बड़ी मस्जिद, मस्जिद कव्वा शाह में इमामे तरावीह का हुआ इस्तकबाल
-रहमत का पहला अशरा हुआ मुकम्मल
Mohd Rizwan
Varanasi (dil India live). मस्जिद 'याकूब शहीद' नगवा, बड़ी मस्जिद कम्मू खां, अर्दली बाजार, मस्जिद लंगडे हाफिज नयी सड़क समेत कई जगहों पर मंगलवार को तरावीह की ख़ास नमाज मुकम्मल हो गई। इस दौरान इमामे तरावीह का इस्तकबाल भी किया गया। इसी के साथ रहमत का पहला अशरा भी मुकम्मल हो गया और दूसरा अशरा मगफिरत का शुरू हो गया। इस दौरान जहां इमामे तरावीह का नमाजियों ने जोरदार इस्तकबाल किया वहीं उनकी गुलपोशी भी की गई। मस्जिद हज़रत याकूब शहीद नगवा में हाफिज मोहम्मद ताहिर की अगुवाई में हाफ़िज़ आसिफ ने तरावीह मुकम्मल करायी। ऐसे ही बड़ी मस्जिद कम्मू खां डिठोरी महाल में मौलाना शमसुद्दीन साहब की अगुवाई में तरावीह पूरी हुई। ऐसे ही मस्जिद लंगडे हाफिज नयी सड़क समेत कई जगहों पर दस रमज़ान को तरा़वीह मुकम्मल हुई। तरावीह के बाद हाफिज साहेबान की नमाजियों व कमेटी के लोगों ने गुलपोशी की।तरावीह के बाद लोगों में इमामे तरावीह से मुसाफा करने की होड़ सी मच गई। इस दौरान सैकड़ों लोगो ने तरावीह की नमाज अदा की। उधर हजरत इस्माइल शाह बैरागी उर्फ कव्वा शाह मस्जिद सराय हड़हा में तरावीह की नमाज में कुरान-ए-पाक मुकम्मल की गई। तरावीह मुक्म्मल होने के बाद मुल्क की खुशहाली की दुआएं की गयी। आए हुए लोगों का खैरमकदम ज़ुबैर अहमद आदि ने किया।
मगफिरत का अशरा शुरू
मुक़द्दस रमजान महीने का पहला अशरा रहमत का मंगलवार को मुकम्मल हो गया। अशरा दस दिन को कहते हैं। रमजान को रब ने तीन अशरों में बांटा है। पहला दस दिन रहमत का मुकम्मल हो गया। इसी के साथ ही मगफिरत का अशरा शुरू हो गया। इसके बाद आखिरी अशरा जहन्नुम से आजादी का आएगा।