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बुधवार, 27 अगस्त 2025

Politics : BSP leader Mayawati ने चौथी बार Ravi Kumar advocate पर जताया भरोसा

रवि कुमार फ़िर बने बहुजन समाज पार्टी वाराणसी के जिलाध्यक्ष 

Varanasi (dil India live). बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती के निर्देशानुसार बसपा के कर्मठ ईमानदार कार्यकर्ता एडवोकेट रवि कुमार की मेहनत और कर्मठता व त्रिस्तरीय चुनाव व 2027 विधानसभा आम चुनाव को देखते हुए रवि कुमार एडवोकेट को चौथी बार जिला अध्यक्ष वाराणसी जनपद का दायित्व सौंपा गया है। रवि कुमार एडवोकेट ने कहा कि मुझे चौथी बार वाराणसी जनपद का जिला अध्यक्ष बनाए जाने पर बहन जी का बहुत-बहुत आभार प्रकट करता हूं। बहन जी ने जो दायित्व दिया है उसे पूरी निष्ठा ईमानदारी व लगन से निर्वहन करुंगा और पार्टी को ऊंचाइयों पर ले जाने का पूरा प्रयास करूंगा। 



रवि कुमार एडवोकेट को वाराणसी जिला अध्यक्ष बनने पर वाराणसी जनपद के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर। युवा जिला अध्यक्ष बनाए जाने पर कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल माला पहनकर खुशी जाहिर की। रवि कुमार ने कहा कि वर्तमान दौर बहुजन समाज के लिए संघर्ष का दौर है। सभी दलितों, अल्पसंख्यकों व पिछड़ों को आरक्षण और बाबा साहेब द्वारा बनाया गया आरक्षण बचाने के लिए एक प्लेटफार्म पर आना होगा।

सोमवार, 28 जुलाई 2025

Politics : UP K Varanasi Main dr Sandhya yadav को सपा ने दिया बड़ी जिम्मेदारी

डॉ.संध्या यादव समाजवादी महिला सभा की जिला उपाध्यक्ष बनी

Varanasi (dil India live). Varanasi के रोज गार्डन सारनाथ में समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित संविधान मानस्तंभ कार्यक्रम में तलवारबाजी की पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी, अध्यापिका, पतंजलि विश्वविद्यालय हरिद्वार की पूर्व वार्डेन एवं पूर्व विधायक सैदपुर राजर्षि राजित प्रसाद यादव की पुत्रवधू डॉ. संध्या यादव को समाजवादी महिला सभा का जिला उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री एवं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम अचल राजभर द्वारा डॉ.संध्या यादव को मनोनयन पत्र सौपा गया। 


समाजवादी महिला सभा की जिला अध्यक्ष शशि यादव द्वारा प्रस्तावित उपाध्यक्ष पद के लिए मनोनयन पत्र मुख्य अतिथि को सौंपा गया। जिला उपाध्यक्ष बनाए जाने पर सांसद चंदौली वीरेंद्र सिंह, सांसद मछली शहर प्रिया सरोज, पूर्व सांसद कैलाश नाथ यादव, पूर्व मंत्री बहादुर यादव,पूर्व विधायक समद अंसारी, उदयलाल मौर्य, महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष रीबू श्रीवास्तव, व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल, जिला अध्यक्ष शशि यादव, सपा जिला अध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ पहलवान, महानगर अध्यक्ष दिलीप डे, पूर्व मंत्री सुमन यादव, डॉ. उमाशंकर यादव, पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा, महिला सभा की पूर्व महानगर अध्यक्ष पूजा यादव, पूर्व विधान परिषद सदस्य राजदेव सिंह, लालजी चंद्रवंशी, आयुष्मान चंद्रवंशी, आनंद मोहन गुड्डू, संजय यादव उर्फ राधा कृष्ण, सुनील सोनकर, किशन दीक्षित,  अवधेश पाठक, विजय बहादुर यादव, दिनेश यादव गायक आदि ने बधाई दिया है!

रविवार, 27 जुलाई 2025

Politics: Bihar Mein 65 लाख मतदाताओं का नाम कटा

बिहार में वोटर रिवीजन के बाद कुल 7.24 करोड़ मतदाता

सरफराज अहमद 

Varanasi (dil India live). भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार में विशेष वोटर सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण का अंतिम ब्योरा जारी कर दिया है। इसके मुताबिक, बिहार में वोटर रिवीजन के बाद कुल 7.24 करोड़ मतदाता हैं जबकि  65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए हैं। 

इनमें मृत, विस्थापित और विदेश मतदाता शामिल हैं। चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया है कि 24 जून 2025 तक बिहार में 7.89 करोड़ मतदाता थे। इनमें से 7.24 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए हैं।

इस विशेष पुनरीक्षण के पहले चरण का अंतिम आंकड़ा 7.24 करोड़ है। इसमें कुल  65 लाख उन मतदाताओं के नाम हटे हैं, जो मृत, विस्थापित, विदेशी, दूसरे स्थान पर स्थायी प्रवास करने वाले थे।

24 जून को शुरू हुआ था विशेष पुनरीक्षण

बिहार में विशेष वोटर सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत 24 जून 2025 को हुई थी। इसका उद्देश्य मतदाता सूची से मृत, स्थानांतरित, और दोहरे पंजीकरण वाले मतदाताओं के नाम हटाना तथा पात्र मतदाताओं को शामिल करना था। इस प्रक्रिया के तहत, बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) और बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) ने घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना फॉर्म एकत्र किए। आयोग ने बीते 25 जुलाई तक इस प्रक्रिया के पहले चरण को लगभग पूरा कर लिया।


इसमें 99.8 फीसदी मतदाताओं को कवर किया गया। आयोग ने कहा कि 1 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक पात्र मतदाता, जिनके नाम छूट गए हों, उन्हें ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल करने का अवसर मिलेगा।

मतदाता सूची में कई स्थानों पर नामांकित पाए गए मतदाताओं का नाम केवल एक ही स्थान पर रखा जाएगा। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुनरीक्षण में कुल 7.24 करोड़ कलेक्ट किए गए जबकि 22 लाख की मौत हो चुकी है,  36 लाख विस्थापित हैं एवं 7 लाख दूसरे स्थान पर स्थायी प्रवास कर रहे हैं। 

बिहार में शुरू हुआ यह अभियान अब पूरे देश में लागू करने की योजना है। यह पहली बार है जब 2003 के बाद बिहार में इतना व्यापक पुनरीक्षण हो रहा है। चुनाव आयोग ने एसआईआर के पहले चरण के सफल समापन का श्रेय बिहार के निर्वाचन आयोग की टीम को दी है।

इसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सभी 38 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी, 243 ईआरओ, 2,976 एईआरओ, 77895 मतदान केंद्रों पर तैनात बीएलओ, लाखों स्वयंसेवक और सभी 12 प्रमुख राजनीतिक दलों के क्षेत्रीय प्रतिनिधि (इनमें 1.60 लाख बीएलए शामिल) को निर्वाचन आयोग ने श्रेय दिया है।

एसआईआर को विपक्षी दलों ने बताया षडयंत्र

भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी ब्योरे पर नजर डालें तो पता चलता है कि एसआईआर अवधि के दौरान बीएलए की कुल संख्या में 16% से अधिक की वृद्धि हुई। राजद-कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों का दावा है कि एसआईआर एक षड्यंत्र है।

बिहार में विपक्षी दलो ने एसआईआर का खुला विरोध करते हुए कहा है कि इसका मकसद गरीब, दलित, पिछड़े वर्ग, और अल्पसंख्यकों के वोटिंग अधिकार छीनना है। विपक्ष ने एसआईआर को ‘बैकडोर एनआरसी’ बताया है। विपक्ष दलों का कहना है कि कई परिवारों के पास जरूरी दस्तावेज, जैसे जन्म प्रमाणपत्र, नहीं हैं। बिहार में केवल 2.8% लोगों के पास 2001-2005 के बीच जन्म प्रमाणपत्र हैं, जिससे लाखों लोगों के मतदाता सूची से हटने का खतरा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह एनडीए को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। 

शनिवार, 26 जुलाई 2025

politics: Chirag Paswan क्यों बरसें अपनी ही Government पर, क्या चल रहा बिहार में...

चिराग का मुख्यमंत्री नीतीश पर सीधा हमला कह रहा है अलग कहानी 

राज्य में अपराधी बेलगाम और पुलिस-प्रशासन उनके सामने नतमस्त-चिराग


Patna (dil India live). जैसे जैसे बिहार में चुनाव नज़दीक आ रहा है वहां सियासी बखेड़ा भी रोज़ देखने को मिल रहा है। ताज़ा खबर लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास के अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को लेकर है। चिराग ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा और बड़ा सियासी हमला बोला है। चिराग ने कहा कि राज्य में अपराधी बेलगाम हो गए हैं और पुलिस-प्रशासन उनके सामने नतमस्तक है।

बिहार के गया जिले में होमगार्ड की महिला अभ्यर्थी के साथ एम्बुलेंस में हुए गैंगरेप की घटना पर उन्होंने सरकार और पुलिस की कड़ी आलोचना की। चिराग पासवान ने कहा कि- 'एक के बाद एक बिहार में जिस तरीके से आपराधिक घटनाओं की श्रृंखला बनती जा रही है और पुलिस और प्रशासन अपराधियों के सामने नतमस्तक बन चुकी है। मुझे दुख है कि मैं ऐसी सरकार को समर्थन कर रहा हूं।'


ऐसी घटना रुक क्यों नहीं रही-चिराग 

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान मीडिया से मुखातिब हुए तो सवाल उछला कि होमगार्ड की महिला अभ्यर्थी को जब बेहोशी की हालत में अस्पताल भेजा जा रहा था तो उसके साथ एंबुलेंस में गैंगरेप किया गया। इस पर आपकी प्रतिक्रिया?

जवाब में चिराग पासवान ने राज्य की सत्तारूढ़ नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार और राज्य पुलिस पर सबसे बड़ा हमला कर दिया। कहा कि - 'ऐसी घटना घट क्यों रही है ? बिहार में जिस तरीके से हत्या पर हत्या की घटनाएं हो रही है। एक के बाद एक के बाद ऐसी श्रृंखला बन गई है।

ऐसा लग रहा है कि ऐसी घटना को रोकने में प्रशासन पूरी तरीके से नाकामयाब हो चुका है। ...अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले दिनों में बहुत भयावह स्थिति उत्पन्न हो होगी। जिन लोगों के साथ इस तरह की घटना हुई है उनसे जाकर हाल पूछिए।

...कुछ लोग कह रहे हैं कि चुनाव के कारण यह हो रहा है, सरकार को बदनाम करने के लिए हो रहा है। लेकिन आखिर जिम्मेदारी तो पुलिस प्रशासन और सरकार की है। ऐसी घटनाओं को रोकने में सफलता क्यों नहीं मिल रही? ऐसी घटना रुक क्यों नहीं रही है?'

हालात पर उठे सवालों पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अंदर से उबल पड़े और संयमित लहजे में पीड़ादायक अंदाज में सियासी तौर पर कठोर बात कह दी। बोले - 'मैं सरकार से समय रहते कदम उठाने का अनुरोध करता हूं। मुझे दुख है कि मैं ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं, जहां अपराध बेकाबू हो गए हैं।  बिहार अब इनके बस में नहीं है। लोग परेशान हो चुके हैं'।

चिराग के सवालों से सियासी पारा हाई

बिहार में दो महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। उससे पहले यहां की राजनीति में जमकर उबाल देखने को मिल रहा है। विपक्ष और सरकार एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इस बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने लगातार हो रहीं क्राइम की घटनाओं को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए तो स्वाभाविक तौर पर राज्य का सियासी पारा हाई हो गया है।

बता दें कि बिहार में पिछले कुछ दिनों से लगातार हत्या की खबरें सामने आ रही हैं। पिछले एक महीने के भीतर 50 से ज्यादा हत्या के मामले सामने आए हैं। दिनदहाड़े गोली चलना और अस्पताल में हुई हत्या ने लोगों को डरा दिया है। यही कारण है कि अब सरकार से सवाल किए जा रहे हैं।

सरकार का समर्थन करने वाले राजनीतिक दल भी अब सवाल खड़े कर रहे हैं। चिराग पासवान पिछले कुछ दिनों से लगातार सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इससे पहले चिराग की पार्टी के अन्य सांसदों ने भी कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा था।

Politics: Varanasi Main Congress का ऐलान, करेगी दालमंडी ध्वस्तीकरण का विरोध

दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण के विरोध में जमीनी सर्वेक्षण अभियान 27 जुलाई से


Mohd Rizwan
 

Varanasi (dil India live)। दालमंडी क्षेत्र में चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। पार्टी ने इस मुद्दे की जमीनी सच्चाई जानने और इसे राजनीतिक-प्रशासनिक स्तर पर उचित स्थान दिलाने के लिए 12-सदस्यीय जमीनी सर्वेक्षण टीम गठित की है। यह टीम रविवार, 27 जुलाई से दालमंडी क्षेत्र में स्थानीय व्यापारियों, धार्मिक प्रतिनिधियों, महिला उद्यमियों और आम नागरिकों से सीधा संवाद शुरू करेगी।


टीम का मुख्य उद्देश्य दालमंडी में स्थित मंदिर, मस्जिद, इमामबाड़ों आदि की वर्तमान स्थिति का तथ्यात्मक विश्लेषण करना है। इसके साथ ही, प्रशासन द्वारा तोड़फोड़ और नोटिस प्रक्रिया की वैधानिकता की समीक्षा की जाएगी। सर्वेक्षण के आधार पर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे एक ज्ञापन के रूप में प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को सौंपा जाएगा।


महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने बताया कि यह प्रक्रिया केवल कागजी ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेगी। पार्टी की 12-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात के लिए समय भी मांगा है, ताकि इस मुद्दे को और प्रभावी ढंग से उठाया जा सके। कांग्रेस का यह कदम दालमंडी क्षेत्र के निवासियों और व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए उठाया जा रहा है।

बुधवार, 23 जुलाई 2025

Politics: Delhi Main गरजे जलालुद्दीन, जानिए कौन हैं और क्या है माजरा?

मुसलमानों को डरने की ज़रूरत नहीं, पार्टी उनके साथ- आदिक

हम किसी भी हाल में समाज के साथ अन्याय नहीं होने देंगे-जलालुद्दीन एडवोकेट 

राकांपा अल्पसंख्यक विंग की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में फ़िलिस्तीनियों के प्रति सहानुभूति


  • सरफराज अहमद 

New Delhi (dil India live). दिल्ली में राकांपा अल्पसंख्यक विंग की राष्ट्रीय परिषद की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और अल्पसंख्यक विंग के अध्यक्ष सैयद जलालुद्दीन एडवोकेट ने की। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश गोविंदराव आदिक ने कहा कि अजित पवार दादा का चेहरा धर्मनिरपेक्षता के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को डरने की ज़रूरत नहीं है। हमें समाज के सामने जाना होगा और उनके अंदर बैठे डर को बाहर निकालना हमारी ज़िम्मेदारी है। पार्टी पूरी ताकत से उनके साथ खड़ी है और उनका विश्वास बहाल करना है। उन्होंने कहा कि वे संख्या में अल्पसंख्यक हैं लेकिन विचारों में बहुसंख्यक हैं और हमें विचारों के साथ चलना होगा। उन्होंने फ़िलिस्तीन और इज़राइल पर पार्टी का रुख़ स्पष्ट करते हुए कहा कि अत्याचार और उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हम अत्याचार के ख़िलाफ़ हैं और उत्पीड़ितों के साथ हैं।

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और अल्पसंख्यक विंग के अध्यक्ष एडवोकेट सैयद जलालुद्दीन ने कहा कि उर्दू अकादमी का बजट एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का काम उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजीत दादा पवार ने किया है, जिन्हें हम सलाम करते हैं। मौलाना आज़ाद के बजट को 100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये किया गया और अगर पूरी ताकत दी जाए तो हम मुसलमानों को पांच प्रतिशत आरक्षण देंगे, यह हमारा वादा है। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी ताकत से मुसलमानों और फिलिस्तीनियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी न केवल राष्ट्रीय स्तर पर मुसलमानों की समस्याओं को उठाएगी बल्कि उसका समाधान भी ढूंढेगी। उन्होंने कहा कि आज धर्मनिरपेक्ष और सांप्रदायिकता पर बहस खत्म हो गई है और शिवसेना, जिसके लोग मुसलमानों से वोट का अधिकार छीनना चाहते थे, उनका कांग्रेस के साथ गठबंधन है। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सैयद जलालुद्दीन ने कहा कि हम किसी भी हालत में समाज के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। कार्यक्रम का संचालन अल्पसंख्यक विंग के राष्ट्रीय महासचिव प्रमुख पत्रकार मुमताज आलम रिजवी ने किया। इस अवसर पर अल्पसंख्यक क्षेत्र के नेता नूर-उन-नबी खान, रूही सलीम, जावेद हबीब, धनंजय शर्मा और देश भर से आए अन्य पार्टी नेताओं ने भाग लिया और पार्टी को देश भर में आगे ले जाने का संकल्प लिया।

सोमवार, 21 जुलाई 2025

Politics : SP MP Priya Saroj ने किया धान की रोपाई

सांसद प्रिया को धान की रोपाई करते देख लड़कियां चहकीं महिलाओं ने किया तारीफ
Varanasi (dil India live). सपा सांसद प्रिया सरोज सदैव खबरों में बनी रहती हैं। एक बार फिर वो सुर्खियों में हैं। इस बार सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो खेती करते हुए वायरल हो रहा है। इस वीडियो में प्रिया सरोज धान की रोपाई करती नजर आ रही हैं। वीडियो को खुद उन्होंने शेयर किया है, जिसके कैप्शन में लिखा है- 'हमारा गांव...' इस पोस्ट पर यूजर्स जमकर रिएक्ट कर रहे हैं। 

प्रिया सरोज वाराणसी स्थित अपने गांव करखियांव पहुंचीं। उन्होंने अपनी सहेलियों के साथ धान की रोपाई की। इसका वीडियो उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। प्रिया सरोज जौनपुर में मछली शहर सीट से सांसद हैं। जबकि उनका गांव वाराणसी में है। सांसद प्रिया सरोज अपने गांव में थीं। उनके खेत में धान की रोपाई चल रही है। जिसे देखने के लिए सांसद खुद खेत में पहुंच गईं। धान की रोपाई कर रही महिलाओं को देखकर वह खेत में उतर गईं। उन्होंने अपने एक हाथ में धान का पौध थामा और दूसरे हाथ से रोपाई शुरू कर दी। एक सांसद को धान की रोपाई करते देख महिलाएं अचंभित हो गईं। इस दौरान प्रिया सरोज ने लगभग 5 बिस्वा खेत में धान की रोपाई की। सोशल मीडिया पर लोग उनके वीडियो को काफी शेयर कर रहे हैं। लोग उन्हें जमीनी नेता बता रहे हैं।

बिजली कटौती पर ऊर्जा मंत्री को पत्र 

प्रिया सरोज ने जौनपुर जिले में बिजली आपूर्ति की खराब स्थिति को लेकर ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखा है। जिसमें कहा, पिछले कुछ महीनों से क्षेत्र में बिजली की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अनियोजित बिजली कटौती हो रही है। ट्रांसफॉर्मर जलने और वोल्टेज की अनियमितता से लोग परेशान हैं। कई दिनों तक बिजली न मिलने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
मड़ियाहूं तहसील के रिकेवीपुर, कोहड़ा और नयेपुर गांव में धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। छात्रों की पढ़ाई बाधित है। छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हैं। विभागीय अधिकारियों को कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। विद्युत विभाग की स्थानीय इकाइयां जनता की शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रही हैं।
सांसद ने UPPCL की कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने खराब बिजली लाइनों की मरम्मत और कटौती पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही नए ग्रिड या सबस्टेशन स्थापित करने की योजना बनाने को कहा है। लेटर की एक कॉपी जिलाधिकारी जौनपुर और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को भी भेजी गई है।





बुधवार, 3 नवंबर 2021

सियासी मैदान में छोटे दल की ताकत

पूर्वांचल में खेला करने को बेताब दिख रहे उभरते सुरमा

अपना दल, सुभासपा, आप, वीआईपी, एआईएमएआईएम पर सभी की निगाहें  

वाराणसी 3 नवंबर (dil india)। उत्तर प्रदेश में चुनाव अधिसूचना भले ही अभी जारी न हुई हो मगर पूर्वांचल में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। चुनाव आचार संहिता लगने से पहले सभी सियासी दल अपनी बातें, अपना मुद्दा, जनता तक पहुंचाने के लिए बेताब है। कोई पेट्रोलियम पदार्थो की महंगाई, बेराज़गारी को मुद्दा बना रहा है तो कोई ईमानदारी, प्रदेश के सम्मान की बात कर रहा है। धर्म, जाति, पक्ष-विपक्ष के हमले शुरू हो गये हैं, जोड़-तोड़ और समीकरण बनाने की जद्दोजेहद जारी है। जनता को लुभाने के लिए रैलियां कर वादो का दौर अपने शबाब पर है। सत्ता बचाने व काबिज होने के लिए कोई भी दल कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहता है। पूवार्चंल की लगभग 160 सीटों पर काबिज होने के लिए सत्ता व विपक्ष के बीच रस्सा कस्सी तेज हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों की माने तो समीकरण बनाने और बिगाड़ने में इस बार सबसे ज्यादा किरदार छोटे दल अदा करेंगे। वही बनायेंगे और बिगाड़ेंगे सियासी खेल। पूर्वांचल में अपना दल, अपना दल एस, सुभासपा, आप, वीआईपी, एआईएमएआईएम, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी पर सभी की निगाहें है।

जातीगत आधार पर बने छोटे-छोटे दल अपने वजूद को कायम करने के लिए समीकरण बनाने में लग गये है। समाजवादी पार्टी व सुभासपा ने गठबंधन करके पूवार्चंल की सियासत को जहां नया समीकरण का संकेत दिया है वहीं भाजपा की बी टीम का आरोप देश भर में झेल रहे एआईएमएआईएम प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी को भी झटका लगा है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अगुवा शिवपाल यादव और ओवैसी से लगातार ओमप्रकाश राजभर की बैठकें होना और फिर सपा से ओम प्रकाश राजभर का हाथ मिला लेना सियासत का नया पेंच कहा जा रहा है। सूत्र तो यहां तक कहते हैं कि आने वाले दिन में सपा ओवैसी से भी हाथ मिला सकती है। क्यों कि छोटे-छोटे दल को साथ लेकर ही सपा प्रमुख अपनी सियासी महत्वकांक्षा पूरी करने की फिराक में हैं। ओम प्रकाश राजभर के आने से पूर्वांचल का राजभर वोट सपा के पाले में आ जायेगा और यादव, मुस्लिम वोट बैंक पहले से सपा के पाले में है। ओवैसी सपा के साथ आ जाते हैं तो संभव है कि सपा के पाले से जो थोड़ा बहुत मुस्लिम वोट खिसकने का डर है वो नहीं रहेगा। इसका दूसरा पक्ष यह भी है कि अगर सपा ओवैसी के साथ जाते हैं तो भाजपा इसे हिन्दू-मुस्लिम का रूप देकर सियासी लाभ उठा सकती है। अखिलेश यह रिस्क संभव है कि न लें। शायद इसी लिए ओम प्रकाश राजभर और सपा में समझौता तो हो गया मगर ओवैसी का चेप्टर अभी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप

बिहार में एनडीए सरकार का हिस्सा, वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश साहनी कहते है कि हमारी केंद्र सरकार से मांग थी कि निषादों को आरक्षण मिले, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार नहीं दे सकी। मुकेश कहते हैं कि यूपी के विधानसभा चुनाव में जीतने के लिए नहीं, बल्कि योगी सरकार को हराने के लिए लड़ेंगे। ऐसे ही जातीय आधार पर बनी सुभासपा व निषाद पार्टी बीते 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ थी। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर विधायक बनने के बाद भाजपा सरकार में मंत्री भी थे मगर वहां सम्मान न मिलने के कारण उन्होंने मंत्री पद को ठोकर मार दिया। 

ज्यादातर सीटों पर भाजपा

 कुछ गिनती की सीटें छोड़ दिया जाये तो पूर्वांचल की ज्यादातर सीटों पर भाजपा का ही कब्जा है। 2017 के चुनाव में तकरीबन सभी छोटे क्षेत्रीय दल भाजपा के साथ थे मगर अब समीकरण उससे इतर है। इस बार अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाले अपना दल को छोड़ दिया जाये तो तकरीबन सभी छोटे दल या तो सपा के साथ हैं या फिर अलग-थलग पड़े हैं। इस वक्त कृष्णा पटेल के नेतृत्व वाली अपना दल एस और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी अलग-थलग ही है। संभव है कि दोनों दल चुनाव आते-आते अपना रुख स्पष्ट करें।

राजनीतिज्ञ विशेषज्ञ की जाने राय

राजनीति विशेषज्ञ डा. आरिफ कहते हैं कि पूर्वांचल में कही अगडे-पिछडे के आधार पर तो कही धर्म के आधार पर मतदान होता रहा है। अन्य मुद्दे गौड हो जाते है। हालांकि सर्भ दल चाहते है जातीय समीकरण ध्वस्त हो लेकिन चुनाव में प्रत्याशियों को चयन उनकी काबिलियत पर नही जातीगत आधार पर ही होता है। सपा, बसपा ही नहीं कांग्रेस और भाजपा भी जाति आधार पर उम्मीदवारों को मैदान में उतारते हैं। जाति समीकरण के चलते ही पूर्वांचल की सियासत में छोटे-छोटे दलों का उदय हुआ और आज छोटे दल ही समीकरण बनाते है और बिगाड़ते हैं।