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शुक्रवार, 27 मार्च 2026

UP K Varanasi Main आज मनाई जाएगी 'Choti Eid' की खुशियां

ईद के दूसरे रोज़ से मोमिन रखतें हैं '6 रोज़ा' फिर आती है छोटी "ईद" की खुशियां

जुमा होने से खुशियां हुई दोहरी 

हज़रत शाह तैय्यब बनारसी के आस्ताने पर जुटे अकीदतमंद (फाइल फोटो)


Varanasi (dil India live)। केवल बनारस में ही मनाई जाती है पूरी दुनिया में Choti Eid (छोटी ईद)। बनारस में ईद की खुशियां मनाने के बाद दूसरे दिन से फिर छह नफिल रोज़ा रखा जाता हैं और ईद के सातवें दिन फिर छोटी ईद की खुशियां मनाई जाती है। इस दौरान शहर के औरंगाबाद और मंडुवाडीह में choti Eid का मेला भी लगता है। आज लोगों ने ईद के छठवें दिन नफिल रोज़ा रखा है शाम में अज़ान की सदाओं पर खजूर और पानी से रोज़ा खोला जाएगा इसी के साथ choti Eid की खुशियों का दौर शुरू हो जाएगा। तमाम लोग एक दूसरे से गले मिलकर उन्हें choti Eid की मुबारकबाद देंगे। मौलाना इरशाद रब्बानी ने बताया कि इस बार जुमा होने से छोटी ईद की खुशियां दुगनी हो गई है। क्यों कि जुमा अपने आप में मोमिन की ईद है।

छोटी ईद और हज़रत शाह तैय्यब बनारसी का उर्स

मंडुवाडीह स्थित कुतुबे बनारस हज़रत शाह तैयब बनारसी रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स 'choti Eid' के रूप में मनाया जाता है। उर्स के मौके पर आस्ताना परिसर में दिन भर मेला लगा रहता है। मेले में विभिन्न व्यंजनों का लोग जहां लुत्फ लेते हैं वहीं बच्चे खूब मस्ती करते हैं। choti Eid के मौके पर हजरत शाह तैयब बनारसी के आस्ताने पर हाजिरी देने के लिए देश के कोने-कोने से अकीदतमंदों की जुटान होती है। शाम होते ही आस्ताने पर पैर रखने की भी जगह नहीं बचती। बाबा की मजार पर गुलपोशी व चादरपोशी कर फातेहा पढ़ने वालों का सिलसिला देर रात तक चलता रहता है। इस दौरान फज्र की नमाज के बाद कुरआनख्वानी के साथ ही उर्स शुरू होता है। वहीं इशा की नमाज के बाद कुल शरीफ में अकीदतमंद शामिल होते हैं। इस मौके पर देश में अमन व खुशहाली के लिए दुआएं मांगी जाती है। वर्षो से चले आ रहे दस्तूर के मुताबिक choti Eid शानों-शौकत के साथ मनाई जाती है। मदरसा दारुल उलूम तैयबिया मोइनिया दरगाह शरीफ मंडुवाडीह के प्रिंसिपल मोहम्मद अब्दुस्सलाम रशीदी ने बताया कि उर्स ईद के सातवें दिन मनाया जाता है। आयोजन को लेकर क्षेत्र ही नहीं बल्कि दूर दराज से आने वालों में काफी उत्साह रहता है। लोग एक-दूसरे को choti Eid कि मुबारकबाद देते हैं। हर कोई खुशी से लबरेज नजर आता है। 

औरंगाबाद में भी लगता है मेला

choti eid पर औरंगाबाद में भी मेला लगता है। इस मौके पर हज़रत हवा शाह वह हज़रत हिम्मत शाह का अकीदत के साथ उर्स मनाया जाता है। उर्स के दौरान लोगों का हुजूम उमड़ता है। गुस्ल, फातिहा और चादर पोशी का दौर देर रात तक उर्स में चलता है। यहां भी choti Eid कि मुबारकबाद देने और खुशियां मनाने दूर दराज से लोग जुटते हैं।


सोमवार, 22 सितंबर 2025

National: Mufti-E-Nepal मौलाना jaish मोहम्मद सिद्दीकी का उर्स अकीदत से मनाया गया

शेरे नेपाल की दीनी ख़िदमात पर उलेमा ने डाली रौशनी
शेरे नेपाल, मुफ्ती मौलाना जैश मोहम्मद सिद्दीकी (फाइल फोटो)

Varanasi (dil India live). मुफ्ती-ए-आजम नेपाल, हजरत मौलाना मुफ्ती जैश मोहम्मद सिद्दीकी (शेरे नेपाल) का बनारस से गहरा रिश्ता था। बनारस में उनके लाखों अकीदतमंद और सैकड़ों मुरीद हैं। वो जब भी यूपी के दौरे पर निकलते थे तो बनारस जरुर आते थे। ये बातें उनके उर्स के दौरान उलेमा ने कही। जामा मस्जिद कम्मू खां डिठोरी महाल में हुए उर्स में शेरे नेपाल मौलाना मुफ्ती जैश मोहम्मद सिद्दीकी (रहमतुल्लाह अलैह) की दीनी ख़िदमात और इस्लाम की तहरीक के लिए किए गए कार्यों पर भी उलेमा ने बारीकी से रौशनी डाली।

गौरतलब हो कि जामा मस्जिद कम्मू खां डिठोरी की नव तामीर के लिए संगे बुनियाद शेरे नेपाल ने ही रखी थी। तामीर के बाद जब आलीशान मस्जिद बनकर तैयार हो गई तो शेरे नेपाल फिर बनारस आएं तो मस्जिद में जुमा अदा कराया था। उस दौरान उनसे मुरीद होने लोगों का मजमा उमड़ा हुआ था। कई जगहों पर उन्होंने तकरीर की थी और जुमे की नमाज के बाद उन्होंने दोनों हाथ फैलाकर अमन और सलामती की दुआएं मांगी थी। मस्जिद डिठोरी महाल के इमाम मौलाना शमसुद्दीन साहब ने मुफ्ती साहब के एजाज में कहा था कि दो साल पहले जब मस्जिद की नवतामीर शुरू हुई तो इसकी संगे बुनियाद हज़रत ने ही रखी थी, दो साल बाद आलीशान मस्जिद बनकर तैयार हो गयी है, ये सब हजरत मुफ्ती-ए-नेपाल की दुआओं का असर है। इस मौके पर मुफ्ती-ए-नेपाल ने नमाज के बाद दुआ में हाथ उठाकर हिन्दुस्तान के साथ ही पूरी दुनिया में अमनो-मिल्लत के लिए दुआएं मांगी थी। दुआ के दौरान मस्जिद खचाखच भरी हुई थी। नमाज़ के बाद वहां जुटे हुए तमाम लोगों ने हज़रत से मुसाफा किया था। 

शेरे नेपाल, मुफ्ती मौलाना जैश मोहम्मद सिद्दीकी (फाइल फोटो)

यूं तो शेरे नेपाल के उर्स पर देश दुनिया में उनसे अकीदत रखने वाले जहां थे उन्होंने वहां उर्स का एहतमाम किया मगर बनारस में डिठोरी महाल जामा मस्जिद कम्मू खां में उर्स धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर मौलाना इलयास कादरी, मौलाना अजहरुल कादरी, मौलाना शमशुद्दीन साहब, मस्जिद कम्मू खां के मुतवल्ली एखलाक अहमद टीटी, इरफान अहमद, एखलाक अहमद, इम्तेयाज अहमद, इश्तेयाक अहमद, शानू समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।

बुधवार, 13 अगस्त 2025

International: UP K Bareilly Mainउर्स-ए-रज़वी की तैयारियां हुई तेज़

देश दुनिया से बरेली में जुटते हैं आला हजरत के दीवाने 

तीन दिवसीय उर्स-ए-रज़वी 18 से, आरएसी ने की बैठक 

Sarfaraz Ahmad 

Bareilly (dil India live)। उर्स-ए-रज़वी 18 से 20 अगस्त तक बरेली के साथ ही देश दुनिया में मनाया जाएगा। हालांकि मुख्य आयोजन बरेली शरीफ़ में होगा जिसमें देश-विदेश से भी आला हजरत के चाहने वाले जुटते हैं। उर्स की तैयारियों के सिलसिले में पिछले दिनों आयोजित ऑल इंडिया रज़ा एक्शन कमेटी (आरएसी) के मुख्यालय 'बैतुर्रजा' पर एक बैठक की गई। इस बैठक की सदारत नबीरा-ए-आला हज़रत व आरएसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रजा कादरी ने की। बताया गया कि उर्स-ए-रज़वी 18 से 20 अगस्त तक मनाया जाएगा। इसकी तैयारियों के सिलसिले में आयोजित बैठक में नबीरा-ए-आला हजरत मौलाना अदनान रजा कादरी ने आरएसी पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं को उर्स कि तैयारियों में जुटने के लिए कहा। उर्स के तीनों दिन के प्रोग्राम के लिए उलेमा, मशाइख, नातखां हज़रात से खुद नबीरा-ए-आला हज़रत बात करेंगे। जायरीन को बरेली जंक्शन और बस अड्डों से लेकर उर्स स्थल तथा दरगाह आला हज़रत तक पहुँचाने के लिए फी ऑटो सेवा व अकीदतमंदों के लिए हेल्पलाइन, ठहरने और लंगर से लेकर मेडिकल कैम्प लगाने तक का पिछली बार से बेहतर इंतजाम करने का निर्णय लिया गया।

इस मौके पर मुफ्ती उमर रजा, हाफिज इमरान रजा, मौलाना सलीम रज़ा, मौलाना सय्यद सफदर रजा, मौलाना कमरुज्जमा, मौलाना सय्यद तहसीन रजा, मौलाना रफी रजा, मौलाना इंदाज़ रजा, मौलाना लइक रज़ा, मौलाना आरिफ रजा, मौलाना लियाकत रज़ा, मौलाना ताज रज़ा, मौलाना अज़हर रज़ा, मौलाना गुलाम रहमानी, मौलाना तालिब रज़ा, मौलाना अब्दुल कादिर, मौलाना अज़हर रजा, अब्दुल लतीफ कुरैशी, राजू बाबा, हनीफ अजहरी, सय्यद मुशर्रफ हुसैन, सईद सिब्तेनी, मोहम्मद जुनैद, मुजफ्फर अली, चांद रज़ा, अमिक रजा, गुलहसन रजा, शाहबाज रज़ा, साजिद रजा, काशिफ रज़ा, उवैस खान, समीर बेग, सलमान रज़ा, मोहसिन रजा, साहिल रज़ा, यूसुफ रज़ा, अनवर हुसैन, इश्तियाक हुसैन, इशरत रज़ा, इस्लाम डायरेक्टर, अनीस रज़ा, रिज़वान रजा, अब्दुल मोइद रजा, काशिफ रजा, इब्ने हसन, फुरकान रज़ा, शोएब रज़ा, नूर मोहम्मद, अफजल रजा, गौस मोहम्मद, मोहम्मद अहमद, मोहम्मद रज़ा, मोहम्मद ताहिर, फुरकान हुसैन, मोहसिन रजा, शाहनवाज़ रज़ा, सहित बड़ी तादाद उलमा आर ए सी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।


बैठक के बाद नबीरा-ए-आला हज़रत की क़यादत में तमाम लोग दरगाह अमीन-ए- शरीअत पहुँचे और कुल की फातिहा में शिरकत की। गौरतलब हो कि आला हजरत से अकीदत रखने वाले देश दुनिया में करोड़ों मुस्लिम है। उर्स के दौरान किस देश से कहा से कौन आ जाएं यह कोई नहीं जानता। इसलिए उर्स में बड़े पैमाने पर तैयारियां की जाती है।

मंगलवार, 22 जुलाई 2025

International: विश्व प्रसिद्ध सूफी संत Hazrat Makhdoom Ashraf के उर्स में अकीदतमंदों का हुजूम

सूफियाना रंग में किछौछा शरीफ़, दरगाह में मिल्लत की दिखी तस्वीर

Mohd Rizwan 

Ambedkar Nagar (dil India live). हजरत मखदूम अशरफ सिमनानी के उर्स पर सूफियाना रंग में किछौछा शरीफ़ दरगाह जहां नज़र आ रही है वहीं दूसरी ओर उर्स में सभी मज़हब और संप्रदाय के लोगों की हाजिरी से मिल्लत की तस्वीर साफ दिखाई दे रही है। यहां सभी हज़रत के आस्ताने पर अपनी अकीदत लुटाते दिखाई दे रहे हैं।

उर्स पर किछौछा दरगाह परिसर सूफियाना तराने में रंगा हुआ है। मलंगों की पेशकश और लाखों अकीदतमंदों की आंखों में रूहानी चमक इस मौके को और खास बना रही है। मलंग गेट से लेकर आस्ताना तक की गलियों में सूफी रंग बिखर रहे हैं। दरगाह परिसर रोशनी और रुहानियत से जगमगाने लगा है। देश-विदेश से पहुंचे हजारों जायरीन की मौजूदगी में हर तरफ या मखदूम की सदाएं गूंज रही हैं। सज्जादानशीन व ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलमा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद मोइनुद्दीन अशरफ (मोइन मियां) समेत दरगाह से जुड़े लोगों की मौजूदगी उर्स को खास बना रही है। मलंगों और फोखराओं के काफिले के साथ रुहानी माहौल बन रहा है। सूफियाना तराने व करतब पेश कर समां बांध दिया। दरगाह पर चादरपोशी की रस्म अदा कर मुल्क की सलामती, एकता और अमन-चैन की दुआ मांगी जा रही है। इस बीच दुनिया भर से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। बड़ी तादात में लोग रात रात भर दरगाह के बाहर रुहानी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

हजरत मखदूम अशरफ का 639वां उर्स

किछौछा में सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ रहमतुल्लाह अलैह का 639 वां वार्षिक उर्स पिछले दिनों सज्जादानशीन सैयद मोहिउद्दीन अशरफ के परचम कुशाई के साथ शुरू हुआ था। ढोल नगाड़ों की धुनों के बीच दरगाह के सज्जादानशीन सैयद मोहिउद्दीन अशरफ अशरफीउल जिलानी ने अपने खानवादए अशरफिया के लोगों के साथ ऐतिहासिक मलंग गेट के पास झंडारोहण कर सालाना उर्स का आगाज किया। सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ, सै. फैजान अहमद चांद, एआईसीसी सदस्य मेराजुद्दीन किछौछवी, बदीउद्दीन अशरफ, सै. मजहरुद्दीन अशरफ, सूफीए मिल्लत सै. आसिफ अशरफ, अल्हाज सै. अकिल अशरफ समेत अन्य लोगों का फूलों का सेहरा पहना कर गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया।

बुधवार, 26 फ़रवरी 2025

Hazrat जंजीरा शाह व सिक्कड़ शाह का 3 दिनी Urs

विद्युती रौशनी से जगमग हुई दरगाह, तेलावत, फातेहा संग उर्स शुरू 

Varanasi (dil India live). हज़रत जंजीरा शाह व हज़रत सिक्कड़  शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह का तीन दिनी 153 वां सालाना उर्स पूरी अकीदत के साथ बाबा के हबीबपुरा आस्ताने पर कुरानख्वानी व फातेहा संग मंगलवार को शुरू हो गया। इस दौरान जश्ने ईद मिलादुन्नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का सालाना जलसा भी होगा। जिसमें नामचीन अंजुमने नातिया कलाम पेश करेंगी। इसमें अंजुमन फिरदौसे अदब (चाहमहमा), अंजुमन रजाए मुस्तफा (कर्णघण्टा), अंजुमन मुहब्बाने अहलेबैत (सराय हड़हा), अंजुमन अनवारे मुस्तफा (छत्तातले), अंजुमन अनवारे रहमत (कपड़ा मण्डी), अंजुमन  पैगामे अहलेबैत (लल्लापुरा), अंजुमन  दावते इस्लाम (खजुरी), अंजुमन गुलामाने मदीना (खजुरी) व अन्जुमन मोहिब्बाने इस्लाम (नई पोखरी) आदि मुख्य हैं। जो अपने नूरानी कलाम से लोगों को फैजयाब करेंगी। नाज़ खां ने बताया कि आयोजन में सपा नेता दिलशाद अहमद उर्फ दिल्लू, राशिद सिदद्दीकी (बनारस व्यापार मण्डल), मो. नाज खान मुजददीदी, मो. खालिद मुजददीदी (राजू खान) तसलीम अंसारी, अब्दुल मतीन, अनवर अली मुजददीदी आदि उर्स के दौरान व्यवस्था संभाले रहेंगे। उर्स के अंतिम दिन महफिले समां (कव्वाली) 27 फरवरी जुमेरात को बाद नमाजे इशा होगी। तीन दिन के उर्स में दीन, दुनिया और आखिरी के लिए दुआओं के साथ ही मुल्क में अमन और देश की तरक्की के लिए सदाएं गूंजेगी।