बुधवार, 8 अक्टूबर 2025

Education:Mahatma Gandhi Kashi Vidyapeeth का 47 वां दीक्षांत समारोह

101 छात्र-छात्राओं को मिला स्वर्ण पदक, तीन ट्रांसजेंडर भी शामिल 

अदब जहांगीर को उनके खास शोध के लिए मिली उपाधि 

"महात्मा गांधी की बुनियादी शिक्षा के संदर्भ में इस्लामी मदरसों के दृष्टिकोण का अध्ययन" पर अदब ने किया शोध


Varanasi (dil india live). आज रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 47 वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्रों को उपाधियां प्रदान की गईं। UP की राज्यपाल और कुलाधिपति महामहिम आनंदीबेन पटेल ने स्वयं दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की। इस बार पहली बार महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का दीक्षांत समारोह (MGKVP Convocation) विश्वविद्यालय परिसर से बाहर रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समारोह में 101 छात्रों को 103 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। खास बात यह रही कि इस बार तीन ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को भी स्नातकोत्तर की उपाधि दी गई। समारोह की मुख्य अतिथि एआईआईएमएस, नई दिल्ली की पद्मश्री प्रोफेसर सरोज चूड़ामणि रहीं।

समारोह के दौरान अर्दली बाजार निवासी गांधी विचार के शोध छात्र अदब जहांगीर को पीएच.डी. की उपाधि से सम्मानित किया गया। अब अदब Dr. अदब जहांगीर के नाम से जाने जाएंगे।

महात्मा गांधी और मदरसों पर शोध 

अदब जहांगीर का शोध विषय "महात्मा गांधी की बुनियादी शिक्षा के संदर्भ में इस्लामी मदरसों के दृष्टिकोण का अध्ययन" है। यह विषय वर्तमान सामाजिक और शैक्षिक परिप्रेक्ष्य में अत्यंत प्रासंगिक माना जा रहा है। उनके शोध में यह स्पष्ट किया गया कि महात्मा गांधी के शैक्षिक विचार न केवल राष्ट्रीय शिक्षा नीति की नींव हैं, बल्कि समाज में व्याप्त अनेक बुराइयों को दूर करने और आदर्श मानव के निर्माण में भी सहायक सिद्ध होते हैं।


गांधी जी और मदरसों के दृष्टिकोण
उन्होंने अपने शोध के माध्यम से यह दर्शाया कि यदि गांधीजी की बुनियादी शिक्षा और इस्लामी मदरसों के शैक्षिक दृष्टिकोण को एक साझा मंच पर लाया जाए, तो एक ऐसी समावेशी एवं मानवतावादी शिक्षा प्रणाली का निर्माण संभव है, जो वैश्विक स्तर पर भारत की अद्वितीय पहचान बना सकती है। समारोह में कुलपति, प्राचार्यगण, शिक्षकगण, शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने बेटियों को किया सतर्क 

रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 47 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं को जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि आजकल लिव-इन रिलेशनशिप का चलन बढ़ गया है, इससे सावधान रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, “ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जो बेहद दर्दनाक हैं। पिछले कुछ दिनों से ऐसी घटनाओं की खबरें मिल रही हैं, जिन्हें सुनकर मन व्यथित हो जाता है। समाज में ऐसे लोग हैं जो उपयोग के बाद आपको छोड़ देते हैं। इसलिए सही निर्णय लीजिए और खुद को सुरक्षित रखिए।”
राज्यपाल ने आगे कहा कि हाल ही में एक हाईकोर्ट के जज ने उनसे पॉक्सो एक्ट से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा की थी। उन्होंने बताया कि अपराधी अक्सर भाग जाते हैं और न्याय में देरी होती है। इस पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से कहा कि उन्हें इस विषय पर सर्वे या पहल के जरिए बच्चियों तक पहुंचना चाहिए ताकि उन्हें सुरक्षा और मार्गदर्शन मिल सके। राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने 40 लड़कियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की थी, जिनमें से चार ने अपनी दर्दभरी कहानियां सुनाईं। किसी ने बताया कि पिता प्रताड़ित करते थे, किसी ने मामा, काका या पड़ोसी का नाम लिया। उन्होंने कहा, “इन बच्चियों ने साहस दिखाया, पुलिस में रिपोर्ट की, और अब अपराधी जेल में हैं। लेकिन जब मैंने बाकी बच्चियों की बातें सुनीं, तो दिल दहल गया।”
उन्होंने कहा कि करीब 80 ऐसी बेटियों से भी मैंने मुलाकात की जो लिव-इन में रहने के बाद छोड़ दी गईं। “किसी के पास दो महीने का बच्चा था, किसी के पास एक साल का। 

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