सोमवार, 6 अक्टूबर 2025

Education: VKM Varanasi Main एनी बेसेंट के जन्म दिवसोत्सव का आगाज़

ऐनी बेसेंट का जीवन दर्शन सम्पूर्ण मानवता के उन्नयन के लिए प्रयास करना था-डा. रचना श्रीवास्तव 


Varanasi (dil india live). वसंत कन्या महाविद्यालय परिसर में एनी बेसेंट के जन्म दिवसोत्सव का शुभारंभ एनी बेसेंट के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। तत्पश्चात महाविद्यालय के कुलगीत को संगीत विभाग की विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर सीमा वर्मा के निर्देशन में तबले पर सौम्यकांति मुखर्जी के संयोजन में प्रस्तुत किया गया। अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव द्वारा उत्तरीय तथा पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया गया। 

स्वागत उद्बोधन में प्राचार्या ने कहा कि ऐनी बेसेंट जी का जीवन दर्शन स्वामी विवेकानंद के दर्शन सदृश्य संपूर्ण मानवता में उस अद्वैत शक्ति को स्वीकार कर सम्पूर्ण मानवता के उन्नयन के लिए प्रयास करना था। ‘सभी का सम्पूर्ण विकास’ तथा इसी ध्येय की प्राप्ति के लिए महाविद्यालय निरंतर प्रयासरत है। इस क्रम में एनी बेसेंट से संबंधित डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई, साथ ही हिंदी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर सपना भूषण की एनी बेसेंट पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण हुआ। तत्पश्चात  महाविद्यालय के ‘रंगमंच’ द्वारा डा.नैरजना श्रीवास्तव द्वारा रचित तथा निर्देशित नाटक के अन्तर्गत एनी बेसेंट तथा मालवीय के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के स्वरूप निर्माण, तथा महत्व एवं बेसेंट के अद्वितीय योगदान सम्बंधित अंतर्भाव को बड़े प्रभावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया।


एनी बेसेंट के जन्म दिवसोत्सव पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में निबंध प्रतियोगिता 29 सितंबर को आयोजित की गई थी। जिसमें कुल 67 प्रतिभागियों ने प्रतिभा किया था। उक्त प्रतियोगिता से संबंधित सर्टिफिकेट वितरण महाविद्यालय की प्राचार्या तथा सम्मानीय अतिथि द्वारा किया गया। प्रोफेसर कुमुद रंजन द्वारा अपने व्याख्यान में कहा कि एनी बेसेंट का जीवन प्रत्येक छात्रा के लिए एक प्रेरणा है।हम सभी को उनके जीवन तथा दर्शन को सम्पूर्ण मानवता के विकास के लिए अंगीकार करना चाहिए। 

इनकी रही खास मौजूदगी 

कार्यक्रम में हिंदी विभाग की विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर आशा यादव, दर्शन विभाग की विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर ममता मिश्रा, इतिहास विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो. पूनम पांडे, डॉ मंजू कुमारी, डॉ. पूर्णिमा, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. आरती चैधरी, डॉ. शशिकेष कुमार गोंड, डॉ. सिमरन सेठ, डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव, डॉ. पूनम , डॉ. मालविका, डॉ. राजलक्ष्मी आदि उपस्थित थी। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. प्रतिमा सिंह (दर्शन विभाग) द्वारा तथा संचालन डॉ. प्रीति विश्वकर्मा द्वारा किया गया।

कोई टिप्पणी नहीं: