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सोमवार, 31 अगस्त 2026

VKM kamacha Varanasi news august 2026: पं. हरिराम द्विवेदी के गीतों पर एकाग्र गीतांजलि समारोह का हुआ आयोजन

झूमें श्रोता: डा. जया शाही ने किया भोजपुरी लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति

Education News VKM kamacha Varanasi Uttar Pradesh August 2026


dil india live (Varanasi). वाराणसी के वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा में 31.08.2026 को हिन्दी विभाग के पं. हरिराम द्विवेदी भोजपुरी भाषा एवं साहित्य शोध अध्ययनपीठ और काशी कला कस्तूरी वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में पं. हरिराम द्विवेदी के गीतों पर एकाग्र गीतांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वसन्त महिला महाविद्यालय, राजघाट से मुख्य अतिथि कलाकार डाॅ. जया शाही द्वारा पं. हरिराम द्विवेदी के भोजपुरी लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति की गयी। 

कजरी ने किया रस माधुर्य का संचार

जया शाही के मधुर स्वरों में विदाई गीत, झूला गीत, सोहर एवं कजरी ने वातावरण में रस माधुर्य का संचार कर दिया। इस दौरान मौजूद श्रोता झूम उठें। आयोजन में अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने पं. हरिराम द्विवेदी के वैविध्यपूर्ण सृजनात्मकता को याद करते हुए उनको नमन किया। महाविद्यालय की प्रबंधक उमा भट्टाचार्या द्वारा सभी के लिए शुभ मंगल कामना संदेश प्रेषित किया गया। कार्यक्रम में औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित करते हुए हिन्दी विभागाध्यक्ष एवं अध्ययनपीठ की महासचिव प्रो. आशा यादव ने पण्डित जी के रचना संसार के सौन्दर्य को व्याख्यायित किया। उन्होंने कहा कि पं. हरिराम द्विवेदी का व्यक्तिगत करूणा, प्रेम इत्यादि भाव उनकी रचनाओं में समष्टिगत होकर आयी है। यही समष्टि भाव उनके रचनात्मक व्यक्तित्व को अमर बना देती है।

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आयोजन में इनकी रही खास मौजूदगी 

इस आयोजन में पं. हरिराम द्विवेदी भोजपुरी भाषा एवं साहित्य शोध अध्ययनपीठ के अध्यक्ष अरूण कुमार द्विवेदी, उपाध्यक्ष, प्रो. सविता भारद्वाज एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की अध्यक्ष प्रो. मीनू पाठक, काशी कला कस्तूरी की अध्यक्ष डाॅ. शबनम खातून के अलावा डाॅ. सरिता लखोटिया, डाॅ. कुसुम मिश्रा (पूर्व प्राचार्या, वसन्त कन्या महाविद्यालय), डाॅ. बीना सिंह, डाॅ. स्वरवन्दना शर्मा, पिलग्रिम्स के पूर्व प्रकाशक रामानन्द तिवारी, गृह विज्ञान विभाग से प्रो. संगीता देवड़िया, प्रो. गरिमा उपाध्याय, प्रो. अंशु शुक्ला, संगीत गायन विभाग से प्रो. सीमा वर्मा, डाॅ. पूनम वर्मा, सौम्यकान्ति मुखर्जी, मनोविज्ञान विभाग से डॉ. शशिप्रभा, हिन्दी विभाग से प्रो. सपना भूषण, डाॅ. शुभांगी, डाॅ. प्रीति, राजलक्ष्मी उपस्थित रहीं। तबले पर अमित, हारमोनियम पर हर्षित ने संगत की तो संचालन राजलक्ष्मी ने किया।


शुक्रवार, 21 अगस्त 2026

21 August 2026 Varanasi Uttar Pradesh: VKM Varanasi kamacha में द्वि-दिवसीय राखी उत्सव का आगाज़

दिव्यांग बच्चों के हाथों बनी राखियों ने जीता हर दिल 

मनस्विनी क्लब व देवा इण्टरनेशनल सोसायटी का संयुक्त आयोजन
VKM kamacha Varanasi news 21 August 2026


dil india live (Varanasi). 21.08.26 को मनस्विनी क्लब, मनोविज्ञान विभाग, (phycology dipartment) वसंत कन्या महाविद्यालय (VKM) तथा देवा इण्टरनेशनल (Deva international) सोसायटी फाॅर चाइल्ड केयर के संयुक्त तत्वाधान में वसंत कन्या महाविद्यालय परिसर में द्वि-दिवसीय राखी उत्सव का आयोजन किया गया। आयोजन मेें दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाई गई राखियों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जहां कुछ स्टाल भी लगाये गये थे।

दिव्यांग बच्चों की रचनात्मकता की प्रशंसा 

उद्घाटन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव द्वारा किया गया। स्टाॅल पर उपस्थित दिव्यांग बच्चों की रचनात्मकता की प्रशंसा करते हुए प्राचार्या ने उनकी बनाई राखियां स्वयं भी खरीदीं तथा उनका उत्साहवर्धन किया। महाविद्यालय के शिक्षक वृन्द तथा छात्राओं ने उत्साह से इन रंग-बिरंगी राखियों को खरीदा तथा दिव्यांग बच्चों के प्रयास को भरपूर सराहा। दिल इंडिया लाइव ऐसी खबरें ज्यादा प्रकाशित और प्रसारित करता है। महाविद्यालय परिवार के उदार तथा अतिथ्यपूर्ण सहयोग ने दिव्यांग बच्चों के मनोबल को बढ़ाने के साथ साथ देवा सोसायटी के फाउण्डर प्रेसीडेण्ट डाॅ. सी. तुलसी द्वारा चलाए गये व्यावसायिक पुनर्वास कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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उनकी रही खास भूमिका  
राखी उत्सव का आयोजन करने में देवा सेण्टर की ओर से डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव तथा मनोविज्ञान विभाग की ओर से प्रो. शुभ्रा सिन्हा ने सक्रिय भूमिका निभाई। मनोविज्ञान विभाग की ओर से प्रो. अन्जुलता सिंह, डाॅ. राम प्रसाद सोनकर, डाॅ. खुशबू मिश्रा तथा डाॅ. शशि की उल्लेखनीय भूमिका रही। 

इस अवसर पर विश्व फोटोग्राफी दिवस के उपलक्ष्य में संस्कृत विभागाध्यक्षा डाॅ. शांता चटर्जी द्वारा संस्कृत विभाग की तकनीकी उन्नति के लिए प्रदत्त LED प्रोजेक्टर और स्क्रीन का उद्घाटन पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के भाषण के साथ हुआ। उक्त भेंट से संस्कृत की छात्राओं और शिक्षिकाओं में हर्ष का प्रसारण हुआ। प्राचार्या और प्रबंधक ने सभी को शुभकामनायें प्रेषित की।

बुधवार, 19 अगस्त 2026

Art and Cultural News VKM kamacha Varanasi August 2026: बीए द्वितीय वर्ष चित्रकला की छात्राओं ने लगाई प्रदर्शनी

चटक रंगों ने कला प्रेमियों के दिल पर छोड़ी अमिट छाप

पेंटिंग में दिखी मेहनत जुनून और संस्कृति की झलक 

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dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा (VKM kamacha Varanasi) के चित्रकला विभाग की छात्राओं द्वारा एक खूबसूरत चित्रकला प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी में द्वितीय वर्ष की छात्राओं ने अपने हुनर को कागज़, कार्ड बोर्ड से लेकर कैनवास तक पर अभिव्यक्त कर कला दीर्घा में प्रस्तुत किया। आज हुए कला प्रेमियों और वीकेएम परिवार ने ने सिर्फ चित्रों से संवाद किया बल्कि बेहतरीन प्रयासों को सराहा भी। सुरचित सुंदर चित्रों और चटक रंगों ने कला प्रेमियों के दिल पर अमिट छाप छोड़ी। 

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इन विधाओं में थी कृतियां 

प्राचार्य प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव द्वारा उद्घाटित प्रदर्शनी में छात्राओं ने विविध विधाओं में पोर्ट्रेट पेंटिंग, प्रिंट मेकिंग, ऑयल पेंटिंग, वाटर कलर, ड्राई पेस्टल, चारकोल और रेखाचित्र जैसे विभिन्न विषयों पर चित्रों का निर्माण कर कला दीर्घा में प्रदर्शित किया। पोर्ट्रेट पेंटिंग और ऑयल पेंटिंग को दर्शकों ने बहुत पसंद किया। इन छात्राओं समृद्धि, मुस्कान, कृतिका, रितिका, वार्ता, शिल्पी, श्रुति, नेहा और सुमीक्षा (सभी बी.ए. द्वितीय वर्ष) के चित्र अवलोकनार्थ प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया गया।




इनकी रही खास मौजूदगी

प्रदर्शनी विभाग की शिक्षिकाओं डॉ. वर्षा सिंह, डॉ. दीक्षा जायसवाल और डॉ नेहा वर्मा के निर्देशन में आयोजित की गई। प्रदर्शनी में डॉ. संगीता देवड़िया, डॉ. अंशु शुक्ला, डॉ. सुनीता दीक्षित, डॉ. सपना भूषण, डॉ. सरोज उपाध्याय, अन्नपूर्णा और भारती चट्टोपाध्याय आदि शिक्षिकाओं और कला प्रेमियों की उपस्थिति रही।

शुक्रवार, 14 अगस्त 2026

Education News VKM kamacha Varanasi Uttar Pradesh 14 August 2026: प्रेमचंद की रचनाओं के रुपांतरण की तकनीक पर चर्चा

कमला पाण्डेय की पुस्तक ‘देशस्य आक्रांतरू’ का हुआ लोकार्पण

ब्रिटिश सरकार द्वारा जब्त की गई सोज़ ए वतन का है संस्कृत अनुवाद
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dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय के तत्वावधान में Hindi विभाग द्वारा प्रेमचंद की रचनाओं के रुपांतरण की तकनीक एवं पाठ और पुस्तक लोकार्पण  का आयोजन किया गया। विशिष्ट अतिथि प्रेमचंद पथ पत्रिका के संपादक राजीव गौड़ ने प्रेमचंद की कहानियों और उसके अनुवाद पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर डॉ. कमला पाण्डेय की पुस्तक ‘देशस्य आक्रांतरू’ पुस्तक का लोकार्पण हुआ। यह पुस्तक ब्रिटिश सरकार द्वारा जब्त की गई प्रेमचंद के सोज़ ए वतन कहानी का संस्कृत अनुवाद है।



‘उत्तरशती के विमर्श, धर्म, समाज, मूल्यबोध’ का लोकार्पण

हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो.आशा यादव द्वारा संपादित पुस्तक ‘उत्तरशती के विमर्श, धर्म, समाज, मूल्यबोध’ का लोकार्पण भी अतिथियों द्वारा किया गया। यह पुस्तक उत्तर आधुनिक दौर के स्त्री विमर्श, दलित विमर्श जैसे विषयों को स्वयं में समाहित करती। प्रेमचंद की कहानियों के रूपांतरण की तकनीक और उसी क्रम में जुर्माना कहानी के नाट्य रूपान्तर का भावपूर्ण पाठ डॉ. अनुराधा बनर्जी द्वारा प्रस्तुत किया गया। 

विद्वानों ने प्रेमचंद की कहानियों में हाशिए के समाज के प्रति संवेदनशीलता और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए  कथा सम्राट के रचना संसार पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अतिथियों क स्वागत के साथ प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने प्रेमचंद की कहानियों के पाठ के प्रति छात्राओं को प्रेरित किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. आशा यादव तथा संचालन डॉ. प्रीति विश्वकर्मा द्वारा किया गया।





इनकी रही खास मौजूदगी 

आयोजन में संस्कृत विभाग से डॉ. शांता चटर्जी, डॉ. मंजू कुमारी, डॉ. प्रियंका पाठक, डॉ. अंगिरा, अभिलाषा, हिंदी विभाग से प्रो. सपना भूषण, प्रो. शशिकला, डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव, राजलक्ष्मी जायसवाल, संगीत सितार वादन विभाग से प्रो. मीनू पाठक के साथ ही संस्कृत, अंग्रेजी और हिंदी विभाग की सभी छात्राएं उपस्थित थीं।

शनिवार, 8 अगस्त 2026

Education News Varanasi Uttar Pradesh 8 August 2026: VKM kamacha में ‘रंगमंच’ Theatre club द्वारा हेलन केलर के जीवन पर आधारित एकल नाट्य प्रस्तुति

आगे बढ़ने की दृढ़ इच्छा हो तो कठिन परिस्थितियां व्यक्ति की संभावनाओं को सीमित नहीं कर सकतीं-प्रो. रचना श्रीवास्तव
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Education News Varanasi Uttar Pradesh 8 August 2026: VKM kamacha २

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dil india live (Varanasi). काशी हिंदू विश्वविद्यालय से संबद्ध कमच्छा स्थित वसंत कन्या महाविद्यालय (VKM kamacha Varanasi) में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में महाविद्यालय के थिएटर क्लब ‘रंगमंच’ द्वारा एक प्रेरणादायी एकल नाट्य प्रस्तुति (Solo Play) का आयोजन 8 अगस्त को सेमिनार हॉल में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रंगमंच के माध्यम से मानवीय संवेदना, संघर्ष, आत्मविश्वास, दृढ़ इच्छाशक्ति और विपरीत परिस्थितियों में जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का संदेश विद्यार्थियों तक पहुंचाना था।

लोगों का स्वागत करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने कहा कि जीवन की कठिन परिस्थितियां व्यक्ति की संभावनाओं को सीमित नहीं कर सकतीं, यदि उसके भीतर संघर्ष करने और आगे बढ़ने की दृढ़ इच्छा हो। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय द्वारा इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं सृजनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में रचनात्मकता, संप्रेषण कौशल, टीम भावना, संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता के विकास में सहायक होते हैं। 

रंगकर्मी पौलमी घोष ने नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से सुप्रसिद्ध अमेरिकी लेखिका, शिक्षिका और सामाजिक कार्यकर्ता हेलन केलर के जीवन-संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया। यह प्रस्तुति हेलन केलर की आत्मकथा पर आधारित थी। नाटक का निर्देशन एवं रूपांतरण प्रख्यात रंगकर्मी लकी गुप्ता द्वारा किया गया।

मंच पर जीवंत हुआ हेलन केलर का चरित्र

एकल नाटक की केंद्रीय विषयवस्तु हेलन केलर की उस अदम्य जीवन-यात्रा पर केंद्रित रही, जिसमें शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की। प्रस्तुति में उनके जीवन के संघर्ष, सीखने की उत्कट इच्छा, आत्मविश्वास के विकास तथा निराशा से आशा और अंधकार से प्रकाश की ओर उनकी यात्रा को नाटकीय एवं संवेदनशील ढंग से अभिव्यक्त किया गया। पौलमी घोष ने अपनी सशक्त अभिनय क्षमता, संवाद-अभिव्यक्ति, भाव-भंगिमा और मंचीय ऊर्जा के माध्यम से हेलन केलर के चरित्र को मंच पर जीवंत कर दिया। 

थिएटर केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं... 
नाट्य में रंगमंच की भूमिका पर विशेष बल दिया गया। नाट्य प्रस्तुति ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि थिएटर केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि संवेदना, सहानुभूति, सामाजिक जागरूकता और आत्म-अभिव्यक्ति का प्रभावी माध्यम भी है।

कार्यक्रम की प्रस्तुति का मूल संदेश “Expression, Empathy, Empowerment” अर्थात अभिव्यक्ति, सहानुभूति और सशक्तीकरण था। साथ ही, यह आयोजन विद्यार्थियों को प्रेरित करने और उन्हें रंगमंचीय गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण था।

सेमिनार हॉल में उपस्थित छात्राओं एवं शिक्षकों ने एकल नाट्य प्रस्तुति को गहरी रुचि और एकाग्रता के साथ देखा। प्रस्तुति के दौरान कलाकार की भावपूर्ण अभिनय शैली और हेलन केलर के जीवन के संघर्षपूर्ण प्रसंगों ने दर्शकों को भावुक एवं कठिनाइयों से जूझते हुए लक्ष्य प्राप्त करने, आत्मविश्वास बनाए रखने और दूसरों के प्रति संवेदनशील रहने को प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समग्र स्वर हेलन केलर के जीवन से मिलने वाली प्रेरणा पर केंद्रित रहा—अंधकार चाहे कितना भी गहरा हो, दृढ़ संकल्प, शिक्षा और आत्मविश्वास के माध्यम से प्रकाश की ओर बढ़ा जा सकता है। एकल नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को यह संदेश दिया कि वास्तविक सीमाएं परिस्थितियों में नहीं, बल्कि व्यक्ति के आत्मविश्वास और दृष्टिकोण में होती हैं।

कार्यक्रम का समापन कलाकार, निर्देशक, थिएटर क्लब ‘रंगमंच’, IQAC तथा आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हुआ। IQAC समन्वयक ने ऐसी सार्थक और प्रेरणादायी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

शनिवार, 20 जून 2026

Yoga for Healthy Ageing थीम पर वसंत कन्या महाविद्यालय में हुआ योगाभ्यास

व्यायाम-योगासन एवं प्राणायाम की बारीकियों को जानने का मिला अवसर


dil india live (Varanasi). वाराणसी के वसंत कन्या महाविद्यालय (VKM Varanasi) कमच्छा की राष्ट्रीय सेवा योजना- इकाई -V की कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. वर्षा सिंह के द्वारा महाविद्यालय प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम पर योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव की प्रेरणा से आयोजित किया गया। 



योग-प्रशिक्षक डाॅ. आनन्द कर्ण के निर्देशन में महाविद्यालय के सभी शिक्षक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को योगाभ्यास कराया गया। बढ़ती उम्र और वर्तमान आधुनिक जीवन शैली को ध्यान में रखकर विभिन्न प्रकार के व्यायाम-योगासन एवं प्राणायाम की बारीकियों को जानने का अवसर मिला। इस कार्यक्रम में प्रो. रचना श्रीवास्तव, डाॅ. अन्नपूर्णा, राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. वर्षा सिंह, एनएसएस की स्वयंसेविकाएं एवं महाविद्यालय के सभी कर्मचारियों की उपस्थिति थी।

सोमवार, 22 सितंबर 2025

Education: VKM Varanasi Main Hindi सप्ताह का हुआ समापन

हिंदी हमारी संस्कृति और अस्मिता की पहचान-डॉ. रचना

Varanasi (dil india live). वसंत कन्या महाविद्यालय में 15 सितंबर से 22 सितंबर तक हिंदी सप्ताह समारोह बड़े ही उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस सप्ताह के अंतर्गत विद्यार्थियों के भाषाई कौशल, रचनात्मक प्रतिभा और हिंदी के प्रति प्रेम को उजागर करने के लिए विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्ष रहीं डाॅ. उर्वशी गहलोत (हिन्दी विभाग, महिला महाविद्यालय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) एवं विशिष्ट अतिथि रहीं डाॅ. प्रियंका सोनकर (हिन्दी विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय)।


कार्यक्रम का समापन सोमवार को ’हिंदी सप्ताह उद्यापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह’ के रूप में किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रचना श्रीवास्तव, प्रबंधक उमा भट्टाचार्य, कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ. उर्वशी गहलोत, असोसिएट प्रोफेसर, महिला महाविद्यालय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रियंका सोनकर, विभागाध्यक्षा डॉ. आशा यादव, डॉ. शशि कला, डॉ.सपना भूषण, डॉ शुभांगी श्रीवास्तव, संगीत विभाग से प्रो. सीमा वर्मा और प्रो. सौम्यकांत मुखर्जी की गरिमामयी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ पुष्पांजलि और कुलगीत के गायन के साथ हुआ। प्राचार्या डॉ. रचना श्रीवास्तव ने मंच की अध्यक्षता कर रही डॉ. उर्वशी गहलोत और विशिष्ठ अतिथि डॉ.प्रियंका सोनकर का उत्तरीय और पौधा देकर स्वागत और अभिनंदन किया।


समारोह के दौरान प्राचार्या रचना श्रीवास्तव ने कहा कि “हिंदी केवल भाषा नहीं, यह हमारी संस्कृति और अस्मिता की पहचान है। आज की पीढ़ी को चाहिए कि वह हिंदी को केवल अध्ययन की भाषा न माने, बल्कि व्यवहार की भाषा बनाए।” प्रबंधक उमा भट्टाचार्य ने हिंदी सप्ताह जैसे आयोजन के लिए सभी को शुभकामनाएं दी।

हिंदी के कवियों ने समाज को जागृत किया

मंच की अध्यक्षता कर रही डॉ. उर्वशी गहलोत ने अपने वक्तव्य में स्वतंत्रता और नवजागरण में हिंदी के योगदान की बात करते हुए कहा “ हिंदी ने सभी देशवासियों को साथ लाने का कार्य किया, कबीर, मीरा, महादेवी जैसे हिंदी के कवियों ने समाज को जागृत किया।“ विशिष्ट अतिथि डॉ.प्रियंका सोनकर ने हिंदी के वैश्वीकरण की बात कही। कार्यक्रम का सफल संयोजन प्रीति विश्वकर्मा, राजलक्ष्मी जायसवाल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रीति विश्वकर्मा ने किया।

प्रतियोगिता में हुई सफल, तो मिला पुरस्कार 

हिन्दी सप्ताह कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगितायें आयोजित की गयी थीं। इसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में जयंतिका डे‌ (भजन प्रतियोगिता), अनुपमा (इमला प्रतियोगिता), प्रज्ञा पटेल, अनिशा यादव (काव्य पाठ), विदिशा तिवारी (कहानी पाठ), सिंधु कुमारी (भाषण प्रतियोगिता) को प्राचार्या डॉ. रचना श्रीवास्तव एवं प्रबंधक डॉ. उमा भट्टाचार्य ने  प्रमाणपत्र और पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।

शुक्रवार, 19 सितंबर 2025

Education: VKM Varanasi Main अनुसंधान पद्धति और शोध प्रबंध लेखन पर तीन दिवसीय workshop

शोधार्थियों को सांख्यिकीय विश्लेषण की बुनियादी तकनीकों से कराया परिचित


Varanasi (dil india live). वसंत कन्या महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग तथा ओशन सेल फोरम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के द्वितीय दिन (19 सितंबर) को शोध से संबंधित प्रायोगिक सत्रों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने छात्राओं के सक्रिय सहभाग की सराहना करते हुए कहा कि शोध में उनकी ऐसी सहभागिता भविष्य की शैक्षणिक उपलब्धियों का आधार बनेगी। समाजशास्त्र विभाग की प्रमुख डॉ. कल्पना आनंद के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने अतिथियों का अभिनंदन करते हुए शोध कार्य में आधुनिक सॉफ्टवेयर उपकरणों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
पहले सत्र की मुख्य वक्ता डॉ. शुभ्रा सिन्हा, सहायक प्रोफेसर, मनोविज्ञान विभाग ने SPSS सॉफ्टवेयर के प्रयोग पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने डेटा क्लीनिंग, डेटा कोडिंग तथा डेटा एंट्री की व्यावहारिक प्रक्रिया को समझाया और शोधार्थियों को सांख्यिकीय विश्लेषण की बुनियादी तकनीकों से परिचित कराया। दूसरे सत्र की विशेषज्ञ नम्रता गुप्ता (पुस्तकालयाध्यक्ष, वसंत कन्या महाविद्यालय) ने शोध में संदर्भ प्रबंधन हेतु Zotero और Mendeley सॉफ्टवेयर के प्रयोग पर व्यावहारिक प्रस्तुति दी। उन्होंने शोधार्थियों को बताया कि किस प्रकार इन सॉफ्टवेयर्स की सहायता से शोध कार्य में संदर्भ सूची और साइटेशन तैयार करना सरल एवं सटीक बनाया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन जिसुस्मिता कश्यप और रितिका सत्या ने किया। रिपोर्ट का संकलन मास्टर्स फाइनल वर्ष की मृणालजीत द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के शोधार्थियों के साथ-साथ संकाय सदस्य डॉ. अखिलेश कुमार राय, डॉ. अनुराधा बापुली एवं डॉ. सिमरन सेठ की सक्रिय उपस्थिति रही। 
(नीचे जानिए पहले दिन क्या हुआ था।)

शोध कार्य में गंभीरता, अनुशासन और मौलिकता को सदैव प्राथमिकता दें-प्रो. रचना


Varanasi (dil india live). वसंत कन्या महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा ओशन सेल फोरम के सहयोग से 18 सितंबर से 20 सितंबर तक अनुसंधान पद्धति और शोध प्रबंध लेखन पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को शोध प्रक्रिया, शोध प्रबंध संरचना, डेटा विश्लेषण और व्याख्या तकनीकों की समग्र समझ प्रदान करना था। 

पहले दिन कार्यशाला का आगाज़ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव के संबोधन से हुआ। उन्होंने शोध को उच्च शिक्षा का आधार बताते हुए कहा कि यह छात्राओं की आलोचनात्मक सोच और अकादमिक दृष्टि को विकसित करने का महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे शोध कार्य में गंभीरता, अनुशासन और मौलिकता को सदैव प्राथमिकता दें। इसके पश्चात् समाजशास्त्र विभाग की प्रमुख डॉ. कल्पना आनंद ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया। उन्होंने अथितियों का स्वागत किया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य एवं महत्त्व पर प्रकाश डाला। डॉ. अखिलेश कुमार राय, सहायक प्रोफेसर, समाजशास्त्र विभाग ने “अनुसंधान पद्धति” विषय पर थीम प्रेज़ेंटेशन प्रस्तुत किया। 



प्रथम सत्र में डॉ. अंशु शुक्ला, मुख्य अतिथि, एसोसिएट प्रोफेसर, होम साइंस डिपार्टमेंट ने “शोध प्रबंध लेखन की संरचना” पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने शोध प्रबंध के विकास की प्रक्रिया, अध्यायों के संगठन, उचित उद्धरण पद्धतियाँ, शोध प्रश्नों के निर्माण और लेखन में अकादमिक अनुशासन बनाए रखने की रणनीतियों पर विशेष बल दिया। द्वितीय सत्र में डॉ. विजय कुमार, सहायक प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग ने “डेटा विश्लेषण और व्याख्या” विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने सांख्यिकीय उपकरणों के उपयोग, विभिन्न डेटा विश्लेषण तकनीकों और शोध से सार्थक निष्कर्ष निकालने हेतु सही व्याख्या की महत्ता को रेखांकित किया। 


प्रथम सत्र का संचालन दीक्षिता फुकन और रिचा ने किया, और द्वितीय सत्र का संचालन अस्मिता और अर्घ्यरूपा साहू जिन्होंने कार्यक्रम को सुचारु रूप से संचालित किया। कार्यशाला की संपूर्ण रिपोर्ट मास्टर्स फाइनल की ह्रदयांशी द्वारा संकलित की गई। कार्यक्रम में संकाय सदस्यों डॉ सपना भूषण, डॉ. अनुराधा बापुली और डॉ. सिमरन सेठ की उपस्थिति ने भी प्रतिभागियों को प्रेरणा और मार्गदर्शन प्रदान किया।

गुरुवार, 18 सितंबर 2025

Education: VKM Varanasi Main हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ओजोन दिवस

भूगोल विभाग के 'इडिका क्लब' ने ओजोन दिवस पर आयोजित की विभिन्न प्रतियोगिताएं 

Varanasi (dil india live). काशी हिन्दू विश्वविद्यालय सम्बद्ध कमच्छा स्थित वसन्त कन्या महाविद्यालय में भूगोल विभाग के 'इडिका क्लब' द्वारा ओजोन दिवस का अत्यन्त हर्षोल्लास के साथ आयोजन किया गया। इस अवसर  पर विज्ञान और वास्तविकता को प्रदर्शित करते क्विज, डिबेट, आक्शन गेम, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन इत्यादि विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गयीं। 

पर्यावरण के प्रति हों जागरूक- डा. रचना 

प्रारम्भ में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रचना श्रीवास्तव ने ओजोन परत के दिनों दिन होते क्षरण पर चिन्ता व्यक्त करते हुए छात्राओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। संस्कृत विभाग की वरिष्ठ प्राध्यापिका डा. शान्ता चटर्जी ने ओजोन का संस्कृतपरक शब्द 'अरुण' बताया और बच्चों के उत्साह की सराहना करते हुए आगे भी ऐसे कार्यक्रम करने की प्रेरणा दी। उन्होनें अपनी लघु कहानी के माध्यम से पर्यावरण के प्रति सचेत होने की बात की। 



अपने सुख में ओजोन को हानि क्यों-डा. प्रतिभा
 

भूगोल विभाग की शिक्षिका डॉ. प्रतिभा यादव ने अतिथियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं का स्वागत करते हुए विषय प्रस्थापन के क्रम में वायुमण्डल में ओजोन परत की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला कि किस प्रकार मनुष्य अपने सुख के लिए ओजोन परत को हानि पहुँचा रहा है जो कि ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा दे रहा है। नेत्ररोग, चर्मरोग, कैंसर जैसी अनेक गम्भीर बीमारियों का मानव शिकार बनता जा रहा है। कार्यक्रम में शिक्षकों के निर्देशन में छात्राओं की अत्यधिक सहभागिता रही। 

कार्यक्रम में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में डॉ. पूनम पाण्डेय, डॉ. इंदु उपाध्याय, डाॅ. सरोज उपाध्याय, डॉ. आरती चौधरी, डॉ. नैरंजना श्रीवास्तव, डॉ मंजू कुमारी, डॉ. वर्षा सिंह, डॉ. शशिकेश गौड़, डॉ सुप्रिया सिंह, डॉ. पूर्णिमा, डॉ आरती कुमारी, डॉ. प्रियंका पाठक, डॉ. सौमिली मण्डल निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे। प्रतियोगिताओं में क्विज़ में अनु, आक्शन गेम में जाह्नवी, पोस्टर मेकिंग में समीक्षा यादव और स्लोगन में खुशी शर्मा प्रथम स्थान पर रहीं। अन्य सभी छात्राओं ने अच्छा प्रदर्शन किया। स्वयंसेविक के रूप में छात्राओं की कुशल सहभागिता रही। स्किट और एक लघु डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से

'पर्यावरण रक्षणं नूनं भवतु' के संकल्प के साथ कार्यक्रम के अन्तिम चरण में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र के साथ मेडल देकर सम्मानित किया गया। विभाग के शिक्षक डॉक्टर सुशील कुमार यादव ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य सभी विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाओं की गरिमामयी उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया।

मंगलवार, 19 अगस्त 2025

Education: VKM Varanasi Main “Avenues in Clinical Psychology” पर हुआ व्याख्यान

मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और संतुलित जीवन जीने की दी गई सीख

क्लिनिकल साइकोलॉजी मानव विकास और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का माध्यम

Varanasi (dil India live). वसंत कन्या महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग एवं गाइडेंस एंड काउंसलिंग सेल के संयुक्त तत्वावधान में “Avenues in Clinical Psychology” विषय पर व्याख्यान-सह-संवाद सत्र का आयोजन किया गया। आयोजन प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव के प्रेरणादायी शब्दों से हुआ। उन्होंने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और संतुलित जीवन जीने की सीख दी।

मुख्य वक्ता प्रो. राकेश कुमार त्रिपाठी, नैदानिक मनोवैज्ञानिक, जेरियाट्रिक मानसिक स्वास्थ्य विभाग, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ ने क्लिनिकल साइकोलॉजी के विविध आयामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र केवल असुविधाजनक, अक्षम और अनुचित व्यवहार के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव विकास और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का माध्यम भी है। उन्होंने गैर-औषधीय उपचार, मनोचिकित्सा, और सटीक निदान की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही छात्रों को बीए, एमए और एमफिल जैसी शैक्षिक राहों तथा मान्यता प्राप्त संस्थानों के महत्व की जानकारी दी।


सत्र में लगभग 150 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रश्नोत्तर के माध्यम से अपने संदेह दूर किए। कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष डॉ. शुभ्रा सिन्हा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंजू लता सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. रामप्रसाद सोनकर, डॉ. शशि प्रभा कश्यप तथा  डॉ. अंशु शुक्ला आदि व्यवस्था संभाले हुए थी।

मंगलवार, 12 अगस्त 2025

Education: VKM Varanasi Main एंटी रैगिंग जागरूकता सप्ताह की शुरुआत

छात्राओं को एंटी रैगिंग के महत्व व दुष्प्रभावों को लेकर  किया जागरूक

 Varanasi (dil India live). वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी के तत्वाधान में एंटी रैगिंग जागरूकता सप्ताह की शुरुआत की गई । सप्ताह के प्रथम दिन एंटी रैगिंग  के महत्व एवं इसके दुष्प्रभावों के संदर्भ में छात्राओं को जागरूक करने के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव के उद्बोधन से हुआ। प्राचार्या रचना श्रीवास्तव ने  इस बात पर बल दिया कि रैगिंग एक संज्ञेय अपराध है और सभी विद्यार्थियों को इसका बोध होना चाहिए।महाविद्यालय के शैक्षणिक पर्यावरण को समरस बनाए रखने पर भी उन्होंने जोर दिया और कहा कि किसी भी प्रकार कि रैगिंग मानवता के खिलाफ ही होती है । 

कार्यक्रम का संचालन डॉ आर पी सोनकर ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनीता दीक्षित ने किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ सुमन सिंह, डॉ शशिकला,  डॉ नैरंजना श्रीवास्तव, डॉ आशीष सोनकर,  डॉ मंजू कुमारी,  डॉ अखिलेश कुमार राय, डॉ अंशु शुक्ला,  डॉ सरोज , डॉ अनु, डॉ पूर्णिया, डॉ आरती आदि उपस्थित थी।

गुरुवार, 7 अगस्त 2025

Education: VKM Varanasi Main स्नातक एवं स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के Students के लिए करियर सेमिनार

रिटेल एवं इन्वेस्टमेंट बैंकिंग से जुड़ी जानकारियां की गई साझा

Varanasi (dil India live). IMARTICUS Learning एवं मार्गदर्शन व परामर्श प्रकोष्ठ एवं प्रशिक्षण एवं नियुक्ति प्रकोष्ठ , वसंत कन्या महाविद्यालय कामछा के संयुक्त तत्वावधान में स्नातक (UG) एवं स्नातकोत्तर (PG) अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष करियर सेमिनार का आयोजन किया गया।

इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को बैंकिंग सेक्टर के विभिन्न अवसरों और आवश्यक कौशल (Skills) से अवगत कराना था। कार्यक्रम में सत्य प्रकाश सिंह ने रिटेल बैंकिंग एवं इन्वेस्टमेंट बैंकिंग से जुड़ी गहन जानकारी साझा की गई।


उन्होंने रिटेल बैंकिंग में कस्टमर सर्विस, अकाउंट मैनेजमेंट, लोन प्रोसेसिंग, डिजिटल बैंकिंग ऑपरेशंस और फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की समझ के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग से जुड़े फाइनेंशियल एनालिसिस, मार्केट रिसर्च, मर्जर एवं एक्विज़िशन, कैपिटल मार्केट्स तथा रिस्क मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की।

इस अवसर पर छात्राओं ने विभिन्न प्रश्न पूछे और उद्योग के वास्तविक परिदृश्य से जुड़ी जानकारियों का लाभ उठाया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बैंकिंग सेक्टर में रोजगार के अवसरों के प्रति प्रेरित करना और उन्हें उद्योग की मांग के अनुरूप कौशल विकसित करने हेतु मार्गदर्शन देना था।


कार्यक्रम आयोजक डॉ कल्पना आनंद ने स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यवाहक प्राचार्या डॉ शांता चैटर्जी ने छात्राओं को अपने करियर निर्माण के लिए ऐसे अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में दोनों प्रकोष्ठ के सदस्यों के साथ अन्य अध्यापकगण और अमरजीत की भी सक्रिय भागीदारी रही ।

शनिवार, 2 अगस्त 2025

UP: VKM Varanasi Main दिव्यांगों द्वारा बनाई राखियों की लगी दो दिवसीय प्रदर्शनी

रंग-बिरंगी राखियों को खरीदने में टीचर्स तथा छात्राओं ने दिखाया उत्साह

दिव्यांग बच्चों के प्रयासों को सभी ने भरपूर सराहा


Varanasi (dil India live). शिक्षा का पहला उदेश्य समाज का समन्वित विकास है। इसी अवधारणा को साकार करते हुए वसंत कन्या महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग ने देवा इण्टरनेशलन सोसायटी फाॅर चाइल्ड केयर के साथ मिलकर दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाई गई राखियों की दो दिवसीय प्रदर्शनी और स्टाॅल का आयोजन किया। इस दौरान टीचर्स तथा छात्राओं ने उत्साह से इन रंग-बिरंगी राखियों को खरीदा तथा दिव्यांग बच्चों के प्रयास को भरपूर सराहा।

स्टाॅल का उदघाटन 1 अगस्त को महाविद्यालय के प्रांगण में कार्यकारी प्राचार्या डाॅ शान्ता चटर्ची के कर-कमलों द्वारा हुआ था। इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिकाएँ तथा मनोविज्ञान विभाग की ओर से डाॅ. शुभ्रा सिन्हा, डाॅ. अन्जूलता सिंह, डाॅ. राम प्रसाद सोनकर तथा डाॅ. शशिप्रभा कश्यप उपस्थित थी। देवा सेण्टर की ओर से डाॅ. अनुपता श्रीवास्तव ने सक्रिय भागीदारी की। प्रदर्शनी 2 अगस्त को भी यथावत् उपलब्ध रही तथा अपने उद्वेश्य को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।