बनारस के बिजली कर्मचारी कल जनजागरण के द्वितीय चरण में पन्नालाल पार्क पर करेंगे सभा
बिजली कर्मचारियों का ऐलान
उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण का टेंडर होते ही पूरे देश के 27 लाख बिजली कर्मी एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करेंगे: 02 जुलाई को उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों के समर्थन में देश के सभी जनपदों में व्यापक विरोध प्रदर्शन होंगे : 09 जुलाई को देश के बिजली कर्मी उप्र में निजीकरण के विरोध में राष्ट्र व्यापी हड़ताल करेंगे।
- sarfaraz Ahmad
Varanasi (dil India live)। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले आज भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर दोपहर-2 बजे से 5 बजे तक बनारस के बिजलीकर्मियो ने बिजली के निजीकरण के विरोध में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कल से जनजागरण सभा बनारस के अलग-अलग क्षेत्रो में किये जाने के तारतम्य में कल 33 / 11 के.वी. विद्युत उपकेंद्र पन्नालाल पार्क पर जनजागरण सभा किया जाएगा। यह सभा शाम 3 बजे से जनजागरण सभा किया जाएगा जिसमें उस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं व्यापार संगठन के पदाधिकारियों एवं अन्य को सम्मिलित किया जाएगा।
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अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी |
वक्ताओ ने बताया कि वर्तमान में चर्चा का विषय है कि बिजली के फाल्ट समय से दूर नही हो रहे है और जनता को परेशानी हो रही लेकिन इसका मुख्य कारण हमारे पुर्वांचल के पूर्व निदेशक कार्मिक थे जिन्होंने पूरे पुर्वांचल के सभी वितरण खंडों में संविदाकर्मियों की संख्या को कम कर दिया था जिसके कारण फील्ड के अधिकारी राजस्व वसूली को प्राथमिकता देते हुए राजस्व वसूली में कर्मचारियों को लगा दिए है किंतु स्थिति ये है कि 10 हजार उपभोक्ताओं को प्रत्येक शिफ्ट में 6-9संविदाकर्मियों द्वारा राजस्व वसूली के साथ लाइन अनुरक्षण का कार्य संपादित किया जा रहा है जिससे बनारस जैसे माननीय प्रधानमंत्री जी के क्षेत्र में ही वर्तमान में पूर्व के साल से लगभग 400-500संविदाकर्मियों को निकाल दिया गया है जिसके कारण बिजली के मरम्मत होने में काफी समय ल जा रहा है।
वक्ताओ ने बताया कि प्रबन्ध निदेशक पुर्वांचल को संघर्ष समिति पुर्वांचल कमेटी द्वारा पत्र के माध्यम से 5 सूत्रीय मांग पत्र लगभग 2 महीने से दिया गया है किंतु उनके द्वारा समस्याओं का समाधान तो दूर की बात बल्कि संघर्ष समिति से द्विपक्षीय वार्ता हेतु भी आज तक पत्र नही जारी किया गया। जिसके कारण कर्मचारियों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है और एक दिन बड़े आंदोलन होने की संभावना से इनकार भी नही किया जा सकता है।
वक्ताओ ने बताया कि आज नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की बैठक में निजीकरण के विरोध में 194 दिन से लगातार उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन की सराहना की गयी और पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं के दमन की निंदा की। यह भी चेतावनी दी गई कि यदि बिजली कर्मियों का दमन न रुका तो देश के तमाम 27 लाख बिजली कर्मी मूक दर्शक नहीं रहेंगे और लोकतांत्रिक ढंग से इसके विरोध में आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार की होगी साथ ही कोऑर्डिनेशन कमिटी ने यह भी निर्णय लिया कि उत्तर प्रदेश में चल रहे बिजली के निजीकरण के विरोध में आगामी 02 जुलाई को पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
कोऑर्डिनेशन कमेटी ने यह भी निर्णय लिया कि पूरे देश में खासकर उप्र में चल रही बिजली की निजीकरण की प्रक्रिया के विरोध में आगामी 09 जुलाई को देशभर के तमाम बिजली कर्मी निजीकरण के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे।
वक्ताओ ने बताया कि आज नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स ने केंद्र सरकार से मांग की है कि किसानों, आम घरेलू उपभोक्ताओं और गरीब उपभोक्ताओं के व्यापक हित में केंद्र सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर उत्तर प्रदेश में चल रही बिजली की निजीकरण की प्रक्रिया को निरस्त कराए।
सभा की अध्यक्षता ई. नरेंद्र वर्मा ने एवं संचालन सौरभ श्रीवास्तव ने किया। सभा को सर्वश्री ई. मायाशंकर तिवारी, ई. के.के. ओझा, ई. प्रीति यादव, ई. रुचि कुमारी, अलका कुमारी, प्रमोद कुमार, अंकुर पाण्डेय, संदीप कुमार, रंजीत पटेल, विजय नारायण हिटलर, सुनील कुमार, मनोज यादव, हेमंत श्रीवास्तव आदि ने संबोधित किया।
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