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सोमवार, 10 मार्च 2025

महिलाओं के सशक्तिकरण में निवेश करें, प्रगति को बढ़ावा दें- प्रो. रचना श्रीवास्तव

फ़ैशन डिजाइनिंग की छात्राओं के हुनर को सभी ने सराहा 


Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्याय के गृहविज्ञान विभाग में सत्र 2012-13 से यूजीसी ऐड ऑन कोर्स मे तहत फैशन डिजाइनिंग में सर्टिफिकेट कोर्स चलाया जा रहा है। यह कोर्स छात्राओं को फैशन उद्योग में रोजगार के लिये तैयार करता है। इसी कोर्स की छात्राओं द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री हेतु महाविद्यालय परिसर में स्टॉल लगाये गये।

इस दौरान प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने कहा की आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के थीम “इन्वेस्ट इन वुमन: एक्सेलेरेट प्रोग्रेस” को चरितार्थ करते हुये विभाग का यह प्रयास सराहनीय है। महिलाओं के सशक्तिकरण में निवेश एक सुरक्षित और फलदायी निवेश है। विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता देवड़िया ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण में निवेश करना समाज का नैतिक और सामाजिक दायित्व है जब हम महिलाओ में निवेश करते है तो हम न केवल उनके भविष्य को सुरक्षित करते है बल्कि हम समाज की प्रगति को भी बढ़ावा देते है। इसी सोच के साथ छात्राओ को आत्मनिर्भर बनाने तथा बाजार की अवधारणा और संरचना का प्रयोगात्मक अनुभव प्रदान करने के लिये इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है ।

इसमें इस कोर्स की 16 छात्राओं द्वारा 13 श्रेणियो के उत्पादों की प्रदर्शनी लगायी गयी। जिसमें हस्त निर्मित उत्पादों द्वारा कपड़ो और गृहोपयोगी वस्त्रो के साथ-साथ नये रचनात्मक प्रयोगो द्वारा ज्वेलरी, कीरिंग, बैग इन्यादि प्रदर्शित किये गये। इस आर्थिकोपार्जन प्रयोग में प्रो0 गरिमा उपाध्याय, डॉ० अंशु शुक्ला, डॉ० सुनीता दीक्षित, योगिता विश्वकर्मा एवं पद्मा के साथ जाहन्वी (शोध छात्रा) ने सहयोग किया।

गुरुवार, 20 फ़रवरी 2025

VKM Varanasi main students ने कला एवं साहित्य की सर्जनात्मक प्रतिभा को किया प्रदर्शित

अकादमिक और सांस्कृतिक मंच ‘सर्जना’ द्वारा दूसरे दिन हुई विभिन्न प्रतियोगिताएं 



Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी के अकादमिक और सांस्कृतिक मंच ‘सर्जना’ द्वारा गुरुवार 20 फरवरी को 'जीवन के रंग' विषय पर आधारित सप्ताह व्यापी कार्यक्रम  प्राचार्या प्रो.रचना श्रीवास्तव की अगुवाई में शुरू हुआ। उन्होंने छात्राओं की प्रतिभा एवं सृजानात्मकता की प्रशंसा करते हुए उन्हें अपने गुणों को उत्कृष्ट बनाने एवं निखारने के लिए उत्प्रेरित किया।


आयोजन का संचालन सर्जना संयोजिका प्रो. सीमा वर्मा, सह-संयोजिका डा. सुमन सिंह एवं महाविद्यालय की वरिष्ठ अध्यापिका  डा. शांता चटर्जी के निर्देशन में हुआ। इस प्रतियोगिताओं में रंगोली, कोलाज, डॉक्यूमेंट्री, चित्रकथा लेखन, पोस्टर प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। आरंभ रंगोली प्रतियोगिता से प्रातः 10:00 से हुआ। इस प्रतियोगिता में 11 छात्राएं उपस्थित रहीं। कोलाज प्रतियोगिता 11:30 से शुरू हुई जिसमें 13 छात्राओं ने भाग लिया। डॉक्यूमेंट्री प्रतियोगिता 12:00 से शुरू हुई जिसका मुख्य विषय 'काशी की धरोहर' था, इसमें 14 छात्राओं ने भाग लिया। चित्रकथा लेखन प्रतियोगिता में 90 छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन पोस्टर प्रतियोगिता से हुआ। इसमें 16 छात्राओं ने शिरकत किया। इसका मुख्य विषय ‘महाकुंभ' था। कार्यक्रम में महाविद्यालय के संकाय सदस्य एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी भी उपस्थित रहे। जिनमें मुख्य रूप से प्रो. ममता मिश्रा, डा. आरती कुमारी, डॉ. मंजू कुमारी, डॉ .सौमिली मण्डल, डा. वर्षा सिंह, एच. अम्बृष ने आयोजक की भूमिका निभाई। निर्णायक मंडल के रूप में प्रो.गरिमा उपाध्याय, प्रो. पूनम पाण्डेय, डॉ. शशिकला, डॉ.सपना भूषण, डॉ. प्रियंका, डॉ. सुप्रिया सिंह, डॉ. आरती चौधरी, डॉ.अनुराधा बापुली, सिमरन सेठ, डॉ. प्रियंका पाठक ने प्रतिभागियों के सृजनात्मक कौशल का आकलन किया। सभी कार्यक्रमों में महाविद्यालय की समस्त शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।