Abu Huzaifa बने महज़ छह महीने में हाफ़िज़-ए-कुरान
घर में छायी ईद सी खुशियां
Varanasi (dil india live). Abu Huzaifa हिफ्ज के ऐसे Student (छात्र) हैं जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से महज़ छह महीने में मुकम्मल कुरान (Quran) कंठस्थ कर रिकार्ड बनाया है। इसी के साथ अब वो हाफ़िज़-ए-कुरान बन गये हैं। उनके हाफिज बनने से घर में न सिर्फ ईद (Eid) सी खुशियां है बल्कि उनके पास पड़ोस के लोग भी उन्हें मुबारकबाद देते नहीं थक रहे हैं।
मदरसा तालीमुद्दीन पुरानापुल के प्रधानाचार्य (Principal) मौलाना रिज़वानुल्लाह नोमानी खुश हैं। वो कहते है कि मो. असलम के साहबजादे Abu Huzaifa एक प्रतिभाशाली मलबा (छात्र) है। उनके Teacher (शिक्षक) हाफ़िज़ मौलाना हबीब-उर-रहमान मज़हरी ने 7 साल की उम्र में महज़ 6 महीने में ही कुरान मुकम्मल याद (कंठस्थ) कराया है।
Quran इंसान के लिए जीवन का स्रोत
अबु हुज़ैफ़ा के कुरान को याद करने पर एक कार्यक्रम का आयोजित किया गया। इस अवसर पर मदरसा के प्रधानाचार्य मौलाना रिज़वानउल्लाह नोमानी ने कहा कि कुरान इंसान के लिए जीवन का स्रोत है। अल्लाह ने पवित्र (paak) कुरान को सुरक्षित रखने की ज़िम्मेदारी ली है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। इसका सबसे अच्छा उदाहरण हाफ़िज़ों के रूप में है। अल्लाह तआला ने पवित्र कुरान को हाफ़िज़ों के सीने में सुरक्षित रखा है। उन्होंने आगे कहा कि ये हाफ़िज़ क़ुरान और उनके माता-पिता बधाई के पात्र हैं। कल हश्र के मैदान में उनके सिरों पर नूर का ताज रखा जाएगा। इसलिए जो कोई भी पवित्र क़ुरान से जुड़ा होगा, उसे दोनों जहां में कामयाबी मिलेगी।
हाफिज हुजैफा की हुई गुलपोशी
इस अवसर पर मदरसे के सदस्यों, विशेष रूप से छात्र हुजैफा के शिक्षक मौलाना हबीब-उर-रहमान मज़हरी और मदरसा के प्रधानाचार्य मौलाना रिज़वानुल्लाह नोमानी ने अपनी खुशी का इज़हार करते हुए हार्दिक बधाई दी और दुआओं के साथ उन्हें आशीर्वाद दिया। उधर सुल्तान क्लब के सदर डा. एहतेशामुल हक़ ने हाफिजे कुरान अबु हुजैफा की गुलपोशी कर मुबारकबाद दी।


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