बनी-ठनी 3.0 मेला 19 जुलाई को, दिखेगा देशभर का हुनर
दिल्ली की बांस से बनी कलाकृति, लखनऊ की चिकनकारी, प्रयागराज के चांदी के आभूषण, सूरत की ज्वेलरी, आगरा की नक्काशी, कोलकाता की राखियां, डिजाइनर ड्रेसेज, फ़ूड स्टाल, गिफ्ट आइटम के साथ बनारसी चाट का भी मेहमान उठा सकेंगे लुफ्त
Varanasi (dil India live). मारवाड़ी युवा मंच वरुणा शाखा वाराणसी द्वारा 19 जुलाई, को भेलुपुर स्थित डायमंड होटल में एक शानदार बनी-ठनी 3.0 नाम से मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में महिलाओं द्वारा आकर्षक वस्तुओं की प्रदर्शनी लगायी जाएंगी। दरअसल काशी में रथयात्रा मेले से त्योहार की शुरुआत मानी गई है इसके बाद लगातार पर्व व त्योहार का उत्सव मनाया जाता है। इन्हीं आगामी त्यौहारों व उत्सवों को देखते हुए इस बार 70 से ज़्यादा स्टाल्स बनी बनी मेले में लगायें जायेगे। इसमें दिल्ली की बांस से बनी वस्तुएं, लखनऊ की चिकनकारी, प्रयागराज की चांदी के आभूषण, सूरत की ज्वेलरी, आगरा की नक्काशी, कोलकाता की राखियां, डिजाइनर ड्रेसेज, फ़ूड स्टाल, गिफ्ट आइटम के साथ बनारसी चाट का भी मेहमान लुफ्त उठा सकेंगे।
उक्त जानकारी संस्था की अध्यक्ष निधि जसरापुरिया ने लक्सा स्थित एक भवन में पत्रकारों को दी। पत्रकारों से मुखातिब निधि ने कहा कि मारवाड़ी युवा मंच वरुणा शाखा महिला उद्यमियों को उनकी कला का प्रदर्शन करने व उन्हें एक मंच प्रदान करने का बीड़ा उठाया है, खासकर घर से बुटीक चलाने वाली महिलाओं के लिए यह अच्छा अवसर है। अपने उत्पादों को एक बड़े स्वरूप में दिखा सकती है। संस्था की मंत्री पूजा डेरोलिया, कोषाध्यक्ष नीतू तुलस्यान ने कहा कि संस्था समाज की कमजोर वर्ग के लिए सेवा कार्य करती है।
बनी-ठनी 3.0 मेले की संयोजक पूनम केजरीवाल, रीता अग्रवाल, किरण रतेरिया, प्रीति केजरीवाल, निधि जसरापुरिया ने कहा कि बनी-ठनी मेले की मुख्य अतिथि मशहूर सोशल वर्कर, सनबीम समूह की अगुवा भारती मधोक एवं आशा गोयल होगी। पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से अनीता गिनोडिया, शशि बुबना, चीनू जैन, अर्चना सिंधी, सीमा अग्रवाल, पूनम केजरीवाल, आशा जालान, पूनम डेरोलिया, प्रीति केजरीवाल, रेनू, रश्मि बाजोरिया, रीता अग्रवाल, अंजना शर्मा, पूजा डेरोलिया, रितु तुलस्यान आदि लोग मौजूद थी।
Varanasi (dil India live). हज बैतुल्लाह से सरफराज होकर हाजियों के अपने मुल्क वापसी पर इसरा (ISSRA) वाराणसी यूपी द्वारा खजुरी स्थित "ड्रीम पैलेस मैरेज लॉन" में हाजियों के खैरमकदम एवं अभिनंदन समारोह' का आयोजन मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी की सदारत व मौलाना हसीन अहमद हबीबी की निजामत में आयोजित किया गया। जिसमें हाजियों व हज्जिनों को अरबी रूमाल पहनाने के बाद माल्यार्पण कर उनका खैरमकदम किया गया।
इंडोनेशिया के बाद सबसे ज्यादा हाजी भारत से
इस दौरान इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने बताया कि वर्ष 2025 में सम्पूर्ण भारत से जाने वाले हज जायरीन की संख्या पूरे विश्व में दूसरे नम्बर पर थी। जिसमें प्रथम स्थान पर इण्डोनेशिया के हज यात्री थे। भारत के सबसे बड़े प्रान्त उत्तर प्रदेश से हज यात्री दूसरे प्रान्तों की अपेक्षा सबसे अधिक थे। इसरा (ISSRA) के द्वारा लगाये गये हज ट्रेनिंग कैम्प में हज जायरीन को हज से मुत्तालिक पूरी जानकारी दी गई। जिससे हज जायरीनों को हज के अरकानों को मुकम्मल करने में आसानी हुई।
नबी के रौज़े पर जारी हो गया आंसू
हज बैतुल्लाह से सरफराज होकर तथा हुजूर सल्लाहो अलैहे वसल्लम के रौज-ए-अकदस की जियारत से सकुशल वापस आने पर वाराणसी से हाजी रियाज अहमद, बदरूद्दीन, शमशेर अली, मो. आलम का कहना था कि हम सब लोग खुशकिस्मत थे कि हमारी रवानगी मदीना मुनव्वरा के लिए हुई। हमने यह दिल में सोचा था कि जब रौज-ए-अकदस (स.) आंखों के सामने होगा तो अपने दिल का हाल बयान करूंगा व दिल से तमाम दुआएँ मागूंगा लेकिन जब रौज-ए-अकदस (स.) गुम्बदे खजरा व रौज-ए-अकदस निगाहों के सामने आया तो आंखों से सिर्फ आसूं ही जारी हो गये और हम सब सिर्फ हाथ उठाकर रोते रहे न तो दिल की बातें याद रही और न ही दुआएं याद रही।
गाजीपुर से आये हाजी नफीस अंसारी 'बिस्मिल्लाह का कहना था कि इसरा (ISSRA) द्वारा हज टेनिंग कैम्प में मिली जानकारी और संस्था द्वारा बांटे गये पर्चे से हम लोगों को हज के अरकानों को पूरा करने में काफी सुविधा हुई और अरकानों और दुआओं को बार-चार रटना नहीं पड़ा।
बलिया से आये हाजी मुन्नवर हुसैन का कहना था कि वाकई काबा शरीफ तथा मस्जिद नबवी (स.) में अल्लाह तआला की रहमत बरसती है और चौबीसों घण्टे नूर की बारिश होती रहती है और अल्लाह तआला गैब से अपने मेहमानों की मदद फरमाता है। ऐसे ही रामनगर से आये हाजी अनवारूल, हाजी अली बख्श, हाजी अफजाल व अनीस अहमद का कहना था कि अल्लाह तआला अपने हाजियो को पूरी दुनियां से हज बैतुल्लाह से सरफराज करने के लिए बुलाता है और अपने मेहमानों के लिए इस पाक सरजमीं पर फरिश्तों को भेजकर उनकी मदद मेहमाननवाजी फरमाता है, और उसकी रहमों करन से हाजी हज के मुश्किल अरकानों को पूरा कर पाता है। वाकई एक ही दिन में उमराह और कई-कई तवाफ करने के बाद जम-जम पीकर अल्लाहतआला की बारगाह में जब सेहत की दुआ की जाती है तो सारी थकान दूर हो जाती है। अल्लाह तआला फिर से ऐसी कूबत अता करता है कि बार-बार तवाफ और उमराह किया जाता था।
ऐसे ही चन्दौली से आये मसीउद्दीन खॉ, हाजी नियामत उल्ला ने बताया कि इबादत में 40 दिन बीत गये पता ही नहीं चला और अभी खुदा की इबादत से अभी दिल भरा ही नहीं था कि वापस जाने की बारी आ गई और तवाफे विदा करने की बारी आई तो ऐसा लगा कि रूह जिस्म से निकल जायेगी। 6. सोनभद्र से आये मो० आरिफ खों मदीना में हुजूर स० के रौजए अकदस के सामने अदब के साथ खड़े होकर जब हमने रो-रो कर अपने और सभी हाजियों के हज के अरकानों या बखैरियत पूरा होने और हज के मुश्किल अरकानों को आसानी से पूरा होने के लिए दुआ की तो अल्लाह ने हम सभी को हज बैतुल्लाह से सरफराज किया और हम लोग अल्लाहतआला करम से अपने अपने मुल्कों में बखैरियत पहुँच गये। प्रोग्राम के अंत में सभी ओलमा व हाजी साहबानों ने मिलकर यह दुआ कि जो लोग इस साल 2025 हज में किन्हीं वजहों से हज पर नहीं जा पाये हैं या जिनकी तमन्ना 2026 में हज पर जाने की है उन्हें अल्लाह अपने रहम व करम से इस साल हज 2026 में सरफराज फरमाये।
इनकी रही खास मौजूदगी
औरतों में लेडीज हज ट्रेनर सबीहा खातून, समन खां, निकहत फातमा, अनम फातमा सहित हज्जिन बहीदुन, चांद, अफसाना, खूश्बू बानो, दरख्शा, खालिदा बेगम, कमरुन्निसा, खैरून्निशा, जरीना बेगम, सुबस्ता खान, सफिया बेगम, नफीसा बेगम, सुल्ताना बीबी, जरीना बीबी आदि मौजूद थी। इस मौके पर उलेमा में मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी, मौलाना निजामुद्दीन चतुर्वेदी, हाफिज गुलाम रसूल, मौलाना मुबारक ने जलसे को खेताब किया। हाफिज हबीबुर्रहमान, कारी शहाबुद्दीन, हाजी सैय्यद असफर अली बनारसी, डाक्टर हम्ज़ा तथा इसरा (ISSRA) के पदाधिकारी एवं सदस्यगण मौजूद थे।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा 17 से 19 तक बिल रिवीजन मेगा कैम्प
मेगा कैम्प में नये संयोजन, भार वृद्धि, खराब मीटर, बिल संशोधन, विधा परिवर्तन, बिल जमा इत्यादि की शिकायतों का होगा निस्तारण
शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रातः 10:00 से 05:00 तक लगेगा मेगा कैम्प
Sarfaraz Ahmad
Varanasi (dil India live)। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड समस्त उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल उपलब्ध कराने के लिए सहयोगी विद्युत वितरण निगमों में उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए 17, 18 एवं 19 जुलाई को 2025 को प्रातः 10:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक नये संयोजन, भार वृद्धि, खराब मीटर, बिल संशोधन, विधा परिवर्तन, बिल जमा करने एवं अन्य सम्बन्धित कार्यों की शिकायतों का निस्तारण करने के लिए प्रत्येक खण्ड स्तर पर मेगा कैम्पों का आयोजन करने जा रहा है।
मेगा कैम्प में प्रत्येक शिकायत का पंजीकरण 1912 हेल्पडेस्क पर सुनिश्चित किया जायेगा एवं शिकायतकर्ता / आवेदनकर्ता का सही विवरण अंकित किया जायेगा। उपभोक्ता मेगा कैम्प पर पहुचकर अपनी शिकायत / विवरण 1912 हेल्पडेस्क पर सीधे अंकित करा सकेगा एवं मौके पर ही 1912 की शिकायत की रसीद उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जायेगी।
प्राप्त शिकायतों के सापेक्ष बिल रिवीजन एंव अन्य पर कार्यवाही प्रत्यके अवस्था में एक सप्ताह के अन्दर पूर्ण करना सुनिश्चित किया जायेगा । प्रत्येक शिकायत को संज्ञान में लेकर यदि आवश्यक हो तो मौके पर जाकर मीटर सही, परन्तु गलत रीडिंग अथवा मीटर खराब इत्यादि की स्पष्ट आख्या निर्धारित प्रारूप में प्राप्त की जायेगी एवं आख्या के आधार पर बिल रिवीजन एवं अन्य शिकायतों का निस्तारण किया जायेगा। बिल रिवीजन के उपरान्त एक बिल रिवीजन मेमो ( BRIM) RMS से स्वतः जनरेट होगा, जिसे प्रत्येक उपभोक्ता अपने Online account में देख सकेगा।
विद्युत बिल सुधार एवं अन्य शिकायतों का निस्तारण एवं उपभोक्ताओं के हितों का विशेष ध्यान रखने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन एवं सहयोगी डिस्कॉम स्तर के अधिकारियों को जनपद/खण्ड आवंटित किये जायेंगे। इन अधिकारियों से प्रत्येक दिवस कैम्प से संबंधित आख्या प्राप्त की जायेगी तथा यदि कैम्प की कोई कमियां / त्रुटि दृष्टिगोचर होती है उसका निस्तारण करना सुनिश्चित किया जायेगा।
अधिशासी अभियन्ता (वितरण), उपखण्ड अधिकारी एवं सहायक अभियन्ता मीटर अपने अधीनस्थों सहित कैम्प में उपस्थित रहेंगे तथा उपभोक्ताओं को कोई असुविधा न हो इसके लिए कैम्प द्वारा उपभोक्ताओं के बैठन व पानी पीने की समुचित व्यवस्था करेगा। यह अभियान उपभोक्ताओं के विश्वास को सुदृढ़ करने एवं पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी समस्याओं का समाधान करायें।
Varanasi (dil india live). मुकद्दस हज का सफर पूरा कर करके काबा से काशी लौटे हाजियों का जोरदार खैरमकदम इतवार को किया जाएगा। कार्यक्रम की अगुवाई इसरा वाराणसी के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खान करेंगे। इस बार यह आयोजन खजूरी सिथत एक लान में होने जा रहा है। इस दौरान इसरा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्षता मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी करेंगे। डाक्टर हाजी फारुख खां ने बताया कि काबा से हज कर करके लौटे 16 जिलों के हाजी साहेबान का अरबी रुमाल पहना कर खैरमकदम किया जाएगा। आयोजन का संचालन मौलाना हसीन अहमद हबीबी करेंगे। अहमद आज़मी, अजफर बनारसी जलालुद्दीन आदि नातों का गुलदस्ता पेश करेंगे। मौलाना अब्दुल हादी खां, मौलाना डा. निजामुद्दीन, हसीन अहमद हबीबी, मौलाना शफीक अहमद आदि की तकदीर होगी।
इंडियन सोसाइटी फार सोशल रीवोल्यूशन एंड एक्शन (इसरा) की ओर से आयोजित होने वाले कार्यक्रम में लोगों का स्वागत शाहरुख खान करेंगे।
कर्बला में शहीद हुए 72 वीरों का कराया जाएगा तार्रुफ
शहर में खमसा की जारी हैं मजलिसे
Sarfaraz Ahmad
Varanasi (dil India live). १४ मोहर्रम गुरुवार (जुमेरात) को शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर ने प्रेस को बताया कि इस वर्ष बहत्तर ताबूत १३ जुलाई रविवार को सदर इमामबाड़ा लाट सरैया में दो बजे दिन में निकाला जाएगा। अंजुमन आबिदिया के जेरे इंतजाम तथा शहर की समस्त अंजुमन के सहयोग से ११ वे साल भी बहत्तर ताबूत निकाला जा रहा है। इस अवसर पर मजलिस को मौलाना गुलज़ार हुसैन जाफरी अजमेर खिताब करेंगे। जीशान आजमी साहब ताबूत का तार्रुफ (परिचय) कराएंगे। इस मौके पर डाक्टर शफीक हैदर के संचालन में शायर सलीम बलरामपुरी, फ़क़री मेरठी, बाकर बलियावी, कौसैन सुल्तानपुरी और रजब अली बनारसी कलम पेश करेंगे। आयोजन में आबिद अब्बास पवित्र कुरान की तिलावत करेंगे। नौहाख्वानी अंजुमन अजादारे हुसैनी दोषीपुरा करेगी।
खमसा की मजलिसों में कर्बला शहादत हुई बयां
मोहर्रम के दूसरे जुमेरात को शहर भर में मजलिसों का दौर जारी रहा। दरगाहे फातमान में मौलाना ज़मीरुल हसन रिज़वी तथा हाजी फरमान हैदर ने मजलिस को खिताब किया। भीखा शाह गली हड़हासराय में मौलाना तौसीफ अली ने मजलिस को खिताब किया। काली महल में हाजी बाबू के आज़खाने पर मौलाना ज़मीरुल हसन ने मजलिस को खिताब करते हुए कर्बला के मसायब बयां किए। कच्ची सराय में मौलाना बाकर रज़ा बलियावी ने मजलिस को खिताब किया। अर्दली बाजार, चौहट्टा लाल खान, रामनगर , दालमंडी , दोषीपुरा आदि क्षेत्रों में भी इमाम हुसैन के दसवें के सिलसिले से मजलिसों का आयोजन समाचार लिखे जाने तक जारी रहा।
प्राचीन कबीर प्रकट स्थल में मना गुरु पूर्णिमा महापर्व
Varanasi (dil India live). उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गुरु पूर्णिमा पर्व धूमधाम व आस्था के साथ मनाया गया। इस दौरान मंदिरों, मठों व विद्या मंदिरों आदि में लोगों ने पहुंच कर गुरुजनों की पूजा की, उनका माल्यार्पण किया।
प्राचीन संत कबीर प्राकट्य जन्म स्थली लहरतारा में धूमधाम से गुरु पूर्णिमा मनाया गया। इस अवसर पर कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने महंत गोविंद दास शास्त्री को अंगवस्त्रम व पुष्प अर्पित कर गुरु पूजा किया। गुरु पूर्णिमा पर्व पर शहर के कई अन्य गणमान्य लोग कबीर प्रकट स्थल पहुंचे और गुरु पर्व मनाया जिसमें लहरतारा के पार्षद संजू सरोज, कैंट मंडल के अध्यक्ष पूर्व मंडल अध्यक्ष पूर्व प्रधान, मंडल मंत्री वेद प्रकाश मिश्रा। इस गुरु पूर्णिमा के अवसर पर राजस्थान, दिल्ली एवं अन्य कई प्रदेश के भक्तगढ़ पधारे उत्तर प्रदेश के आसपास के कई जिलों से गुरु पूजा करने के लिए आश्रम पर पधारे थे।
शाम को भजन संध्या का आयोजन कबीर अकादमी मगहर संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश की संयुक्त तत्वाधान में आयोजित हुआ।इसमें निर्गुण गायक अमित शंकर त्रिवेदी द्वारा कबीर भजनों की प्रस्तुति की गयी । महंत गोविंद दास शास्त्री ने गुरु के महत्व को बताते हुए कहा कि, सब धरती कागज करूं, लेखन सब बन राय। सात समुंदर मसीह करूं, गुरु गुण लिखा न जाए ।।
हमारे जीवन में गुरु की कृपा इतना अधिक महत्व है कि उसको हम पूरे समुद्र के पानी को स्याही बनकर लिखें तो भी गुरु के महत्व को नहीं लिख सकते हैं। इस दौरान पौधारोपण भी किया गया।
कर्बला के शहीदों का मना तीजा, इमामबाड़ों में हुई फूल की फातेहा
खिचड़ों की हुई फातेहा, जगह जगह चला लंगर
सरफराज अहमद
Varanasi (dil India live)। इमाम हसन, इमाम हुसैन समेत शहीदाने कर्बला का तीजा 12 मोहर्रम को पूरी अकीदत के साथ मनाया गया। इस दौरान जहां अजाखानों व इमामबारगाहों में 12 वीं मुहर्रम पर फूल की मजलिसे हुई वहीं घरों में फातेहा और नज़र दिलाकर लोगो में तबर्रुक तक्सीम किया गया। इस दौरान चना, इलायची दाना, पान, डली और तेल पर फातिहा कराकर अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन व शहीदाने कर्बला को नजराना-ए-अकीदत पेश किया। वहीं विभिन्न संगठनों व संस्थाओं द्वारा खिचडे़ की फातेहा कराकर तबर्रुक का लंगर चलाया गया। दोपहर बाद अलग-अलग इलाकों से अलम व अखाड़ों के जुलूस निकले।
जुलूस के दौरान फन-ए-सिपहगरी का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया गया। बुजुर्गो व बच्चों ने भी बनेठी, लाठी आदि से अपने जौहर दिखाए। भोजूबीर, अर्दली बाजार, नदेसर, जैतपुरा, छित्तनपुरा, चौहट्टा लाल खां, कोयला बाजार, बजरडीहा, नई सड़क, लल्लापुरा, पितरकुंडा, पीली कोठी, सदर बाजार, शिवाला, गौरीगंज, बजरडीहा, नयी सड़क, दालमंडी आदि क्षेत्रों से निकले अलम सद्दे के जुलूस दरगाह फातमान पहुंचे। जुलूस में युवा 10 फीट से लेकर 50 फीट तक के अलम लेकर चल रहे थे, जिन्हें गुब्बारे, फूल-माला, मोती व बिजली के झालरों से आकर्षक रूप में सजाया गया था। नई सड़क चौराहे से दरगाह फातमान तक तिल रखने भर की भी जगह नहीं थी। मुख्य मार्ग के दोनों ओर के मकानों की छतों व बरामदों पर महिलाओं व बच्चों की भीड़ रही।
उधर, गौरीगंज से ऐतिहासिक नन्हे खां के इमामबाड़े से दोपहर में अलम का जुलूस निकला। इस जुलूस में शिवाला का अलम का जुलूस भी शामिल हो गया। जुलूस में सैकड़ों लोग कलाम पेश करते हुए चल रहे थे। जुलूस शिवाला घाट पहुंच कर ठंडा हुआ।
तीजा के जुलूस में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन के साथ ही साथ स्वयं सेवी संस्थाओं के वालंटियर्स जुलूस में मुस्तैद रहे। नई सड़क से लेकर फातमान तक जुलूस में शामिल लोगों की सहायता के लिए कैम्प लगा हुआ था। इस मौके पर शबील ए मौला हुसैन शब्बू वेल्डिंग वर्कर्स की और से जुलूस में आये सभी लोगो तबर्रुक तकसीम किया गया। मेले आये सभी लोगो का मकसूद खान, अमन खान, सानू खान, फैज खान, सैफ कुरैशी ( बीपी ) सलीम, माइकल, अयान, दानिश ने दिली इस्तक़बाल किया। वहीं जिया क्लब की ओर से शकील अहमद जादूगर के संयोजन में पितरकुंडा चौराहे के पास चिकित्सा शिविर लगाया गया था। ऐसे ही अंजुमन इस्लामिया की ओर से नई सड़क चौराहे पर हाजी मुहम्मद शाहिद अली खां मुन्ना के संयोजन में सहायता व चिकित्सा शिविर लगाया गया।
शिया घरों में फूल की मजलिस सुबह ही शुरू हो गई। लोगों ने फातेहा कराकर तबर्रुक तक्सीम किया। घरों व इमाम बारगाहों में मजलिस आयोजित हुई। इस दौरान मुकीमगंज, अर्दली बाजार, शिवाला, गौरीगंज, चौहट्टा लाल खां, काली महल, चहमामा, दालमंडी, मदनपुरा, पितरकुंडा आदि क्षेत्रों में शिया हजरात के घरों से देर रात तक नौहाख्वानी व मातम की सदाएं गूंजती रही।
इमाम हुसैन समेत कर्बला के शहीदों व असीरो की याद में मस्जिदों में हुआ शहादतनामा, मोमीनीन ने रखा रोज़ा
मरकजी सीरत कमेटी के जलसे को खेताब करते आलिम
सरफराज अहमद/मोहम्मद रिजवान
Varanasi (dil India live)। इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों की शहादत के गम में शहर कि बल खाती गलियों-मुहल्लों से लेकर सूदूर ग्रामीण इलाकों से तकरीबन 1000 से अधिक ताजियों का जुलूस इतवार को निकला। बोल मोहम्मदी या हुसैन...की सदाओं संग कर्बला में ताजिया का जुलूस पहुंचा। जहां ताज़िए के फूल दफन किए गए, तो दूसरी ओर शहर भर की शिया अंजुमनों ने जंजीर और कमा का मातम किया, जिसे देखकर तमाम लोग कांप उठे। इस दौरान सुन्नी मस्जिदों में कर्बला के शहीदों की याद में शहादतनामा पेश किया गया, और मोमीनीन ने नफल रोज़ा रखा। शाम में अज़ान की सदाओं पर मोमिनीन ने रोज़ा खोला। इस दौरान जहां घरों में कुरानख्वानी और फातिहा हुई वहीं इमामबाड़ों, अजाखानों से नौहाख्वानी और मजलिसों की सदाएं गूंजी।
इससे पहले शहर और ग्रामीण इलाकों से सुबह 11 बजे के बाद से ही नौवीं मुहर्रम पर इमाम चौक पर बैठाए गए ताजियों का जुलूस उठाया जाना शुरू हो गया जो अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ कर्बला पहुंचा। लल्लापुरा, मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, दालमंडी, नई सड़क, रामापुरा, बजरडीहा आदि इलाकों के ताजिये दरगाहे फातमान ले जाकर ठंडे किए गए। उधर बड़ी बाजार, दोषीपुरा, कज्जाकपुरा, जलालीपुरा, कोयला बाजार, पीलीकोठी, पुरानापुल आदि इलाकों के ताजिये सदर इमामबाड़ा लाट सरैया व तेलियानाला घाट में ले जाकर ठंडे किए गए। कुछ ताजिये शिवाला घाट और भवनिया कब्रिस्तान में दफन हुए।शिवपुर, बीएचयू, लंका आदि इलाकों से भी ताजिये कर्बला पहुंचकर ठंडे हुए। दरगाहे फातमान मार्ग पर खासी भीड़ देर रात तक उमड़ी रही। ताजिये के साथ ढोल, ताशा बजाते और युवा लाठी, डंडे आदि के जरिये फन-ए-सिपाहगिरी का करतब दिखाते हुए चल रहे थे।
शामे गरीबां की मजलिस
शाम में जुलूस के बाद देर शिया समुदाय की ओर से शाम-ए-गरीबां की मजलिसें हुई। दरगाहे फातमान, दालमंडी, पितरकुंडा, काली महाल, गौरीगंज व शिवाला में मजलिस को उलेमा ने खेताब करते हुए शहीदान-ए-कर्बला का जिक्र किया। उधर नई सड़क स्थित खूजर वाली मस्जिद, रेवड़ी तालाब में मस्जिद नगीना, मस्जिद सुल्तानिया, पठानी टोला में मस्जिद जाहिद शहीद, मस्जिद कंकडीयाबीर कमच्छा, मस्जिद नूरी, गौरीगंज स्थित मस्जिद हबीबिया, मस्जिद नयी बस्ती में जिक्र शोहदा-ए-कर्बला कार्यक्रम हुआ जिसमें उलेमा ने कर्बला के वाक़यात पर रौशनी डाली। इम्तियाज अहमद ने बताया कि यहां तकरीबन चार दशक से यह आयोजन होता आ रहा है। जलसों के बाद मस्जिदों में खिचडे़ का लंगर भी चलाया गया।
नफिल रोजा रखकर पेश की अकीदत-
सुन्नी समुदाय ने इमाम हुसैन की शहादत की याद में घरों में फातिहा और दुआख्वानी की। नफिल रोजा रखकर अकीदत पेश की। मगरिब की नमाज के बाद रोजा खोला गया।
जुलूस में जंजीर का मातम
शिया समुदाय ने मजलिस, मातम व जुलूस निकाल कर कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश किया। जगह-जगह से अंजुमनों ने अलम, ताबूत दुलदुल का जुलूस उठाया। अजादारों ने कमा, जंजीर से मातम किया। जोहर की नमाज के बाद शहर की सभी अंजुमनों के जुलूस उठने लगे। अंजुमन हैदरी नई सड़क, अंजुमन जौव्वादिया कच्चीसराय, अंजुमन मातमी जौव्वादिया पितरकुडा, अंजुमन गुलजारे अब्बासिया व अंजुमन कासिमिया अब्बासिया ने गौरीगंज व शिवाला से अलम, दुलदुल का जुलूस उठाया। इस दौरान बड़े संग बच्चे भी सीनाजनी, खंजर, कमा से मातम कर रहे थे। खूनी मातम देख जियारतमंदों की आंखें नम हो गईं।
उधर, अर्दली बाजार इमामबाड़े से अंजुमन इमामिया के कमा व जंजीरी मातम देखकर सभी की आंखें नम हो गईं। इस दौरान काफी भीड़ रही। अर्दली बाजार से दसवीं मोहर्रम पर अलम, ताबूत, दुलदुल का जुलूस यौम-ए अशूरा को उल्फत बीबी हाता स्थित मास्टर जहीर हुसैन के इमामबारगाह से उठा। जुलूस में अंजुमन इमामिया के नेतृत्व में लोग नौहाखानी, मातम और सीनाजनी करते हुए चल रहे थे। जुलूस अपने कदीमी रास्ते से होता हुआ नदेसर, अंधरापुल, लोहा मंडी,पिशाचमोचन के रास्ते देर शाम फातमान पहुंच कर ठंडा हुआ़। जुलूस में इरशाद हुसैन "शद्दू ", जैन, दिलशाद, ज़ीशान,फिरोज़, जफर अब्बास, दिलकश. मिसम, अयान, शाद, अमान, अलमदार हुसैन, अद्दनान, अरशान आदि ने सहयोग किया। सैय्यद फरमान हैदर ने बताया कि 11 वीं मुहर्रम को लुटे हुए काफिले का जुलूस दालमंडी में हकीम काजिम के इमामबाड़े से सुबह 11 बजे से उठेगा।
दूल्हे का जुलूस हुआ ठंडा
परवेज़ कादिर खां की अगुवाई में उठा दूल्हे का कदीमी जुलूस सकुशल संपन्न हो गया। इस दौरान जुलूस 60 ताजिया को सलामी और 72 अलाव पर दौड़ने के बाद शिवाला स्थित इमाम बाड़ा दूल्हा कासिम नाल पहुंच कर ठंडा हुआ। शाम में पुनः पानी वाला दूल्हा निकला जौ आसपास के इलाकों में होकर वापस शिवाला घाट पर पहुंच कर सम्पन्न हुआ। परवेज़ कादिर खां ने अवाम और पुलिस प्रशासन को शुक्रिया कहा।
मेडिकल कैम्प लगाकर खिदमत
जिया क्लब द्वारा 10 मोहर्रम को पितरकुंडा में मोहर्रम पर एक मंच लगाया गया। उस मंच पर अल्पाहार की जहां व्यवस्था किया गया वहीं एक मेडिकल कैंप भी लगाया गया। कैंप में आए हुए सभी ताजियादारो के लिए व रोजा रखे हुए लोगों को रोजा खुलवाया गया। जुलूस में आए हुए लोगों का उपचार कराया गया मेडिकल द्वारा हमारे कैंप पर बनारस दुर्सेघटना सेआई हुई ताजिया जिसमें लगभग 250 से ऊपर ताजिया थी जिसमें बुराक पीतल रंगी की मोती की शीशम की ताजिया इस मंच पर प्रमुख रूप से फजलुर रहमान इरशाद अंसारी रब्बानी अंसारी शमीम अंसारी हाजी काजू जुलूस का संचालन समाजसेवी शकील अहमद जादूगर ने की।
Varanasi (dil India live). हज़रत कासिम की याद में नौवीं मोहर्रम की मध्यरात्रि विश्व प्रसिद्ध कदीमी (प्राचीन) दूल्हे का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस इमामबाड़ा हज़रत कासिम नाल के सदर परवेज कादिर खां कि अगुवाई में निकला। इस दौरान सवारी पढ़ने के बाद जुलूस को दूल्हा कमेटी ने आवाम के हवाले किया जो अपने कदीमी रास्तों में लगी आग पर से होकर आगे बढ़ता रहा। इस दौरान अकीतदमंदों का जनसैलाब शिवाला से लेकर हर अलावा के पास उमड़ा हुआ था।
लोगों का हुजूम या हुसैन, या हुसैन...की सदाएं बुलंद करते हुए आग के अंगारों पर दौड़ते हुए हज़रत इमाम हुसैन, हज़रत कासिम समेत कर्बला में शहीद हुए 72 हुसैनियों को सलामी पेश करते हुए इमाम चौकों पर बैठायी गई तकरीबन 60 ताजियों को सलामी देने व 72 अलाव से होता हुआ इतवार को वापस लौटा। जुलूस शहर के छह थाना क्षेत्रों से गुजरा। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था दिखाई दी।
इससे पहले दूल्हा कमेटी ने एक ओहदेदारान को दूल्हा बनाया जिस पर सवारी पढ़ी गई। डंडे में लगी घोड़े की नाल लिये दूल्हे को पकड़ने की लोगों में होड़ मची हुई थी। पीछे पीछे अकीदतमंदों का जनसैलाब जुलूस में शामिल था। जुलूस विभिन्न मुहल्लों में इमाम चौकों पर बैठे ताजिये को सलामी देता हुआ शिवाला कि गलियों में लगी आग से होकर अस्सी कि ओर बढ़ गया। जुलूस अहातारोहिला, गौरीगंज, भेलूपुर, रेवड़ी तालाब, बाजार सदानंद, राजापुरा, गौदोलिया, नयी सड़क लल्लापुरा, फातमान, पितरकुंडा, दालमंडी, मदनपुरा, सोनारपुरा व हरिश्चंद्र घाट होकर वापस शिवाला के इमामबाड़ा दूल्हा हज़रत कासिम नाल पहुंचा।
जुलूस के साथ विभिन्न थानों की पुलिस के अलावा रिजर्व पुलिस, पीएसी के जवान तैनात थे। कमेटी के अध्यक्ष परवेज कादिर खां ने बताया कि जुलूस इतवार को पुन: शिवाला सिथत इमामबाड़ा दूल्हा कासिम नाल से शाम में उठेगा जो शिवाला घाट पर पहुंच कर ठंडा होगा। दूल्हे का जुलूस निकलने के बाद गश्ती अलम का जुलूस विभिन्न शिया इमामबाडों से निकाला गया जो गश्त करते हुए एक जगह से दूसरे जगह तक जाता दिखाई दिया।