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मंगलवार, 11 मार्च 2025

Masjid yaqub शहीद' समेत कई जगहों पर तरावीह मुकम्मल

बड़ी मस्जिद, मस्जिद कव्वा शाह में इमामे तरावीह का हुआ इस्तकबाल

-रहमत का पहला अशरा हुआ मुकम्मल



Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). मस्जिद 'याकूब शहीद' नगवा, बड़ी मस्जिद कम्मू खां, अर्दली बाजार, मस्जिद लंगडे हाफिज नयी सड़क समेत कई जगहों पर मंगलवार को तरावीह की ख़ास नमाज मुकम्मल हो गई। इस दौरान इमामे तरावीह का इस्तकबाल भी किया गया। इसी के साथ रहमत का पहला अशरा भी मुकम्मल हो गया और दूसरा अशरा मगफिरत का शुरू हो गया। इस दौरान जहां इमामे तरावीह का नमाजियों ने जोरदार इस्तकबाल किया वहीं उनकी गुलपोशी भी की गई। मस्जिद हज़रत याकूब शहीद नगवा में हाफिज मोहम्मद ताहिर की अगुवाई में हाफ़िज़ आसिफ ने तरावीह मुकम्मल करायी। ऐसे ही बड़ी मस्जिद कम्मू खां डिठोरी महाल में मौलाना शमसुद्दीन साहब की अगुवाई में तरावीह पूरी हुई। ऐसे ही मस्जिद लंगडे हाफिज नयी सड़क समेत कई जगहों पर दस रमज़ान को तरा़वीह मुकम्मल हुई। तरावीह के बाद हाफिज साहेबान की नमाजियों व कमेटी के लोगों ने गुलपोशी की।तरावीह के बाद लोगों में इमामे तरावीह से मुसाफा करने की होड़ सी मच गई। इस दौरान सैकड़ों लोगो ने तरावीह की नमाज अदा की। उधर हजरत इस्माइल शाह बैरागी उर्फ कव्वा शाह मस्जिद सराय हड़हा में तरावीह की नमाज में कुरान-ए-पाक मुकम्मल की गई। तरावीह मुक्म्मल होने के बाद मुल्क की खुशहाली की दुआएं की गयी। आए हुए लोगों का खैरमकदम ज़ुबैर अहमद आदि ने किया।

मगफिरत का अशरा शुरू 

मुक़द्दस रमजान महीने का पहला अशरा रहमत का मंगलवार को मुकम्मल हो गया। अशरा दस दिन को कहते हैं। रमजान को रब ने तीन अशरों में बांटा है। पहला दस दिन रहमत का मुकम्मल हो गया। इसी के साथ ही मगफिरत का अशरा शुरू हो गया। इसके बाद आखिरी अशरा जहन्नुम से आजादी का आएगा।

सोमवार, 10 मार्च 2025

मस्जिद 'दाल' कच्चीबाग में तरावीह मुकम्मल, इमामे तरावीह का इस्तकबाल

कल मुकम्मल होगा रमज़ान का पहला अशरा

ककरमत्ता में भी मुकम्मल हुई तरावीह, हुआ शबीना 



Varanasi (dil India live). मस्जिद ‘दाल’ कच्चीबाग में तरावीह मुकम्मल हो गई। इस दौरान जहां इमामे तरावीह का नमाजियों ने जोरदार इस्तकबाल किया वहीं उनकी गुलपोशी भी की गई। कल मंगलवार को रमज़ान का पहला अशरा रहमत का मुकम्मल हो जाएगा। हाफिज ताहिर (इमामे जुमा मस्जिद हज़रत याकूब शहीद) ने बताया कि मस्जिद याकूब शहीद समेत कई जगहों पर दस रमज़ान को तरा़वीह मुकम्मल होगी।

दरअसल मुक़द्दस रमजान महीने को तीन अशरे (10-10 दिन के तीन) में बांटा गया है। पहला अशरा रहमत का कल शाम में मुकम्मल हो जाएगा और दूसरा अशरा मगफिरत का शुरू होगा। आखिर में दस दिन का अशरा जहन्नम से आजादी का है।

रहमत का अशरा शुरू होने के साथ मस्जिदों में तरावीह मुकम्मल होने का सिलसिला भी तेज़ हो जाता है। इस दौरान मस्जिद दाल कच्ची बाग में हाफिज़ इरशाद अहमद ने तरावीह मुकम्मल करायी। तरावीह के बाद लोगों में इमामे तरावीह से मुसाफा करने की होड़ सी मच गई। इस दौरान सैकड़ों लोगो ने तरावीह की नमाज अदा की। उधर ककरमत्ता उत्तरी में जिरगम अंसारी की अगुवाई में हाफ़िज़ अब्दुल हमीद ने तरावीह मुकम्मल करायी। तरावीह के साथ ही वहां शबीना भी पढ़ा गया।आरिफ अंसारी, हफीज़ अहमद अंसारी, हाफिज अलीमुद्दीन,मुनीश व इरफान अहमद आदि शामिल थे।

बुधवार, 5 मार्च 2025

तरावीह मुकम्मल होने पर इमामे तरावीह की हुई गुलपोशी

मस्जिदों में तीन और चार दिन की तरावीह हुई मुकम्मल




Varanasi (dil India live). रमजान का मुबारक महीने का पहला अशरा रहमतों का अपनी रफ़्तार में है, इसी के साथ मस्जिदों में तरावीह मुकम्मल होने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। मस्जिद लाट सरैया, मदरसा ख़ानम जान व मस्जिद मकदूम शाह बाबा समेत कई जगहों पर तरावीह मुकम्मल हो गई। मदरसा ख़ानम जान अर्दली बाजार में तीन रमज़ान को हाफ़िज़ रमज़ान अली ने जब तरवीह मुकम्मल की तो तमाम लोगों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। इस दौरान लोगों का हुजूम उनसे मुसाफे के लिए बेताब नजर आया।
पार्षद पति हाजी ओकास अंसारी ने बताया कि मस्जिदों में कितने दिनों की तरावीह की नमाजे पढ़ाई जाएंगी वो मस्जिद कमेटियां अपने अपने हिसाब से तरावीह की नमाज का शिड्यूल तय करते है। उसी कड़ी में लाठ मस्जिद सरैया में और मखदूम शाह बाबा की मस्जिद में तीन दिन की तरावीह की नमाज मुकम्मल हुई। इन दोनों मस्जिदों के मतवल्ली बुनकर बिरादराना तंजीम चौदहों के सरदार हाजी मकबूल हसन की अगुवाई में तरावीह पढ़ाई गई। लाट मस्जिद सरैया में हाफिज जुबैर ने और मखदूम शाह बाबा मस्जिद में हाफिज जुनैद अंसारी ने तीन दिन की तरावीह मुकम्मल करायी तो लोग उन्हें मुबारकबाद देते नज़र आएं। काफी लोगों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। तीन दिन की तरावीह की नमाज खत्म होने के बाद नमाजियों ने दोनों हाफिजों को गुलपोशी की और मुबारकबाद दिया। इस मौके पर मौजूद चौदहों के सरदार मकबूल हसन, पार्षद हाजी ओकास अंसारी, पूर्व पार्षद कल्लू भाई, हाजी अब्दुल वहीद, हाजी बैतूल हसन, रिजवान अहमद, सरदार अलीमुद्दीन, हाजी रिजवान, हाजी अब्दुल अजीज, निजामुद्दीन, सरदार गुलाम नबी , अब्दुल रब अंसारी, नेसार, अब्दुल रशीद, सरदार समीम अहमद, साहिल खान, बबलू राईन, अब्दुल  मजीद, मल्लू भाई सहित सैकड़ों लोगो ने तरावीह की नमाज अदा की।