पादन कर रहा है। इसके अतिरिक्त, गैर-रेलवे ग्राहकों एवं निर्यात के लिए भी लोकोमोटिव का उत्पादन बरेका की विशिष्ट पहचान बन चुका है। बरेका नित नये कीर्तिमान स्थापित करने के साथ ही अब तक 2268 विद्युत लोकोमोटिव, 7498 डीजल लोकोमोटिव, 11 देशों को 172 निर्यातित लोकोमोटिव, गैर-रेलवे ग्राहकों के लिए 641 लोकोमोटिव, 1 ड्यूल (डीजल+विद्युत) मोड लोकोमोटिव और 8 डीजल से इलेक्ट्रिक में परिवर्तित लोकोमोटिव का निर्माण कर कुल 10,588 लोकोमोटिव उत्पादन का कीर्तिमान स्थापित किया है।

वित्त मंत्री ने बरेका द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक का निर्मित 375वां लोकोमोटिव राष्ट्र को समर्पित किया और स्वयं ड्राइवर कैब में बैठकर इसकी तकनीकी विशेषताओं की जानकारी ली। उन्होंने बरेका के समर्पित अधिकारियों-कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। इस अवसर पर महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह एवं प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एस.के.श्रीवास्तव ने बरेका की उत्पादन गतिविधियों एवं तकनीकी विषयों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

लोकार्पित WAP7 लोकोमोटिव एक उच्च गति के 6000 अश्व  शक्ति का विद्युत लोकोमोटिव है, जो विशेष रूप से सभी प्रकार की यात्री, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को खींचने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका Co-Co पहिया विन्यास (दो छह-पहिया बोगी) प्रत्येक धुरी पर अलग ट्रैक्शन मोटर के साथ अधिकतम शक्ति और स्थिरता प्रदान करता है। इसमें संशोधित गियर अनुपात है, जो इसे तेज और प्रभावी बनाता है। इसकी स्पीड 140 किमी प्रति घंटा है और यह 24 रेक खींचने में सक्षम है। इस लोकोमोटिव में आर.टी.आई.एस. (वास्तविक समय सूचना प्रणाली), गर्मियों के लिए वातानुकूलित ड्राइवर कैब, सर्दियों के लिए गर्म हवा की सुविधा, हेड ऑन जेनरेशन (ट्रेन लाइटिंग के लिए), और रिजेनरेटिव ब्रेक सिस्टम जैसी प्रमुख विशेषताएं हैं जो ब्रेक लगाने पर गतिज ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित कर ग्रिड में वापस भेजता है, जिससे ऊर्जा दक्षता बढ़ती है। इसमें होटल लोड प्रणाली भी है, जो यात्री डिब्बोंं में रोशनी, पंखे, मोबाइल और लैपटॉप चार्जर, वातानुकूलन और पेंट्री जैसे आरामदायक सुविधाओं को संचालित करती है। इंजन में होटल लोड प्रणाली का प्रयोग करने से ट्रेनों में एक अतिरिक्त डिब्बा लग जाता है। इसमें सी.सी.वी. (कम्‍प्‍यूटर नियंत्रित ब्रेकिंग) सिस्टम है, जिसमें ब्रेकिंग अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी होती है।

इससे पूर्व, वित्त मंत्री के लोको फ्रेम शॉप पहुंचने पर महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने आगवानी की एवं बरेका परिवार की ओर से उनका हार्दिक अभिनंदन किया। वित्त मंत्री ने लोको असेम्बली शॉप, ट्रेक्शन असेम्बली शॉप और लोको टेस्ट शॉप का सूक्ष्म एवं गहण निरीक्षण किया साथ ही, लोको निर्माण प्रक्रियाओं का गहनता से अवलोकन भी किया। भ्रमण के दौरान कारखाना परिसर की साफ-सफाई, तकनीकी विशेषताओं की उन्होंने उनमुक्त कंठ से सराहना की। 


इसके पूर्व, वित्त मंत्री ने नवनिर्मित पर्यवेक्षक विश्राम गृह एवं अमृत कानन सामुदायिक पार्क का भी उद्घाटन किया। यह विश्राम गृह आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें ब्रांडेड फर्नीचर, आरामदायक बेड और उत्कृष्ट शौचालय की व्यवस्था की गई है। यह कर्मचारियों के लिए न केवल विश्राम का केंद्र है, बल्कि उनकी कार्यक्षमता को पुनर्जीवित करने का एक माध्यम भी है। विश्राम गृह के समीप स्थित अमृत कानन सामुदायिक पार्क अपने हरे-भरे वातावरण और स्वच्छता के संदेश के साथ कर्मचारियों को मानसिक शांति और ताजगी प्रदान करता है। विश्राम गृह के साथ पार्क की स्वच्छ‍ता और हरियाली का यह संगम कर्मचारियों के जीवन में एक साकारात्मक उर्जा का संचार करता है। इस अवसर पर सदस्य, रेलवे बोर्ड (कर्षण एवं चल स्टॉक) श्री ब्रज मोहन अग्रवाल एवं बरेका महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह द्वारा माननीय मंत्री महोदया को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सुरूचीपूर्ण संचालन मुख्य विद्युत इंजीनियर-निरीक्षण श्री अरूण कुमार शर्मा द्वारा किया गया। 


इस भव्य लोकार्पण समारोह में बरेका के प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एस.के. श्रीवास्तव, प्रधान वित्त सलाहकार श्री अजय श्रीवास्तव, प्रमुख मुख्य इंजीनियर विनोद कुमार शुक्ल, प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त मो. नुरूल होदा, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश कुमार, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी जनार्दन सिंह, मुख्य सतर्कता अधिकारी अंकुर चंद्रा, उप महाप्रबंधक अनुज कटियार सहित संयुक्त सचिव कर्मचारी परिषद एवं सदस्यगण, एस.सी.-एस.टी. एसोसिएशन के पदाधिकारीगण अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे। 

सोमवार, 17 फ़रवरी 2025

Duniya भर में TB के 25 फीसदी केस भारत से

वाराणसी में भी है 6.5 हजार TB के एक्टिव केस


मोहम्मद रिजवान 

Varanasi (dil India live)। डीएवी पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत सोमवार को टीबी मुक्त भारत पर एक दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि श्रीशिव प्रसाद गुप्त मण्डलीय चिकित्सालय, कबीरचौरा के टीबी चिकित्साधिकारी डॉ. अन्वित श्रीवास्तव ने स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए कहा की टीबी की बीमारी से दुनियाभर मे लगभग 1 करोड़ मरीज चिह्नित किए गए है उनमें से 25 फीसदी सिर्फ भारत से है यानी कि 25 लाख मरीज। उसमें भी 33 फीसदी टीबी के मरीज उत्तर प्रदेश से आते है। वाराणसी में वर्तमान में साढ़े छः हजार टीबी के सक्रिय मरीज है जिनका इलाज चल रहा है। डॉ. अन्वित ने बताया कि भारत सरकार ने 2025 तक टीबी मुक्त भरत का लक्ष्य रखा है, यह लक्ष्य कठिन अवश्य है लेकिन असंभव नहीं, इसमें एनएसएस स्वयंसेवक काफी मददगार हो सकते है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति अनुसार राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक टीबी मुक्त भारत अभियान में निश्चय मित्र बनकर पूरा सहयोग कर सकते है।

अध्यक्षता करते हुए कार्यकारी प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने कहा कि स्वस्थ्य और निरोगी काया ही राष्ट्र निर्माण में सहयोग कर सकती है। क्षय मुक्त भारत अभियान में स्वयंसेवक जनचेतना के लिए कर्तव्यबोध करते हुए अपनी उपयोगिता सिद्ध कर सकते है।

कार्यक्रम अधिकारी एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. ओमप्रकाश कुमार ने कहा कि एनएसएस की स्थापना ही राष्ट्र निर्माण के विविध लक्ष्यों को ध्यान में रखकर की गई थी, सरकार ने इस बार बजट में एनएसएस के लिए प्रावधान 250 करोड़ से बढ़ाकर 450 करोड़ रुपये कर दिया है, जो अत्यंत सराहनीय है।

कार्यक्रम में टीबीएचबी शशिकेश मौर्या, संदीप कौशल, संजय भारती, टीबी चैंपियन मोहम्मद अहमद सहित स्वयंसेवक खुशी सिंह, शिक्षा मिश्रा ने भी विचार रखे। इस मौके पर टीबी अधिकारियों द्वारा स्वयंसेवको की जांच भी की गई। संचालन प्रशान्त द्वारा किया गया।

गुरुवार, 13 फ़रवरी 2025

shab-e-barat news 2025: लो शुरू हो गई इबादत की रात

रब को राज़ी करने के लिए इबादतगाहों में जुटा हुजूम 

रोशनी से जगमगा उठें मुस्लिम इलाके


 

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil india live). रब को राज़ी करने के लिए देश दुनिया में शबे बरात पर लोगों का हुजूम इबादतगाहों में उमड़ा नज़र आया। इस दौरान मुस्लिम बहुल इलाके रोशनी से जगमगा उठें। मगरिब कि नमाज़ के बाद से ही लोग इबादत में जुटे नज़र आएं। अपने शहर बनारस में शबे बरात पर रौशनी के बीच इबादतगाह और कब्रिस्तान जहां जायरीन से गुलजार हो उठें वहीं लोगों का हुजूम फातेहा पढ़ने व दुआएं मगफिरत के लिए बुजुर्गों के दर पर उमड़ा हुआ है। यह सिलसिला पूरी रात चलेगा। चले भी क्यों नहीं इबादत कि शब जो आ गई है। 


इस मौके पर कोई बुजुर्गो के दर पर फातेहा पढ़ता नज़र आ रहा है तो कोई नफिल नमाज की कसरत करता। यह नज़ारा दालमंडी, नयी सड़क, फाटक शेख़ सलीम, मदनपुरा, रेवड़ीतालाब, गौरीगंज, शिवाला, बजरडीहा, ककरमत्ता, मंडुवाडीह, लोहता, कोयला बाजार, चौहट्टा लाल खां, जलालीपुरा, सरैया, नक्खीघाट, बड़ी बाजार, हुकुलगंज, मकबूल आलम रोड, नूरी कालोनी, अर्दली बाजार, नदेसर, लल्लापुरा, पितरकुंडा सहित अन्य मुस्लिम इलाकों में आम था।

दरअसल इस्लाम में शब-ए-बरात की खास अहमियत है। इस्लामिक कैलेंडर के आठवां महीना शाबान का महीना है। इस महीने की 14 तारीख का दिन गुजार कर जो शब आती है उस 15 वीं शब की रात में शब-ए-बरात मनाया जाता है। आज रात गुरुवार को देश भर में शबे बरात मनाई जा रही है। शब-ए-बरात इबादत, फजीलत, रहमत और मगफिरत की रात मानी गई है। इसीलिए तमाम मुस्लिम रात भर इबादत कर रहे हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांग रहे हैं।

गुरुवार की शाम को मगरिब की अजान होने के साथ शब-ए-बरात मनाना शुरू हो गया यह सिलसिला शुक्रवार को फजर की नमाज तक चलेगा। इस दौरान काफी लोग शाबान का नफिल रोजा भी रखते हैं। जो लोग रोज़ा रहेंगे वो जुमे को अल सहर सहरी करके रोज़ा रहेंगे। शाबान का दो रोज़ा नफिल काफी लोग रहते हैं। समाचार लिखे जाने तक इबादत अपने शबाब पर थी। मजारों, मस्जिदों और कब्रिस्तानों के आसपास मेले जैसा माहौल था। वहां लगी अस्थाई दुकानों से इबादतगुजार और तमाम लोग खरीदारी करते हुए दिखाई दिए।

मंगलवार, 11 फ़रवरी 2025

shab-e-barat में केवल इबादत करें, फुजूल कामों से बचेंः मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली

पूरे देश के लिए शबे बरात पर इस्लामिक सेन्टर ने जारी किया एडवाइज़री 


Mohd Rizwan 

Lucknow (dil India live). इस्लामिक सेन्टर आफ इण्डिया फरंगी महल के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली (इमाम ईदगाह लखनऊ) की अध्यक्षता में इस्लामिक सेन्टर आफ इण्डिया में एक अहम् मीटिंग शबे बरात के सम्बन्ध में आयोजित की गई। इस अवसर पर मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि शबे बरात एक नूरानी और बरकत वाली रात है। इस अवसर पर खूब इबादत की जाती हैं, नफली नमाजें पढ़ी जाती हैं, कुरान पाक की तिलावत की जाती है। विर्द और वजीफे पढ़े जाते हैं, अपने लिए और दूसरों के लिए दुआयें मॉगी जाती हैं, स‌दका और खैरात का एहतिमाम होता है। कब्रस्तिानों में जाकर अपने रिश्तेदारों और अन्य मरहूम के लिए मगफिरत की दुआ की जाती हैं और नफली रोजा रखा जाता है। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि शबे बरात बहुत फजीलत वाली रात है। इस रात में बन्दों की उम्र, रोजी, सेहत और जिन्दगी का निर्धारित किया जाता है। इस में खुदा पाक के वह बन्दे जो उससे अपने गुनाहों की मॉफी माँगते हैं, गलत कामों से तौबा करते है, अपने लिए खैर व बरकत, मगफिरत व रहमत की दुआयें मॉगते हैं उनका रहीम व करीम आका व मालिक उनकी दुआओं को कुबूल करता है। मौलाना ने कहा कि पन्द्रहवीं शब को नमाज पढ़ना और दिन को रोजा रखना मसनून है। हदीस में आया है कि खुदा पाक इस शब में आसमान दुनिया पर गुरूबे आफताब से सुबह सादिक तक तजल्ली फरमाता है और इरशाद होता है कि जो शख्स अपने गुनाहों को बखशवाना चाहता हो वह आये में उसके गुनाहों को बख्श दूँगा। जो शख्स रिज्क हासिल करना चाहे मैं उसको रोजी दूँगा जो किसी मुसीबत में हो उसकी मुसीबत को दूर करूँगा। मीटिंग को मौलाना नईमुर्रहमान सिद्दीकी प्रधानाचार्य दारूल उलूम निजामिया फरंगी महल, ऑल इण्डिया सुन्नी बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना मो० मुश्ताक, मौलाना मो० जफरुद्दीन नदवी और मौलाना मो० सुफयान निजामी ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर दारूल उलूम के तमाम अध्यापक शरीक थे। शबे बरात के सिलसिले में इस्लामिक सेन्टर आफ इण्डिया ने निम्नलिखित बिन्दुओं पर आधारित एडवायजरी जारी की है। 1- शबे बरात जो कि इस साल 13 फरवरी 2025 को है इस अवसर पर मुसलमान अपने मरहूम रिश्तेदारों के ईसाले सवाब के लिए कब्रिस्तान जाते हैं, इस लिए इस बात का विशेष ख्याल रखें कि पार्किंग के लिए जो स्थान निर्धारित हैं वहीं पर अपनी गाड़ी पार्किंग करें ताकि लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। 2- शाबान का पूरा महीना फजीलतों का है। इस लिए सदके और खैरात का अधिक से अधिक एहतिमाम करें। 3- शबे बरात इबादत की रात है इसमें सिर्फ इबादत ही करें और किसी भी प्रकार की आतिशबाजी ने करें। 4- इस मुबारक रात में मोटर साइकिल स्टंट बिलकुल न करें और दूसरे फुजूल कामों से बचें। 5- इस रात में अपने घर वालों के साथ साथ पूरे देश की हिफाजत उन्नति शान्ति अमन व अमान के लिए दुआ करें। 6- इस अवसर पर भी जरूरतमंदों, गरीबों और बीमारों की सहायता करके अपने मरहूमों को सवाब पहुंचायें। रोजे का विशेष एहतिमाम करें।

सोमवार, 9 जनवरी 2023

Sultan club ne 42 students ko diya award

संस्कार के बिना शिक्षा अंधकारमय : Mufti-a-benaras 



Varanasi (dil india live). समाज सेवी संस्था" सुल्तान क्लब " द्वारा संचालित निःशुल्क प्रौण एवं बाल शिक्षा केंद्र (मकतब) के सभी सेंटर के 42 मेधावी छात्रों के नाज़ेरा कुरआन मुकम्मल करने पर काजीसादुल्ला पूरा में रात्रि को एक सम्मान समारोह का आयोजन संस्था अध्यक्ष डॉ. एहतेशामुल हक की अध्यक्षता व कोषाध्यक्ष शमीम रियाज़ के संचालन में किया गया।

       इस अवसर पर मुख्य अतिथि संस्था संरक्षक व मुफ्तिये बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी साहब और बुनकर बिरादराना तंजीम बाईसी के अध्यक्ष सरदार हाफिज मोइनुद्दीन साहब ने संयुक्त रूप से सभी मेधावी 42 छात्रों को कुरआन मजीद एवं एक पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।

       इस अवसर पर मुफ्तिये बनारस मौलाना अब्दुल बातिन ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता आती है, कुरआन की शिक्षा से ही समाज खुशगवार बन सकता है,तालीम(विद्या) एक प्रकार की रूह है जिससे इंसानियत की पहचान होती है, हमें दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा पर भी ध्यान देना होगा।संस्कार के बिना शिक्षा अंधकारमय है अपने घरों में प्रतिदिन कुरआन मजीद पढ़ें और बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करें। सरदार बाईसी हाफिज मोइनुद्दीन ने कहा कि कुरआन का संबंध ज़ातेईलाही से है, हर इंसान को कुरआन से लाभ उठाना चाहिए,सभी लोगों तक इसके पैगाम को पहुंचाएं। मदरसा तालीमुद्दीन पुराना पुल के प्रिंसिपल मौलाना रिजवानुल्ला नोमानी ने कहा कि जो कौम तालीम में आगे होगी, वह हर जगह ऊंचे मुकाम प्राप्त करेगी,शिक्षा नौकरी के लिए नहीं बल्कि व्यक्तिगत विशेषता के लिए ग्रहण करनी चाहिए, शिक्षा से ही सही और गलत की पहचान होती है।

        अन्त में अध्यक्षीय संबोधन में डॉक्टर एहतेशामुल हक ने समस्त अध्यापक छात्र और अभिभावकों को मुबारकबाद पेश की और कहा कि कुरआनी तालीमात के मुताबिक जिंदगी गुजारने से जिंदगी बेहतर हो पाएगी। उन्होंने सुल्तान क्लब की सामाजिक खिदमात पर भी विस्तृत प्रकाश डाला।

          कार्यक्रम का आगाज़ मुहम्मद फुजैल ने कुरआन की तिलावत और मुहम्मद जुबैर ने नात पाक से किया, लोगों का खैरमकदम सचिव जावेद अख्तर ने और शुक्रिया हाफिज मुनीर ने किया।

        इस अवसर पर मुफ्तिये बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, सरदार बाईसी हाफिज मोइनुद्दीन,प्रधानाचार्य मौलाना रिजवानुल्लाह नोमानी, बनारस पब्लिक स्कूल के सेक्रेट्री इशरत उस्मानी, सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डॉक्टर एहतेशामुल हक, उपाध्यक्ष महबूब आलम, महासचिव एच हसन नन्हें, सचिव जावेद अख्तर, उप सचिव अब्दुर्रहमान, प्रधानाचार्य अबुल वफ़ा अंसारी, सरदार मुश्ताक अली, हाजी अमीरुल्लाह, महतो हाजी जकरिया, हाजी बिलाल, फैयाजुद्दीन, हाजी स्वालेह अंसारी, असलम खलीफा, शाहिद अंसारी, पार्षद रमजान अली, मुख्तार अहमद, मुहम्मद इकराम, मौलाना अब्दुल्लाह, हाफिज मुनीर, हाजी इफ्तेखार, सुहैल अहमद, महमूद, बशीर अहमद, नासिर काशवी, मुफ्ती मौलाना अफजाल अहमद, हाजी शकील अहमद, मास्टर शकील अंसारी, हाफिज मोहम्मद अहमद, हाजी अब्दुर्रहीम, मुफ्ती वसीम अहमद समस्त अध्यापक छात्र इत्यादि के अतिरिक्त भारी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद थे।


भवदीय

डॉक्टर एहतेशामुल हक

अध्यक्ष,, सुल्तान क्लब

9307981801

गुरुवार, 5 जनवरी 2023

Up के यह वरिष्ठ अधिकारी बने Appu general secretary

गौरव : पहली बार कोई भारतीय डाक क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय संगठन का करेगा नेतृत्व

Up के ex chief post master general ने संभाला एशियाई प्रशांत डाक संघ (appu) के महासचिव का कार्यभार

Dr vinay prakash singh रह चुके हैं उत्तर प्रदेश के पूर्व चीफ पोस्टमास्टर जनरल



Varanasi (dil india live). Indian post office (भारतीय डाक सेवा) के वरिष्ठ अधिकारी एवं उत्तर प्रदेश परिमंडल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल रहे डॉ. विनय प्रकाश सिंह ने एशियाई प्रशांत डाक संघ (एपीपीयू)  के महासचिव का पदभार इसके इसके मुख्यालय बैंकॉक, थाईलैंड में संभाल लिया। उनका कार्यकाल 4 वर्षों का होगा। इससे पूर्व वे डाक सेवा बोर्ड के सदस्य (कार्मिक) के पद पर कार्यरत थे। यह पहली बार है जब कोई भारतीय  डाक क्षेत्र में एक अंतरराष्ट्रीय संगठन का नेतृत्व संभालेगा। उत्तर प्रदेश में अयोध्या जनपद निवासी डॉ. विनय प्रकाश सिंह, अगस्त-सितंबर 2022 के दौरान बैंकॉक में आयोजित 13वीं एपीपीयू कांग्रेस के दौरान हुए सफल चुनावों के बाद इसके महासचिव चुने गए थे। 

डाक विभाग के सचिव श्री विनीत पांडे ने कहा, “यह पहली बार है जब कोई भारतीय शख्स डाक क्षेत्र में एक अंतरराष्ट्रीय संगठन का नेतृत्व कर रहा है। डाक क्षेत्र के लिए इस महत्वपूर्ण मोड़ पर, यह भारतीय डाक विभाग के लिए सौभाग्य की बात है कि उसका अधिकारी एशियाई प्रशांत डाक संघ (एपीपीयू) की गतिविधियों का, विशेष रूप से भारत की जी-20 अध्यक्षता के इस वर्ष से नेतृत्व करेगा।” 

गौरतलब है कि एशियाई प्रशांत डाक संघ (एपीपीयू) एशियाई-प्रशांत क्षेत्र के 32 सदस्यीय देशों का एक अंतर-सरकारी संगठन है। एपीपीयू इस क्षेत्र में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) का एकमात्र नियंत्रित संघ है, जो संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है। एपीपीयू का लक्ष्य डाक सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना के लिए सदस्य देशों के बीच डाक संबंधों का विस्तार,सुविधा देना और सुधार करना है। विभिन्न यूपीयू परियोजनाओं के क्षेत्रीय केंद्र के रूप में, एपीयूयू यह सुनिश्चित करने में भी अग्रणी भूमिका निभाता है कि यूपीयू की सभी तकनीकी और परिचालन परियोजनाएं इस क्षेत्र में पूरी हो जाएं ताकि क्षेत्र को सर्वोत्तम संभव तरीके से वैश्विक डाक नेटवर्क में एकीकृत किया जा सके। महासचिव डाक संघ की गतिविधियों का नेतृत्व करते हैं और एशियन पैसिफिक पोस्टल कॉलेज (एपीपीसी) के निदेशक भी हैं जो इस क्षेत्र का सबसे बड़ा अंतर सरकारी डाक प्रशिक्षण संस्थान है।

एपीपीयू महासचिव का पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. विनय प्रकाश सिंह ने कहा, "मेरा लक्ष्य डाक नेटवर्क के माध्यम से व्यापार के विकास में सुधार करने, संघ की स्थिरता सुनिश्चित करने और एपीपीसी में कराए जाने वाले प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में सुधार करने के लिए एशिया प्रशांत क्षेत्र में डाक से जुड़े संस्थानों के साथ क्षेत्रीय समन्वय में सुधार करना है।" एशिया प्रशांत क्षेत्र में पूरी दुनिया के मेल का लगभग आधा मेल आता-जाता है और यहां डाक मानव संसाधन पूरी दुनिया का लगभग एक तिहाई है।

बुधवार, 28 दिसंबर 2022

TB free india अभियान से जुड़ीं NGO की महिलाएं

Ngo ने तैयार की पोषण पोटली

स्वास्थ्य विभाग ने क्रय कर क्षय रोगियों को पोटली की प्रदान 


Varanasi (dil india live). प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनपद में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रहीं हैं | इसी क्रम में बुधवार को राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) महिलाएं भी इस अभियान से जुड़ गयीं । काशी विद्यापीठ ब्लॉक के समूह की पाँच महिलाओं ने पोषण पोटली तैयार की और स्वास्थ्य विभाग ने सभी 22 पोषण पोटली को खरीद कर क्षय रोगियों को प्रदान की । यह पोटली में भुनी मूँगफली, भुना चना, चने की दाल, गुड़, न्यूट्रीला और लाई से परिपूर्ण है ।    

दुर्गाकुंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी ने पाँच क्षय रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की । उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से पोषण पोटली खरीदने का निर्देश प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश की तरफ से मिला है, जिसकी पहल बुधवार से की गई । इस दौरान सीएमओ ने क्षय रोगियों से उपचार और निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज के दौरान हर माह मिलने वाले 500 रुपये के बारे में जानकारी ली । क्षय रोगियों ने कहा कि हम नियमित दवा सेवन कर रहे हैं । निक्षय पोषण की राशि का भी इस्तेमाल पोषक तत्वों पर कर रहे हैं । सीएमओ ने उन्हें सम्पूर्ण उपचार और जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रेरित किया । उन्होने बताया कि पोषण पोटली से टीबी मरीजों को प्रोटीन व अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व मिलेंगे जो कि उपचार में उनकी मदद करेंगे । इस मौके पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ पीयूष राय मौजूद रहे । पिछले माह सीएमओ ने निक्षय मित्र के रूप में पाँच क्षय रोगियों को गोद लिया था । इसकेसाथ ही उन्हें पोषण पोटली भी प्रदान की गई थी ।

इसी कड़ी में जिले के अन्य चिकित्सा इकाईयों पर भी गोद लिए गए क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई । भेलूपुर स्थित स्वामी विवेकानंद मेमोरियल राजकीय चिकित्सालय में उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अमित सिंह ने निक्षय मित्र के रूप में पाँच टीबी रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की । दुर्गाकुंड सीएचसी पर ही अधीक्षक डॉ सारिका राय ने गोद लिए दो टीबी रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की । चौकाघाट सीएचसी के अधीक्षक डॉ मनमोहन शंकर सहित अन्य चिकित्सकों ने गोद लिए आठ क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की । वहीं नगरीय पीएचसी अर्दली बाजार की प्रभारी डॉ संगीता मौर्या ने दो टीबी मरीजों को पोषण पोटली प्रदान की । इसके अतिरिक्त हरहुआ और पिंडरा पीएचसी पर भी गोद लिए गए क्षय रोगियों को चिकित्साधिकारियों ने पोषण पोटली वितरित की ।

सोमवार, 28 नवंबर 2022

First Sunday of advent:गिरजाघरो में गूंजे यीशु की स्तूति के गीत


Varanasi (dil india live)। क्रिसमस का ग्लोबल पर्व भले ही 25 दिसंबर को मनाया जायेगा मगर क्रिसमस सीजन का आगाज इतवार को प्रभु यीशु आगमन (First Sunday of advent) के साथ हो गया। इस दौरान गिरजाघरो में यीशु की स्तूति के गीत गूंजे, आराधना और प्रार्थना का दौर अलग अलग चर्चेज में सुबह से शाम तक चलता रहा। इसी के साथ अब क्रिसमस अपने रंग में रंगता चला जायेगा। 25 दिसंबर यानी प्रभु यीशु के जन्म पर क्रिसमस अपने शबाब पर होगा।

दरअसल आगमन काल प्रभु यीशु के आगमन की आध्यात्मिक तैयारी को कहते है जो आज से 2022 वर्ष पूर्व ईसा मसीह के जन्म के साथ पूरा हुआ था। उसी ईसा मसीह की जयंती के लिए खुद को हृदय से तैयार करने का समय आगमन काल या Sunday of advent कहलाता है। चर्च आफ बनारस में पादरी बेन जान ने आराधना कराते हुए कहा कि हम मसीही है इसका हमें गर्व है, हमें अपने सांसारिक जीवन पर चिंतन-मनन कर यह आकलन करना हैं कि मसीही होने के नाते हमने अब तक के जीवन में प्रभु यीशु के आदर्शों पर कितना अमल किया। रामकटोरा चर्च के पादरी आदित्य कुमार ने कहा कि प्रभु यीशु ने हमें जो जिन्दगी दी है उसके सदा हम आभारी है, हमारा फर्ज हैं कि हम भी प्रभु यीशु की सदा स्तूति करें। बताया कि क्रिसमस भले ही 25 दिसंबर को दुनिया भर में मनाया जाता हो मगर क्रिसमस की तैयारियां क्रिसमस के पूर्व पड़ने वाले उन चार इतवारों में से पहले इतवार से ही शुरू हो जाती है। आगमन का पहला इतवार है। वाराणसी धर्मप्रांत के बिशप यूजीन जोसेफ की अगुवाई में सभी चर्चेज में आराधना व प्रार्थना एक साथ शुरू हुई। सभी ने अमन के राज कुमार की स्तूति की। सेंट मैरीज महागिरजा में पल्ली पुरोहित फादर विजय शांतिराज ने प्रार्थना करायी। लाल गिरजाघर के सेक्रेटरी विजय दयाल ने बताया कि यह क्रिसमस के पूर्व आगमन का पहला इतवार था। इसके साथ ही 4 दिसंबर, 11 दिसंबर और 18 दिसंबर आगमन का दूसरा, तीसरा और चौथा इतवार होगा। इसके बाद 25 दिसंबर को क्रिसमस आयेगा। ख़ास बात यह भी है कि इस बार क्रिसमस भी इतवार को ही पड़ेगा।

रविवार, 4 सितंबर 2022

nps india का सबसे बड़ा घोटाला साबित होगा: सत्येंद्र राय

अटेवा चिरईगांव ब्लॉक की अध्यक्ष बनी सारिका दूबे


Varanasi (dil india live). एनपीएस और निजीकरण शिक्षक कर्मचारियों के लिए एक अभिशाप है आज अटेवा पुरानी पेंशन का पर्याय बन चुका है जिसका नतीजा है कि राजस्थान छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों में पुरानी पेंशन बहाल हो चुकी है जब तक पूरे देश में पुरानी पेंशन बहाल नहीं हो जाती और निजीकरण समाप्त नहीं होजाती,तब तक अटेवा का संघर्ष जारी रहेगा उक्त बातें अटेवा पेंशन बचाओ मंच की ओर से बृहस्पतिवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र चिरईगांव के प्रांगण में आयोजित सदस्यता अभियान कार्यक्रम में अटेवा के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार राय ने कही।

अटेवा महिला मोर्चा की प्रदेश संयोजक रंजना सिंह ने कहा कि एनपीएस और निजी करण डूबता हुआ जहाज है संगठन को मजबूत करने के लिए अपना तन मन धन से सहयग करते रहेंगे,जिला सहसंयोजक प्रमोद कुमार पटेल ने कहा कि एनपीएस और निजीकरण के खिलाफ बंधु जी के साथ इस लड़ाई को विजय होने तक लड़ा जाएगा।

इस अवसर पर श्रीमती सारिका दुबे को चिरईगांव ब्लाक की संयोजक/अध्यक्ष नियुक्त किया गया, मैजूद सभी लोगों ने नव नियुक्त महिला अध्यक्ष को मुबारकबाद और बधाई दी,लोगों ने खुशी खुशी अटेवा की सदस्यता ग्रहण की।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संयोजक चंद्र प्रकाश गुप्त ने एवं संचालन सह संयोजक प्रमोद कुमार पटेल ने किया।

        इस अवसर पर ज़िला महामंत्री बी एन यादव, ज़िला सह संयोजक डॉक्टर एहतेशामुल हक,जिला संगठन मंत्री अजय कुमार यादव, ब्लॉक मंत्री संदीप यादव, ज़िला कोषाध्यक्ष गुलाब चंद्र कुशवाहा, कमलेश कुमार, महिला विंग की अध्यक्ष सारिका दूबे, सादिया तबस्सुम, शबीना परवीन के साथ ही सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया।

Hajj Umrah पर जाने वालो की खिदमत करना अल्लाह को बेहद पसन्द :डॉ इफ्तिखार




Varanasi (dil india live)। मदरसा शिक्षा परिषद् उत्तर प्रदेश के चेयरमैन डा. इफ्तिखार अहमद जावेद  ने अशर टूर एण्ड ट्रेवल्स हज और उमरह कार्यालय का नेशनल मार्केट अंधरापुल में उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा की हज और उमरह पर जाने वालो की जो दिल से खिदमत करता है अल्लाह उसे बेहद पसंद करता है। और उसे इसका बेहतर बदल देता है जिसका मैं खुद एक नजीर हूं कि मैं 2017 से लेकर 2020 तक हज कमेटी ऑफ इंडिया का सदस्य रहा हूं मेरी खिदमत से खुश होकर अल्लाह ने मुझे मदरसा शिक्षा परिषद् उत्तर प्रदेश का चेयरमैन बनाया है जिसका मैं अल्लाह का करोड़ों शुक्रिया अदा करता हूं। इस मौके पर मुफ्ती शहर-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि दुनिया के तमाम बेहतर कामों में से एक काम है जो हज और उमरह पर जाने वालो की खिदमत करता है। कार्यक्रम की अध्यक्ष बुनकर बिरादराना तंजीम बाईसी के सरदार हाफिज मोईनुद्दीन ने किया वही इस अवसर पर उत्तर प्रदेश हज सेवा समिति के अध्यक्ष हाजी वसीम अहमद, सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डा. एहतेशामुल हक, उर्दू बीटीसी टीचर्स एसोसिएशन के महामंत्री जफर अंसारी, वरिष्ट समाजसेवी अब्दुल्लाह अंसारी, अब्दुल रहमान, मास्टर तारिक, हाजी मोहम्मद मुस्ताक, हाजी अब्दुल रहमान, हाजी सेराज फारोकी, हाजी साज़िद, बजरडीहा तहजीबो अमन कमेटी के जिम्मेदार हाजी अनीस अहमद, हाजी हेलाल अहमद, असगर महतो, हाजी शाहिद परवेज गुड्डू, हाजी इश्तियाक आदि  मौजुद थे। आख़िर में अशर टूर एण्ड ट्रेवल्स के हाजी मोहम्मद इमरान और जिशान खान ने सभी आए हुए मेहमानो का शुक्रिया अदा किया।

रविवार, 5 जून 2022

पर्यावरण संरक्षण को जीवन पद्धति और दिनचर्या से जोड़ने की जरुरत - पोस्टमास्टर जनरल

डाक विभाग ने मनाया 'विश्व पर्यावरण दिवस'

पोस्टमास्टर जनरल केके यादव ने डाककर्मियों से की पौधा लगाने की अपील


Varanasi (dil India live). पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण बेहद जरुरी है। पेड़-पौधे न सिर्फ हमारे पर्यावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि जीवन के लिए उपयोगी प्राणवायु भी उपलब्ध कराते हैं। कोरोना महामारी ने भी यही चेताया है कि पर्यावरण से खिलवाड़ घातक है। ऐसे में सम्पूर्ण धरा और प्रकृति को सुरक्षित व संतुलित रखने हेतु हमें पर्यावरण के प्रति लोगों को सजग बनाना होगा। उक्त उद्गार वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने 'विश्व पर्यावरण दिवस' पर डाक विभाग द्वारा आयोजित पौधारोपण अभियान का शुभारंभ करते हुए कहीं। पोस्टल कॉलोनी, वाराणसी कैम्पस में उन्होंने प्रवर डाक अधीक्षक श्री राजन राव संग पौधारोपण करते हुए पर्यावरण में बढ़ रहे प्रदूषण और उसके चलते पैदा हो रही विसंगतियों की ओर ध्यान आकर्षित करके हर डाककर्मी से पौधारोपण द्वारा उनके निवारण में भागीदार बनने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर डाक विभाग के तमाम अधिकारियों - कर्मचारियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, डाक विभाग सदैव से सामाजिक सरोकारों से जुड़ा हुआ है। पर्यावरण को स्वच्छ रखने और इसके प्रति लोगों को जागरूक करने हेतु समय-समय पर तमाम पहल की गई हैं। पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाते हुए अपनी जीवन पद्धति और दिनचर्या से जोड़ने की जरुरत है। पर्यावरण संरक्षण को जीवन का आधारभूत तत्त्व मानकर ही हम पर्यावरण प्रदूषण जैसी समस्याओं से मुक्ति की संभावनाएं खोज सकते हैं। वाराणसी पूर्वी मंडल के प्रवर डाकघर अधीक्षक राजन राव ने कहा कि, हमारी परंपरा में एक वृक्ष को दस संतानों के समान माना गया है क्योंकि वृक्ष पीढ़ियों तक हमारी सेवा करते हैं। ऐसे में हर व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि वह एक पौधा अवश्य लगाए।

इस अवसर पर वाराणसी पश्चिमी मंडल के अधीक्षक डाकघर पीसी तिवारी, सीनियर पोस्टमास्टर सी.एस बरुआ, सहायक निदेशक ब्रजेश शर्मा, सहायक डाक अधीक्षक अजय कुमार, निरीक्षक सर्वेश सिंह, श्रीकांत पाल, वीएन द्विवेदी, कैण्ट प्रधान डाकघर पोस्टमास्टर रमाशंकर वर्मा, राजेंद्र यादव, श्री प्रकाश गुप्ता, मंजू कुमार, अंकिता, विश्वनाथ सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

रविवार, 22 मई 2022

Ghazi miya ki shadi: मेले में उमड़े जायरीन, देर रात आयेगी बारात

दो साल बाद लगा मेला तो उमड़े लोग




Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live)। बड़ी बाजार स्थित सैयद सालार मसूद गाजी मियां की दरगाह पर दो वर्ष बाद मेले का आयोजन हुआ। दरगाह में बारात आज देर रात आयेगी। इस बारात में हिंदू और मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को हर साल मिलती है। दो साल से कोविड-19 के चलते दरगाह कमेटी ने मेले का आयोजन रद्द कर दिया था। मेले में पूर्वांचल भर से हजारों अकीदतमंद शामिल होते हैं। गद्दीनशीं हाजी एजाजुद्दीन हाशमी ने बताया कि मेले की मान्यता है कि जिस किसी भी जायरीन की मुराद पूरी होती है, वो इस मेले में आकर चादर, मलीदा वगैरह चढ़ाते हैं।  

उन्होंने बताया कि रात को 11 बजे बारात आएगी। इसके बाद हर साल की तरह आंधी-तूफान के बाद शादी को टाल दिया जाता है। मेले में पूरे पूर्वांचल भर से लोग आते हैं। कोरोना काल के चलते मेले में दो साल बाद गाजी मियां के दर पर दोनों मज़हब का जमावड़ा है, इससे लोगों में बहुत हर्ष है।

मना हज़रत अल्वी शहीद का उर्स

हज़रत अल्वी शहीद रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स भी सालारपुर में मनाया गया। इस दौरान लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। जो गाजी मियां को चादर चढ़ाने आया वो हज़रत अल्वी शहीद के दर पर भी हाजिरी लगाता दिखा। हज़रत अल्वी शहीद पहुंचे हुए वली है। बादशाह महमूद गजनवी के दौर में वो हिन्दुस्तान दीन की तहरीर करने आए थे। उन्होंने बड़ी बाजार बनारस को अपना मरकज़ बनाया। हज़रत अल्वी शहीद के नाम पर ही उस इलाके का नाम अलईपुरा पड़ा।

शनिवार, 14 मई 2022

Bharat ने सदैव किया जनभावना का सम्मान : योगी

डीएवी कॉलेज के प्रयास की सीएम ने की सराहना




Varanasi (dil India live)। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में पूरा विश्व भारत की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है। काशी आज पूरे देश का नेतृत्व कर रहा है, यहाँ के लोगो ने यहाँ से सांसद नही प्रधानमंत्री चुन कर भेजा है। उक्त उद्गार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएवी पीजी कॉलेज में आजादी के अमृत महोत्सव पर समर्पित चौरी - चौरा शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित चौरी - चौरा : अपराजेय समर के नाट्य दृश्यांकन के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी जो भी आया कुछ लेकर ही लौटा है, यहाँ से कोई खाली हाथ नहीं जाता है। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में जनभावना का सम्मान सदैव सर्वोपरि रहा है, चौरी- चौरा की घटना उसी जनभावना का परिचायक है। चौरी चौरा की लड़ाई सामान्य मानव, ग्रामीण समाज ने स्वयं लड़ी। यह अत्यंत गौरव का विषय है कि चौरी चौरा पर पहला नाट्य मंचन उस जगह हो रहा है जिसका संबंध मदन मोहन मालवीय जी से है। मालवीय जी ने ही इस घटना का मुकदमा लड़ा और ना जाने कितनो को फाँसी के फंदे पर झूलने से बचाया। आज उन्ही के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अंग डीएवी पीजी कॉलेज ने इसका मंचन कराया, जो अभिनन्दन के पात्र है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि भारत अब आत्मनिर्भर भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। काशी में बना काशी विश्वनाथ धाम अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा सहयोग किया है। धाम से समाज को कितना लाभ हुआ, समाज के अंतिम स्तर तक कार्यकरने वाले के जीवन स्तर में कोई भी बदलाव आया कि नही यह जानना  ओर समाज को उससे अवगत कराने का शोध कार्य भी डीएवी पीजी कॉलेज कार्य है। अंत मे योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी 25 वर्ष भारत के लिए अमृत वर्ष के रूप में होंगे, जिसमे एक नए भारत का उत्थान पूरी दुनिया देखेगी।

स्वागत भाषण देते हुए प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह ने कहा कि  अंग्रेजी हुकूमत ने भारतीयों को बड़ी त्रासदियाँ दी है, उसकी एक बानगी मात्र है चौरी चौरा की घटना, हम उसका स्मरण कर आजादी के सभी नायकों को नमन कर रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारा महाविद्यालय प्रधानमंत्री के विजन डिजिटल लर्निग पर मजबूती से काम कर रहे है।

नाट्य मंचन देख भावुक नजर आए योगी- इंडोर स्टेडियम में आयोजित नाट्य मंचन के दौरान पूरे समय तक मौजुद रहे, इस दौरान नाट्य दृश्यों को देखकर कई बार वे भावुक भी नजर आए। 

चौरी चौरा विद्रोह देख सबकी ऑखें हुई नम

गोरखपुर के चौरा गॉव में ब्रिटिश हुकूमत के जुल्म के खिलाफ 04 फरवरी, सन् 1922 को ग्रामीणों के विद्रोह ने अंग्रेजी सरकार की चूले हिला दी। भगवान अहीर और नजर अली के नेतृत्व में सैकड़ो युवाओं ने जिस प्रकार पुलिसिया दमन का विरोध किया वह अंग्रेजो को भारतीय समाज की शक्ति का एहसास कराने के लिए काफी रही। गांधी जी के आह्वाहन पर युवाओं ने दमन की परवाह किये बगैर अंग्रेजों के पिठ्ठू बने सरदार संत बख्श सिंह, दारोगा गुप्तेश्वर सिंह जैसे जालिमों के अन्याय के विरूद्ध ना सिर्फ आवाज उठाई बल्कि समाज के सामान्य नागरिकों के क्रोध की अभिव्यक्ति को प्रकट करते हुए चौरी चौरा विद्रोह का इतिहास रचा।

यह दृश्य शुक्रवार को डीएवी पीजी कॉलेज में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर चौरी-चौरा शताब्दी समारोह के अन्तर्गत आयोजित चौरी -चौराः अपराजेय समर के नाट्य दृश्यांकन में सजीव हो उठा। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति में महाविद्यालय के इतिहास विभाग के छात्र - छात्राओं द्वारा मंचित इस नाट्य को देखकर महर्षि दयानन्द इण्डोर स्टेडियम में उपस्थित दर्शकों की ऑखें नम हो गयी। 100 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित इस घटनाक्रम को लम्बे समय तक राष्ट्रीय मुक्ति संग्राम का हिस्सा ही नही माना गया, बाद में यह घटना इतिहास में चौरी चौरा विद्रोह के रूप विख्यात हुई। नाट्य निर्देशन रंगकर्मी व्योमेश शुक्ल ने किया।

इससे पूर्व चौरी चौरा शताब्दी समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्रा, प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह, रेक्टर प्रो. वी.के. शुक्ला, प्रबन्धक अजीत कुमार सिंह यादव ने दीप प्रज्ज्वलन एवं मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर मार्ल्यापण से किया। मुख्यमंत्री का स्वागत डॉ. सत्यदेव सिंह ने स्मृति चिन्ह, उत्तरीय एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया।

इनकी रही उपस्थिति 

इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रो. विजय बहादुर सिंह, प्रो. जी.सी.आर. जायसवाल, प्रो. बिन्दा परांजपे, पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्रा, डॉ. उषा किरण सिंह, सभाजीत सिंह, प्रियंकदेव सिंह, डॉ. विनोद कुमार चौधरी सहित शिक्षा जगत के गणमान्य जन, प्रशासनिक अधिकारी एवं समस्त अध्यापक तथा कर्मचारी उपस्थित रहे। संचालन डॉ. समीर कुमार पाठक एवं धन्यवाद ज्ञापन राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा ने दिया।

प्रभा के अमृत महोत्सव विशेषांक का हुआ विमोचन - आयोजन में महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रभा के अमृत महोत्सव विशेषांक का विमोचन भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया।

VKM Varanasi news : साहित्य और सिनेमा में केवल प्रस्तुति और प्रभाव का अंतर

"साहित्य व सिनेमा: अतः संबंध और रूपांतरण" विषय पर प्रो. संजीव का व्याख्यान Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्यालय कमच्...