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शुक्रवार, 29 जुलाई 2022

Muharram 2022: चांद के दीदार संग शुरू होगा माहे मोहर्रम

मस्जिदों में होगा कर्बला के शहीदों का जिक्र, अज़ाखाने होंगे गुलज़ार

मोहर्रम के जुलूस मार्गों को दुरुस्त करने की उठी मांग

Varanasi (dil india live). Muharram 2022: ईदुल अजहा की 29 तारीख आज चांद रात है। अगर चांद का दीदार हो जाता है तो माहे मोहर्रम की शुरुआत हो जाएगी। मोहर्रम की एक तारीख 30 जुलाई को होगी। अगर चांद का दीदार नहीं होता है तो कल चांद देखकर मोहर्रम का महीना शुरू हो जाएगा। मस्जिदों में 1से 10 मोहर्रम तक कर्बला के शहीदों का जहां जिक्र होगा वहीं शिया काले लिवास पहन लेंगे, शिया ख़्वातीन अपनी चूड़ियां उतार देंगी और अज़ाखाने गुलज़ार हो जाएंगे। मोहर्रम की 10 तारीख को यौमे आशूरा मनाया जाता है। इसी दिन कर्बला में नबी के नवासे इमाम हसन, इमाम हुसैन समेत 72 लोगों को शहीद कर दिया गया था। शहीद होने वालों में छोटे छोटे बच्चे भी शामिल थे।

जुलूस मार्गों को दुरुस्त करने की उठी मांग

मोहर्रम पर उठने वाले जुलूस को देखते हुए डर्बीशायर क्लब के अध्यक्ष शकील अहमद जादूगर ने बताया कि मोहर्रम शुरू होने वाला है ऐसे में जिस रास्ते से जुलूस गुजरेगा उन मार्गों के उखड़ा हुआ चौका और गड्ढों को ठीक किया जाए। सीवर लाइन ठीक कराया जाए व इमामबाड़ों के पास जिस जिस तरफ से जुलूस गुजरेगा चूने का छिड़काव कराया जाय। उन्होंने कहा कि लटका हुआ बिजली का तार ठीक कराया जाए। सैयद आलिम हुसैन रिजवी व सैयद फरमान हैदर ने कहा कि शहर भर में तकरीबन 25 अलग अलग अंजुमनों द्वारा 60 से ज्यादा जुलूस मोहर्रम में निकलता है। इसमें कई सैकड़ों साल कदीमी जुलूस भी है, जिसे गंगा जमुनी तहज़ीब के लिए भी याद किया जाता है।

सोमवार, 18 जुलाई 2022

ईद ए ग़दीर पर मनाई गई खुशिया, सजी महफ़िल



Varanasi (dil india live). हिजरी साल के ज़िल्हिज्जा माह की 18 तारीख को अपने आख़िरी हज से वापसी पर पैग़म्बर ए आज़म ने अपने चचेरे भाई और दामाद हज़रत अली को अल्लाह के हुक्म से अपने बाद हाकिम ओ पेशवा बनाया था। ग़दीर ए ख़ुम नामी जगह जो मक्का और मदीना के बीच स्थित है वहां सवा लाख हाजियो के मजमे में रसूलुल्लाह ने हज़रत अली को अपने दोनों हाथों पर बुलंद करके फ़रमाया जिस जिस का मैं मौला आज से उस उस का अली मौला। ये दिन शिया मुसलमानों के लिए ईद का दिन है।

   इसी ईद की खुशियां मानते हुए शहर में रात ही से महफ़िल का सिलसिला शुरू हो गया था। रवीवार की रात करारा हाउस तेलियानाला में क़सीदा ख़्वानी की महफ़िल हुई जो देर रात तक चली। सोमवार को दिन में 4 बजे बनारस के इमाम ए जुमा मौलाना सैयद ज़फर उल हुसैनी की सदारत में करारा हॉउस पर महफ़िल ए बयान के एहतेमाम हुआ। बयान से पहले शोअरा ए केराम ने अपना मंज़ूम नज़राना ए अक़ीदत पेश किया। महफ़िल को ख़िताब करते हुए मौलाना अक़ील हुसैनी ने ईद ए ग़दीर की फ़ज़ीलत और मौला अली के फ़ज़ाएल बयान किये। महफ़िल की निज़ामत मौलाना अमीन हैदर हुसैनी ने किया। महफ़िल में मौलाना मेहदी रज़ा, मौलाना इश्तियाक अली, मौलाना इक़बाल हैदर, मौलाना करीमी साहब, मौलाना यूसुफ मशहदी, मौलाना ज़ाएर ईमानी साहब समेत हज़ारो की तादाद में मोमिनीन ने शिरकत की। इसी क्रम में दालमंडी, दरगाहे फ़ात्मान, शिवाला, बड़ी बाज़ार, मदनपुरा समेत लगभग सभी शिया बहुल इलाकों में महफ़िल सजाई गई और खुशियां मनाई गई।

वक्फ संशोधन विधेयक संविधान के मूल ढांचे पर हमला- कांग्रेस

Mohd Rizwan  Varanasi (dil India live). वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे स...