सजी महफिलें, जमा मस्जिदों में रहा जश्न का माहौल
Varanasi (dil india live). juma mubarak के मौके पर 11वे इमाम हज़रत इमाम हसन असकरी की 1215 वीं यौमे पैदाइश पुरे अक़ीदत और एहतेराम के साथ देश और दुनिया भर की तरह अपने शहर बनारस में भी अक़ीदत के साथ मनाई गयी। इस दौरान काली महल शिया मस्जिद में हाजी फरमान हैदर ने तक़रीर करते हुए बताया की इमाम का सारा जीवन मानवता की सेवा में गुज़रा, उन्होंने ने सारी दुनिया को इल्म की दौलत से मालामाल किया और सब्र का पैग़ाम दिया ।
10 रबी अल-सानी सन 232 हिजरी को इमाम का जन्म हुआ था और आपका नूरानी रौज़ा इराक के समरा शहर में स्थित है। पूरे शहर में मुखतालिफ़ जगह जश्न मनाया गया जिनमें अर्दली बाजार, शिवपुर, पठानी टोला, राजापुरा, दोषीपुरा, कच्चीबाग, कालीमहल, चौक, रामनगर, भेलूपुरा , दालमंडी आदि इलाक़े शामिल रहे, शहर के 5 जमा मस्जिदों में उलमाओं ने तक़रीर किया, इमाम की ज़िन्दगी पर रौशनी डाली और शायरों ने इमाम की शान में कलाम पेश किये।
इन्होंने किया खेताब
तक़रीर करने वालों में मौलाना ज़मीरुल हसन मौलाना, मौलाना अकील अकील हुसैनी, मौलाना शेबी हुसैनी, मौलाना ज़ायर हुसैन, मौलाना इकबाल हैदरी, मौलाना तौसीफ, मौलाना बाक़िर बलियावी आदि आलिम शामिल थे। वहीं कलाम पेश करने वालों में प्रोफेसर अज़ीज़ हैदर, रेहान बनारसी, दिलकश ग़ाज़ीपुरी, बाक़िर बलियावी, रिजवान बनारसी, अतश बनारसी, अतहर बनारसी, आशूर बनारसी, मेहदी बनारसी, अंसार बनारसी आदि लोग शामिल रहे।


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