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मंगलवार, 1 अप्रैल 2025

VKM Varanasi के मनोविज्ञान विभाग के मनस्विनी क्लब का शौर्य सेंटर भ्रमण

छात्राओं ने ऑटिज्म और सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों संग बिताए समय, की बातचीत

Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के मनस्विनी क्लब ने विश्व ऑटिज्म दिवस के उपलक्ष में सुसुवाही स्थित शौर्य सेंटर फॉर थेरेपी का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्राओं ने ऑटिज्म और सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों के साथ बातचीत की और उनकी दिनचर्या व थेरेपी प्रक्रियाओं को करीब से समझा। क्लब के सदस्यों ने शौर्य सेंटर द्वारा संचालित विशेष विद्यालय का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने विशेष जरूरतों वाले बच्चों की शिक्षा व्यवस्था का अवलोकन किया।

इस भ्रमण का उद्देश्य विशेष बच्चों की चुनौतियों और उनकी शिक्षा व थेरेपी से जुड़े पहलुओं को समझना था। Psyconnect से मिस तुलिका के नेतृत्व में यह यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें छात्राओं ने गहरी संवेदनशीलता और सीखने की जिज्ञासा दिखाई।

रविवार, 30 मार्च 2025

Eid Mubarak 2025: चांद के दीदार संग देश दुनिया में ईद का जश्न शुरू

वाराणसी के मुस्लिम इलाकों में हुई जमकर आतिशबाजी
चांद का दीदार करते सपा नेता ज़ुबैर अहमद 


Varanasi (dil India live). माहे रमजान का महीना रोजेदारों से जुदा हो चुका है। चांद के दीदार संग ईद का जश्न मुस्लिम इलाकों में शुरू हो गया। रोजेदारों की नेकियों के बदले माहे रमजान के बाद मुल्सिम समुदाय का सबसे बड़ा पर्व ईद-उल-फित्र सोमवार को मनाया जाएगा। ईदुल फितर के खैरमकदम के लिए इतवार की शाम लोगों ने वाराणसी के मुस्लिम बहुल इलाकों में जमकर आतिशबाजी की। 

ईद रमजान की कामयाबी का ईनाम

Shahar kazi बनारस मौलाना जमील अहमद ने कहा कि रमजान रब का महीना है। ईद रमज़ान की कामयाबी का ईनाम है। इस महीने के बाद पड़ने वाला त्यौहार खुदा के नेक बन्दों की ईद है। इस दिन लोग अल्लाह की बारगाह में अपनी एक माह की इबादतों का शुक्र अदा करते हैं।


जमकर हुई आतिशबाज़ी 

मुस्लिम बहुल इलाकों में चांद की तस्दीक के बाद जमकर आतिशबाजी हुई। लोग अपनी छतों पर पटाखे फोड़ते दिखाई दिए। ख़ुशी से लबरेज लोगों ने अल्लाह से चांद देखने के बाद दुआ की। लोगों ने मुल्क में अमनों अमान की दुआएं मांगी और एक दूसरे को बधाई दी। ईद के जश्न की शुरुआत 29 वीं रमज़ान के चांद के दीदार संग इतवार को हो गया। इस दौरान सोशल मीडिया पर ईद मुबारक के कोटेशन वायरल होने लगे। देखते ही देखते सोशल मीडिया का सभी प्लेटफॉर्म मिल्लत की मिसाल पेश करता दिखाई दिया। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सभी एक दूसरे को मुबारकबाद देते दिखे।

कड़ी सुरक्षा में संपन्न होगी नमाज

पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने ईद की नमाज के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। सभी ईदगाहों पर अतरिक्त सुरक्षा बालों की तैनाती की गयी है। एसीपी रैंक के अफसरों ने सभी ईदगाहों का स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा के इंतजामों को परखा है। बनारस में तकरीबन पांच सौ मस्जिदों, ईदगाहों और इबादतगाहों में नमाजे ईदुलफितर अदा की जाएगी।


ईद की नमाज का वक्त

मस्जिद खानकाह हमीदिया रशीदिया शक्कर तालाब 8:30 बजे, ईदगाह लाट सरैया 9:30 बजे, ईदगाह पुराना पुल पुलकोहना 8:30 बजे, ईदगाह गोगा की बाग जलालीपुरा 8:00 बजे, ईदगाह मस्ज़िद लंगर नवापुरा 8:15 बजे, जामा मस्ज़िद खोज़ापुरा मैदान 7:30 बजे, मस्ज़िद शहीद बाबा सरैयां बा़जार 8:15 बजे, मस्ज़िद सुन्नी इमामबाडा सरैया 8:00 बजे, बड़ी मस्ज़िद सरैयां पक्का महाल 8:00 बजे, मस्ज़िद इमिलिया तल्ले छित्तनपुरा 8:00 बजे, मस्ज़िद ढाई कंगूरा चौहट्टा लाल खां 8:00 बजे, मस्ज़िद उस्मानिया उस्मानपुरा 7:45 बजे, बड़ी मस्ज़िद सलारपुर कबड्डीदुआर 8:00 बजे, जामा मस्जिद अगागंज 8:00 बजे, जामा मस्ज़िद कमन गडहा 8:15 बजे, मीनार वाली मस्ज़िद कमालपुरा 8:00 बजे, पक्की मस्जिद लल्लापुरा 9.15 बजे, जामा मस्जिद बुद्धू छैला कमनगढहा 7.45 बजे, बड़ी मस्जिद ककरमत्ता 8:15 बजे, नूरी मस्जिद में 8:00 बजे, मस्जिद हज़रत शाह मूसा 7:45 बजे, मस्जिद उस्मान गनी 7:30 बजे, काली मस्जिद सलेमपुरा 8.00 बजे, बख्शी जी की मस्जिद अंधरापुल 8.15 बजे, मस्जिद तेलियाबाग़ 8.00 बजे, मस्जिद उल्फत बीबी अर्दली बाज़ार 8.00, मस्जिद टकटकपुर कब्रिस्तान 8.15 बजे, हज़रत याकूब शहीद नगवा 8.15 बजे, मस्जिद लंगडे हाफिज नयी सड़क 10 बजे, ईदगाह मस्जिद बैतुस्सलाम 8.00 बजे, मस्जिद नूरी फुलवरिया 9.00 बजे, मुंशी की मस्जिद रेवड़ी तालाब 7.45 बजे, बिचली मस्जिद कचहरी 8.00 बजे, गफूरी मस्जिद कचहरी 8.30 बजे, मस्जिद दायम खां, पुलिस लाइन 8.00 बजे, ईदगाह मस्जिद लाट शाही 9.00 बजे, मस्जिद अल कुरैश, हंकार टोला 8.00 बजे, मस्जिद रंग ढालवा, फाटक शेख सलीम 7:45 बजे, मस्जिद भाटिन मदनपुरा 7.45 बजे, मस्जिद इब्राहिम ताडतल्ला मदन पुरा 8.00 बजे, मस्जिद बारतल्ला मदनपुरा 8.15 बजे, मस्जिद जहांगीर हटिया 8.30 बजे, मस्जिद कमच्छा 7.30 बजे, मस्जिद डोमन मानसरोवर 7.45 बजे, बड़ी मस्जिद काजी पुरा, लल्लापुरा 8.00 बजे, नूरी मस्जिद (सरैया) फुलवरिया 8.30 बजे, मस्जिद चांदमारी 8.30 बजे, मस्जिद हबीबीया गौरीगंज 8.00 बजे, मस्जिद नयी बस्ती गौरीगंज 7.45 बजे, बड़ी ईदगाह पुलकोहना 8.30 बजे, मस्जिद लहरतारा पुल 8.00 बजे, जामा मस्जिद नदेसर 8.00 बजे, बड़ी मस्जिद काजी सादुल्लापुरा 8:00 बजे, मस्जिद अब्दुल सलाम लंहगपुरा, औरंगाबाद 8.00 बजे, दरगाह हकीम सलामत अली पितरकुंडा 8.00 बजे, शाही मस्जिद ज्ञानवापी 8.00 बजे, शाही छोटी मस्जिद शिवाला 7.30 बजे, मोती मस्जिद शिवाला 7.30 बजे, मस्जिद कुश्ता बेगम, शिवाला 8.15 बजे, मस्जिद अब्दुल रहीम खां, शिवाला 8.30 बजे, शिया जामा मस्जिद अर्दली बाजार 8.00 बजे। 

नोट-अहले हदीस वर्ग की ईद की नमाज़ 6.30 से 7.30 बजे के बीच अदा की जाएगी (नीचे देखें)।




Kaba में मनाई जा रही है आज Eid, Kashi में आज चांद रात

Eid की खुशियों की आहट से महक उठा बाजार 


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live)। काबा में कल चांद देखा गया आज इतवार को वहां ईद का जश्न मनाया जा रहा है। वही काशी में आज चांद रात है। अगर चांद का दीदार हो जाता है तो सोमवार को यहां ईद मनाई जाएगी। ईद की आहट से ही बाजार बूम कर रहा है। ईद की खरीदारी अब अंतिम चरण में है। बाजार में सेवई की खुशबू बिखर रही है तो वहीं कुर्ता-पायजामा लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। बच्चे, युवा और बुजुर्गों में कुर्ता-पायजामा की खरीदारी ज्यादा है। इसके साथ ही इत्र, कपड़े, जूते-चप्पल और टोपी, सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें देर रात तक गुलजार रह रही हैं।


शाम ढलने के बाद मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में चहल-पहल बढ़ जा रही है। ईद के ग्लोबल पर्व पर पिछली बार की तुलना में 20 फीसदी अधिक महंगाई भी बाजार में छाई है। इसके बावजूद रोजेदारों में उत्साह है। भदऊ चुंगी स्थित सेवईं मंडी में अधिकतर कारोबारियों का माल खत्म हो चुका है। सेवईं की बिक्री अभी बनी हुई है। गर्मी को देखते हुए दिन में कम और शाम के बाद ज्यादा खरीदारी हो रही है। दालमंडी, बेनिया, नई सड़क, मदनपुरा, बजरडीहा, सरैया, अर्दली बाजार, पीलीकोठी, कज्जाकपुरा क्षेत्रों में सेवई, ड्राई फ्रूट्स समेत अन्य सामानों की खरीदारी अपने शबाब पर है। गोला दीनानाथ, विशेश्वरगंज, खोजवां, पांडेयपुर आदि क्षेत्रों में किराना माल की खपत बढ़ी है।

हाजी नासिर जमाल ने बताया कि खुशियां बांटने वाले इस पर्व पर लोगों की कुर्ता-पायजामा पहली पसंद होती है। तमाम आकर्षक और डिजाइनदार कुर्ते-पायजामे बाजार में हैं। टेलर के यहां दिन रात काम चल रहा है। नया ऑर्डर अब कोई नहीं ले रहा है। दालमंडी के सामाजिक कार्यकर्ता शकील अहमद जादूगर ने बताया कि गर्मी के कारण रात तक दुकानें खुल रही हैं और अधिकतर खरीदारी शाम में इफ्तारी के बाद शुरू हो रही है। दूर दराज के लोग दिन में और स्थानीय वाशिंदे रात में खरीदारी कर रहे हैं। हंकार टोला के सरफराज ने बताया कि खजूर, सेवई, ड्राई फ्रूट्स की खरीदारी 80 फीसदी तक हो चुकी है। मार्केट में ईरानी और अफगानी नकाब की बिक्री हो रही है।


बाजार में सेवइईयों की वैराइटी पर अगर नज़र डालें तो बेनिया के दुकानदार नूर मोहम्मद ने बताया कि बनारसी सेवई की कीमत 300 से 400 रुपये किलो, हैदराबाद की सेवई 300-350, कतर की सेवई 650 रुपये किलो बिक रही है। वहीं, लोकल बनारस की 100 से 250 रुपये किलो तक की सेवईं की बिक्री ज्यादा हैं। पूर्वांचल के कोने कोने और बिहार तक से लोग यहां खरीदारी को उमड़ रहे हैं।

बुधवार, 26 मार्च 2025

VKM Varanasi main हुई क्रिएटिव राइटिंग एवं क्विज प्रतियोगिता

बीएचयू की अर्पणा आनन्द प्रथम तथा डीएवी के विशाल कुमार रहें द्वितीय



Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी में 25 march को शुरू हुए अर्थशास्त्र विभाग के अकादमिक मंच ‘Ecotalks’ के तहत् द्वि-दिवसीय युवा महोत्सव ‘अर्थोत्सव’ कार्यक्रम के दूसरे दिन 26 मार्च को क्रिएटिव राइटिंग एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें महाविद्यालय के छात्राओं के अतिरिक्त बी.एच.यू, आर्य महिला पी.जी. काॅलेज, वसन्ता काॅलेज फाॅर वुमेन एवं डी.ए.वी.पी.जी. काॅलेज, वाराणसी के छात्र/छात्राओं ने प्रतिभागिता की। कार्यक्रम के प्रथम चरण में क्रिएटिव राइटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गयी, जिसमें छात्र/छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस प्रतियोगिता में कुल 50 छात्र/छात्राओं ने प्रतिभाग किया। अर्पणा आनन्द, छात्रा, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने प्रथम तथा विशाल कुमार, छात्र, डी.ए.वी.पी.जी. काॅलेज ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस प्रतिस्पद्र्धा के निर्णायक मंडल प्रो. नीहारिका लाल, डाॅ. सुमन सिंह, डाॅ. अंजुलता सिंह रहे। कार्यक्रम के दूसरे चरण में क्विज प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें कुल 39 छात्र/छात्राओं ने उत्सुकतापूर्वक सहभागिता की। इस स्पर्धा के निर्णायक मंडल प्रो. इन्दु उपाध्याय, विभागाध्यक्षा, अर्थशास्त्र विभाग, व.क.म., डाॅ. विजय कुमार, असिस्टेण्ट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, व.क.म.,डाॅ. रितेश कुमार यादव, सबा परवीन, अनीता प्रजापति रहे। इस प्रतिस्पद्र्धा में अर्थशास्त्र विभाग,काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के उज्ज्वल तिवारी प्रथम व अर्थशास्त्र विभाग, बी.एच.यू. की ही अमिषा नारायण ने द्वितीय स्थान हासिल किया। कार्यक्रम के समापन समारोह में प्रो. अनूप कुमार मिश्रा, (विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग डी.ए.वी.पी.जी. काॅलेज) विशिष्ट अतिथि रहे। प्रो. अनूप ने अर्थोत्सव कार्यक्रम के आयोजन के लिए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव एवं महाविद्यालय की सराहना की तथा पार्लियामेंट्री डिबेट जैसी प्रतियोगिता की प्रशंसा करते हुए भविष्य में इस प्रकार के अनेक कार्यक्रम को आयोजित कराने की बात कही। इस द्वि-दिवसीय अर्थोत्सव में अर्थशास्त्र विभाग की छात्राओ ं- दिव्यांशी, जया, श्वेता, संज्ञा, सेजल, भार्गवी, मधुमिता, शिवांगी एवं अपराजिता इत्यादि ने अपनी सक्रिय एवं ऊर्जावान भूमिका से कार्यक्रम को सफल बनाया। इस कार्यक्रम का सुचारू रूप से सुगठित संचालन महाविद्यालय की छात्रा सुश्री दीक्षा एवं वैष्णवी ने किया।

सोमवार, 24 मार्च 2025

Ramzan mubarak (23)- jannat का एक दरवाजा है 'Rayyan' जिसमें से रोज़ादार होंगे जन्नत में दाखिल

जिसने पूरे महीने रोज़ा रखा उसे नहीं खा पाएगी जहन्नुम की आग

Varanasi (dil India live). रमजान मुबारक कितनी अजमत, कितनी रहमत और कितनी बरकत वाला महीना है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रमज़ान का आगाज़ होते ही शैतान गिरफ्तार कर लिया जाता है। जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं और जहन्नुम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। हर तरफ नूर ही नूर की बारिश हो रही होती है।

रमजान के तीन अशरों की हर दस दिन की अलग ही अहमियत है। रब ने रमज़ान को तीन अशरों (10-10 दिनों के तीन हिस्सों) में बांटा है। इसमें पहला अशरा रहमत का होता है। अशरा दस दिन को कहते हैं। पहले दस दिन तक रोज़ा रखने वाले पर रब की रहमत बरसती है। रमजान का रहमत का सफर पूरा होने के बाद दूसरा अशरा मगफिरत का आता है। दूसरे आशरे में रब बंदों की मगफिरत कर देता है। यानी तमाम गुनाह माफ कर देता है ये दोनों अशरे बीत चुके हैं। और तीसरा अशरा जहन्नुम से आजादी का चल रहा है। इस आखिरी अशरे में अल्लाह रोज़ेदारों को जहन्नुम से आज़ाद कर देता है।

इस्लामिक ग्रंथों में आया है कि जन्नत में यूं तो कई दरवाजे हैं मगर एक खास दरवाजा जिसका नाम बांबे रय्यान है। उस दरवाजे से जन्नत में केवल रोज़ादार ही दाखिल होंगे। रमजान की आहट से ही जन्नत सजायी जाने लगती है। यानी रमज़ान में रब के पास जाने वाला जन्नत का हकदार होता है। और वो रोजेदार बांबे रय्यान से ही जन्नत में दाखिल होंगे। इसलिए कहा जाता है कि रोजेदारों को जहन्नुम की आग नहीं खा पाएगी। इस महीने की सबसे बड़ी खासियत यह भी है कि इस मुक़द्दस महीने को रब ने अपना महीना कहा है। रब कहता है ग्यारह महीना बंदा अपने हिसाब से गुज़ारता है। रमजान का एक महीना मेरे लिए जो गुजारेगा उसका बदला उसे में दुनिया और आखिरत दोनों में दूंगा। ऐ मेरे रब तू अपने हबीब के सदके में रमज़ान की दौलतों से मालामाल कर दें। और जो लोग रोज़ा नहीं रख रहे हैं उन्हें रोज़ा रखने की तौफीक अता फरमा (आमीन).

  • डाक्टर एहतेशामुल हक 
सदर सुल्तान क्लब वाराणसी।


शनिवार, 22 मार्च 2025

Ramzan mubarak (21)- क्या है सदका-ए-फित्र, किसे देना है जानिए


सदका-ए-फित्र करें ईद की नमाज़ से पहले अदा


Varanasi (dil India live)। सदका-ए-फित्र ईद की नमाज़ से पहले हर मोमिनीन अदा कर दे ताकि उसका रोज़ा रब की बारगाह में कुबुल हो जाये। अगर नहीं दिया तो तब तक उसका रोज़ा ज़मीन और आसमान के दरमियान लटका रहेगा। जब तक सदका ए फित्र अदा नहीं कर देता। इसलिए हर मोमिन को चाहिए की शरियत के तय मानक के हिसाब से ईद के पहले सदका ए फित्र अदा कर दें। नहीं किया तो ईद की नमाज़ के बाद करे।

दरअसल हिजरी कलैंडर का 9 वां महीना रमज़ान वो महीना है जिसके आते ही जन्नत के दरवाज़े खोल दिये जाते हैं और रब जहन्नुम के दरवाजे बंद कर देता हैं। फिज़ा में चारों ओर नूर छा जाता है। मस्जिदें नमाज़ियों से भर जाती हैं। लोगों के दिलों दिमाग में बस एक ही बात रहती है कि कैसे ज्यादा से ज्यादा इबादत की जाये। फर्ज़ नमाज़ों के साथ ही नफ्ल और तहज्जुद पर ज़ोर रहता है, अमीर गरीबों का हक़ अदा करते हैं। पता ये चला कि रमज़ान हमे जहां नेकी की राह दिखाता है वही यह मुकद्दस महीना गरीबो, मिसकीनों, लाचारों, बेवा, और बेसहरा वगैरह को उनका अधिकार भी देता है। यही वजह है कि रमज़ान का आखिरी अशरा आते आते हर साहिबे निसाब अपनी आमदनी की बचत का ढ़ाई फीसद जक़ात निकालता है तो दो किलों 45 ग्राम वो गेंहू जो वो खाता है उसका फितरा।

रब कहता है कि 11 महीना बंदा अपने तरीक़े से तो गुज़ारता ही हैतो एक महीना माहे रमज़ान को वो मेरे लिए वक्फ कर दे। परवरदिगारे आलम इरशाद फरमाते है कि माहे रमज़ान कितना अज़ीम बरकतों और रहमतो का महीना है इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि इस पाक महीने में कुरान नाज़िल हुआ।इस महीने में बंदा दुनिया की तमाम ख्वाहिशात को मिटा कर अपने रब के लिए पूरे दिन भूखा-प्यासा रहकर रोज़ा रखता है। नमाज़े अदा करता है। के अलावा तहज्जुद, चाश्त, नफ्ल अदा करता है इस महीने में वो मज़हबी टैक्स ज़कात और फितरा देकर गरीबों-मिसकीनों की ईद कराता है।अल्लाह ने हदीस में फरमया है कि सिवाए रोज़े के कि रोज़ा मेरे लिये है इसकी जज़ा मैं खुद दूंगा। बंदा अपनी ख्वाहिश और खाने को सिर्फ मेरी वजह से तर्क करता है। यह महीना नेकी का महीना है इस महीने से इंसान नेकी करके अपनी बुनियाद मजबूत करता है। ऐ मेरे पाक परवर दिगारे आलम, तू अपने हबीब के सदके में हम सबको रोज़ा रखने, दीगर इबादत करने, और हक की जिंदगी जीने की तौफीक दे ..आमीन।

  • मौलाना साक़ीबुल क़ादरी
निदेशक, मदरसातुन नूर, वाराणसी।

VKM Varanasi main खेल प्रतियोगिता का समापन समारोह

छात्राओं को सोशल मीडिया से हटने व खेल से जुड़ने पर बल





Varanasi (dil India live). वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा में वार्षिक खेल महोत्सव के छठे एवं अंतिम दिन खेलों के प्रति छात्राओं, शिक्षकों और विभिन्न महाविद्यालयों से आई प्रतिभागियों में जबरदस्त उत्साह दिखा। बीते छह दिनों में 500 से अधिक छात्राओं ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया, और समापन दिवस पर सभी फाइनल मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। कार्यक्रम की शुरुआत वसंत कन्या महाविद्यालय की प्रबंधक  उमा भट्टाचार्य और प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव की अगुवाई में हुई। प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथियों और विभिन्न कॉलेजों के कोचों का स्वागत किया और प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली सभी छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर बीएचयू के छात्र अधिष्ठाता प्रो.अनुपम नेमा, मुख्य अतिथि प्रो. संजय सोनकर (शारीरिक शिक्षा विभाग, बीएचयू) और प्रो.सुशील कुमार गौतम (शारीरिक शिक्षा विभाग, एमजीकेवीपी, वाराणसी) उपस्थित रहे। प्रो. अनुपम नेमा ने कहा कि छात्राओं में खेल भावना का होना आवश्यक है क्योंकि यह उनके समग्र विकास में सहायक होता है। प्रो. संजय सोनकर ने कॉलेजों को नियमित रूप से ऐसे खेल आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि विद्यार्थी शारीरिक रूप से स्वस्थ और मानसिक रूप से मजबूत बन सकें। उन्होंने छात्राओं को सोशल मीडिया से हटने और अपने जीवन को खेल से जुड़े रहने पर बल दिया, ताकि समग्र विकास हो सके। प्रो. सुशील कुमार गौतम ने खेलों के महत्व पर जोर देते हुए छात्राओं को प्रेरित किया और उन्हें आशीर्वाद दिया। कालेज की ओर से पुरा छात्राओं को स्पोर्ट्स मीट में आमंत्रित किया गया था। जिससे यह छात्राएं वर्तमान छात्राओं को प्रेरित कर सके इनमें अनामिका प्रसाद, मनीषा मौर्या और जसमित कौर प्रमुख रही। छठे दिन के फाइनल मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। कोनेरू हम्पी शतरंज टूर्नामेंट में महिला महाविद्यालय, बीएचयू की आश्रुति बरनवाल विजयी हुई। मैडम ब्लावात्स्की वॉलीबॉल टूर्नामेंट के फाइनल में बीएचयू के शारीरिक शिक्षा विभाग और श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ, जिसमें बीएचयू के शारीरिक शिक्षा विभाग ने खिताब जीता। वहीं, मैरी कॉम कबड्डी टूर्नामेंट के फाइनल में बीएचयू के शारीरिक शिक्षा विभाग विजयी रही। अन्य खेलों में भी छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। लंबी कूद और ऊँची कूद दोनों में भव्या सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कैरम प्रतियोगिता में बिट्टर लोलन विजेता रहीं। खो-खो प्रतियोगिता में नेहा कुमारी के नेतृत्व वाली ग्रुप ए की टीम ने जीत हासिल की। तायक्वोंडो में राखी तोमर, 200 मीटर दौड़ में महिमा कुमारी, और बैडमिंटन प्रतियोगिता में अदिति मिश्रा ने अपनी-अपनी श्रेणियों में प्रथम स्थान प्राप्त किया।महाविद्यालय प्राचार्या, विशिष्ट अतिथियों और फैकल्टी मेंबर्स द्वारा सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम का सफल आयोजन  खेल प्रभारी डॉ. विजय कुमार के नेतृत्व में हुआ। संचालन डॉ. आर. पी. सोनकर और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अखिलेश कुमार राय द्वारा किया गया एवं डॉ. सुप्रिया सिंह के द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। साथ ही कमिटी के सदस्य  डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. पूर्णिमा, डॉ. शशिकेश कुमार गोंड, डॉ. शशि प्रभा कश्यप, डॉ. सिमरन सेठ, विकास त्रिपाठी एवं दीपक गोंड सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

शुक्रवार, 21 मार्च 2025

Ramzan का दूसरा अशरा 'मगफिरत' मुकम्मल, मुक़द्दस रमज़ान पहुंचा अंतिम दौर में

मुक़द्दस रमजान का तीसरा अशरा 'जहन्नुम से आजादी'  शुरू 

Varanasi (dil India live)। मस्जिदों से जैसे ही अज़ान कि सदाएं, अल्लाह हो, अकबर, अल्लाहो अकबर...फिज़ा में गूंजी। रोज़दारों ने खजूर और पानी से रमज़ान का 20 वां रोज़ा जुमे को मुकम्मल हो गया। इसी के साथ अब रमज़ान का दूसरा अशरा मगफिरत पूरा हो गया। शनिवार को रोज़ेदार सहरी करके इक्कीसवां रोज़ा रखेंगे। इसी के साथ मगफिरत का तीसरा और आखिरी अशरा जुमे की शाम से शुरु गया। 

इससे पहले जुमे को इफ्तार के दस्तरखान पर तमाम लज़ीज़ पकवान सजाएं गये थे। इफ्तारी में चने की घुघनी, पकौड़ी के अलावा अलग-अलग घरों में तरह-तरह की इफ्तारियां सजायी गयी थी। गर्मी से निजात के लिए खरबूजा, तरबूज, रुह आफ्ज़ा, नीबू का शर्बत आदि का भी लोगों ने लुत्फ लिया। रोज़ेदारों ने इन इफ्तारियों का लुत्फ लेने के बाद नमाज़े मगरिब अदा की। इस दौरान रब की बारगाह में सभी ने हाथ फैलाकर तमाम परेशानियों और बीमारियों के खात्मे के लिए दुआएं की। शहर के दालमंडी, नईसड़क, मदनपुरा, रेवड़ीतालाब, गौरीगंज, शिवाला, बजरडीहा, कश्मीरीगंज, कोयला बाज़ार, पठानी टोला, चौहट्टा लाल खां, जलालीपुरा, सरैया, पीलीकोठी, कच्चीबाग, बड़ी बाज़ार, अर्दली बाज़ार, पक्की बाज़ार, रसूलपुरा, नदेसर, लल्लापुरा आदि इलाकों में रमज़ान की खास चहल पहल दिखाई दी। इस दौरान मुस्लिम इलाकों में असर की नमाज़ के बाद और मगरिब के बाद लोग खरीदारी करने उमड़े हुए थे।

police Commissioner Varanasi से मिलीं डिप्टी जेलर की बेटी नेहा

जेल अधीक्षक उमेश सिंह पर FIR दर्ज करने की मांग

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). वाराणसी के जिला जेल में डिप्टी जेलर के पद पर पूर्व में कार्यरत मीना कन्नौजिया की बेटी नेहा शाह ने शुक्रवार को सीपी मोहित अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान उनके अधिवक्ता भी साथ रहे। नेहा ने पिछले दिनों अपनी मां के साथ किए गए उत्पीड़न और शोषण के विरोध में लालपुर-पांडेयपुर थाने में मुकदमा दर्ज करने की Application दी।

सीपी से मुलाकात के बाद नेहा शाह ने कहा- सीपी ने कहा कि विभागीय कार्रवाई है। विभाग जब तक हमें रिपोर्ट नहीं सौंपता है हम कोई कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। हमारी एप्लिकेशन एसीपी कैंट विदुष सक्सेना को फारवर्ड कर दिया है। इस दौरान एक बार फिर डिप्टी जेलर पर नेहा शाह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने की मांग के साथ पहुंची नेहा नेहा शाह ने लालपुर-पांडेयपुर थाने में 19 मार्च को उमेश सिंह पर FIR दर्ज करने के लिए एप्लिकेशन दी थी। इस पर पुलिस ने उच्चाधिकारियों को बताकर कार्रवाई करने की बात कही थी। इस संबंध में आज पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से मिलकर डिप्टी जेलर मीना कन्नौजिया की बेटी नेहा शाह ने जेल अधीक्षक उमेश सिंह पर FIR दर्ज करने का अनुरोध किया है। इसपर पुलिस कमिश्नर ने इसमें डिपार्टमेंटल जांच की बाद ही कुछ कर पाने की बात कही है। 

इस दौरान सीपी को प्रार्थना पत्र देते हुए नेहा शाह ने एक बार फिर जेल अधीक्षक उमेश सिंह पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उमेश सिंह मेरी मां को जेल में अश्लील इशारे भी करते थे। साथ ही बार बार ऑफिस से घर आने का दबाव दिया गया। जिसे मेरी मां ने नकार दिया तो उन्हें प्रताड़ित किया गया। इस दौरान मेरी मां को कहा गया कि वो बंदी महिलाओं को उनके पास यौन शोषण के लिए ले जाएं। इसपर मां ने मना किया तो कहा गया कि तुम्हरा करियर चौपट कर देंगे। और प्रताड़ित करने लगे। उन्हें ड्यूटी के दौरान अपने ऑफिस में बुला कर अपमानित किया तथा जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया और गंदी-गंदी गालियों दीं।

नेहा ने अपने लेटर में लिखा है कि उमेश सिंह बहुत ही खतरनाक किस्म का व्यक्ति है, पहले भी ये इंसान रतन प्रिया उप जेलर जो की इसी जेल पर थी उनके साथ भी ऐसा सलूक कर चुका है। इनकी तरफ से यह भी कहा गया कि कहीं भी जाओ, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है, मैं 2027 में चुनाव लड़कर जेल मंत्री बनूंगा और तुम्हें तुम्हारी औकात समझा दूंगा, तुम्हें कहीं का नहीं छोडूंगा।

नेहा शाह ने बताया उमेश सिंह के द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करके जेल के अंदर बहुत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उमेश सिंह ने मेरी मां पर उसका भी चार्ज लेने का दबाव बनाया था। जेल में मोबाइल फोन भी पैसे लेकर चलवाया जाता था। जिसके बारे में मेरी मां खुद गवाह है। इस सबके अलावा, जेल में नशे का सामान बिकवाया जाता था, और इसका हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था। वह वीडियो पूरी तरह से सही था और उस वीडियो में नशे का सामान बिकते हुए साफ दिखाई दे रहा था। लेकिन उमेश सिंह के दबाव के कारण कोई भी कार्रवाई संभव नहीं हो सकी।

गुरुवार, 20 मार्च 2025

VKM Varanasi main खेल प्रतियोगिता के चौथे दिन प्रतिभाओं ने दिखाया दम





रेस में महिमा कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया तो बैडमिंटन में अदिति मिश्रा प्रथम स्थान पर रही, ऐसे ही ताइक्वांडो (under 50 kg ) में शालिनी यादव परचम लहराया और ताइक्वांडो (Above 50 kg) में राखी तोमर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। छात्राओं की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि वे अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेलों में भी संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

Varanasi (dil India live)। वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा में आयोजित सप्ताहिक  वार्षिक खेल प्रतियोगिता के चौथे दिन आयोजन अत्यंत उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव के प्रेरणादायी उद्बोधन से हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

इस दिन विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें 200 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊँची कूद, खो-खो और ताइक्वांडो प्रमुख थे। इसके अलावा, बैडमिंटन का फाइनल मुकाबला भी संपन्न हुआ, जिसमें प्रतिभागियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

इस खेल महोत्सव में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की लगभग 300 छात्राओ ने भाग लिया। जो उनकी लगन, समर्पण और खेल भावना का परिचायक है। 200 मीटर रेस में महिमा कुमारी (बी ए द्वितीय वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बैडमिंटन में अदिति मिश्रा (बी ए द्वितीय वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। ताइक्वांडो ( under 50 kg ) में शालिनी यादव (बी ए प्रथम वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया व ताइक्वांडो ( Above 50 kg) में राखी तोमर (बी ए तृतीय वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। छात्राओं की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि वे अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेलों में भी संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह वार्षिक खेल प्रतियोगिता छात्रोंओ के बीच टीमवर्क, अनुशासन और शारीरिक सशक्तिकरण की भावना को बढ़ावा देती है। इस अवसर पर खेल समिति के सदस्य डॉक्टर विजय कुमार, डॉ आर पी सोनकर, डॉक्टर आशीष कुमार सोनकर, डॉ अखिलेश कुमार राय, डॉक्टर सुप्रिया, डॉ. पूर्णिमा, डॉ शशिकेश कुमार गोंड, डॉ. शशि प्रभा कश्यप, डॉ. सिमरन सेठ, विकास त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।

Ramzan mubarak (19)-रमजान नेकियों का मौसम-ए-बहार

जल्दी करें कहीं रमजान की दौलत से महरूम न रह जाएं

Varanasi (dil india live)। बंदे को हर बुराई से दूर रखकर अल्लाह के नजदीक लाने का मौका देने वाला मुक़द्दस रमज़ान का दूसरा अशरा पूरा होने वाला है। इस मुकद्दस महीने की रूहानी चमक से दुनिया रोशन है, और फिजा में घुलती अजान और दुआओं में उठते हाथ खुदा से मुहब्बत के जज्बे कि मिसाल पेश कर रहे हैं। दौड़-भाग और खुदगर्जी भरी जिंदगी के बीच इंसान को अपने अंदर झांकने और खुद को अल्लाह की राह पर ले जाने का रास्ता दिखाने वाला माहे रमजान में भूख-प्यास समेत तमाम शारीरिक इच्छाओं तथा झूठ बोलने, चुगली करने, खुदगर्जी आदि सभी बुराइयों पर लगाम लगाने की कोशिश रोजेदार को अल्लाह के बेहद नजदीक पहुंचा देती है। माहे रमजान में रोजेदार अल्लाह के नजदीक आने की कोशिश के लिए भूख-प्यास समेत तमाम इच्छाओं को रोकता है। बदले में अल्लाह अपने उस इबादत गुजार रोजेदार बंदे के बेहद करीब आकर उसे अपनी रहमतों और बरकतों से नवाजता है। इसके बावजूद भी बहुत से लोग इस माहे मुबारक की खूबियों से अब भी दूर हैं। उनसे यही कहना है कि जल्दी करें कहीं रमजान की दौलत से महरूम न रह जाएं।

इस्लाम की पांच बुनियादों में रोजा भी शामिल है और इस पर अमल के लिए ही अल्लाह ने रमजान का महीना मुकर्रर किया है। खुद अल्लाह ने कुरान शरीफ में इस महीने का जिक्र किया है। रमजान इंसान के अंदर जिस्म और रूह है। आम दिनों में उसका पूरा ध्यान खाना-पीना और दीगर जिस्मानी जरूरतों पर रहता है लेकिन असल चीज उसकी रूह है। इसी की तरबीयत और पाकीजगी के लिए अल्लाह ने रमजान बनाया है रमजान में की गई हर नेकी का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। इस महीने में एक रकात नमाज अदा करने का सवाब 70 गुना हो जाता है। साथ ही इस माह में दोजख के दरवाजे भी बंद कर दिए जाते हैं, जन्नत के दरवाज़े खोल दिये जाते है।

अमूमन 30 दिनों के रमजान माह को 10-10 दिन केे तीन अशरों में बांटा गया है। पहला अशरा ‘रहमत’ का है। इसमें अल्लाह अपने बंदों पर रहमत की दौलत लुटाता है। दूसरा अशरा ‘मगफिरत’ का है। इस अशरे में अल्लाह अपने बंदों को गुनाहों से पाक कर देता है। जबकि तीसरा अशरा 'जहन्नुम से आजादी' का है। इस आखिरी अशरे में रब रोज़ा रखने वाले को जहन्नुम से आजाद कर देता है।

नेकियों और इबादत का महीना रमज़ान 

महीने भर के रोज़े  रखना, रात में तरावीह की नमाज़ पढना, क़ुरान की तिलावत करना, एतेकाफ़ में बैठना, अल्लाह से दुआ मांगना, ज़कात देना, अल्लाह का शुक्र अदा करना। इसीलिये इस माह को नेकियों और इबादतों का महीना माना जाता है। तरावीह की नमाज़ में महीना भर कुरान पढना। जिससे क़ुरान पढना न आने वालों को भी क़ुरान सुनने का सबाब ज़रूर मिलता है। रमजान को नेकियों का मौसम-ए-बहार कहा गया है। रमजान को नेकियों का मौसम भी कहा जाता है। इस महीने में मुसलमान अल्लाह की इबादत ज्यादा करता है। अपने अल्लाह को खुश करने के लिए रोजो के साथ, कुरआन की तेलावत, जकात, फितरा, खैरात, सदका निकालता है। यह महीना समाज के गरीब और जरूरतमंद बंदों के साथ हमदर्दी का है। इसलिए उनकी भरपूर मदद की जाती है। या अल्लाह हर मुुसलमान को रोज़ा रखने कि तौफीक देेे…आमीन।

  • हाजी फारुख खां 
(जनरल सेक्रेटरी इसरा, वाराणसी )


सोमवार, 10 मार्च 2025

महिलाओं के सशक्तिकरण में निवेश करें, प्रगति को बढ़ावा दें- प्रो. रचना श्रीवास्तव

फ़ैशन डिजाइनिंग की छात्राओं के हुनर को सभी ने सराहा 


Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्याय के गृहविज्ञान विभाग में सत्र 2012-13 से यूजीसी ऐड ऑन कोर्स मे तहत फैशन डिजाइनिंग में सर्टिफिकेट कोर्स चलाया जा रहा है। यह कोर्स छात्राओं को फैशन उद्योग में रोजगार के लिये तैयार करता है। इसी कोर्स की छात्राओं द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री हेतु महाविद्यालय परिसर में स्टॉल लगाये गये।

इस दौरान प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने कहा की आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के थीम “इन्वेस्ट इन वुमन: एक्सेलेरेट प्रोग्रेस” को चरितार्थ करते हुये विभाग का यह प्रयास सराहनीय है। महिलाओं के सशक्तिकरण में निवेश एक सुरक्षित और फलदायी निवेश है। विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता देवड़िया ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण में निवेश करना समाज का नैतिक और सामाजिक दायित्व है जब हम महिलाओ में निवेश करते है तो हम न केवल उनके भविष्य को सुरक्षित करते है बल्कि हम समाज की प्रगति को भी बढ़ावा देते है। इसी सोच के साथ छात्राओ को आत्मनिर्भर बनाने तथा बाजार की अवधारणा और संरचना का प्रयोगात्मक अनुभव प्रदान करने के लिये इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है ।

इसमें इस कोर्स की 16 छात्राओं द्वारा 13 श्रेणियो के उत्पादों की प्रदर्शनी लगायी गयी। जिसमें हस्त निर्मित उत्पादों द्वारा कपड़ो और गृहोपयोगी वस्त्रो के साथ-साथ नये रचनात्मक प्रयोगो द्वारा ज्वेलरी, कीरिंग, बैग इन्यादि प्रदर्शित किये गये। इस आर्थिकोपार्जन प्रयोग में प्रो0 गरिमा उपाध्याय, डॉ० अंशु शुक्ला, डॉ० सुनीता दीक्षित, योगिता विश्वकर्मा एवं पद्मा के साथ जाहन्वी (शोध छात्रा) ने सहयोग किया।

Ramzan mubarak (9) खुद पर कंट्रोल रखने का नाम रमज़ान

खाने पीने से दूर रहें, अपने अंदर लाएं बदलाव 

Varanasi (dil India live). रब ने हम सबको रमज़ान के महीने में जो-जो रहमतें नाज़िल की हैं, हम सब उसका तसव्वुर भी नहीं कर सकते। रमज़ान में एक माह का रोज़ा हम पर फ़र्ज़ कि़या गया है। आईये जाने कि रोज़ा क्या है। रोज़े के माने यह हैं कि खाने पीने से दूर रहना साथ ही साथ अपने अन्दर बदलाव लाना, खुद पर नियंत्रण या कन्ट्रोल रखना। रोज़े में तीन चीज़ों से दूरी बनाए रखना ज़रूरी है। अब यह देखे कि यह तीनों चीजें ऐसी हैं जो हमारे लिए जाएज़ और हलाल हैं, अब रोज़े के दौरान आप इन हलाल और जाएज़ चीज़ों से तो परहेज़ कर रहे हैं, न खां रहे हैं न पी रहे है, लेकिन जो चीज़ें पहले से हमारे लिए हराम थीं यानी झूठ बोलना, ग़ीबत करना, बदनिगाही करना यह सब चीज़ें पहले से हमारे लिए जाएज़ नही थीं, हराम थीं, वह सब रोज़े के दौरान हो रही है। रोज़ा रखा है और झूठ बोल रहे हैं, रोज़ा रखा है और ग़ीबत कर रहे हैं, रोज़ा रखा है और बदनिगाही कर रहे हैं, रोज़ा रखा है और वक्त पास करने के लिए फि़ल्में देख रहे हैं, क्या यह रोज़ा हुआ, हरगिज़ नहीं, क्यों कि रोज़े के दौरान हलाल चीज़ों से तो परहेज़ कर रहे हैं लेकिन हराम चीज़ों को अपनाए हुए हैं। हदीस शरीफ़ में नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहे वसलम ने इरशाद फ़रमाया है कि अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जो शख्स रोज़े की हालत में झूठ बोलना न छोड़े तो मुझे ऐसे शख्स का भूखा और प्यासा रहने की कोई ज़रूरत नहीं है। रमज़ान नाम सब्र का है, सच का है, जकात का है, अमन और नेकी का है,

 रमज़ान में वो सारे काम होते है जिससे रब और उसका रसूल खुश होता है। इसलिए ऐ रोज़ेदारों अल्लाह और उसके रब को राज़ी करना चाहते हो तो हराम चीज़ो से, दुनियावी चीज़ो से बचते हुए तकवा आखितयार करो, नकी के रास्ते पर चलो और रोज़ा रखो। बहरहाल अल्लाह तआला हम सबको सही माने में रोज़ा रखने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए, नेकी की राह दिखाये।..आमीन।

      मौलाना अबु सईद क़ासमी

शनिवार, 8 मार्च 2025

bhartiya daak कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश परिमण्डल का अधिवेशन संपन्न

राम रतन पाण्डेय प्रांतीय अध्यक्ष, राजीव कुमार सिंह प्रांतीय सचिव चुने गए 

Varanasi (dil India live)। आज 08 मार्च को भारतीय डाक कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश परिमण्डल, संवर्ग – सी के 15 वें द्विवार्षिक प्रान्तीय अधिवेशन का समापन हुआ। इससे पहले अधिवेशन का आगाज़ 07 मार्च को मुख्य अतिथि प्रणव कुमार, चीफ पोस्ट मास्टर जनरल, उत्तर प्रदेश परिमंडल, भारतीय डाक कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय जनरल सेक्रेटरी अनंत कुमार पाल, विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय संगठन मंत्री संतोष कुमार सिंह, राष्ट्रीय जनरल सेक्रेटरी सुपरवाइजर एसोसिएशन ग्रुप बी, काली मुत्थू एवं प्रांतीय सचिव अशोक यादव द्वारा दीप प्रज्जवलित कर हुआ।

अन्य विशिष्ट अतिथियों के रूप में राजीव सिंह, सहायक जनरल सीक्रेटरी BPEA, भारतीय मजदूर संघ, एम पी सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय मजदूर संघ तथा राजीव कुमार, प्रवर अधीक्षक वाराणसी पूर्व मण्डल कि मौजूदगी रही। आज समाप्त हुए अधिवेशन में राम रतन पाण्डेय प्रांतीय अध्यक्ष, राजीव कुमार सिंह प्रांतीय सचिव तथा कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार का चयन किया गया। साथ ही वाराणसी से सी अनिता सहायक सचिव एवं जगदीश शादेजा संघठंन मंत्री चुने गए।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में राम रतन पाण्डेय, जगदीश सडेजा, सदानंद, राकेश किरण, विकास राय, अभिषेक पाण्डेय, कुलभूषण तिवारी, हरिशंकर यादव, प्रदीप यादव, मनीष पाण्डेय, नीतीश पाण्डेय, दिनेश तिवारी एवं काशीनाथ तिवारी कि भूमिका अहम् रही।

PM Sri Primary school ठटरा (प्रथम) को मिला हाइजीन कॉर्नर

डेटॉल बनेगा स्वस्थ इंडिया' अभियान के तहत मिला कार्नर 

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). 'डेटॉल बनेगा स्वस्थ इंडिया' अभियान के अंतर्गत रेकेट संस्था की ओर से पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय ठटरा प्रथम सेवापुरी, वाराणसी को हाइजीन कॉर्नर मिला। जनपद सुपरवाइजर वसीम अकरम की देखरेख में यह कॉर्नर स्कूल के ऑफिस में स्थापित किया गया,जिसमें 25 डेटॉल साबुन, 6 सैनिटाइजर, 6 लिक्विड हैंड वॉश एवं रिफिल पैक के साथ एक वजन मशीन प्रदान की गई। इसके साथ ही इस हाइजीन कॉर्नर में स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए पोस्टर आदि भी मौजूद हैं। इस अवसर पर वसीम अकरम ने बच्चों से संवाद भी स्थापित किया और दैनिक जीवन में हाइजीन और हाथ धुलाई की आदत को व्यवहार में लाने के बहुत सारे सुझाव भी दिए ।सहायक अध्यापक अब्दुर्रहमान ने बताया कि 3 साल पहले प्रदेश कोऑर्डिनेटर संजय सिंह ने विद्यालय में हाइजीन कॉर्नर लगवाने का वादा किया था जो अब पूरा हुआ। हाइजीन कॉर्नर के लिए स्कूल की इं.हेड टीचर नीलम केशरी सहित उपस्थित समस्त अध्यापक अब्दुर्रहमान, कल्पना सिंह,सौम्यता दुबे, संगीता सिंह,अंजली गुप्ता, राजेश कुमार , अशोक कुमार,मनोज कुमार,एवं गोपी वर्ना ने वसीम अकरम जी का धन्यवाद किया। सबसे ज्यादा स्कूल के बच्चे इस हाइजीन कॉर्नर को पाकर खुश नजर आए।

VKM Varanasi news:छात्राओं को व्यवसायिक कौशल प्रदान करती है वोकेशनल शिक्षा -रचना श्रीवास्तव

छात्राओं के सृजनात्मक कौशल विकास के लिए अनुभवात्मक प्रशिक्षण


Varanasi (dil India live)। वसन्त कन्या महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा शहर के विभिन्न महाविद्यालयों की छात्राओं के सृजनात्मक कौशल विकास के लिए द्विदिवसीय अनुभवात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसके अन्तर्गत स्टेन्सिल छपाई और टाई एण्ड डाई का प्रशिक्षण दिया गया। 7 महाविद्यालयों (धीरेन्द्र महिला महाविद्यालय, राजकीय महाविद्यालय, बी.एल.डब्लू, धनष्यामदास पी.जी कालेज, आर्य महिला पी.जी. कालेज, वसंता कॉलेज फॉर वुमेन तथा शीएट) की 163 छात्राओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि अतुल शर्मा, आफिस इंचार्ज निट्रा ने छात्राओं की सराहना करते हुए महाविद्यालय को स्किल ओरिएन्टेड वर्कशाप के लिए बधाई दी। प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने आज के समय में वोकेशनल शिक्षा पद्यति के महत्व को इंगित करते हुए बताया कि यह छात्राओं को व्यवसायिक कौशल प्रदान करती है और उन्हें अपने चुने हुए क्षेत्र में सफल होने के लिए तैयार करती है। विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता देवडिया ने कहा कि व्यवसायिक प्रशिक्षण आज के दौर की माँग है और यदि छात्राओं को इसमें दक्ष बना दिया जाय तो घर बैठे ही कला का उपयोग करके विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से आसानी से आर्थिक उपार्जन किया जा सकता है। डॉ. सुनिता दीक्षित ने बताया की कला के गुर सीखने के बाद छात्राएं यदि आधुनिकता का समागम कर लें तो कौशल को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है।

कौशल प्रशिक्षण छात्राओं को वह अवसर प्रदान करती है। जिससे वे अपने परिवार के साथ रहते हुए आर्थिक उपार्जन के अवसर चुन सकती है। गृह विज्ञान विभाग की कई पुरा छात्राएं आज अपने व्यवसाय स्थापित करके नये मुकाम हासिल कर चुकी हैं। इस बार विभाग ने शहर के अन्य महाविद्यालयों को भी कौशल प्रशिक्षण के इस मुहिम से जोड़ने का प्रयास किया है ताकि समाज में छात्राएं एक कुशल व्यवसायी बन सकें।

कार्यशाला में शेख सईदा सालेहा, अधीरा अमूल्या, श्वेता राठौर और काजल वर्मा ने प्रशिक्षुओं को स्टेंसिल छपाई और टाई एण्ड डाई की विभिन्न तकनीकों का प्रषिक्षण दिया तथा आधुनिकता के साथ कैसे इन कलाओं का सम्मिश्रण किया जा सकता है यह भी बताया। ये चारो प्रशिक्षक इसी महाविद्यालय की पुरा छात्राएं तथा अपने-अपने क्षेत्र में स्थापित व्यवसायी हैं। महाविद्यालय का यह प्रयास रहता है कि अपने पुरा छात्राओं के साथ सम्बन्ध सदैव सजीव रहे जिससे हम परस्पर उन्नति करते रहे। इस कार्यशाला में प्रो. गरिमा उपाध्याय, डॉ. अंशु शुक्ला, योगिता विश्वकर्मा, पद्मा के साथ वर्तमान छात्राओं का सहयोग रहा।

शुक्रवार, 7 मार्च 2025

VKM Varanasi में "फेमिनिस्ट रिसर्च मेथोडोलॉजी वर्कशॉप" के 5 वें दिन भी नारीवादी शोध दृष्टिकोणों पर हुई चर्चा

नारीवादी अध्ययन में गुणात्मक दृष्टिकोण पर डाला प्रकाश

Varanasi (dil India live). वासंत कन्या महाविद्यालय द्वारा आयोजित "फेमिनिस्ट रिसर्च मेथोडोलॉजी वर्कशॉप" के पाँचवें दिन भी नारीवादी शोध दृष्टिकोणों पर गहन चर्चा जारी रही, जिसमें बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के प्रतिष्ठित विद्वानों ने भाग लिया।

प्रथम सत्र का संचालन डॉ. राजीव दुबे, सह-प्राध्यापक, समाजशास्त्र विभाग, सामाजिक विज्ञान संकाय, बीएचयू द्वारा किया गया। उन्होंने "नारीवादी शोध में गुणात्मक विधियाँ" विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. दुबे ने नारीवादी अध्ययन में गुणात्मक दृष्टिकोण के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि किस प्रकार आख्यान (नैरेटिव), केस स्टडीज़ और नृवंशविज्ञान (ethnography) विधियाँ महिलाओं के जीवन अनुभवों को समझने में सहायक होती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये विधियाँ पारंपरिक पुरुष-प्रधान शोध ढाँचों को चुनौती देती हैं और लैंगिक यथार्थ को गहराई से समझने में मदद करती हैं।

द्वितीय सत्र में प्रो. मधु कुशवाहा, शिक्षा संकाय, बीएचयू ने "नारीवादी शोध में अंतःविषयता (intersectionality) की समझ" विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सामाजिक पहचान जैसे लिंग, जाति, वर्ग और जातीयता किस प्रकार परस्पर जुड़ी होती हैं और वे उत्पीड़न एवं विशेषाधिकार के अनुभवों को किस तरह प्रभावित करती हैं। प्रो. कुशवाहा ने नारीवादी शोध में समावेशी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि सामाजिक असमानताओं की अधिक व्यापक समझ विकसित की जा सके।

दोनों सत्र अत्यंत विचारोत्तेजक और ज्ञानवर्धक रहे, जिसमें प्रतिभागियों को नारीवादी शोध पद्धतियों के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया। संवादात्मक चर्चाओं ने शोधार्थियों को गुणात्मक एवं अंतःविषय (इंटरसेक्शनल) दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला का संचालन वैदेही सिंह (बी.ए., राजनीति विज्ञान विभाग) द्वारा किया गया, तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शशिकेश कुमार गोंड ने प्रस्तुत किया। कार्यशाला में , डॉ. अनुराधा बापुली, डॉ. प्रियंका एवं डॉ. सिमरन सेठ सह-समन्वयक के रूप में उपस्थित रहीं।

गुरुवार, 6 मार्च 2025

Quran, mukammal, तरावीह पूरे रमज़ान भर पढ़ना जरूरी

मस्जिद बारादरी में पांच दिन की तरावीह हुई मुकम्मल


Varanasi (dil India live)। रमजान के पवित्र महीने में बनारस के सभी मस्जिदों में तरावीह की नमाज मुकम्मल होनी शुरू हो गई है। इस मौके पर पार्षद हाजी ओकास अंसारी ने बताया की बुनकर बिरादरना तंजीम बाइसी के सरदार हाजी हाफिज मोइनुद्दीन की सदारत में मोहल्ला नक्खीघाट स्थित मस्जिद बारादरी में पांच दिन की तरावीह की नमाज खत्म हुई। इस मस्जिद में तरावीह की नमाज हाफिज मोहम्मद आसिफ जैसे ही मुकम्मल की तमाम लोगों ने उनका जोरदार खैरमकदम किया। इस दौरान सैकड़ों की तादाद में लोगों ने नमाज अदा की। सरदार हाफिज मोइनुद्दीन ने इमामे तरावीह को सिर पर साफ़ा बांध कर माला पहना कर उनका जोरदार इस्तेक़बाल किया।

सरदार साहब ने कहा कि कुरान मुकम्मल हो गई है इसका ये मतलब नहीं है कि तरावीह अब नहीं पढ़ना है बल्कि सूरे तरावीह पूरे महीने भर पढ़ना है जब तक ईद का चांद न हो जाए। इस मौके पर मौजूद सरदार दरोगा, पार्षद पति हाजी ओकास अंसारी, बाबूलाल किंग, हाजी सुहैल, पार्षद डा. इम्तियाजुद्दीन, बाबू महतो, शमीम अंसारी, हाजी गुलाब, हाजी हाफिज नसीर, मोहम्मद परवेज,  हाजी यासीन मायिको, हाफिज अनवर, हाफिज अल्ताफ, हाजी अलीम, मास्टर मुमताज, हाजी अजमल, जैनुलआब्दीन, मोहम्मद महबूब सहित सैकड़ों की तादाद में लोग मौजूद थे।

बुधवार, 5 मार्च 2025

VKM Varanasi में नारीवादी शोध पद्धति कार्यशाला

दूसरे दिन लैंगिक समावेशिता और नारीवादी दृष्टिकोण पर हुआ विमर्श

कार्यशाला में डीएवी पीजी कॉलेज, वाराणसी के राजनीति विज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. स्वाति नंदा ने "लैंगिक रूढ़ियों को चुनौती देना एवं लैंगिक समावेशिता को बढ़ावा देना" विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. नंदा ने सामाजिक मानकों पर प्रश्न उठाने, पूर्वाग्रहों को समाप्त करने और शोध तथा दैनिक जीवन में समावेशी दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर जोर दिया।

 


Varanasi (dil India live). वाराणसी के वसंत कन्या महाविद्यालय द्वारा आयोजित "फेमिनिस्ट रिसर्च मेथोडोलॉजी" कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागियों को विचारोत्तेजक चर्चाओं और प्रभावशाली दृश्य प्रस्तुतियों के माध्यम से लैंगिक समावेशिता और नारीवादी दृष्टिकोण पर गहन विमर्श में संलग्न किया गया। कार्यशाला में डीएवी पीजी कॉलेज, वाराणसी के राजनीति विज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. स्वाति नंदा ने "लैंगिक रूढ़ियों को चुनौती देना एवं लैंगिक समावेशिता को बढ़ावा देना" विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. नंदा ने सामाजिक मानकों पर प्रश्न उठाने, पूर्वाग्रहों को समाप्त करने और शोध तथा दैनिक जीवन में समावेशी दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर जोर दिया। चर्चा को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए, डॉ. नंदा ने दो सशक्त लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया: आलिया भट्ट की "गोइंग होम" और ईरानी लघु फिल्म "बीइंग ए वुमन इन ईरान"। इन फिल्मों ने महिलाओं की सुरक्षा, स्वायत्तता और पितृसत्तात्मक संरचनाओं में उनके संघर्षों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसके बाद एक गहन चर्चा सत्र हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने फिल्मों में प्रस्तुत विषयों का नारीवादी शोध के संदर्भ में आलोचनात्मक विश्लेषण किया।

कार्यशाला का संचालन एम.ए. अंतिम वर्ष (राजनीति विज्ञान) की छात्रा, आदिया तिवारी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनुराधा बापुली और कार्यशाला में सह समन्वयक डॉ सिमरन सेठ उपस्थित रहीं।

मंगलवार, 4 मार्च 2025

world women's day पर प्रबुद्ध महिला मंच ने किया महिलाओं को सम्मानित

नर्सरी को नई पहचान देने वाली महिला का भी सम्मान

Varanasi (dil India live)। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अंतर्गत आज मंगलवार को काशी प्रबुद्ध महिला मंच ने भेलूपुर स्थित एक होटल में विभिन्न क्षेत्रों में भागीदारी करती मंच की सदस्यों सहित अपनी मेहनत और लगन से एक स्वावलंबी महिला को सम्मानित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रिया अग्रवाल ने गणेश वंदना के साथ किया, तत्पश्चात मंच की अध्यक्षा अंजलि अग्रवाल ने कार्यक्रम की अतिथि रेनू मौर्य जो रामनगर में लक्ष्मी बाग नर्सरी की ओनर है जिन्होने अपनी मेहनत व लगन से नर्सरी को एक नई पहचान दी, उनकी इस उपलब्धियां के लिए उन्हें सम्मानित किया व महिला दिवस की महत्ता के बारे में प्रकाश डाला। संचालिका रेनू कैला ने सभी सदस्यों की उपलब्धियों का परिचय देते हुए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया ।

शोभा कपूर व छवि के गायन, ममता जायसवाल, नीतू सिंह व पूनम के काव्य पाठ के साथ नूतन रंजन की मिमिक्री, डॉ शालिनी व रजनी जयसवाल द्वारा दिए गए ब्यूटी टिप्स, रीता अग्रवाल, गीता अग्रवाल, रीता कश्यप द्वारा महिला दिवस पर अपने विचार प्रस्तुत किए गए। ममता तिवारी व चंद्रा शर्मा के महिला दिवस संबंधित गेम व हाउजी का आनंद सभी सदस्यों ने भरपूर उठाया। मंच की सभी सदस्यों को अध्यक्ष ने सम्मानित किया।अन्त मैं सभी सदस्यों ने संकल्प लिया की वह अपने आसपास और घर की सभी महिलाओं व बेटी बहू को आर्थिक व मानसिक रूप में पूरी तरह से सशक्त करें।

VKM Varanasi news : साहित्य और सिनेमा में केवल प्रस्तुति और प्रभाव का अंतर

"साहित्य व सिनेमा: अतः संबंध और रूपांतरण" विषय पर प्रो. संजीव का व्याख्यान Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्यालय कमच्...