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गुरुवार, 20 अगस्त 2026

Political News Varanasi August 2026: Ex prime minister Rajiv Gandhi की 82 वी जयंती भव्य रूप से मनाई गई

भारत रत्न Ex PM राजीव गांधी भारत में कंप्यूटर क्रांति के थे जनक

युवाओं और गरीबी को लेकर रोजगार गारंटी योजना किया था आरम्भ

हर हाथ में मोबाइल राजीव गांधी की देन- राघवेन्द्र चौबे


  • F. Farouqi Babu 

dil India live (Varanasi). वाराणसी के नरिया स्थित चौधरी लान में 20 August को भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 82 वीं जयंती भव्य रूप से मनाई गई। मुख्य अतिथि महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि आज हर हाथ में मोबाइल अगर है तो वह राजीव गांधी की देन है।

Pol20 August 2026 Ex prime minister Rajiv Gandhi की 82 वी जयंती

Political News: Varanasi 20 August 2026

Political News: Var 20 August 2026 Ex prime minister Rajiv Gandhi की 82वी जयंती मनाई

राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि वह आधुनिक भारत के शिल्पकार व युवा शक्ति के प्रेरणास्रोत के साथ ही शिक्षा तकनीक, पंचायत, सशक्तिकरण, शांति सद्भाव की मिसाल भी थे। आज जिस युवा भारत को हम देख रहे है, उसके लिए राजीव गांधी ने ही शुरुआत की वो कंप्यूटर क्रांति के जनक थे साथ ही साथ युवाओं और गरीबी को लेकर रोजगार गारंटी योजना आरम्भ किया था। महान शख्सियत " भारत रत्न " पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी एकता के साथ प्रगति के अग्रदूत रहे। 

इन्होंने भी व्यक्त किए अपने विचार

वक्ताओं में प्रमुख रूप से फसाहत हुसैन बाबू, संजीव सिंह, ओमप्रकाश ओझा, वीरेंद्र कपूर, अनुराधा यादव, डॉ उमेश चंद, शशि भूषण सिंह, अरुण सोनी, सतनाम सिंह, वकील अंसारी, देवेंद्र सिंह, तेज़ बहादुर, दीप विश्वकर्मा, मंगल कश्यप, गोपाल चौबे, शमशाद खान शामिल रहे।

बुधवार, 5 अगस्त 2026

Education News Varanasi Uttar Pradesh 5 August 2026: VKM kamacha में मनायी गयी munshi premchand जयंती

अंग्रेजों की चूलें हिला दी थी प्रेमचंद के लेखन ने-सुरेशचंद्र 

dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा वाराणसी में 5 August 2026 को हिंदी विभाग द्वारा प्रेमचंद जयंती समारोह का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रेमचंद स्मारक, लमही के अध्यक्ष सुरेशचंद्र दुबे ने प्रेमचंद के कथा संसार से छात्राओं को परिचित कराते हुए कहा कि प्रेमचंद के लेखन ने अंग्रेजों की चूलें हिला दी थी। 

स्त्री विषयक विमर्श को रेखांकित

प्रेमचंद ने अपने लेखन के माध्यम से हिन्दी साहित्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया। उन्होंने प्रेमचंद के कथा साहित्य में स्त्री विषयक विमर्श को रेखांकित करते हुए छात्राओं को आधुनिक दृष्टिकोण से समृद्ध किया। 

प्रेमचंद जयंती समारोह में प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने स्वागत वक्तव्य में कलम के सिपाही प्रेमचंद के लेखकीय व्यक्तित्व से प्रेरणा ग्रहण करते हुए विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए छात्राओं को उद्बोधित किया।



लेखन को युग का दस्तावेज बना दिया 

कार्यक्रम में औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन करते हुए विभागाध्यक्षा प्रो. आशा यादव ने कहा कि प्रेमचंद ने हृदय के भीतर की यात्रा को लिखते-लिखते अपने लेखन को युग का दस्तावेज बना दिया। उन्होंने यथार्थ को कुरेदकर अपनी कलम चलाने वाले युग प्रवर्तक प्रेमचंद के बहुविज्ञ व्यक्तित्व को याद करते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन परास्नातक अंतिम वर्ष की छात्रा सिंधु कुमारी द्वारा किया गया। इस आयोजन में प्रो. सपना भूषण, प्रो.शशिकला, डॉ.शुभांगी श्रीवास्तव, डॉ. प्रीति विश्वकर्मा, राजलक्ष्मी जायसवाल के साथ ही स्नातक एवं परास्नातक की सभी छात्राएं उपस्थित थीं।

शुक्रवार, 29 अगस्त 2025

Education: VKM Varanasi Main हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद, तुलसीदास एवं नंददास जयंती की धूम

बहुत बड़ा है भारतीय ज्ञान परंपरा का कैनवास -प्रो. अनुराग कुमार

Varanasi (dil India live). वसंत कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर 28 से 30 अगस्त 2025 तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह तथा हिन्दी विभाग द्वारा तुलसीदास एवं नंददास जयंती के भी VKM में धूम रही। इस दौरान ‘रामचरित मानसः एक सांस्कृतिक धरोहर भारतीय ज्ञान परंपरा के संदर्भ में एवं अष्टछाप में नंददासः एक अनूठी पहचान’ विषय पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

हिंदी विभाग द्वारा आयोजित संगोष्ठी का शुभारम्भ दीप-प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पण से हुआ। तत्पश्चात् संगीत विभाग की अध्यक्ष प्रो० सीमा वर्मा के निर्देशन में संगीत विभाग की छात्राओं द्वारा कुलगीत गाया गया। इसके उपरान्त महाविद्यालय की प्राचार्या और हिन्दी विभागाध्यक्ष ने मुख्य अतिथि वक्ता प्रो. अनुराग कुमार (संकायप्रमुख, कला संकाय, आचार्य, हिन्दी विभाग, महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ) एवं प्रो.गोरखनाथ पाण्डेय (अध्यक्ष, हिन्दी विभाग, यूपी कॉलेज) को उत्तरीय और पौधा देकर सम्मानित किया।


महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि हिन्दी साहित्य इतना समृद्ध औैर सरस है कि प्रत्येक व्यक्ति इस साहित्य के प्रति आकर्षित होता है। इस आयोजन की सराहना करते हुए पुस्तक लेखिका प्रो. आशा यादव एवं डाॅ. शशिकला व राजलक्ष्मी को उनके पुस्तक लोकार्पण पर उन्हें बधाई देते हुए निरंतर इसी प्रकार प्रयत्नशील रहने के लिये प्रेरित किया। इस दौरान संगीत विभाग की अध्यक्ष प्रो. सीमा वर्मा के निर्देशन में संगीत विभाग की छात्राओं द्वारा तुलसी दास प्रशस्ति गीत-बोल ‘बन राम रसायन की रसिका’ कवि अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध द्वारा रचित तथा कवि नंद दास की रचना ‘कान्ह कुंवर के कर पल्लव पर’ पद का सुंदर गायन किया गया। नंददास का यह सुंदर पद संगीत और साहित्य का सुंदर अंतः संबंध प्रस्तुत करता है संगीत और साहित्य का इतना कर्णप्रिय, सुरम्य मिलन इससें पहले कभी सुनने को न मिला जिसका श्रेय प्रो.सीमा वर्मा को जाता है। जिसमें संगीत विभाग की वैष्णवी पाण्डेय, वैदेही नीमगांवकर, संजना गुप्ता, जयंतिका दे, अनुषा चक्रवर्ती, आस्था मौर्या व दृष्टि मुखर्जी आदि छात्राओं ने सहभागिता की। तबले पर संगत सौम्यकान्त मुखर्जी ने की।

इस अवसर पर हिन्दी विभाग की अध्यक्ष प्रो. आशा यादव द्वारा लिखित पुस्तक ‘रामचरितमानसः इतिहास संस्कृति और भारतीय ज्ञान-परम्परा’ तथा डॉ.शशिकला और राजलक्ष्मी द्वारा सम्पादित पुस्तक ‘हिन्दी कथा साहित्य में मध्यवर्गीय स्त्रियांँ दशा एवं दिशा’ का मुख्य अतिथि एवं प्राचार्या के कर कमलो से लोकार्पण किया गया। लेखकीय वक्तव्य देते हुए प्रो. आशा यादव ने कहा कि रामचरितमानस जो उत्कृष्ट आदर्श, नैतिक मूल्यो, सामाजिक संस्कृति को उद्घाटित करता है। प्रलोभनो का त्याग करते हुए कत्र्तव्यनिष्ठा और मानवीय मूल्यों को अपनाने का संदेश देती है। वर्तमान परिदृश्य में टूटते हुए जीवन मूल्यों को देखते हुए फिर से भारतीय ज्ञान परंपरा की ओर लौटने की आवश्यकता है। इस पुस्तक के माध्यम से भक्ति के परिप्रेक्ष्य में यही प्रयास किया गया है।

आज की संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रो०अनुराग कुमार ने नंददास पर अपने सारगर्भित वक्तव्य में कहा कि मनुष्यता के मूल्यो का निरंतर क्षरण हो रहा है। भारतीय ज्ञान परंपरा का कैनवास बहुत बड़ा है। संवाद और शास्त्रार्थ दो शैलियो में भारतीय ज्ञान परंपरा के कवि सबको अवसर प्रदान करते है। हवेली संगीत में नंददास और तुलसीदास के पदों को गाये जाने की परंपरा प्रारंभ से ही रही। अष्टछाप के कवियों की स्थिरता केवल भक्ति में लीन होना नही अपितु उसकी उपयोगिता को प्रचारित करना भी है। अष्टछाप के कवियों के पदों का संगीत साहित्य-सृजन का मार्ग प्रशस्त करता है। तदुपरांत मुख्य वक्ता प्रो.गोरखनाथ पाण्डेय ने तुलसीदास पर अपना महत्वपूर्ण वक्तव्य देते हुए कहा कि रामचरितमानस को हम भक्ति और आध्यात्म की आवरण में देखते है। जिसकी संस्कृति मानवीय चेतना को पुष्ठ करती है। हिन्दी प्रदेश में मीरा, सूर, तुलसीदास, नंददास, सुंदरदास आदि कवियों की भक्ति का स्वरूप राष्ट्रीय है जो पूरे हिन्दुस्तान की चेतना का मंथन करता है। रामचरितमानस भारतीय संस्कृति सभ्यता का एक ऐसा धरोहर है जिसे भारतीय समाज से पृथक नही किया जा सकता। दिनांक 28 अगस्त 2025 को डॉ. प्रीति विश्वकर्मा एवं राजलक्ष्मी के निर्देशन में आयोजित तुलसीदास एवं नंददास पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय तीन विजेता समूह को पुरस्कार वितरित किया गया स्नातक तृतीय वर्ष की छात्रा तनु मिश्रा ने  नंददास एवं परास्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा अनन्या सृष्टि ने तुलसीदास का अत्यंत संक्षिप्त एवं सुंदर जीवन परिचय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सुंदर व सुगठित संचालन डॉ. प्रीति विश्वकर्मा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजिका सहअध्यापिका डा.शशिकला ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर गाजीपुर गल्र्स पी.जी. काॅलेज से पूर्व प्राचार्या डाॅ0 सविता भारद्वाज, प्रो. मीनू पाठक, डाॅ0 नैरंजना श्रीवास्तव हिन्दी विभाग से सहअध्यापिका डॉ.सपना भूषण ,डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव एवं सुश्री राजलक्ष्मी सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं छात्राओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।


खेल बौद्धिक विकास में सहायक

महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने छात्राओं को खेलकूद गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल शारीरिक तंदुरुस्ती ही नहीं बल्कि बौद्धिक विकास में भी सहायक होते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि नियमित रूप से खेलों में भागीदारी आत्म-अनुशासन को विकसित करती है और विद्यार्थियों को तनाव तथा चिंता से मुक्त करती है। कार्यक्रम के पहले दिन (28 अगस्त) पोस्टर मेकिंग, क्विज और निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिनका मुख्य विषय मेजर ध्यानचंद रहा।





छात्राओं ने उत्साहपूर्वक बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया और अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। दूसरे दिन (29 अगस्त) महाविद्यालय में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग  के निर्देशानुसार विभिन्न शारीरिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसकी शुरुआत खेल शपथ से हुई। इसके अंतर्गत 50 मीटर दौड़, रस्साकशी, स्किपिंग रोप और नींबू दौड़ जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। 100 से अधिक छात्राओं ने इन खेलों में भाग लेकर उत्साह और खेल भावना का परिचय दिया, जिससे पूरा आयोजन जीवंत और ऊर्जा से भरपूर रहा। यह राष्ट्रीय खेल दिवस डॉ. विजय कुमार (इंचार्ज, खेल समिति) के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। साथ ही खेल समिति के अन्य सदस्य डॉ. आशीष, डॉ. मनोज, डॉ. अखिलेश, डॉ आर पी सोनकर, डॉ. शशिकेश, डॉ. पूर्णिमा, डॉ. सुप्रिया, डॉ. दीक्षा तथा डॉ. सिमरन सेठ ने भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

रविवार, 2 फ़रवरी 2025

Imam Hussain के जन्म की देश दुनिया में धूम

इमाम हुसैन के जश्न में जगह जगह महफ़िलें सजी, लोगों को बांटा जा रहा तबर्रुक

 Mohd Rizwan

Varanasi (dil India live)। आज देश दुनिया में नबी के नवासे हजरत इमाम हुसैन की यौमे पैदाइश का जश्न मनाया जा रहा है। इसी क्रम में वाराणसी में रविवार को शहीद-ए-कर्बला इमाम हुसैन की १४४२ वी जयंती पूरी अकीदत और एहतेराम संग शुरू हुई। इस सिलसिले से कई जगह महफिलें सजाई गई, शायरों ने कलाम पेश किए, उलेमा ने तकरीर कर इमाम हुसैन की जिंदगी और उनकी शहादत पर रौशनी डाली। शिवपुर में अंजुमन panjetani द्वारा, अर्दली बाजार, जामा मस्जिद मीर गुलाम अब्बास में, दोषीपुरा, रसूलपुरा, बड़ी बाजार, कच्चीबाग, पठानीटोला मस्जिद मुजीब, प्रह्लादघाट, पड़ाव, रामनगर जामा मस्जिद हैदरी, शिवाला, बजरडीहा, भेलूपुर, मदनपुरा, दालमंडी, नई सड़क, कालीमहल, लल्लापुरा आदि क्षेत्रों में महफिलें सजाकर इमाम हुसैन की विलादत का जश्न मनाया गया। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि दरगाहे फातमान में तथा सदर इमामबाड़े में इमाम हुसैन का रौजा सजाया गया। लोगों ने मिठाइयों का तबर्रुक एक दूसरे को बाटा, इस दौरान फल और मेवे भी तकसीम किए गए। कई स्थानों पर हजरत अब्बास की जयंती की पूर्व संध्या पर भी महफिल सजाकर जश्न मनाया गया।


ऐसे ही रविवार को दिन में 1:00 बजे डर्बीशायर क्लब द्वारा शहीदाने कर्बला हजरत इमाम हुसैन की यौमे पैदाइश (जन्मदिन) बनारस के पितर कुंडा तिराहे पर मनाई गई। इस दौरान उन्होंने लोगों को गुलाब का फूल देकर और मिठाइयां खिलाया गया।

इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष शकील अहमद जादूगर ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन का जन्म उर्दू कैलेंडर के हिसाब से तीन शाबान चार हिजरी (11 जनवरी 626 ई) में अरब की सर जमीन मदीने में हुआ था ।शकील ने कहा कि उनके पिता शेरे खुदा हजरत अली थे और उनकी मां फातिमा जेहरा हज़रत मोहम्मद साहब की बेटी थी। हजरत इमाम हुसैन, हज़रत मोहम्मद साहब के नवासे थे।


इस कार्यक्रम में हाजी असलम हैदर मलाई एडवोकेट, सकलैन हैदर, जावेद हुसैन, अयान हैदर, इरफान पाशा, कौनैन हैदर, फरमान हैदर, शाहिद राजा, हैदर अली, मजहिर हुसैन, गोलू हुसैन, मोहम्मद अख्तर अली, हैदर मोहम्मद अली आदि मौजूद थे। दरअसल इमाम हुसैन का जन्म ३ शाबान सन ४ हिजरी को मदीने में हुआ था और आपकी शहादत १० मुहर्रम सन ६१ हिजरी को कर्बला में हुई थी। सोमवार ३ फरवरी को भी महफिलों का सिलसिला जारी रहेगा।