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मंगलवार, 30 अप्रैल 2024

HAJ 2024 के आजमीने हज की ट्रेनिंग 2 मई से

हज प्रशिक्षण संग मेडिकल, फिटनेस, एवं टीकाकरण भी 


Varanasi (dil India live). पूर्वांचल हज सेवा समिति के महासचिव अदनान ख़ान ने बताया कि हज कमेटी आफ इंडिया के सर्कुलर के मुताबिक़ हर आजमीने ए हज को अपना मेडिकल फिटनेस, टिका और ट्रेनिंग की सर्टिफिकेट जो हज कमेटी आफ इंडिया ने जारी किया है उसको बनवाया जाना है जिसके लिए पूर्वांचल हज सेवा समिति  ने दो केंद्रों का संचालन स्वास्थ विभाग के सहयोग से किया जायेगा l

पहला कैंप 2 May जुमेरात को सिटी गर्ल्स इंटर् कॉलेज काज़ी सदुल्लाहपुरा और दूसरा कैंप 6 May सोमवार को जनता सेवा अस्पताल रेवड़ी तालाब में होगा। सभी हज यात्रियों से गुज़ारिश  कि गई है कि सुबह 8:00 बजे तक कैम्प में पहुंच जाएं।

यह ज़रूरी काग़्ज़ात अपने साथ जरुर लाएं 

1. दो फोटो 

2. हेल्थ फिटनेस सर्टिफिकेट की फोटो कॉपी

3. हज का पैसा जमा होने की रसीद। 

बुधवार, 6 दिसंबर 2023

Hajj 2024: जायरीन फार्म भरने में करें जल्दी: सरवर सिद्दीकी

आनलाइन व आफलाइन 20 दिसंबर तक जमा होंगे हज फार्म 



Bhadohi (dil India live). 06.12.2023. उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के सद‌स्य सरवर सिद्दीकी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आवाम से अपील किया है की पवित्र हज यात्रा का फार्म भरने में जल्दी करें। उन्होंने मुसलमानो से आह्वान किया है कि वर्ष 2024 के लिए हज का आफलाइन व आनलाइन आवेदन फार्म हज कमेटी आफ इण्डिया की अधिकृत वेबसाइट पर उपलब्ध हो है। इच्छुक लोग हज यात्रा 2024 के लिए आवेदन आनलाइन कर सकते है। उन्होंने बताया कि मोबाइल एप के जरिए भी आवेदन फार्म भरा जा सकता है। साइबर कैफे जाकर तथा "हज सुविधा" जिला केन्द्र के माध्यम से आवेदन फार्म भर सकते है। काफी खिदमतगार भी क्ष हज का आफलाइन व आनलाइन आवेद‌क भरवा रहे हैं । उन्होंने बताया कि जो हज फार्म भरने वाले हैं वो यह ध्यान रखें कि उनका अंतरराष्ट्रीय पासपोर्ट 31 जनवरी 2025 तक वैध होना चाहिए, आवेदन करने की अन्तिम तिथि 20 दिसम्बर 2023 तक है । जो लोग हज याता 2024 पर जाने के इच्छुक है, उनसे गुजारिश है कि जल्द से जल्द अपना फार्म आनलाइन भर कर जमा करें।

गुरुवार, 5 अक्टूबर 2023

Hajj कमेटी सदस्य सरवर सिद्दीकी ने CM योगी को दिया न्योता

लखनऊ में किया सीएम से मुलाकात, भदोही कारपेट मेले में आने का दिया न्योता


Lucknow (dil India live).05.10.2023. भदोही में लगने वाले कारपेट मेले को लेकर आज दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री एवं हज कमेटी के जुझारू सदस्य सरवर सिद्दीकी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कारपेट मेले में आने का न्योता दिया है।

इससे पहले उन्होंने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके कार्यालय में मुलाकात की और उन्होंने भदोही में आयोजित होने वाले कारपेट मेले में आने का निमंत्रण भी दिया। साथ ही भदोही के कार्पेट मेले की व्यवस्थाओं को लेकर भी उनसे खासी चर्चा की। इस मौके पर सरवर सिद्दीकी के साथ कई प्रमुख कालीन उद्योग से जुड़ी हस्तियां मौजूद थीं। 

शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2023

Hajj 2023 का फार्म जारी, 10 मार्च अंतिम तिथि

अब निशुल्क कर सकेंगे हज का आवेदन


Varanasi (dil india live). हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज का फॉर्म लंबे इंतजार के बाद आज जारी कर दिया है। हज का फॉर्म जमा करने की 10 मार्च अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। खास बात यह है कि अब हज का फॉर्म पूरी तरह निशुल्क होगा। हज पर जाने वाला कोई भी शख्स ऑनलाइन हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर सीधे सम्पर्क कर सकता है।

इससे पहले अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने हज 2023 की नई पॉलिसी जारी कर हज यात्रियों को कई सहुलियत को शामिल किया है। हज खिदमतगार हाजी अदनान खां ने बताया कि हज पर जाने की ख्वाहिश रखने वाले आजमीन अब निःशुल्क हज आवेदन कर सकेंगे। अभी तक हज यात्रियों को आवेदन शुल्क 300 रूपये जमा करने होते थे। 

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने हज 2023 की नई पॉलिसी जारी कर हज यात्रियों को कई सहुलियत को शामिल किया है। इसके अलावा भारत को मिले हज सीटों के कोटे में इस बार निजी टूर ऑपरेटरों के मिलने वाले हज सीटों के कोटे में 10 फीसद तक की कटौती की गई है। हज कमेटी ऑफ इंडिया देश भर में हज यात्रा कार्यक्रम को संचालित करने के लिए पांच साल के लिए हज की पॉलिसी तैयार करती है। साल 2018 में तैयार की गई हज पॉलिसी साल 2022 में समाप्त हो गई थी। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने सोमवार को हज 2023 के लिए नई हज पॉलिसी जारी कर हज यात्रियों को कई सहुलियतें दी हैं। उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मोहसिन रजा ने बताया कि हज 2023 की नई हज पॉलिसी में हज आवेदन को निःशुल्क कर दिया गया है। अब हज यात्रियों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। हज कमेटी के चेयरमैन ने बताया कि नई पॉलिसी में निजी टूर ऑपरेटरों की हज सीटों के कोटे में 10 फीसद की कटौती करते हुए सऊदी अरब सरकार से भारत को मिलने वाले हज सीटों का 80 फीसद हज कमेटियों को आरक्षित किया गया है। जबकि 20 फीसद सीटे निजी टूर ऑपरेटरों को दी जाएंगी। 

अभी तक निजी टूर ऑपरेटरों को 30 फीसद सीटें मिलती थीं। उन्होंने बताया कि इस बार भारत के लिए 1,75,025 सीटें सऊदी अरब सरकार ने जारी की हैं। हज खर्च को कम करने के लिए हज यात्रियों से बैग, सूटकेस, छाता, चादर का पैसा जमा नहीं कराया जाएगा। हज यात्री इन सामानों को अपने स्तर से खरीद सकेंगे। उन्होंने इस बार 50 से 60 हजार रुपये हज खर्च सस्ता होने का भी दावा किया है।

मंगलवार, 27 सितंबर 2022

Kashi se kaba की उड़ान शुरू हो: Hafiz noushad azmi

हज कान्फ्रेंस में हज मंत्री उड़ान का करें ऐलान

  • हाफिज नौशाद आजमी ने किया मांग
  • 29 सितंबर को है हज कान्फ्रेंस 




  • Aman 
Varanasi (dil india live). हाफिज नौशाद आजमी ने मांग किया है कि काशी से काबा की उड़ान फिर से शुरू किया जाएं। यह वही नौशाद आजमी हैं जिन्होंने लखनऊ और वाराणसी से हज की उड़ान शुरू कराने के लिए सफल आंदोलन चलाया था। दो दशक से अधिक समय से देश के हज यात्रियों की समस्याओं के समाधान के लिए वो संघर्ष करते आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी से दो बार निर्वाचित केंद्रीय हज कमेटी के पूर्व में हाफिज नौशाद अहमद आजमी सदस्य भी थे। 
हाफिज नौशाद आजमी ने अल्पसंख्यक कल्याण व हज की केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से मांग किया है कि 29 सितंबर 2022 को आयोजित दिल्ली में ऑल इंडिया हज कॉन्फ्रेंस के अवसर पर 9 इंबारकेशन पॉइंट जहां से हज यात्री जाते थे वाराणसी, गया, रांची, जयपुर, भोपाल, कालीकट, नागपुर औरंगाबाद, चेन्नई के हज यात्रियों की हवाई उड़ान स्थल जो बंद कर दिए गए थे उसे शुरू कराने की घोषणा करें।

जनाब आजमी ने एक पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्री स्मॄति ईरानी को भेजा है। उन्होंने लिखा है कि इस संबंध में 10 नवंबर 2021 को हमने मंत्रालय को एक पत्र लिखा था यह उड़ान स्थल बंद नहीं होने चाहिए हज यात्रियों को बहुत असुविधा होगी जिसका जवाब मंत्रालय ने 6 दिसंबर 2021 को दिया कि कोविड-19 से ऐसा किया गया है और अगर हज कोटा बढ़ेगा हम इस पर विचार करेंगे। इस मांग को लेकर 3/9/ 2022 को भी एक पत्र मंत्रालय को भेजा था जिसका जवाब अभी नहीं मिला है । आज़मी ने पत्र में लिखा है कि यह उड़ान सथल किसी भी दशा में बंद नहीं होनी चाहिए क्योंकि अब कोविड नहीं है और हज यात्रियों का कोटा भी 2019 की तुलना में 2023 में बढ़ने की प्रबल संभावना है। उन्होंने लिखा है कि देश के हज यात्रियों की आयु एवरेज जाने वालों की 65 वर्ष से अधिक होती है अगर यह उड़ान स्थल बंद किए गए तो उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और बलिया बॉर्डर के लोगों को लखनऊ की 850 किलोमीटर की यात्रा तय करनी पड़ेगी बिहार बॉर्डर से कोलकाता लगभग 13 सौ किलोमीटर है और झारखंड से भी लगभग 12 सौ किलोमीटर कोलकाता की दूरी है। राजस्थान सीमा से दिल्ली की दूरी भी 1200 किलोमीटर लगभग है। मध्य प्रदेश की सीमा शुरू से मुंबई से 1500 किलोमीटर की दूरी पर है। 

ज्ञात रहे कि हज यात्रियों को उड़ान से 2 दिन पहले हज हाउस पहुंचकर जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होती है इस तरह से इन हज यात्रियों को अपने घर से 4 दिन पहले निकलना पड़ेगा जो किसी भी दशा में उचित नहीं है।

उल्लेखनीय है कि 2019 में हज कमेटी द्वारा या ऑप्शन दिया गया था कि अपने करीब के आज उड़ान स्थल मुंबई, लखनऊ, दिल्ली, कोलकाता, जयपुर से लोग जा सकते हैं जहां का किराया इन जगहों से 10 हजार से ₹15000 कम था, लेकिन हज यात्रियों ने सुविधा को वरीयता दी, वाराणसी सहित इन्नोवेशन पॉइंट से हजारों हज यात्रा काबा के लिए रवाना हुए। इस तरह यह तय हो गया कि ज्यादा किराया देकर भी लोग इन जगहों से जाना पसंद करते हैं इसलिए किसी भी दशा में वाराणसी सहित यह 9 उड़ान स्थल बंद करना देश के हज यात्रियों के साथ अन्याय के समान होगा।

गौरतलब है कि हज यात्रियों के लंबे आंदोलन के बाद यह उड़ान स्थल एनडीए की स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई सरकार ने शुरू किया था और कुछ उड़ान यूपीए की डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने शुरू किया। जिसमें तकरीबन डेढ़ दशक से यह सुविधा हज यात्रियों को मिलती चली आ रही है। जनाब आजमी ने कहा की देश में हवाई अड्डा का विस्तार हो रहा है छोटे हवाई अड्डे बड़े हवाई अड्डे बन रहे हैं और ऐसी दशा में इन बूढ़े हज यात्रियों के साथ अन्याय क्यों ? आजमी ने मांग किया है कि 29 सितंबर को ऑल इंडिया हज कॉन्फ्रेंस में देश के हज यात्रियों को उड़ान स्थल वापस करके एक तोहफा दें। 

2007 में शुरू हुई थी काशी से काबा की उड़ान 

काशी से काबा की उड़ान वर्ष 2007 में लंबे संघर्षों के बाद हाफिज नौशाद अहमद की कोशिश से शुरू हुई थी। उस समय हज की उड़ान शुरू करने का श्रेय लेने की सियासी पार्टियों में होड़ मच गई थी, मगर जो लोग हज से जुड़े थे वो सब जानते और समझते हैं। तमाम मीडिया रिपोर्टों ने उड़ान शुरू होने पर हाफिज नौशाद आजमी को मुबारकबाद पेश की थी। इंडिया टुडे ने तो हाफिज नौशाद आदमी का पूरा इंटरव्यू भी विस्तार पूर्वक छापा था। जो इस बात की दलील है की हज की उड़ान के लिए हाफिज नौशाद आदमी और उनके हाजी साथियों ने कितना संघर्ष किया। एक बार फिर उड़ान बंद है मगर उसे पुनः शुरू करने के लिए हाफिज नौशाद आजमी के अलावा सतह पर कहीं कोई संघर्ष करता नहीं दिखाई दे रहा है।


शुक्रवार, 9 सितंबर 2022

Hajj-e-umrah पर आज रवाना होंगे50 जायरीन




Varanasi (dil india live) 10/09/2022 को हज-ए-उमरा पर वाराणसी से पचास जायरीन रवाना होंगे। उमरा पर जाने के लिए सरकार द्वारा वीज़ा दिया जाता है। जायरीन टूर & ट्रेवल के माध्यम से उमरा पर जाते है। उमरा पर जाने वाले ये सारे जायरीन खिदमते खल्क फाउंडेशन के बैनर तले जा रहे है । इनके जाने से पहले पूर्व संध्या पर पूर्व विधायक हाजी अब्दुल समद अंसारी के नवापुरा आवास पर उमरा पर जाने वाले सारे जायरीन को टिकेट, वीज़ा, पासपोर्ट और एहराम आदि चीजे मुख्य अतिथि हाजी अब्दुल समद अंसारी के हाथो दिया गया। इस मौके पर खिदमते खल्क फाउंडेशन के सदस्य एवम् पार्षद हाजी ओकास अंसारी ने बताया की हज पर एवम् उमरा पर जाने वाले जायरीन की खिदमत करना बहुत ही नेक कार्य है और ये कार्य खिदमते खल्क फाउंडेशन के लोग कर रहे है ये फाउंडेशन बहुत ही कम खर्च पर लोगो को उमरा कराती है ताकि ज्यादा से ज्याद लोग हज-ए-उमरा पर जा कर खाने काबा की जियारत कर सके खिदमते खल्क फाउंडेशन से जुड़े लोग  पिछले कई सालो से लोगो की खिदमत कर रहे है । खिदमते खल्क फाउंडेशन के हाजी अब्दुल वहाब ने उमरा पर जा रहे सभी जायरीन का स्वागत एवम् खैरमखदम किया। संचालन सामाजिक कार्यकर्त्ता मो. शाहिद ने किया । इस मौके पर हाजी अब्दुल समद अंसारी, अनवरुलहक़ अंसारी, हाजी मंजूर, मौलाना हाजी रेयाज कादरी, हाजी ओकास अंसारी, हाजी अब्दुल वहाब अंसारी, अयूब अंसारी, शाहबुद्दीन अंसारी सहित कई लोग मौजूद थे।

रविवार, 4 सितंबर 2022

Isra ने किया काबा से हज करके लौटे हाजियों का खैरमकदम





Varanasi (dil india live). मुकद्दस हज का सफर पूरा कर करके काबा से काशी लौटे हाजियों का जोरदार खैरमकदम अर्दली बाजार में इतवार को किया गया। कार्यक्रम की अगुवाई हाजी फारुख खान कर रहे थे। इस दौरान इसरा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्षता करते हुए मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी ने कहा कि काबा से हज कर करके जो भी जायरीन लौटे हैं वह तय कर ले कि उन्हें सच्चा पक्का नमाजी बनकर, नेकी की जिंदगी गुजारना है। क्यों कि हज करके लौटे हाजी साहेबान ठीक वैसे ही गुनाहों से पाक साफ होते हैं जैसे मां के पेट से पैदा हुआ बच्चा। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील की देश की तरक्की में आगे आएं और समाज में फैली तमाम बुराइयों का खात्मा करने के लिए काम करें ताकि हमारे मुल्क में अमन और शांति कायम रहे। हिन्दुस्तान सुकुन के आगोश में तरक्की का सफर तय करें।

इंडियन सोसाइटी फार सोशल रीवोल्यूशन एंड एक्शन (इसरा) की ओर से आयोजित कार्यक्रम का संचालन करते हुए मौलाना हसीन अहमद हबीबी, मौलाना निजामुद्दीन चतुर्वेदी ने कहा कि  संस्था ने इस साल हज यात्रा के दौरान भारतीय हज यात्रियों की खासी मदद की। हज के अरकान अदा करने के लिए उर्दू व हिन्दी में पंफलेट बंटवाया, तमाम हज कैम्प लगाया। जिसमें इसरा ने प्रशिक्षण भी दिया। आज जब हज की ट्रेनिंग लेकर गये जायरीन हज मुकम्मल करके लौटे हैं तो उनके हाजी बनने पर इसरा की पूरी टीम का खुश होना लाजिमी है। उन्होंने कहा कि हाजी साहेबान को हम सब मुबारकबाद देते हैं। उम्मीद करते हैं कि वो भी हज पर जाने वालों की ऐसे ही मदद करते रहेंगे। इस दौरान कारी शाहबुद्दीन, मौलाना गुलाम रसूल, हाजी अजफर बनारसी ने नात शरीफ से लोगों को फ़ैज़याब किया। 

इनकी रही मौजूदगी: 

मौलाना अजहरुल कादरी, मौलाना इलियास कादरी, फिरोज खान, इम्तियाज अहमद, डा. महबूब कादरी, डा. मोहम्मद हम्ज़ा, शफातुललाह खान, बाबी खान, मोहम्मद नसीम, शाहरुख खान, आफाक अहमद खान, मो. रययान, शमीम अहमद आदि सैकड़ों लोग मौजूद थे।

गौरतलब हो कि हाजी फारुख खान कि अगुवाई में इसरा एक दशक से भी ज्यादा समय से हज यात्रा में बनारस समेत पूर्वांचल के हजारों हज यात्रियों को निःशुल्क प्रशिक्षण शिविर आयोजित करती आ रही है। हाजियों का फार्म, पासपोर्ट फार्म भरने से लेकर टीकाकरण और हज हाउस से रवानगी तक में इसरा अहम रोल अदा करती रही है। 


मंगलवार, 26 जुलाई 2022

Shihab के हौंसले को सलाम

आंखों में काबा का ख्वाब संजोए, पैदल ही निकले हज करने केरल के शिहाब

2022 में शुरू किया सफर, 2023 में होगा मुकम्मल हज

जानिए कौन कौन से देशों से होकर पहुंचेंगा ये हज यात्री काबा



Sarfaraz Ahmad

Varanasi (dil india live). कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो....। किसी शायर ने ठीक ही कहा है कि अगर इंसान ठान ले तो क्या नहीं कर सकता, इंसान चाहे तो आसमान में सुराख भी कर दे। लेकिन ज़रूरत है उस जुनून की, जिसकी बात शायर अपने कलाम में कर रहा है। ऐसे ही एक जूनूनी शख्स हैं केरल के ‘शिहाब’। वो केरल से मक्का तक पैदल ही हज के सफर पर निकल पड़े हैं। आज वो विभिन्न शहरों से होते हुए गुजरात पहुंचे। वहां लोगों ने उन्हें सिर आंखों पर बैठाया। जिस रास्ते से वो गुज़र रहें हैं। उनकी एक झलक पाने को सभी बेताब दिखाई दे रहे हैं।

शिहाब केरला से रवाना हुए और 2023 में हज से पहले मक्का पहुंचना उनका लक्ष्य है, ताकि वह हज का फरीजा अदा कर सकें। शिहाब करेला से निकल कर भारत के कई राज्यों को पार करते हुए पाकिस्तान, ईरान, फिर इराक, फिर कुवैत और अंत में सऊदी अरब के पवित्र मक्का शहर पहुंचेंगे। शिहाब ने अपनी अनोखी पैदल यात्रा के बारे में उनकी तैयारी को लेकर मीडिया से बात की। उन्होने बताया की उन्हे तैयारी करने में लगभग छह महीने का समय लग गया, क्योंकि उन्होंने भारतीय राजधानी नई दिल्ली में देश के दूतावासों के चक्कर लगाना पड़े अपनी यात्रा की परमीशन लेने के लिए। मक्का जाने का फैसला करने के बारे में, शिहाब कहते हैं, “मैंने पैदल ही हज की योजना बनाई रहा है। यह मेरी बचपन की ख्वाहिश थी। अल्हम्दुलिल्लाह। मैं अल्लाह का शुक्रिया अदा करता हूं। मेरी मां की दुआ से अल्लाह ने मेरी यह मन्नत और दुआ पूरी कर दी। सरकार ने मुझे पैदल हज पर जाने की इजाजत दे दी, सभी प्रक्रियाओं को मैंने पूरा कर लिया या। इंशा अल्लाह यात्रा मेरी 2022 में केरल से शुरू हो गई है जो 2023 में काबा में हज मुकम्मल करके पूरी होगी। शिहाब ने बताया कि कई लोगों ने उसकी यात्रा के रास्ते में मदद करने का वादा किया है, यह पुष्टि करते हुए कि यात्रा बहुत लंबी है और इसमें महीनों लगते है।

केरल में एक सुपरमार्केट चलाने वाले शिहाब का लक्ष्य भारत, पाकिस्तान, ईरान, इराक और कुवैत के रास्ते सऊदी अरब जाना है।शिहाब ने इस सैर के लिए आठ महीने तक तैयारी की। वह हर दिन कम से कम 25 किमी पैदल चलते हैं।केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन और कई अन्य लोगों ने शिहाब को हज का ख्वाब पूरा करने में मदद की।वह कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब से होते हुए वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेंगे। शिहाब कहते हैं कि

"मेरा लक्ष्य 280 दिनों में 8,640 किमी चलना है। मैं एक दिन में औसतन 25 किमी पैदल चल रहा हूं। मैं 2023 में हज करना चाहता हूं। मेरे परिवार, दोस्तों और अन्य लोगों ने मेरी यात्रा के लिए अपना सहयोग दिया है, "उन्होंने कहा कि उसके पास एक बेडशीट, कपड़े और एक10 किलो का बैग है। रास्ते में वह मस्जिदों में नमाज अदा करते हैं और रात आराम करने के बाद फिर निकल पड़ते है, हज के सफर में...।"

Hajj 2022: काबा से काशी लौटे जायरीन का हुआ खैरमकदम

हज मुकम्मल कर लौट रहे हाजी, हो रहा खैरमकदम

हज से लौटे मास्टर तजम्मुल, हुआ इस्तेकबाल

Varanasi (dil india live). जामिया अरबिया मतलउल उलूम कमनगढ़ा वाराणसी के सेवानिवृत अध्यापक तजम्मुल अहमद का हज बैतुल्लाह से लौटने पर सरैयां स्थित आवास पर सैकड़ों की संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया और ढेर सारी उनसे दुआएं लीं। हाजी तजम्मुल अहमद का कहना है  कि अल्लाह का लाख लाख शुक्र है कि मुझे अपने दरबार में बुलाया और हज जैसे बड़े फ़र्ज़ को अदा करने की तौफीक दी। दुआ है कि खुदा सभी को हज बैतुल्लाह की जियारत नसीब करे।

केवल मास्टर तजम्मुल ही नहीं, बल्कि हज का सफर मुकम्मल करके काबा से काशी लौट रहे तमाम हाजी साहेबान की यही कैफियत है। वो हज मुकम्मल करके अपने अजीजो के बीच पहुंच कर बेहद खुश हैं। यही वजह है कि वो सभी मिलने जुलने वालों के लिए रब से दुआ करते नहीं थक रहे हैं। इस दौरान शहर भर में विभिन्न स्थानों पर हाजी साहेबान के वतन लौटने की खुशी में दावतों का सिलसिला भी जारी है।

        हाजी साहेबान का स्वागत करने वालों में मदरसा मतलउल उलूम के प्रबंधक हाजी मंजूर अहमद, सामाजिक संस्था "सुल्तान क्लब" के अध्यक्ष डॉक्टर एहतेशामुल हक, मौलाना निसार अहमद, मास्टर अकील अहमद, डॉक्टर नसीम अख्तर, रशीद अहमद, हाफिज मुनीर, मुहम्मद शोएब, अखलाक अहमद, मास्टर हारून, इमरान अहमद, हाजी रमजान अली, मोइनुद्दीन, मकबूल अहमद, मास्टर महताब, मुहम्मद जहीर, अफजाल अंसारी, अशरफ, असगर इत्यादि थे।

शुक्रवार, 15 जुलाई 2022

Hajj 2022: कल से आएंगे काबा के मुसाफिर

हाजियों की वापसी पर रहेगा घरों में जश्न का माहौल


Varanasi (dil india live). कल हज का सफर मुकम्मल करके पहली फ्लाईट SV-5798 लखनऊ आ रही है। इस फ्लाइट में 377 हाजी जेद्दाह (सऊदीअरब) से उत्तर प्रदेश के लखनऊ आएंगे। हाजियों की वापसी की खुशी में जायरीन के घरों में जश्न का माहौल है।

बता दें कि इस बार पूरे (यू. पी.) से 7452 हज यात्रियों को सऊदी अरब हज पर जाना नसीब हुआ, जिसमें से लखनऊ इम्बार्केशन से लगभग 4000 और बाकी दिल्ली इम्बार्केशन से गये। हज का फर्ज़ अदा करने के बाद 16 जुलाई से हाजियों की वापसी शुरु होगी। लखनऊ इम्बार्केशन के सभी हज यात्रियों की 26 जुलाई तक वापसी हो जायेगी। उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति लखनऊ ने एयरपोर्ट पर हाजियों को लेने आने वाले उनके रिश्तेदारों के लिए भी पानी, टेंट, पार्किंग का इंतज़ाम किया गया है। 

पूर्वांचल हज सेवा समिति के सदर हाजी रईस अहमद नायब सदर हाजी ज़ुबैर व हाजी अहमद अली, महासचिव सलमान अदनान खाँ, तारिक हसन बब्लू, डॉ. अमीन,  हज पर से वापस आने वाले सभी हाजियों का खैर मक़दम करती है और दुआ करती है कि सभी हाजि खैरियत से अपने घरों को पहुँचे l

शुक्रवार, 8 जुलाई 2022

Haj 2022: अराफात की पहाड़ी पर इबादत में मशगूल हैं जायरीन

कोविड के चलते दो साल बाद हज यात्रा पर हैं भारतीय



Varanasi (dil india live). कोरोना महामारी के चलते पिछले 2 साल तक प्रभावित रहने के बाद इस साल पूरे जोश-ओ-खरोश से हज (Haj) के अरकान अदा किए जा रहे हैं। सऊदी अरब में अराफात के पहाड़ी मैदान में जायरीन हज के अरकान अदा करने के लिए जुटे हुए हैं।

दरअसल इस साल दुनिया भर के 10 लाख मुसलमान हज करने काबा में हैं। हालांकि कोविड से पहले हर साल 25 लाख से ज्यादा जायरीन हज यात्रा करते थे। वो सभी मुसलमानों को जीवन में कम से कम एक बार हज यात्रा करने का हुक्म है जो आर्थिक रूप से मजबूत है। 

नहीं की सुन्नत होती है अदा

हज के दौरान, हज़रत इब्राहीम, हज़रत इस्माईल व पैंगबर हज़रत मोहम्मद (स.) आदि की सुन्नत अदा की जाती है। हज यात्रा के पांच दिन के अययाम के दौरान हज यात्री विभिन्न रस्म अदा करते हैं। इनमें इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल काबा के आसपास इबादत करना शामिल है। जुमेरात को मस्जिद हरम के आंगन में हजारों हज यात्रियों ने काबा के आसपास तवाफ (परिक्रमा) किया। हालांकि इस दौरान पिछले दो साल की तुलना में अलग नजारा देखने को मिला है। आज जुमे को अराफात के पहाड़ी मैदान में जायरीन हज के अययाम अदा कर रहे हैं।

10 लाख हज यात्रियों को मिली इजाजत कोविड-19 के चलते जहां साल 2020 और 2021 में हजयात्री पाबंदियों का कड़ाई से पालन करते दिखे थे, इस बार उतनी सख्ती दिखाई नहीं दे रही है। कई हज यात्री बिना मास्क के यात्रा करते दिख रहे हैं।साथ ही सामाजिक दूरी का पालन भी इस बार बहुत कम दिखाई दे रहा है। इस साल सऊदी सरकार ने केवल 10 लाख विदेशी और घरेलू यात्रियों को हज की अनुमति दी है, जिनका टीकाकरण पूरा हो चुका है या कोरोना से संक्रमित नहीं हैं।

हज यात्री की उम्र केवल 18 से 65 वर्ष कोरोना को देखते हुए सऊदी सरकार ने इस साल कुछ नियम भी बनाए हैं इनमें एक नियम यह है कि केवल 18 से 65 वर्ष की आयु के यात्रियों को हज की अनुमति है। अधिकारियों के अनुसार 85 प्रतिशत हज यात्री विदेशी हैं। 2020 में जब कोविड-19 अपने चरम पर था तब केवल 1,000 सऊदी निवासियों को हज की अनुमति मिली थी।

काबा गए इतने भारतीय हज जायरीन

इस बार उत्तर प्रदेश से कुल 8,701 आजमीन हैं, पश्चिम बंगाल (5,911), जम्मू और कश्मीर (5,281), केरल (5,274), महाराष्ट्र (4,874), असम (3,544), कर्नाटक (2,764), गुजरात (2,533) हैं। बिहार (2,210), राजस्थान (2,072), तेलंगाना (1,822), मध्य प्रदेश (1,780), झारखंड (1,559), तमिलनाडु (1,498), और आंध्र प्रदेश से 1,201 आजमीन।इसके अलावा, दिल्ली (835), हरियाणा (617), उत्तराखंड (485), ओडिशा (466), छत्तीसगढ़ (431), मणिपुर (335), पंजाब (218), लद्दाख (216), लक्षद्वीप द्वीप समूह से 159 हज यात्री होंगे, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (114), त्रिपुरा (108), गोवा (67), पुडुचेरी (52), हिमाचल प्रदेश (38), दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव (34), और चंडीगढ़ 25 यात्रियों को चयनित किया गया है।

शनिवार, 4 जून 2022

Hajj 2022: काबा के मुसाफिरों को लगा काशी में टीका

मास्टर ट्रेनर ने दी ट्रेनिंग, बताया हज के अरकान 




Varanasi (dilindialive) l सिटी गर्ल्स इंटर कालेज, काज़ी सदुल्लाहपुरा में वर्ष 2022 के हज के मुबारक सफर पर जाने वाले हज यात्रियों का टीकाकरण एवं ट्रेनिंग का कैंप पूर्वांचल हज सेवा समिति के बैनर तले लगाया गया।

इस हज ट्रेनिंग कैंप कि शुरुआत तिलवते क़ुरान पाक़ से मौलाना रियाज़ अहमद क़ादिरी ने की। नात आदिल जियाई ने पेश किया। कैम्प में ऑडियो वीडियो प्रोजेक्टर के ज़रिये मास्टर हज ट्रेनर सलमान खान अदनान ने सभी जाने वाले हाजियों को तमाम अरकान और हज के सफ़र को कैसे आसानी से पूरा किया जाय इसके बारे में दिखाया और बताया और समझाया। उसके बाद सारे लोजिस्टिक इशू को भी क्लीयर किया। कैम्प में  मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा डाक्टर ए. के. पांडेय, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा सभी हाजियों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाया गया एवं टिकाकरण किया गया। आज के इस प्रोग्राम के मेहमाने खुसुसी उत्तर प्रदेश के राज्य हज समिति के राज्य कॉर्डिनेटर जनाब मो. अरमान साहब ने कहा कि मैं लखनऊ मे हज कि उड़ानों के दौरान् मौजूद रहूँगा अगर किसी हाजी सहेबांन को कोई भी दिक़्क़त आती हैं तो हम से राबता कायम करें। इस प्रोग्राम में पूर्व सदस्य राज्य हज समिति जनाब अब्दुल रहीम अंसारी भी मौजूद थे।

इस प्रोग्राम कि सदारत पूर्वांचल हज सेवा समिति के सदर हाजी रईस अहमद एवं निज़ामत डॉ. मो. अमीन ने किया। पूर्वांचल हज सेवा समिति के हाजी मो. ज़ुबैर, अहमद अली पप्पू, हाजी अब्दुल अहद, शम्शुल आर्फिन, तारिक हसन खां, हाजी ओकास, अख्तर हुसैन, तलत महमूद, अयाज़, रेयाज़ अहमद राजू, ईसरार  अहमद, हाजी इम्तियाज़, बाबू भाई, आसिफ, फारूक, इकबाल अहमद, हाजी मुन्नू, पप्पू मेडिकल, ओवेस्, सूफियांन, सोहेल्, इबाद, आदि हाजियों कि खिदमत में लगे रहे l

बुधवार, 15 दिसंबर 2021

हज 2022 में उम्र की पाबंदी नहीं

अब 70 वाले भी कर सर्केंगे हज का सफर


वाराणसी 15 दिसंबर (dil india live)। कोरोना वायरस की वजह से मुक़द्दस सफरे हज-2022 की हज यात्रा पर जाने वालों के लिए पहले 18 से 65 साल तक के यात्री को इजाज़त थी | लेकिन अब ये पाबंदी हटा दी गयी है | हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज-2022 के एक्शन प्लान में संशोधन करते हुए अब उम्र की पाबंदी हटा दी है | पुर्वांचल हज सेवा समिति के सरपरस्त व मास्टर हज ट्रेनर मौलाना रेयाज़ अहमद क़ादिरी ने बताया है की हज कमेटी ऑफ इंडिया ने इस साल ऑनलाइन फॉर्म भरने में पुरानी शर्तों के साथ कुछ नई प्रक्रियाएं शामिल की हैं, जैसे :

1. हज यात्री के लिए वैक्सीन की दोनों डोज़ यात्रा पर जाने से एक महीना पहले लगवाना अनिवार्य है और उसका प्रिंट भी सुरक्षित रखना है |

  •  आवेदन फॉर्म भरते समय 

  • मूल पासपोर्ट

  • आधार कार्ड

  • बैंक पास्बुक या कैंसेल चेक 

  • सफ़ेद बैकग्राउंड की रंगीन फोटो 

  • ब्लड ग्रुप की रिपोर्ट भी साथ रखनी है।

हज कमेटी ऑफ इंडिया की मोबाइल ऐप के ज़रिया भी फॉर्म भरा जा सकता है | मौलाना रेयाज़ अहमद क़ादिरी ने बताया है की उत्तर प्रदेश के हज यात्रियों के लिए उड़ान सिर्फ लखनऊ व नई दिल्ली से ही है | इस बार हज यात्रा 35 से 42 दिन की ही होगी | ऐसे आवेदक जिनकी उम्र 31 मार्च 2022 को या इससे पहले 70 साल की हो चुकी हो (जिनकी जन्मतिथि 31 मई 1952 हो या इसके पहले की है) वे रिज़र्व कैटेगरी के अंतर्गत आवेदन करेंगे तथा ऐसे आवेदक के साथ कम से कम 70 साल से कम उम्र का एक हज यात्री आवशयक होना चाइए| 

हज आवेदन फॉर्म या गाइड लाइन -2022 http://hajcommittee.gov.in/ पर भी उपलब्ध है| अधिक जानकारी प्राप्त करने व ऑनलाइन फॉर्म भरवाने के लिए वाराणसी में सम्पर्क करें :

1. PHSS Office,

Maqbool Alam Road.

2. M. Riyaz Ahmad Qadiri,

Kachchi Bagh.

3. Haji Rais Ahmad,

Qazi Sadulla Pura.

4. Haji Waqas Ansari,

Saraiyan.

5. Haji Saleem (KGN),

Matru ki Masjid, Hartirath.

6. Haji Adnan Khan,

Police line Chauraha.

7. Dr. Azfar (Meenu),

Nai Sarak.

8. Haji Mohd. Zubair,

Reori Talab.

9. Haji Talat Mahmood,

Madan Pura.

10. Haji Sabir Arafat,

Kakar Matta.

रविवार, 19 सितंबर 2021

सलमान खुर्शीद से पूर्वांचल हज सेवा समिति ने मांगा हज हाउस


सलमान बनारस के रंग में रंगे दिखे, हुआ ज़ोरदार स्वागत

वाराणसी 19 सितंबर(दिल इंडिया लाइव)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता व पूर्व विदेश मंत्री वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र कमेटी के अध्यक्ष सलमान खुर्शीद आज वाराणसी दौरे पर थे। इस दौरान उन्होने जहां बनारस के लोगों से बातचीत की, उनके जज्बात से रुबरु हुए वहीं वो इस दौरान खाटी बानारसी रंग में रंगे नज़र आये।

लिया पूड़ी कचौड़ी का ज़ायका

 सलमान खुर्शीद ने बानारस वालो के बीच खड़े होकर पुड़ी कचौड़ी और जलेबी का नाश्ता किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तो उनका घर है। घर आने पर सभी खुश होते है। इस दौरान जगह जगह उनका जोरदार स्वागत भी किया गया। शिवाला में सैय्यद साजिद अली, अल्पसंख्यक कांग्रेस के पूर्व चेयरमैन अफसर खां आदि  ने ज़ोरदार स्वागत किया और मांग पत्र सौंपा। दरअसल सलमान खुर्शीद बनारस के लोगो से मिल कर उनकी राय पूछ कर कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने के उददेश्य से बनारस आये। 


फिर उठी हज हाउस की मांग

सलमान खुर्शीद सुबह 9:00 बजे खजुरी स्थित पूर्वान्चल हज सेवा समिति के कार्यालय में समिति के पदाधिकारियों से अध्यक्ष हाजी रईस अहमद के नेतृत्व में मिले। इस दौरान हज सम्बंधित तीन मांगो को हाजी रईस अहमद ने उनके सामने रखा। कहा कि 2007 से वाराणसी से सऊदी अरब के लिए हज की उड़ान शुरु हुई थी मगर कारोना काल के पहले तक अस्थायी हज हॉउस से ही हाजी हज यात्रा पर जाते है। इसलिए वाराणसी में स्थायी हज हॉउस का निर्माण किया जाये। हज पर जाने के लिए वाराणसी इम्ब्राकेशन बंद न किया जाये साथ ही सेन्ट्रल हज कमिटी/ उ0प्र0 राज्य हज समिति में पूर्वान्चल हज सेवा समिति के सदस्यों की भागीदारी हो। इन तीनो मांगो को कांग्रेस के चुनावी मेनिफेस्टो में शामिल किया जाये। बनारस में वो बुनकर सरदारों व महतों से भी मिले।


इस दौरान स्वागत शहर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे और जिला अध्यक्ष राजेस्वर पटेल ने किया। हाजी जुबैर, हाजी तारीक हसन बबलू, मौलाना  रियाज़ अहमद कादरी, हाजी अदनान खान, पार्षद हाजी ओकास अंसारी, हाजी पप्पू, मुर्तज़ा अब्बास शम्सी, मोबीन अख्तर पप्पू, डॉ. अमीन, शमसुल आरफिन, रेयाज़ अहमद, हाजी तलत, हाजी अयाज़, मो. जफरूल्लाह ज़फर, सैय्यद साज़िद अली, अफसर खां, हाजी सैय्यद अंसारी, पार्षद रमजान अली, अफ़रोज़ अंसारी, पार्षद अफ़ज़ाल अंसारी, महमूदुल हई, रौशनी कुशल जायसवाल, मो. फारूक, अख्तर, हाजी बाबू लाल, सुफियान, शहाबुद्दीन, हाजी मो. आसिफ खान, हाजी इक़बाल गुड्डू,हाजी इसरार, हाजी मो. शमी, बाबू, हाजी नुरुल हसन, सुभाष हैसवाल, यासीन चश्मा लोग मौजूद थे।


VKM Varanasi news : साहित्य और सिनेमा में केवल प्रस्तुति और प्रभाव का अंतर

"साहित्य व सिनेमा: अतः संबंध और रूपांतरण" विषय पर प्रो. संजीव का व्याख्यान Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्यालय कमच्...