ईद के दूसरे रोज़ से मोमिन रखतें हैं '6 रोज़ा' फिर आती है छोटी "ईद" की खुशियां
जुमा होने से खुशियां हुई दोहरी
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| हज़रत शाह तैय्यब बनारसी के आस्ताने पर जुटे अकीदतमंद (फाइल फोटो) |
Varanasi (dil India live)। केवल बनारस में ही मनाई जाती है पूरी दुनिया में Choti Eid (छोटी ईद)। बनारस में ईद की खुशियां मनाने के बाद दूसरे दिन से फिर छह नफिल रोज़ा रखा जाता हैं और ईद के सातवें दिन फिर छोटी ईद की खुशियां मनाई जाती है। इस दौरान शहर के औरंगाबाद और मंडुवाडीह में choti Eid का मेला भी लगता है। आज लोगों ने ईद के छठवें दिन नफिल रोज़ा रखा है शाम में अज़ान की सदाओं पर खजूर और पानी से रोज़ा खोला जाएगा इसी के साथ choti Eid की खुशियों का दौर शुरू हो जाएगा। तमाम लोग एक दूसरे से गले मिलकर उन्हें choti Eid की मुबारकबाद देंगे। मौलाना इरशाद रब्बानी ने बताया कि इस बार जुमा होने से छोटी ईद की खुशियां दुगनी हो गई है। क्यों कि जुमा अपने आप में मोमिन की ईद है।
छोटी ईद और हज़रत शाह तैय्यब बनारसी का उर्स
मंडुवाडीह स्थित कुतुबे बनारस हज़रत शाह तैयब बनारसी रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स 'choti Eid' के रूप में मनाया जाता है। उर्स के मौके पर आस्ताना परिसर में दिन भर मेला लगा रहता है। मेले में विभिन्न व्यंजनों का लोग जहां लुत्फ लेते हैं वहीं बच्चे खूब मस्ती करते हैं। choti Eid के मौके पर हजरत शाह तैयब बनारसी के आस्ताने पर हाजिरी देने के लिए देश के कोने-कोने से अकीदतमंदों की जुटान होती है। शाम होते ही आस्ताने पर पैर रखने की भी जगह नहीं बचती। बाबा की मजार पर गुलपोशी व चादरपोशी कर फातेहा पढ़ने वालों का सिलसिला देर रात तक चलता रहता है। इस दौरान फज्र की नमाज के बाद कुरआनख्वानी के साथ ही उर्स शुरू होता है। वहीं इशा की नमाज के बाद कुल शरीफ में अकीदतमंद शामिल होते हैं। इस मौके पर देश में अमन व खुशहाली के लिए दुआएं मांगी जाती है। वर्षो से चले आ रहे दस्तूर के मुताबिक choti Eid शानों-शौकत के साथ मनाई जाती है। मदरसा दारुल उलूम तैयबिया मोइनिया दरगाह शरीफ मंडुवाडीह के प्रिंसिपल मोहम्मद अब्दुस्सलाम रशीदी ने बताया कि उर्स ईद के सातवें दिन मनाया जाता है। आयोजन को लेकर क्षेत्र ही नहीं बल्कि दूर दराज से आने वालों में काफी उत्साह रहता है। लोग एक-दूसरे को choti Eid कि मुबारकबाद देते हैं। हर कोई खुशी से लबरेज नजर आता है।
औरंगाबाद में भी लगता है मेला
choti eid पर औरंगाबाद में भी मेला लगता है। इस मौके पर हज़रत हवा शाह वह हज़रत हिम्मत शाह का अकीदत के साथ उर्स मनाया जाता है। उर्स के दौरान लोगों का हुजूम उमड़ता है। गुस्ल, फातिहा और चादर पोशी का दौर देर रात तक उर्स में चलता है। यहां भी choti Eid कि मुबारकबाद देने और खुशियां मनाने दूर दराज से लोग जुटते हैं।

