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सोमवार, 28 जुलाई 2025

Kahanikar Munshi Premchand की 145 जयंती पर हुई कहानी चित्रण, चित्रकला प्रतियोगिता

छात्र कलाकारों ने प्रेमचंद की कहानियों पर बनाई कृतियां  

उत्कृष्ट कलाकृतियां हुई पुरस्कृत 

Varanasi (dil India live). महापंडित राहुल सांकृत्यायन अध्ययन केंद्र संस्था वाराणसी द्वारा प्रेमचंद की 145 जयंती पर कहानी चित्रण, चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन नवरचना कान्वेंट स्कूल प्रांगण में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता के बाद छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि डॉ मुक्ता, कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो सुरेन्द्र प्रताप तथा विशिष्ट अतिथि डॉ श्रद्धानंद तथा डॉ राम सुधार सिंह ने मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर दीप प्रज्वलित किया तथा चित्र पर माल्यार्पण कर पुरस्कार वितरण समारोह आरंभ किया। संस्थापिका सचिव डा. संगीता ने अतिथियों का अंगवस्त्र से स्वागत किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. सुरेन्द्र प्रताप ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य राष्ट्रीयता की भावना से परिपूर्ण होने के साथ परतंत्र भारत की सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक और आर्थिक समस्याओं को उद्घाटित करता है।

मुख्य अतिथि डॉ मुक्ता ने कहा कि दलित और स्त्री हाशिये के समाज को प्रेमचंद की लेखनी केंद्र में लेकर आई।' बूढ़ी काकी' कहानी में एक वृद्ध स्त्री के माध्यम से मानवीय मूल्यों के ह्रास को प्रेमचंद ने इंगित किया है। रंगभूमि उपन्यास औपनिवेशिक भारत में ब्रिटिश शासन काल में औद्योगिकीकरण से गरीबों के लिये उपजी त्रासदी को दर्शाता है। यह समस्याएं किसी न किसी रूप में आज भी बनी हुई हैं। प्रेमचंद का साहित्य आज भी प्रासंगिक है।

विशिष्ट अतिथि पद से डॉ श्रद्धानंद ने प्रेमचंद का जीवन परिचय देते हुए, उनकी कहानियों की विशेषताओं से अवगत कराया।विशिष्ट अतिथि डॉ राम सुधार सिंह ने कहा कि प्रेमचंद ने अपनी कहानियों के माध्यम से उस समय की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति को बताया है। चित्रकार डॉ महेश सिंह ने छात्र छात्राओं को चित्रकला की बारिकियों के विषय में बताया।इस प्रतियोगिता में कक्षा चार से लेकर फाइन आर्टस तक के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता संपन्न होने के पश्चात त्वरित निर्णय लेकर चारों समूह में प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा सांत्वना पुरस्कार निर्णायक मंडल द्वारा समारोह में वितरित किया गया। 

निर्णायक मंडल में ख्यातिलब्ध चित्रकार व विद्यापीठ की पूर्व संकाय अध्यक्ष डा. मंजुला चतुर्वेदी, प्रो. के सुरेश कुमार, प्रो महेश सिंह थे। कार्यक्रम का संचालन अरुणिमा श्रीवास्तव तथा संयोजन बी एल प्रजापति ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन संस्थापिका सचिव डॉ संगीता श्रीवास्तव ने किया।


पुरस्कृत छात्र छात्राएं 

विशेष पुरस्कार- समृद्धि श्रीवास्तव कक्षा 2, 

प्रथम वर्ग कक्षा 4-6, कहानी - बूढ़ी काकी 

प्रथम - वृद्धिका केसरी संत अतुलानंद कन्वेंट स्कूल, द्वितीय  सिद्धार्थ सोनकर नव रचना कान्वेंट स्कूल, तृतीय सोनाक्षी सिंह सनबीम वरूणा रहीं। इस दौरान सांत्वना पुरस्कार आर्यन गुप्ता नवरचना कान्वेंट स्कूल को दिया गया।

द्वितीय वर्ग कक्षा 7-9 कहानी - पूस की रात 

प्रथम  मोनिका विश्वकर्मा अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज, द्वितीय  वीरेंद्र कुमार शर्मा राजकीय क्वींस कॉलेज,तृतीय अन्नया चंद्र सीएचएस गर्ल्स स्कूल व सांत्वना पुरस्कार कृष्ण अग्रवाल सीएचएस बॉयज स्कूल को दिया गया।

तृतीय वर्ग कक्षा 10-12 कहानी-बड़े भाई साहब 

प्रथम लावण्या पांडेय सनबीम वरुणा, द्वितीय पलक प्रजापति आर्य महिला इंटर कॉलेज, तृतीय वर्तिका सिंह सनबीम वरूणा व सांत्वना पुरस्कार कृतिका सिंह सीएचएस गर्ल्स स्कूल को दिया गया।

चतुर्थ वर्ग- फाइन आर्ट्स, कहानी -रंगभूमि उपन्यास 

प्रथम अनुराधा भारद्वाज महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, द्वितीय रितिक गुप्ता काशी हिंदू विश्वविद्यालय।

इस अवसर पर नवरचना की निदेशिका डॉ पानमती सिंह, प्रधानाचार्या पल्लवी सिंह, प्रणीता मिश्रा, डॉ सोनी स्वरूप, स्मिता तिवारी, तृप्ति सिंह, मनीष सिंह, शिल्पा श्रीवास्तव, ममता त्रिपाठी, शिखा श्रीवास्तव आदि अध्यापिका तथा अभिभावक जन उपस्थित रहे।