शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025

Education : DAV PG College में कार्य स्थल पर महिलाओं के लिए चुनौतियां एवं अवसर पर संगोष्ठी

3 फीसदी ही महिलाओं की उच्च पदों तक पहुंच

कार्यस्थल पर दक्षता से खुद को साबित करें महिलाएं- मेजर निशा



Varanasi (dil india live)। डीएवी पीजी कॉलेज में शुक्रवार को IQAC (आइक्यूएसी) के अंतर्गत स्त्री विमर्श प्रकोष्ठ के तत्वावधान में कार्य स्थल पर महिलाओं के लिए चुनौतियां एवं अवसर विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता IIT (आईआईटी) BHU की डिप्टी रजिस्ट्रार (अकादमिक) मेजर निशा बलोरिया ने कार्यस्थल पर महिलाओं को आने वाली समस्याओं पर खुलकर विमर्श किया। उन्होंने कहा कि आज जब महिलाएं पुरुषों के साथ कदम से कदम मिला कर चल रही है और काफी क्षेत्रों में उनसे आगे भी है बावजूद उसके सिर्फ 2 या 3 फीसदी महिलाएं ही उन उच्च पदों तक पहुंच पाती है जहां वें नीतिगत निर्णयों में भागीदार हो या स्वयं नीतियां निर्धारित कर सकें। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं को नारी की पहचान से अलग कार्य को निपुणता पूर्वक सम्पन्न कर खुद को साबित करने वाली होनी चाहिए। कॉरपोरेट सेक्टर में महिलाओं को काम करना सबसे मुश्किल है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को सबसे पहले खुद के लिए लक्ष्य निर्धारित करना, स्वयं से प्यार करना सीखना होगा। 


अध्यक्षता करते हुए कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने कहा कि प्रशासनिक और नेतृत्वकारी पदों पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वास्तविक सशक्तिकरण तभी होगा जब जड़ताओं से मुक्त होक समान अवसरों और सम्मान की मिले।

प्रकोष्ठ की समन्वयक एवं उपाचार्य प्रो.संगीता जैन ने कहा कि समाज मे नारी विरोधी कुछ नए शब्द चलन में आ गए है  इसमें मैनस्प्लेनिंग और मैन्टरप्टिंग जैसे लैंगिक शब्दों की उत्पत्ति और उनके अर्थ पर चर्चा की।

       


स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका अभिनन्दन
संगोष्ठी के प्रारंभ में प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने मुख्य वक्ता को स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका अभिनन्दन किया। संचालन डॉ. वन्दना बालचंदानी एवं धन्यवाद ज्ञापन IQAC की समन्वयक Dr Parul Jain (डॉ. पारुल जैन) ने दिया। इस मौके पर मुख्य रूप से प्रकोष्ठ की सह समन्वयक प्रो.पूनम सिंह, प्रो.ऋचारानी यादव, डॉ. स्वाति सुचरिता नंदा, प्रो.अनूप मिश्रा, डॉ. साक्षी चौधरी, डॉ. कल्पना सिंह, डॉ. हसन बानो, डॉ. नेहा चौधरी, डॉ. तरु सिंह, डॉ. प्रतिमा गुप्ता, डॉ. शालिनी सिंह, रुचि भाटिया सहित बड़ी संख्या में महिला प्राध्यापिका एवं छात्राएं उपस्थित रही।

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