गुरुवार, 23 जुलाई 2026

political news 23 July 2026: आजमगढ़ जिले के निजामाबाद सीट से SP Oldest MLA Alam Badi के इंतकाल से सपा में छायी मायूसी

यूपी के सबसे बुजुर्ग विधायक थे आलमबदी, निजामाबाद से 5 बार चुने गए एमएलए
Alam Badi Azmi MLA sp death 2026
SP MLA Nizamabad azamgarh Alam Badi Azmi or SP president akhilesh yadav (file photo)


  • Mohd Rizwan 
dil india live (Azamgarh). उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निजामाबाद (Nizamabad) सीट से पांच बार विधायक रहे अलामबदी आजमी का 90 वर्ष की उम्र में इंतकाल होने से सपा में जहां मायूसी है वहीं समर्थकों में भी अफसोस दिखाई दिया। सूत्रों के अनुसार वह उत्तर प्रदेश के सबसे बुजुर्ग (Oldest MLA Alam Badi in Uttar pradesh) सपा विधायक थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए सामने आई है। उन्हें शाम में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके जनाजे में तकरीबन बीस हजार लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था।

जानिए आलमबदी आज़मी को

आजमगढ़ में जन्मे आलमबदी आज़मी सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के खास थे। समाजवाद उनके रग-रग में बसा था। आजमगढ़ ही नहीं पूरे पूर्वांचल में उनकी अलग पहचान थी। वो विधायक होते हुए भी कभी स्कूटी से विधानसभा पहुंच जाते थे तो कभी उन्हें रिक्शे की सवारी करते लोग देखते। सपा के गांधी नाम से वो चर्चित थे। उन्होंने निजामाबाद सीट पर पांच बार जीत हासिल कर रिकार्ड कायम किया था। उनकी तबीयत नासाज होने के बाद उन्हें 13 अप्रैल को लखनऊ के मेदांता अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था। जहां से ठीक होने के बाद वो वापस आजमगढ़ लौट आए थे। इसके बाद जून और जुलाई में भी उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया और वहीं से इनका इलाज चल रहा था। इसी दौरान बुधवार की देर रात उनके इंतकाल की खबर ने अजीजों को मानो तोड़ दिया हो घर से लेकर रिश्तेदारों अजीजों व समर्थकों की आंखें खुल ब खुद नम हो गई।

समर्थकों में मचा कोहराम 

निधन की खबर सुनते ही उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। वह 1996 से लेकर 2007 तक निजामाबाद सीट से विधायक चुने गए थे। वर्तमान में भी वह पांचवीं बार जीत कर विधायक बने थे। सपा विधायक आलमबदी आजमी अपने राजनीतिक अनुभव के चलते सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी बताए जाते थे। गोरखपुर टेक्निकल इंस्टिट्यूट से उन्होंने 1956 में इलेक्ट्रिक और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। 12वीं तक की शिक्षा उन्होंने इस्लामिया कॉलेज गोरखपुर से ही पूरी की थी।

उनके निधन के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, "समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं आज़मगढ़ की निज़ामाबाद विधानसभा से लोकप्रिय विधायक जनाब आलम बदी साहब का इंतकाल, अत्यंत दुखद! दिवंगत आत्मा को शांति दें भगवान। शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो। भावभीनी श्रद्धांजलि!"

संभल से सपा की विधायक पिंकी यादव ने उनके निधन पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा है। उन्होंने लिखा कि निजामाबाद विधानसभा का पांच बार प्रतिनिधित्व करने वाले आजमी साहब का इंतकाल अत्यंत दुखद समाचार है। उनका पूरा जीवन विचारधारा, जन सेवा और सामाजिक सौहार्द के मूल्यों को प्रति समर्पित रहा। वह सादगी और जनता के प्रति समर्पण की जीवंत मिसाल थे। उनका जाना समाजवादी परिवार एवं प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।

बहरहाल आलमबदी आज़मी भले ही इस दुनिया से अलविदा कह चुके हो मगर उनके काम के चलते उन्हें रहती दुनिया तक याद रखा जाएगा। बताया तो यहां तक जाता है कि जब 1970 और 80 के दशक में जब ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, तब आलम बदी ने बिजली, सड़क और शिक्षा जैसे तकनीकी और बुनियादी मुद्दों को लेकर स्थानीय स्तर पर न सिर्फ आवाज़ उठानी शुरू की बल्कि उनके इसी अध्ययनशील और गंभीर स्वभाव ने उन्हें जनता के बीच न सिर्फ लोकप्रिय बना दिया बल्कि वो पांच बार विधानसभा पहुंचे और अपनी अलग पहचान के चलते ही मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव दोनों के नजदीकी थे। जनता उन्हें दूसरा गांधी कहा करती थी। उनके आगे पीछे गाड़ियां और काफिला नहीं बल्कि आम जनता और उनके मुद्दे उनके झोले में हुआ करता था। अलविदा आलमबदी आज़मी।

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