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गुरुवार, 7 नवंबर 2024

नौचंदी जुमेरात को दरगाहों व आस्तानों पर उमड़े जायरीन

दरगाहे फातमान में अलम का जुलूस, नौहाख्वानी मातम के साथ मांगी दुआएं 


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live)। जमादीउल अव्वल महीने के पहले जुमेरात (नौचंदी जुमेरात) को दरगाहों और आस्तानों पर जायरीन का हुजूम उमड़ा हुआ था। कोई मन्नतें मांगते दिखाई दिया तो कोई फातेहा पढ़कर दुआएं मांग रहा था। हज़रत बहादुर शहीद, लाटशाही बाबा, हरदाम शाह बाबा, शहाबुद्दीन शाह बाबा, नुरैन शाह बाबा, चंदन शहीद, मौलाना शाह बाबा, हजरत शाह तैय्यब बनारसी, मलंग शहीद, पुलंग शाहीद, पंजाबी शाह बाबा, खाकी शाह बाबा, बुलाकी शहीद, हजरत बाबा फरीद व नूरुद्दीन शहीद आदि औलिया अल्लाह के दर पर जायरीन का मजमा उमड़ा हुआ था। ऐसे ही इमामबाड़ों में अलम निकाला गया, नौहा और मातम के साथ देश की खुश हाली और सलामती के लिए दुआख्वानी भी हुई। इस सिलसिले से दरगाहे फातमान में मौला अली के रोज़े से अलम निकला। कैंपस में कई रोजों पर सलामी देते हुए अलम का जुलूस हजरत अब्बास के रोज़े पर पहुंच कर सम्पन्न हुआ। इस मौके पर तकरीर करते हुए शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर ने कहा कि अली और फातमा की बड़ी बेटी जनाबे जैनब और शहीदे कर्बला इमाम हुसैन के बड़े बेटे इमाम जैनुल आबेदीन की विलादत का यह महीना है। ये वो दो नाम है जिन्होंने इस्लाम और इंसानियत को बुलंद मुकाम पर पहुंचाया। सब्र और बहादुरी के साथ जुल्म का सामना किया। हुसैन के पैगाम को मजलिस और इबादत के जरिए पैगाम ए हुसैनी सारी दुनिया में पहुंचाया। फरमान हैदर ने बताया कि शुक्रवार को जनाबे जैनब की जयंती मनाई जाएगी। इस अवसर पर नजाकत बनारसी, समर बनारसी ने कलाम पेश किए। हाजी अलीम हुसैन ने नोहाख्वानी की। बड़ी संख्या में लोगों ने देश की खुशहाली के लिए दुआएं मांगी। शाम के सत्र में सदर इमामबाड़ा लाटसरैया पठानीटोला, चौहट्टा लाल खां, अर्दली बाजार, शिवाला आदि क्षेत्रों में भी लोगों ने अलम निकलकर नोहाखवानी व मातम के साथ दुआख्वानी की। हैदर ने बताया कि जनाबे जैनब का जन्म 1441 साल पहले मदीने में हुआ था। और आपका नूरानी रोजा सीरिया शाम में स्थित है।

सोमवार, 31 जुलाई 2023

Moharram 12: या हुसैन...की सदाओं पर निकला अलम सद्दा


बोल मोहम्मदी...या हुसैन की सदाओं संग निकला तीजे का जुलूस






Varanasi (dil India live)। इमाम हुसैन (रजि.) समेत कर्बला के तमाम शहीदों का तीजा सोमवार को पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। इस मौके पर मुस्लिमों ने अलम सदा का जुलूस निकाल कर कर्बला में फूल-माला जहां ठंडा किया। तीजे पर इमाम चौकों पर फातेहा कर तबर्रुक तकसीम किया गया। गौरीगंज स्थित मरहूम नन्हें खां के इमामबाड़े से, बोल मोहम्मदी, या हुसैन... या हुसैन...व, नारे तकबीर अल्लाह हो अकबर...। की सदाओं के साथ अलम सद्दा का जुलूस उठा। यह जुलूस शिवाला पहुंचा जहां से विभिन्न रास्तों से होकर शिवाला घाट जाकर सम्पन्न हुआ। ऐसे ही शिवाला से अलम का जुलूस उठाया गया। जुलूस में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी व पुलिस के जवान शामिल थे। उधर अर्दली बाजार, शिवपुर, तरना आदि का जुलुस अपने कदीमी रास्तों से कचहरी, वरुणापुल होकर नदेसर पहुंचा। अर्दली बाजार का जुलूस जब नदेसर पहुंचा तो उसके पीछे-पीछे नदेसर, राजा बाजार, पक्की बाजार आदि का जुलूस भी फातमान की ओर निकल चला। जुलूस की कमान शाहिद खां, भजपा नेता मलिक, मो. खालिक, गफ्फार, सिकंदर, शहजादे खां, नेयाज अहमद, शमशाद, हम्जा आदि साथ-साथ चल रहे थे। ऐसे ही रामपुरा, रेवड़ीतालाब व मदनापुरा का जुलूस भी निकला। यह जुलूस जंगमबाड़ी, गौदोलिया होते हुए फातमान पहुंच कर सम्पन्न हो गया। उधर ककरमत्ता से जुलूस निकला जो कर्बला पहुंच कर समाप्त हुआ। बजरडीहा, गौरीगंज, नई सड़क, शेख सलीम फाटक, पीलीकोठी, सरैया, छत्तनपुरा, राजा बाजार, प्राहलादघाट, सुंदरपुर, नरिया, दालमंडी, लल्लापुरा, पितरकुंडा, कोयला बाजार, बड़ी बाजार आदि जगहों से भी अलम का जुलूस निकाला गया। 

4 से लेकर 40 मीटर तक के अलम :–

अलम सददे के जुलूस में 4 फीट से लेकर चालीस मीटर तक के रंग-बिरंगे अलम अकीदतमंद ऐसे संभले हुए चल रहे थे कि वो जमीन पर न पड़े। जहां बिजली के तार व टेलीफोन कैबिल रास्ते में आता दिखाई दे रहा था, उससे बचने के लिए पैर पर अलम रखकर बेहद खूबसूरती से धीरे-धीरे संभालते हुए लोग उसे पार करा रहे थे। यह खूबसूरत लम्हा देखते ही बन रहा था। 

खिचडे की हुई फातेहा :–

इमाम हुसैन व इमाम हसन के तीजे पर शहर भर में अकीदतमंदों ने घरों व इमामबाडों में फातेहा कराया। इस दौरान कहीं शिरनी तो कहीं खिचडा बना। फातेहा का तबर्रुक लेने की लोगों में होड मची हुई थी। यह सिलसिला सुबह से देर रात तक चलता रहा।

सिपहगिरी का फन देखने को जुटा मजमा  

अलम सददा के जुलूस के साथ साथ फन-ए-सिपहगिरी के सिपाही अपने साथियों के साथ फन का मुजाहिरा सड़कों पर करते हुए दिखाई दिये। इस रणकौशल का लुत्फ लेने के लिए लोगों ने पलके बिछायी। कचहरी, शिवपुर, अर्दली बाजार, राजा बाजार, नदेसर, लल्लापुरा, बजरडीहा, गौरीगंज, रेवड़ी तालाब, मदनपुरा आदि इलाकों से अखाड़े निकले। इस दौरान जुलूस के आगे आगे खलीफा चल रहे थे। फन-ए-सिपहगीरी एसोसिएशन के लोग मोर्चा संभाले हुए थे। 

इस दौरान सामाजिक संगठन भी सक्रिय रहे। मोहर्रम के जुलूसों के दौरान सामाजिक संगठनों ने पितरकुंडा पर जिया क्लब की ओर से सुबह 10 बजे से शाम तक रिलीफ कैम्प लगाया गया जिसमें चिकित्सा व्यवस्था कि सीएमओ की ओर से खास व्यवस्था की गयी थी। संचालन शकील अहमद जादूगर कर रहे थे। नईसड़क पर अंजुमन इस्लामिया के सदर हाजी मो. शाहिद अली खां मुन्ना की देखरेख में सहायता शिविर लगा था। पासबा क्लब की ओर से लल्लापुरा रांगे की ताजिया के समीप लगे कैम्प में काफी लोग व्यवस्था संभाले हुए थे। 

दरगाहे फातमान में शमां किया रौशन

दरगाहे फातमान में शिया वर्ग ने इमाम हुसैन के तीजे पर इमाम हुसैन के रौजे पर सैयद फरमान हैदर की अगुवाई में शमां रौशन की गई। इस दौरान काफी लोग मौजूद थे।

गुरुवार, 11 अगस्त 2022

Muharram 12th:अलम सददे के जुलूस में उमड़ा जनसैलाब

इमाम हसन, इमाम हुसैन समेत शहीदाने कर्बला का मना तीजा

तीजे के जुलूस में भी दिखा तिरंगा झंडा





Varanasi (dil india live). इमाम हसन, इमाम हुसैन समेत शहीदाने कर्बला का तीजा गुरुवार को पूरी अकीदत के साथ मनाया गया। इस दौरान जहां अजाखानों व इमामबारगाहों में 12 वीं मुहर्रम पर फूल की जहां मजलिसे हुई वहीं घरों में फातेहा दिलाकर तबर्रुक तक्सीम किया गया। चना, इलायची दाना, पान, डली और तेल पर फातिहा कराकर अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन व शहीदाने कर्बला को नजराना-ए-अकीदत पेश किया। दोपहर बाद अलग-अलग इलाकों से अलम व अखाड़ों के जुलूस निकले। जुलूस के दौरान फन-ए-सिपहगरी का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया गया। बुजुर्गो व बच्चों ने भी दिखावटी तलवार, बनेठी, लाठी आदि में अपने जौहर दिखाए। भोजूबीर, अर्दली बाजार, नदेसर, जैतपुरा, छित्तनपुरा, चौहट्टा लाल खां, कोयला बाजार, बजरडीहा, नई सड़क, लल्लापुरा, पितरकुंडा, पीली कोठी, सदर बाजार, शिवाला, गौरीगंज, बजरडीहा, नयी सड़क, दालमंडी आदि क्षेत्रों से निकले अलम सद्दे के जुलूस दरगाह फातमान पहुंचे। जुलूस में युवा 10 फीट से लेकर 50 फीट तक के अलम लेकर चल रहे थे, जिन्हें गुब्बारे, फूल-माला, मोती व बिजली के झालरों से आकर्षक रूप में सजाया गया था। नई सड़क चौराहे से दरगाह फातमान तक तिल रखने भर की भी जगह नहीं थी। मुख्य मार्ग के दोनों ओर के मकानों की छतों व बरामदों पर महिलाओं व बच्चों की भीड़ रही। उधर, गौरीगंज से नन्हे खां के इमामबाड़े से दोपहर बाद अलम का जुलूस निकला जो शिवाला के अलम के जुलूस को साथ में लेते हुए सैकड़ों लोग कलाम पेश करते चल रहा था। जुलूस शाम में अकीदत के साथ सम्पन्न हुआ।

स्वयंसेवी संगठन रहे सक्रिय

तीजा के जुलूस में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए स्वयं सेवी संस्थाओं के वालंटियर्स जुलूस में मुस्तैद रहे। श्री सड़क स्टेट मीडिया की ओर से जहां सहायता के लिए कैम्प लगा हुआ था वहीं जिया क्लब की ओर से शकील अहमद जादूगर के संयोजन में पितरकुंडा चौराहे के पास चिकित्सा शिविर लगाया गया था। ऐसे ही अंजुमन इस्लामिया की ओर से नई सड़क चौराहे पर हाजी मुहम्मद शाहिद अली खां मुन्ना के संयोजन में सहायता व चिकित्सा शिविर लगाया गया।

देर रात तक गूंजती रही मातम की सदा 

शिया हजरात के घरों में फूल की मजलिस हुई। लोगों ने फातेहा कराकर तबर्रुक तक्सीम किया। घरों व इमामबारगाहों में मजलिस आयोजित हुई। इस दौरान मुकीमगंज, अर्दली बाजार, शिवाला, गौरीगंज, चौहट्टा लाल खां, काली महल, चहमामा, दालमंडी, मदनपुरा, पितरकुंडा आदि क्षेत्रों में शिया हजरात के घरों से देर रात तक नौहाख्वानी व मातम की सदा गूंजती रहीं।