शनिवार, 4 अक्टूबर 2025

ईदगाह पुलकोहना के इमाम Maulana Nurulhasan का अल्लाह को हुए प्यारे

धन्नीपुरा आवास पर ली मौलाना ने अंतिम सांस 


Varanasi (dil india live). वाराणसी आज ईदगाह पुरानापुल पुलकोहना के इमाम व प्रख्यात धार्मिक विद्वान जामिया अरबिया मतल-उल-उलूम कमनगढ़ा वाराणसी के पूर्व प्रधानाचार्य मौलाना अलहाज नूरुल हसन कासमी (92 वर्ष) का दोपहर 12 बजे धन्नीपुरा (कमालपुरा) सिथत आवास पर इंतेकाल हो गया। वो मदरसा मतलउल उलूम के सदर भी थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी समाज की बेहतरी के लिए और बच्चों की तालीम के लिए वक्फ कर दिया था। 

मौलाना पिछले कई महीनों से बीमार चल रहे थे जिनका इलाज वरिष्ठ डाक्टरों के द्वारा किया जा रहा था। उनके परिवार से जुड़े पार्षद पति हाजी ओकास अंसारी ने उनके इंतकाल की खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि शनिवार को दोपहर 12:00 मौलाना ने अंतिम सांस ली। इनके इंतेकाल से पूरा मुस्लिम समाज बहुत दुखी है। मौलाना अपने पीछे पत्नी के साथ साथ 3 पुत्र और 2 पुत्री छोड़ गए है । इनके इंतेकाल की खबर सुन कर बनारस के सभी बुनकर बिरादराना तंजिमों ने गहरा दुःख प्रकट किया है। डाक्टर एहतेशामुल हक़ ने बताया कि मौलाना ने बनारस के जामिया अरबिया मतल-उल-उलूम में 45 वर्षों तक अध्यापन कार्य किया। वे सिटी गर्ल्स इंटरमीडिएट कॉलेज के अध्यक्ष और चांद हिलाल कमेटी के सदस्य भी थे। वे बहुत ही नेक दिल इंसान थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन धार्मिक कार्यों एवं सामाजिक कार्यों में बिताया। जब वे बड़े धार्मिक समारोहों को संबोधित करते थे, तो लोग बड़ी संतुष्टि और शांति के साथ उन्हें सुनते थे। शायर ज़मज़म रामनगरी ने कहा कि वे क्षेत्र में एक महान धार्मिक विद्वान के रूप में जाने जाते थे और उनके निधन से समाज में जो क्षति हुई है, उसे भरना बहुत कठिन है।

जनाजे में हजारों लोग होंगे शामिल 

मौलाना नूर-उल-हसन साहब की जनाज़े की नमाज़ में सभी विचारधाराओं के हजारों लोग शामिल होंगे। ख्वाजापुरा मैदान में ईशा की नमाज़ के बाद जनाज़े की नमाज़ अदा की जाएगी। उन्हें आबाई कब्रिस्तान सिंधवा घाट पर सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

           इन्होंने जताया अफसोस 

मुफ्ती बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, मदरसा मतल-उल-उलूम कामनगढ़ा के नाजिम-ए-आला हाजी मंजूर अहमद, मौलाना निसार अहमद, जमीयत उलेमा पूर्वी क्षेत्र के अध्यक्ष मुफ्ती महमूद आलम, जमीयतुल अंसार के महासचिव इशरत उस्मानी, सामाजिक संस्था सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डॉ. एहतेशामूल हक, महासचिव हुरमतुल हसन नन्हें, उर्दू बीटीसी टीचर्स एसोसिएशन के महासचिव जफर अंसारी, मरियम फाउंडेशन के अध्यक्ष शाहिद अंसारी, आजाद हिंद रिलीफ सोसायटी के जुल्फिकार अली नक्शबंद, फनने सिपाह गिरी के असलम खलीफा, सर सैयद सोसायटी के सचिव हाजी इश्तियाक अंसारी, जमीयत उलेमा जिला बनारस के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल्ला नासिर, सिटी गर्ल्स स्कूल के प्रबंधक हाजी रईस अहमद एडवोकेट, नेशनल इंटर कॉलेज पीलीकोठी के अध्यक्ष हाजी अखलाक अहमद, प्रबंधक हाजी मकबूल हसन, बुनकर बिरादराना तंजीम के अध्यक्ष सरदार हाफिज मोइनुद्दीन, बुनकर नेता शमीम अंसारी,पूर्व विधायक हाजी समद अंसारी, गुलिस्तां स्कूल के प्रबंधक मुबीन अंसारी, मदरसा तालीमुद्दीन पुराना पुल के सदर मुफ्ती रिजवानुल्लाह नोमानी, मौलाना इफ्तिखारुद्दीन आदि ने शोक व्यक्त किया।

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