गुरुवार, 16 जुलाई 2026

BLW Varanasi 15 July 2026 :India Government के गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के तत्वावधान में हुई कार्यान्वयन समिति की बैठक

डीएलडब्ल्यू में महाप्रबंधक आशुतोष पंत की अध्यक्षता में हिंदी के क्रियान्वयन के लिए हुई बैठक 

हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन एवं नवाचार पर हुआ व्यापक मंथन

नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के  प्रतिनिधियों ने भाग लिया


  • F.farooqui/ Ajeet Singh rajpoot

dil india live (Varanasi). भारत सरकार के गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी की छमाही बैठक आज 15 जुलाई, 2026 को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका), वाराणसी में नराकास के अध्यक्ष एवं बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक का शुभारंभ अध्यक्ष आशुतोष पंत के स्वागत एवं स्मृति-चिह्न स्वरूप पुस्तक भेंट के साथ हुआ। मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं नराकास के उपाध्यक्ष रामजन्म चौबे ने स्वागत संबोधन में सभी सदस्य कार्यालयों का अभिनंदन करते हुए राजभाषा हिंदी के प्रभावी, व्यवहारिक एवं जनोन्मुखी प्रयोग पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन नराकास के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी, बरेका यथार्थ पाण्डेय ने किया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयी भाषा नहीं, बल्कि प्रशासन और जन संपर्क के बीच एक सशक्त सेतु है। उन्होंने सभी सदस्य कार्यालयों से हिंदी के प्रयोग को और अधिक सरल, प्रभावी तथा तकनीक-सम्मत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने आधुनिक हिंदी के युग-प्रवर्तक भारतेंदु हरिश्चंद्र का स्मरण करते हुए कहा कि "निज भाषा उन्नति अहै" का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और हमें प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए निरंतर प्रेरित करता है।

बनारस दर्पण व अभ्युदय का लोकार्पण

इस अवसर पर नराकास, वाराणसी की पत्रिका "बनारस दर्पण" तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-बीएचयू), वाराणसी की राजभाषा पत्रिका "अभ्युदय" का लोकार्पण भी किया गया।

बैठक में पिछली बैठक की कार्यवृत्त की पुष्टि, लिए गए निर्णयों पर अनुपालन की समीक्षा तथा सदस्य कार्यालयों द्वारा प्रस्तुत राजभाषा संबंधी प्रगति एवं आँकड़ों की विस्तृत समीक्षा की गई। विभिन्न सदस्य कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संस्थानों में हिंदी के प्रचार-प्रसार, नवाचारों तथा सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से जुड़े अनुभव साझा किए।

बैठक में नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुखों, विभागाध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी आशीष जैन ने अपने संबोधन में कहा कि "किसी भी संगठन की सफलता की कुंजी जनता से उसका जुड़ाव है और हिंदी इस जुड़ाव का सबसे सशक्त माध्यम है।"

बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर 

सहायक निदेशक (कार्यान्वयन), गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, अजय कुमार चौधरी ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल माध्यमों में हिंदी के बढ़ते उपयोग तथा सदस्य कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में बरेका के उप महाप्रबंधक  सागर एवं प्राचार्य, प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र सुभाष चंद्र यादव भी उपस्थित थे।

अंत में नराकास, वाराणसी के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी, बरेका यथार्थ पाण्डेय ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि बैठक में हुए सार्थक विचार-विमर्श एवं सुझावों से वाराणसी के सदस्य कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को नई गति, नई ऊर्जा एवं नई दिशा प्राप्त होगी।

कोई टिप्पणी नहीं: