शनिवार, 11 अक्टूबर 2025

UP: Bijli karmchari एकजुट, 317 वें दिन भी किया निजीकरण का विरोध

बोलें: वर्षो की पढ़ाई लिखाई को बर्बाद नही होने देंगे, मरते दम तक करेंगे विरोध

 

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil india live)। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश (UP) के बैनर तले आज Banaras के बिजलीकर्मियो ने निजीकरण के विरोध में चल रहे Andolan के 317 वें दिन (Day) भी विरोध प्रदर्शन जारी रखते हुए ऐलान किया कि अपने वर्षो की कड़ी मेहनत से पढ़ाई लिखाई करने के बाद मिली इस नौकरी को बर्बाद नही होने देंगे, मरते दम तक निजीकरण का विरोध करेंगे।

    वक्ताओं ने भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा सम्पूर्ण विद्युत वितरण क्षेत्र के निजीकरण के लिये जारी किये गए ड्राफ्ट इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 का विरोध करते हुए उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि निजीकरण हेतु भारत सरकार द्वारा जारी ड्राफ्ट बिल को देखते हुए उप्र सरकार को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय तत्काल निरस्त करें, जो इस ड्राफ्ट बिल के प्राविधान के अनुसार सरकारी क्षेत्र में विद्युत वितरण निगमों को बनाए रखने की नीति  का विरोधाभासी है।

   वक्ताओ ने आज यहां बताया कि यद्यपि कि ड्राफ्ट इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 का भी बिजली कर्मी पुरजोर विरोध करेंगे किन्तु इस ड्राफ्ट बिल के प्रावधानों को देखते हुए उप्र सरकार को पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय वापस लें।

       संघर्ष समिति ने कहा कि UP सरकार के वर्तमान निर्णय के अनुसार पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अन्तर्गत आने वाले सभी सभी 42 जनपदों का निजीकरण कर उन्हें किसी निजी कंपनी को सौंपा जाएगा जिसका तात्पर्य यह होगा कि इन सभी जनपदों में विद्युत वितरण में निजी घरानों की मनॉपली हो जाएगी ।

       इसके विपरीत ड्राफ्ट  इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट)  बिल 2025 में यह प्राविधान है कि सरकारी क्षेत्र में काम कर रहे विद्युत वितरण निगमों को काम करने दिया  जाएगा साथ ही निजी कंपनियों को सरकारी विद्युत वितरण निगमों के मौजूदा नेटवर्क को इस्तेमाल कर विद्युत वितरण हेतु विद्युत वितरण के लाइसेंस दिए जा सकेंगे। 


केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय को प्रतिवेदन भेजेंगे 

 संघर्ष समिति ने कहा कि सरकारी विद्युत वितरण निगमों के नेटवर्क का इस्तेमाल करने की निजी घरानों को अनुमति देने का यह प्राविधान भी जनहित में नहीं है जिस पर संघर्ष समिति केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय को शीघ्र ही अपना प्रतिवेदन भेजेगी।

   सभा को इन्होंने किया संबोधित 
ई. मायाशंकर तिवारी, अंकुर पाण्डेय, पंकज कुमार, बृजेश कुमार, विकास ठाकुर, दिनेश कुमार, समीर पाल, अरुण कुमार,आशुतोष राय, जितेंद्र कुमार, नागेंद्र कुमार, छोटेलाल आदि ने संबोधित किया।

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