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सोमवार, 17 फ़रवरी 2025

Duniya भर में TB के 25 फीसदी केस भारत से

वाराणसी में भी है 6.5 हजार TB के एक्टिव केस


मोहम्मद रिजवान 

Varanasi (dil India live)। डीएवी पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत सोमवार को टीबी मुक्त भारत पर एक दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि श्रीशिव प्रसाद गुप्त मण्डलीय चिकित्सालय, कबीरचौरा के टीबी चिकित्साधिकारी डॉ. अन्वित श्रीवास्तव ने स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए कहा की टीबी की बीमारी से दुनियाभर मे लगभग 1 करोड़ मरीज चिह्नित किए गए है उनमें से 25 फीसदी सिर्फ भारत से है यानी कि 25 लाख मरीज। उसमें भी 33 फीसदी टीबी के मरीज उत्तर प्रदेश से आते है। वाराणसी में वर्तमान में साढ़े छः हजार टीबी के सक्रिय मरीज है जिनका इलाज चल रहा है। डॉ. अन्वित ने बताया कि भारत सरकार ने 2025 तक टीबी मुक्त भरत का लक्ष्य रखा है, यह लक्ष्य कठिन अवश्य है लेकिन असंभव नहीं, इसमें एनएसएस स्वयंसेवक काफी मददगार हो सकते है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति अनुसार राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक टीबी मुक्त भारत अभियान में निश्चय मित्र बनकर पूरा सहयोग कर सकते है।

अध्यक्षता करते हुए कार्यकारी प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने कहा कि स्वस्थ्य और निरोगी काया ही राष्ट्र निर्माण में सहयोग कर सकती है। क्षय मुक्त भारत अभियान में स्वयंसेवक जनचेतना के लिए कर्तव्यबोध करते हुए अपनी उपयोगिता सिद्ध कर सकते है।

कार्यक्रम अधिकारी एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. ओमप्रकाश कुमार ने कहा कि एनएसएस की स्थापना ही राष्ट्र निर्माण के विविध लक्ष्यों को ध्यान में रखकर की गई थी, सरकार ने इस बार बजट में एनएसएस के लिए प्रावधान 250 करोड़ से बढ़ाकर 450 करोड़ रुपये कर दिया है, जो अत्यंत सराहनीय है।

कार्यक्रम में टीबीएचबी शशिकेश मौर्या, संदीप कौशल, संजय भारती, टीबी चैंपियन मोहम्मद अहमद सहित स्वयंसेवक खुशी सिंह, शिक्षा मिश्रा ने भी विचार रखे। इस मौके पर टीबी अधिकारियों द्वारा स्वयंसेवको की जांच भी की गई। संचालन प्रशान्त द्वारा किया गया।

बुधवार, 28 दिसंबर 2022

TB free india अभियान से जुड़ीं NGO की महिलाएं

Ngo ने तैयार की पोषण पोटली

स्वास्थ्य विभाग ने क्रय कर क्षय रोगियों को पोटली की प्रदान 


Varanasi (dil india live). प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनपद में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रहीं हैं | इसी क्रम में बुधवार को राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) महिलाएं भी इस अभियान से जुड़ गयीं । काशी विद्यापीठ ब्लॉक के समूह की पाँच महिलाओं ने पोषण पोटली तैयार की और स्वास्थ्य विभाग ने सभी 22 पोषण पोटली को खरीद कर क्षय रोगियों को प्रदान की । यह पोटली में भुनी मूँगफली, भुना चना, चने की दाल, गुड़, न्यूट्रीला और लाई से परिपूर्ण है ।    

दुर्गाकुंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी ने पाँच क्षय रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की । उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से पोषण पोटली खरीदने का निर्देश प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश की तरफ से मिला है, जिसकी पहल बुधवार से की गई । इस दौरान सीएमओ ने क्षय रोगियों से उपचार और निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज के दौरान हर माह मिलने वाले 500 रुपये के बारे में जानकारी ली । क्षय रोगियों ने कहा कि हम नियमित दवा सेवन कर रहे हैं । निक्षय पोषण की राशि का भी इस्तेमाल पोषक तत्वों पर कर रहे हैं । सीएमओ ने उन्हें सम्पूर्ण उपचार और जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रेरित किया । उन्होने बताया कि पोषण पोटली से टीबी मरीजों को प्रोटीन व अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व मिलेंगे जो कि उपचार में उनकी मदद करेंगे । इस मौके पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ पीयूष राय मौजूद रहे । पिछले माह सीएमओ ने निक्षय मित्र के रूप में पाँच क्षय रोगियों को गोद लिया था । इसकेसाथ ही उन्हें पोषण पोटली भी प्रदान की गई थी ।

इसी कड़ी में जिले के अन्य चिकित्सा इकाईयों पर भी गोद लिए गए क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई । भेलूपुर स्थित स्वामी विवेकानंद मेमोरियल राजकीय चिकित्सालय में उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अमित सिंह ने निक्षय मित्र के रूप में पाँच टीबी रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की । दुर्गाकुंड सीएचसी पर ही अधीक्षक डॉ सारिका राय ने गोद लिए दो टीबी रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की । चौकाघाट सीएचसी के अधीक्षक डॉ मनमोहन शंकर सहित अन्य चिकित्सकों ने गोद लिए आठ क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की । वहीं नगरीय पीएचसी अर्दली बाजार की प्रभारी डॉ संगीता मौर्या ने दो टीबी मरीजों को पोषण पोटली प्रदान की । इसके अतिरिक्त हरहुआ और पिंडरा पीएचसी पर भी गोद लिए गए क्षय रोगियों को चिकित्साधिकारियों ने पोषण पोटली वितरित की ।

VKM Varanasi news : साहित्य और सिनेमा में केवल प्रस्तुति और प्रभाव का अंतर

"साहित्य व सिनेमा: अतः संबंध और रूपांतरण" विषय पर प्रो. संजीव का व्याख्यान Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्यालय कमच्...