Bihar लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Bihar लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 6 अगस्त 2025

Dog Babu ही नहीं बल्कि Bihar में रहते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प

बिहार में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बना निवास प्रमाण-पत्र तो मचा हड़कंप 

Samastipur (dil India live). डांग बाबू बिहार में रहते हैं ये तो समझ में आता है पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी यहां के निवासी हैं। इस बात का जिसे भी पता चल रहा है वो अनायास ही दांत निपोर दे रहा है। दरअसल किसी ने बिहार में डोनाल्ड ट्रम्प का निवास प्रमाण पत्र जारी करा दिया है। लोग कह रहे हैं की ये बिहार है और यहां कुछ भी हो सकता है। 

बिहार में किसी भी नाम पर किसी भी तरह का प्रमाण पत्र बन सकता है। पिछले दिनों डाॅग बाबू का निवास प्रमाण पत्र बना था। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का निवास प्रमाण-पत्र भी बन गया है। बेचारे अधिकारी चुप हैं। हालांकि इस मामले में जितनी मुंह उतनी बातें की जा रही हैं। अब  समस्तीपुर के मोहीउद्दीननगर प्रखंड में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बना निवास प्रमाण पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या है पूरा मामला, यहां जानिए 

बताया जा रहा है कि किसी ने डोनाल्ड ट्रम्प के नाम से आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर दिया। आरटीपीएस काउंटर बजाप्ता BRCCO/2025/17989735 नंबर  29 जुलाई 2025 को एलाॅट कर प्रमाण-पत्र बनाने का प्रक्रिया पूरी कर दी गई। ट्रंप के बिहार के निवास होते ही सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया। दरअसल बिहार में चुनाव होने वाला है। ऐसे में ट्रम्प का निवास प्रमाण पत्र सियासी मुद्दा भी बन सकता है।

हाल ही में डाॅग बाबू का बना निवास प्रमाण पत्र का मुद्दा अभी ठंढ़ा भी नहीं हुआ कि अब समस्तीपुर में सामने आए इस मामले ने सभी को हैरानी में डाल दिया है। बाकायदा आवासीय प्रमाण बनाकर जारी कर दिया गया है, जो पूर्णरूपेण जांच का विषय है।

सियासी साजिश तो नहीं निवास प्रमाण पत्र

इस प्रकरण से साफ है कि चुनाव आयोग के द्वारा जिस निवास प्रमाण पत्र को वैध दस्तावेज माना गया, अब उसका इस तरह से मजाक बनाना कहीं किसी सियासी साजिश का हिस्सा तो नहीं है। हालांकि इस तरह की खामियों से जनता को ही दुश्वारियां उठानी पड़ती है। इस पूरे मामले की जांच कर प्रमाण-पत्र निर्गत मामले में शामिल तमाम अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग उठने लगी है। गत बार डॉग बाबू मामले में शासन ने कार्रवाई की थी। भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने मामले पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव आयोग जिस आवासीय प्रमाण पत्र को वैध दस्तावेज मान रही है, उसे मज़ाक का पात्र बना दिया गया है।

रविवार, 27 जुलाई 2025

Politics: Bihar Mein 65 लाख मतदाताओं का नाम कटा

बिहार में वोटर रिवीजन के बाद कुल 7.24 करोड़ मतदाता

सरफराज अहमद 

Varanasi (dil India live). भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार में विशेष वोटर सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण का अंतिम ब्योरा जारी कर दिया है। इसके मुताबिक, बिहार में वोटर रिवीजन के बाद कुल 7.24 करोड़ मतदाता हैं जबकि  65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए हैं। 

इनमें मृत, विस्थापित और विदेश मतदाता शामिल हैं। चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया है कि 24 जून 2025 तक बिहार में 7.89 करोड़ मतदाता थे। इनमें से 7.24 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए हैं।

इस विशेष पुनरीक्षण के पहले चरण का अंतिम आंकड़ा 7.24 करोड़ है। इसमें कुल  65 लाख उन मतदाताओं के नाम हटे हैं, जो मृत, विस्थापित, विदेशी, दूसरे स्थान पर स्थायी प्रवास करने वाले थे।

24 जून को शुरू हुआ था विशेष पुनरीक्षण

बिहार में विशेष वोटर सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत 24 जून 2025 को हुई थी। इसका उद्देश्य मतदाता सूची से मृत, स्थानांतरित, और दोहरे पंजीकरण वाले मतदाताओं के नाम हटाना तथा पात्र मतदाताओं को शामिल करना था। इस प्रक्रिया के तहत, बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) और बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) ने घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना फॉर्म एकत्र किए। आयोग ने बीते 25 जुलाई तक इस प्रक्रिया के पहले चरण को लगभग पूरा कर लिया।


इसमें 99.8 फीसदी मतदाताओं को कवर किया गया। आयोग ने कहा कि 1 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक पात्र मतदाता, जिनके नाम छूट गए हों, उन्हें ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल करने का अवसर मिलेगा।

मतदाता सूची में कई स्थानों पर नामांकित पाए गए मतदाताओं का नाम केवल एक ही स्थान पर रखा जाएगा। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुनरीक्षण में कुल 7.24 करोड़ कलेक्ट किए गए जबकि 22 लाख की मौत हो चुकी है,  36 लाख विस्थापित हैं एवं 7 लाख दूसरे स्थान पर स्थायी प्रवास कर रहे हैं। 

बिहार में शुरू हुआ यह अभियान अब पूरे देश में लागू करने की योजना है। यह पहली बार है जब 2003 के बाद बिहार में इतना व्यापक पुनरीक्षण हो रहा है। चुनाव आयोग ने एसआईआर के पहले चरण के सफल समापन का श्रेय बिहार के निर्वाचन आयोग की टीम को दी है।

इसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सभी 38 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी, 243 ईआरओ, 2,976 एईआरओ, 77895 मतदान केंद्रों पर तैनात बीएलओ, लाखों स्वयंसेवक और सभी 12 प्रमुख राजनीतिक दलों के क्षेत्रीय प्रतिनिधि (इनमें 1.60 लाख बीएलए शामिल) को निर्वाचन आयोग ने श्रेय दिया है।

एसआईआर को विपक्षी दलों ने बताया षडयंत्र

भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी ब्योरे पर नजर डालें तो पता चलता है कि एसआईआर अवधि के दौरान बीएलए की कुल संख्या में 16% से अधिक की वृद्धि हुई। राजद-कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों का दावा है कि एसआईआर एक षड्यंत्र है।

बिहार में विपक्षी दलो ने एसआईआर का खुला विरोध करते हुए कहा है कि इसका मकसद गरीब, दलित, पिछड़े वर्ग, और अल्पसंख्यकों के वोटिंग अधिकार छीनना है। विपक्ष ने एसआईआर को ‘बैकडोर एनआरसी’ बताया है। विपक्ष दलों का कहना है कि कई परिवारों के पास जरूरी दस्तावेज, जैसे जन्म प्रमाणपत्र, नहीं हैं। बिहार में केवल 2.8% लोगों के पास 2001-2005 के बीच जन्म प्रमाणपत्र हैं, जिससे लाखों लोगों के मतदाता सूची से हटने का खतरा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह एनडीए को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। 

शनिवार, 26 जुलाई 2025

politics: Chirag Paswan क्यों बरसें अपनी ही Government पर, क्या चल रहा बिहार में...

चिराग का मुख्यमंत्री नीतीश पर सीधा हमला कह रहा है अलग कहानी 

राज्य में अपराधी बेलगाम और पुलिस-प्रशासन उनके सामने नतमस्त-चिराग


Patna (dil India live). जैसे जैसे बिहार में चुनाव नज़दीक आ रहा है वहां सियासी बखेड़ा भी रोज़ देखने को मिल रहा है। ताज़ा खबर लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास के अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को लेकर है। चिराग ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा और बड़ा सियासी हमला बोला है। चिराग ने कहा कि राज्य में अपराधी बेलगाम हो गए हैं और पुलिस-प्रशासन उनके सामने नतमस्तक है।

बिहार के गया जिले में होमगार्ड की महिला अभ्यर्थी के साथ एम्बुलेंस में हुए गैंगरेप की घटना पर उन्होंने सरकार और पुलिस की कड़ी आलोचना की। चिराग पासवान ने कहा कि- 'एक के बाद एक बिहार में जिस तरीके से आपराधिक घटनाओं की श्रृंखला बनती जा रही है और पुलिस और प्रशासन अपराधियों के सामने नतमस्तक बन चुकी है। मुझे दुख है कि मैं ऐसी सरकार को समर्थन कर रहा हूं।'


ऐसी घटना रुक क्यों नहीं रही-चिराग 

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान मीडिया से मुखातिब हुए तो सवाल उछला कि होमगार्ड की महिला अभ्यर्थी को जब बेहोशी की हालत में अस्पताल भेजा जा रहा था तो उसके साथ एंबुलेंस में गैंगरेप किया गया। इस पर आपकी प्रतिक्रिया?

जवाब में चिराग पासवान ने राज्य की सत्तारूढ़ नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार और राज्य पुलिस पर सबसे बड़ा हमला कर दिया। कहा कि - 'ऐसी घटना घट क्यों रही है ? बिहार में जिस तरीके से हत्या पर हत्या की घटनाएं हो रही है। एक के बाद एक के बाद ऐसी श्रृंखला बन गई है।

ऐसा लग रहा है कि ऐसी घटना को रोकने में प्रशासन पूरी तरीके से नाकामयाब हो चुका है। ...अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले दिनों में बहुत भयावह स्थिति उत्पन्न हो होगी। जिन लोगों के साथ इस तरह की घटना हुई है उनसे जाकर हाल पूछिए।

...कुछ लोग कह रहे हैं कि चुनाव के कारण यह हो रहा है, सरकार को बदनाम करने के लिए हो रहा है। लेकिन आखिर जिम्मेदारी तो पुलिस प्रशासन और सरकार की है। ऐसी घटनाओं को रोकने में सफलता क्यों नहीं मिल रही? ऐसी घटना रुक क्यों नहीं रही है?'

हालात पर उठे सवालों पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अंदर से उबल पड़े और संयमित लहजे में पीड़ादायक अंदाज में सियासी तौर पर कठोर बात कह दी। बोले - 'मैं सरकार से समय रहते कदम उठाने का अनुरोध करता हूं। मुझे दुख है कि मैं ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं, जहां अपराध बेकाबू हो गए हैं।  बिहार अब इनके बस में नहीं है। लोग परेशान हो चुके हैं'।

चिराग के सवालों से सियासी पारा हाई

बिहार में दो महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। उससे पहले यहां की राजनीति में जमकर उबाल देखने को मिल रहा है। विपक्ष और सरकार एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इस बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने लगातार हो रहीं क्राइम की घटनाओं को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए तो स्वाभाविक तौर पर राज्य का सियासी पारा हाई हो गया है।

बता दें कि बिहार में पिछले कुछ दिनों से लगातार हत्या की खबरें सामने आ रही हैं। पिछले एक महीने के भीतर 50 से ज्यादा हत्या के मामले सामने आए हैं। दिनदहाड़े गोली चलना और अस्पताल में हुई हत्या ने लोगों को डरा दिया है। यही कारण है कि अब सरकार से सवाल किए जा रहे हैं।

सरकार का समर्थन करने वाले राजनीतिक दल भी अब सवाल खड़े कर रहे हैं। चिराग पासवान पिछले कुछ दिनों से लगातार सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इससे पहले चिराग की पार्टी के अन्य सांसदों ने भी कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा था।

गुरुवार, 24 जुलाई 2025

Bihar : Vidhan sabha Main सम्राट से Tejasvi की तीखी नोंकझोंक

तेजस्वी बोलें: सरकार मुझे मरवाना चाहती है, हथियार दे रहा हूं, मरवा दे 


Patna (dil India live)। बिहार विधानसभा में गुरुवार को वोटर सूची पुनरीक्षण को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, उनके समर्थक विधायकों - मंत्री से तीखी नोंक-झोंक के साथ बहस हुई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष पर अशालीन शब्दों का इस्तेमाल भी हुआ।

बाद में विस परिसर में मीडिया से मुखातिब होते हुए तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल उन्हें मरवाना चाहता है। उन्होंने कहा कि विधायक जनक सिंह ने उन्हें मां-बहन की गालियां दीं। तेजस्वी ने कहा कि उन्होंने कभी अपशब्द नहीं बोला जबकि भाजपा के विधायक और डिप्टी सीएम भी उन्हें गालियां देते हैं।

विधायक जनक सिंह ने मां-बहन की गालियां दी

तेजस्वी बोले - 'सरकार मुझे मरवाना चाहती है तो मैं अपना लाइसेंसी हथियार देता हूं वह मुझे मरवा दे। विधायक जनक सिंह ने मां-बहन की गालियां दी, जबकि मैंने कोई अपशब्द नहीं बोला। राजनीतिक जीवन में मैंने कभी अपशब्द नहीं बोला, जबकि मुझे सदन में मां-बहन की गालियां दी गई। जब हम जोर से बोलेंगे तो गीला हो जाएगा...। भाजपा सारी सीमाएं लांघ रही है। भाजपा के विधायक ने जिस तरह मुझे गालियां दी हैं, वो कभी भी आज तक सदन में नहीं हुआ। भाजपा के डिप्टी सीएम भी मुझे गालियां देते हैं। सरकार में हिम्मत है तो मुझे जेल भेज दे गोली मार दे, क्योंकि आज माइक तोड़कर मेरी तरफ मारने की कोशिश की गई।'

सदन में तेजस्वी संग सत्ता पक्ष की गर्म बहस

सदन में वोटर सूची गहन पुनरीक्षण का फॉर्म दिखाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि '11 तरह के डॉक्यूमेंट मांगे हैं, लेकिन कितने तरह के डॉक्यूमेंट आम आदमी के पास हैं, यह आप बताईये। फिर जब कोई पत्रकार दिल्ली से आकर सच दिखा रहे हैं कि कैसे फर्जीवाड़ा हो रहा है, कैसे फर्जी साईन हो रहे हैं, कैसे फॉर्म को बिना किसी डॉक्यूमेंट के अपलोड किया जा रहा है तो उस पर आप लोगों ने एफआईआर करा दी।' आप कौन होते हैं यह तय करने वाले...? इसी बात पर सम्राट चौधरी उठ खड़े हुए और उन्होंने कहा कि -'जिसका बाप खुद अपराधी हो, लूटेरा हो उसका बेटा क्या बोलेगा?' इसी बात पर हंगामा होने लगा और फिर विधान सभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई को 4 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। इस दौरान भाजपा के जनक सिंह ने गाली गलौज की। 


अब अशोक चौधरी फिर उठ खड़े हुए और तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि अपने विभाग में एक भी योजना अगर दी हो तो कहिये। तेजस्वी यादव ने कहा कि - 'सरकार हमारी योजना को पीछे पीछे घोषणा कर रही है। यह सरकार मेरे द्वारा घोषित माय-बहन योजना का भी नक़ल करेंगे। यह सरकार नकलची है।

हम सारा क्रेडिट नीतीश कुमार को देने के लिए तैयार हैं लेकिन यह विजन किसका है? यह विजन मेरा था। प्रधानमंत्री नीतीश कुमार कब चीनी की मिल खुलवायेंगे और लोगों को चाय पिलायेंगे? मुख्यमंत्री ऐसा चाहिए जो अचेत अवस्था में न हो। नीतीश कुमार जी, अपने आप के आसपास बैठे लोगों को पहचानिए। आपका जदयू जदयू नहीं बल्कि भाजपा हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हाईजैक कर लिया है।' इसके जवाब में विजय चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि आप भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हाइजैक करने की कोशिश किये थे, लेकिन आप नहीं कर पाए।

सम्राट और विजय चौधरी यह बोले...

एसआईआर पर सम्राट चौधरी बोले- "जो प्रवासी बाहर जाते हैं, ऐसे 26 लाख लोगों को चिह्नित किया गया है। 2005 में 11 प्रतिशत बिहार से बाहर जाते थे। आज का रिपोर्ट है कि यह दो प्रतिशत से भी कम है। अभी 26 लाख लोग चिह्नित हुए हैं।

चुनाव आयोग में कल नेता विरोधी दल यह कह रहे थे कि भारत निर्वाचन आयोग कोई आंकड़ा नहीं जारी कर रहा है, जबकि यह कागज और आंकड़े सामने हैं। किसी का भी वोट नहीं कट रहा, यह मंत्री विजय चौधरी बता चुके हैं।"

इससे पहले मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा- "सभी नेता, विधायक अपना नाम तो अपडेट करा रहे हैं और जनता को भ्रमित कर रहे हैं कि पुनरीक्षण बंद करा दिया जाना चाहिए। 95 प्रतिशत वोटरों की जांच के बाद इसे रोकने की इस तरह की जिद करना गलत है। चुनाव आयोग ने अबतक कोई ऐसा काम नहीं किया है कि उसकी मंशा पर सवाल उठाया जाए।

संविधान में लिखा है कि जिसे नागरिकता मिली हुई है, वही मताधिकार रख सकता है। बिहार का कोई सही नागरिक मतदाता सूची से बाहर नहीं रहे, यही हमलोग भी चाहते हैं। गहन पुनरीक्षण भी संविधान और लोक प्रतिनिधित्व कानून के तहत है। पुनरीक्षण हर चुनाव के पहले होता है। गहन पुनरीक्षण इतने समय बाद हो रहा है। इसमें फर्क है।

सामान्य पुनरीक्षण में सिर्फ दावे देखे जाते हैं। किसी का नाम जुड़ता या हटाया जाता है, उसमें। अब 22 वर्षों बाद यह जो विशेष गहन पुनरीक्षण हो रहा है। एसआईआर में एक-एक घर में जाकर देखा जाता है कि वह मतदाता घर में हैं कि नहीं।

पिछली बार, 2003 में भी एक महीने में यह काम हुआ था, इस बार भी लगभग उतने ही समय में हो रहा है। फिर दिक्कत क्यों है? मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पर विभिन्न दलों की राय आपने सुनी है।

उच्चतम न्यायालय में मामला है, फिर भी सदन संचालन की सहूलियत के लिए एसआईआर पर आपने चर्चा की अनुमति दी। सत्ता ने आपत्ति नहीं की। अच्छा लगा कि विपक्ष के नेता ने भी पहली पंक्ति में कहा कि एसआईआर के विरोध में नहीं हैं, लेकिन अंतिम पंक्ति में कहा कि बिहार सरकार गारंटी दे कि कोई मतदाता छूटेगा नहीं।

तो, महोदय सरकार की तरफ से सदन और सभी मतदाताओं को आश्वास्त करना चाहते हैं कि बिहार सरकार भी यही चाहती है कि कोई भी सही मतदाता, मतदाता सूची बाहर नहीं जाए। मतदान का अधिकार सिर्फ नागरिक की करता है। हर व्यक्ति जो यहां रह रहा है, वह मताधिकार नहीं रखता।"

मंगलवार, 22 जुलाई 2025

Bijli Bihar Main Free यहां जानिए क्या हुआ ऐलान

सभी को 125 यूनिट मुफ्त बिजली, जुलाई से ही मिलेगा लाभ 

Patna (dil India live). बिहार सरकार ने सभी बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की है। इसका लाभ जुलाई महीने के बिल से ही मिलेगा। 1 अगस्त को बिजली का बिल आएगा, उसमें जुलाई महीने के दौरान हुई कुल खपत में 125 यूनिट बिजली को माफ करते हुए शेष यूनिट पर ही बिजली बिल लगेगा।

इसका लाभ सभी प्री-पेड मीटर धारकों को भी पूरी तरह से मिलेगा। राज्य में प्री-पेड मीटर धारकों की संख्या 60 लाख से अधिक है। प्री-पेड मीटर उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक कोई शुल्क नहीं देना होगा। इसके ऊपर जो भी यूनिट उठेगा, उस पर ही रिचार्ज कराना पड़ेगा। अगर कोई व्यक्ति महीने में अपने प्री-पेड मीटर को रिचार्ज करते हैं, तो उन्हें 125 यूनिट तक कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। रिचार्ज की हुई राशि पर 125 यूनिट की खपत के बाद पहले की तय राशि के आधार पर ही शुल्क देना होगा। मुफ्त बिजली की इस निर्धारित यूनिट के बाद ही रोजाना के हिसाब से पूर्व की तरह ही कटौती होगी।

यह है छूट की व्यवस्था

अगर पोस्ट-पेड या प्री-पेड मीटर वाले किसी उपभोक्ता महीने में 200 यूनिट बिजली की खपत करते हैं, तो उन्हें सिर्फ 75 यूनिट पर ही बिजली का बिल देना होगा। शेष 125 यूनिट बिजली मुफ्त होगी।

इसके बाद 100 यूनिट तक बिजली की खपत पर 4.12 रुपये प्रति यूनिट और 100 यूनिट से अधिक खपत होने पर 5.52 रुपये प्रति यूनिट की दर से शुल्क लगेगा। वर्तमान में भी यही शुल्क लगता है और इसमें किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की गई है।

गौरतलब है कि 18 जुलाई को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में 125 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोषणा की गई थी। इससे 1 करोड़ 86 लाख उपभोक्ताओं को फायदा होने का अनुमान लगाया गया था। इसमें 1 करोड़ 67 लाख विद्युत उभोक्ता ऐसे हैं, जिनकी प्रति महीने औसतन बिजली की खपत 125 यूनिट की है। इससे इन उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली मिलेगी।

सीएम भेज रहे मुफ्त बिजली का मोबाइल पर संदेश

मुफ्त बिजली के इस मुद्दे को लेकर उपभोक्ताओं को एसएमएस के जरिए सूचना भी दी जा रही है। यह संदेश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ से सीधे उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल पर भेजा जा रहा है। इस मामले में ऊर्जा विभाग के सचिव सह बिहार राज्य पॉवर होल्डिंग कंपनी के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह के अनुसार, इस सुविधा से सभी उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत 125 यूनिट बिजली पर सौ फीसदी सब्सिडी दी जा रही है।

रविवार, 20 जुलाई 2025

Bihar: JDU office के बाहर लगे पोस्टर ने मचाया सियासी गर्दा

बिहार में नीतीश की विरासत संभालेंगे बेटे निशांत!

Patna (dil India live). बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विरासत संभालने के लिए उनके बेटे निशांत कुमार का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कार्यालय के बाहर निशांत के जन्मदिन पर पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में उन्हें भावी नेता बताया गया है। अटकल यह भी है कि निशांत, नालंदा जिले से ताल ठोंक सकते हैं।

पटना में जेडीयू कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों से इस बात की चर्चा तेज हो गई है। निशांत कुमार के जन्मदिन पर लगे इन पोस्टरों में उन्हें बिहार की जरूरत बताया गया है। राजनीतिक विश्लेषक अनुमान लगा रहे हैं कि निशांत न सिर्फ अगला विधानसभा चुनाव लड़ेंगे बल्कि वो नीतीश कुमार की विरासत भी संभालेंगे ठीक वैसे ही जैसे लालू यादव की राजनीति विरासत तेजस्वी और मुलायम सिंह यादव की राजनीति विरासत अखिलेश यादव ने संभाला। हालांकि जेडीयू ने इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

पोस्टर ने मचाया गर्दा 

जेडीयू ऑफिस के बाहर उनके जन्मदिन पर लगे पोस्टरों ने गर्दा मचा दिया हैं, उससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है। बड़े-बड़े पोस्टरों पर लिखा है- 'बिहार की मांग सुन लिए निशांत, बहुत-बहुत धन्यवाद।' माना जा रहा कि जेडीयू में निशांत कुमार के आने की कार्यकर्ताओं की मांग पूरी हो गई है।

जेडीयू ऑफिस के बाहर जो पोस्टर लगे हैं, उनमें निशांत कुमार की बड़ी-बड़ी तस्वीरें हैं। उन्हें पार्टी के भविष्य के नेता के तौर पर दिखाया गया है। इन पोस्टरों को देखकर लगता है कि निशांत कुमार अब राजनीति में आने के लिए तैयार हैं।

यह भी लग रहा है कि वे अगला बिहार विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि निशांत कुमार ने अभी तक राजनीति से दूरी बनाए रखी है। वे हमेशा राजनीति में आने से मना करते रहे हैं। लेकिन उन्होंने लोगों से अपने पिता को फिर से मुख्यमंत्री बनाने की अपील जरूर की है।


निशांत ने गिनाई नीतीश के काम 

इस बीच, पटना के महावीर मंदिर में आज निशांत कुमार पहुंचे। यहां निशांत कुमार के जन्मदिन पर रुद्राभिषेक पूजा करवाई गई। पूजा में शामिल होने के बाद निशांत कुमार ने मीडिया से बात करते हुए जनता से एनडीए और पिता नीतीश कुमार को जिताने की अपील की। निशांत कुमार ने कहा कि उनके पिता ने बिहार के लिए बहुत काम किया है। महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण दिया, अभी एक करोड़ रोजगार और जॉब की बात हुई है, जो अगले पांच साल में पूरी हो जाएगा। बिहार में बिजली सड़क के क्षेत्र में भी सुधार के कई काम किए हैं।


गुरुवार, 10 जुलाई 2025

Pradesh ki Rajdhani main बालू कारोबारी की गोली मारकर हत्या

बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों ने वारदात को दिया अंजाम 

Patna (dil India live ). बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों ने एक चर्चित बालू कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी। इससे वहां कोहराम मच गया। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना रानी तालाब थाना क्षेत्र के धाना गांव की है। मृतक रमाकांत यादव बालू कारोबार करते है। 

घर के बगीचे में घुस कर मारी गोली 

घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि गुरुवार की शाम रमाकांत यादव अपने घर के बगीचे में टहल रहे थे। तभी अचानक अपराधी वहां पहुंचे और ताबड़तोड़ उन पर फायरिंग करने लगे। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, गोली लगने से वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। गोली की आवाज सुनकर घर के लोग और आसपास के लोग दौड़कर वहां पहुंचे तब तक अपराधी वहां से फरार हो गये।


आननफानन में सभी लोगों ने उन्हें बिहटा के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है। समाचार लिखे जाने तक हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा था 

शनिवार, 5 जुलाई 2025

Bihar के Siwan district में बवाल तलवार के साथ चलीं गोलियां, बाजार बंद

सिवान में बवाल में तीन की मौत कई घायल, पुलिस बल तैनात 


Siwan (dil India live). Siwan district (Bihar) दशकों सांसद शहाबुद्दीन के कारण सुर्खियों में रहे सिवान जिले में एक बार फिर से मचे खूनी संघर्ष से कोहराम मच गया। यहां एक झटके में 3 लोगों की मौत की खबर है। कुछ गंभीर रूप से घायल हैं। तनाव के कारण बाजा बंद हो गया है। घटना के बाद पूरा जिला तनाव में है।  

दरअसल बिहार में शराबबंदी के बाद से शराब कारोबारियों की जानकारी देने पर कई बार हमले हुए हैं, लेकिन बीच सड़क पर इस तरह का खूनी खेल पहली बार दिखा है। इसके पीछे पुराना विवाद भी बताया जा रहा है। इस घटना की भगवानपुर थाना प्रभारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि दो पक्षों में गोलीबारी के दौरान तीन लोगों की मौत हुई है। भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र के मलमलिया ओवरब्रिज पर दो गुटों के बीच संघर्ष में अब तक 3 मौत हो चुकी है और दो गंभीर रूप से घायल हैं। मृतक की पहचान मुन्ना सिंह, कन्हैया कुमार और रोहित कुमार के रूप में हुई है।

शराब के कारोबार की सूचना पुलिस को देने का आरोप लगाकर एक पक्ष ने तलवार और गोली-बंदूक से दूसरे पक्ष पर हमला किया और बीच-बचाव में दोनों तरफ से खूनी संघर्ष शुरू हो गया। तीन मौतों के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।

तनाव के बीच एक बाइक में आग लगा दी गई, जिसके बाद देखते ही देखते बाजार की सभी दुकानें बंद हो गईं। सीवान एसपी मनोज तिवारी और कई थानों की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची हुई है। घायलों को सदर अस्पताल भेजा गया है। 

शराब कारोबार की सूचना पर खूनी बवाल

बताया जा रहा है कि घटना की वजह चिमनी संचालक का पुराना पारिवारिक विवाद तो है ही साथ ही शराब की सूचना पुलिस को देने के कारण मामले ने तूल पकड़ लिया। यह वारदात सीवान जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मलमलिया-कौड़िया मार्ग पर स्थित पुल के पास हुई है। अज्ञात अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग करते हुए तलवार भांजनी शुरू कर दी। इस दौरान गोलियां चलाई गई जिससे मौत हो गई है। घटना के बाद स्थानीय लोग उग्र हो गए और घटनास्थल के पास जमकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गोलीबारी करने वाले अब तक अज्ञात हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि वह सभी कौड़िया गांव के ही निवासी हैं।


फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है, लेकिन किसी भी स्तर पर अधिकारिक पुष्टि से बच रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

रविवार, 15 दिसंबर 2024

Bihar की Aradhana का बड़ा काम

संघर्षों से आराधना बनी डॉ. आराधना, पीएचडी की उपाधि पाकर झूमीं 

Ballia (dil India live)। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा द्वारा  आराधना राय को मनोविज्ञान में Ph.D.की उपाधि दी गई।मूलत: बिहार के आरा जिले की डिलियां गांव की रहने वाली आराधना और संघर्ष कुछ वर्षों में एक पर्यायवाची बन चुके हैं। महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय बक्सर से स्नातक की शिक्षा लेने वाली आराधना राय की शादी सन 2006 में भरौली में राम बहादुर राय के साथ हुई थी। आराधना ने शादी के बाद भी हार नहीं मानी और पुन: सन 2010 में महाराजा कालेज आरा से स्नातकोत्तर (मनोविज्ञान) में न सिर्फ प्रवेश लिया बल्कि प्रथम श्रेणी में परीक्षा भी पास की। आराधना बताती हैं कि मैंने सन 2015 में बी एड. किया। इसके बाद अपने पति की इच्छा और अपनी आकांक्षा के अनुरूप वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा से 2019 में Ph.D.का फार्म भरकर प्रवेश परीक्षा पास कर सन 2020 में शोध कार्य में जुट गईं।तमाम झंझावातों को झेलते हुए अपने ससुर रामायन राय, सासु मां मालती देवी और पति के सहयोग से डाॅ. मंजू सिंह के निर्देशन और विभागाध्यक्ष डाॅ. लतिका की अगुवाई में रहकर, अपने शोध कार्य को पूरा किया।

इन्हीं संघर्षों के बाद वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा द्वारा Ph.D. की उपाधि 13 दिसंबर को जब दी गई तो हर्षित आराधना, डा आराधना बन गई।

आराधना राय से डाॅ. आराधना राय का सफर तय करने में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. प्रियंका पाठक, डाॅ. कृतिका, बक्सर के पप्पू चौबे, आयुर्वेदाचार्य, मनोविज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. जयप्रकाश मिश्रा, (M.V.college Buxar), महाराजा कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. मनोज सिंह, दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डाॅ. विजय शंकर वर्मा, प्रोफेसर डाॅ. धनंजय, बक्सर के डाक्टर एल. बी. राय, सुशील कुमार राय, नन्द कुमार तिवारी बाबा, डाॅ. राणा अवधूत कुमार व पिता देवशरण चौधरी, माता कमला देवी, दिनेश राय एवं भाभी मुन्नी राय, कन्हैया पाठक आदि का सहयोग रहा।

कौन है राम बहादुर राय

राम बहादुर राय हिन्दी और भोजपुरी के कवि-लेखक हैं। इनकी  08 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है। राम बहादुर राय को विद्या वाचस्पति और विद्यासागर की उपाधि से भी नवाजा जा चुका है।  वह भी उसी परिवार में जहां पर हिन्दी व भोजपुरी के प्रख्यात साहित्यकार डाॅ. विवेकी राय का जन्म हुआ।