बक्शीजी मस्जिद में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का आयोजन
खजूर वाली मस्जिद में जुटे गौसे आज़म के दीवाने
सदर क़ाज़ी ए शहर बनारस की सदारत में जश्न ए ग़ौसे आज़म संपन्न
Varanasi (dil India). शहर और ग्रामीण इलाकों में जश्ने गौसुलवरा की धूम मची हुई है। इस दौरान गौसे पाक का लंगर भी जगह जगह जारी है। ऐसे ही बक्शी जी की मस्जिद में जश्ने ईद मिलादुन्नबी व जश्ने गौसुलवरा का आयोजन किया गया। इस प्रोग्राम को बक्शी जी बड़ी मस्जिद के इमाम मौलाना हकीमुद्दीन की अगुवाई में हुआ। इस दौरान कई उलेमा ने नबी की शान में तकरीर करते हुए कहा कि नबी के अमन और मिल्लत के पैग़ाम को गौसे पाक ने आगे बढ़ाया। इस मौके पर नातखां ने अपनी नातो से पूरे माहौल को रूहानी बना दिया। आयोजन के दौरान मदरसे के बच्चों को इस्लामी किताबें बांटीं गई। इस महफिल में मदरसे के मुतवल्ली अब्दुर रहमान के अलावा अब्दुल कादिर, सूफी नईम, नसीम अहमद आदि लोग शरीक हुए। आखिर में दुआखवानी हुई और अपने देश मे अमन और मिल्लत के लिए खुसुसी तौर पर दुआएं की गई।
खजूर वाली मस्जिद में जश्ने गौसे आज़म
नई सड़क खजूर वाली मस्जिद में जश्ने गौसे आजम ज़ेरे सदारत सदर क़ाज़ी ए शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने ख़ेताब करते हुए सामईन से फरमाया कि गौसे आज़म रज़ी अल्लाह तला अन्हू को मानने के साथ-साथ गौसे पाक की मानना भी जरूरी है। 11वीं शरीफ मनाना, लंगर खिलाना, फातिहा करना, यह तमाम काम से ज़ाहिर होता है कि आप गौस पाक को मानते हैं। लेकिन गौस ए पाक को मानना और है गौस पाक की मानना और है। अगर गौसे पाक की आप मानते हैं तो आपको झूठ, ग़ीबत, चुग़ली, वादा खिलाफी, बे नमाज़ी होना इन तमाम चीजों से तौबा करके गौसे आज़म की राह पर चलना होगा। यह सरकार गौसे पाक की मानने का मिशन है।
सदर मुफ्ती बोर्ड मौलाना मुफ्ती अब्दुल हादी खान हबीबी ने अपने हाज़िरीन से सरकार गौसे पाक की सच्ची अ़क़ीदत रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गौसे पाक की सच्ची मोहब्बत ही हमारी दुनिया और आखिरत संवार सकती है। मस्जिद के इमाम हाफ़िज़ मुख्तार अहमद ने इस प्रोग्राम का एहतेमाम किया और आखिर में सलातो सलाम और दुआ पर मूल्को मिल्लत की सलामती के साथ-साथ अमन की दुआ पेश की गई।






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