शुक्रवार, 21 अगस्त 2026

Eid miladunnabi 26 August 2026: पुलिस अधिकारियों संग हुई बैठक, हुआ तय जुलूसे मोहम्मदी में नयी परम्परा न हो क़ायम

नबी की पैदाइश पर अमन मिल्लत संग निकलेगा जुलूस-ए-मोहम्मदी 

100 गाड़ियों की मिली है जुलूस में परमीशन-सदर क़ाज़ी-ए-शहर मौलाना हसीन अहमद हबीबी 

अपील: दूसरे जनपदों से जुलूस में शामिल होने न आएं
Eid miladunnabi 26 August 2026


dil india live (Varanasi). जुलूस-ए-मोहम्मदी को सकुशल और शांतिपूर्वक संपन्न कराने को लेकर police प्रशासन और शहर के संभ्रांत लोगों की एक अहम बैठक DCP Kashi zone के मैदागिन स्थित कार्यालय पर हुई जिसमें कमिश्नरेट के तमाम पुलिस अधिकारी मौजूद थे। बैठक में तय किया गया कि जुलूस में कोई भी नया काम या नयी परम्परा नहीं कायम किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पिछले 28 वर्षों से जुलूस के लिए मरकजी दावते इस्लामी जुलूस-ए मोहम्मदी कमेटी परमिशन लेती चली आ रही है।

हर साल नबी का जश्न मनाया जाता है जुलूस में जिसे शामिल होना है वो हो सकता है। बैठक में आवाम को बताया गया कि जुलूस की परमीशन सदर काजी ए शहर मौलाना हसीन अहमद हबीबी को सौंपी गई है। प्रशासन ने जुलूस में अधिकतम 100 गाड़ियों को शामिल करने की अनुमति दी है। एसीपी ने कहा कि पिछले साल भी सौ गाड़ियों की अनुमति दी गई थी मगर उससे बहुत ज्यादा गाडियां शामिल हुई। जुलूस में दूसरे जनपदों की भी गाडियां शामिल थी। इससे यातायात व्यवस्था को संभालने में परेशानी उठानी पड़ी थी। इस पर मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने कहा कि मेरी तमाम लोगों से अपील है कि दूसरे जिलों के लोग शामिल न हो।

एसीपी दशाश्वमेध को सौंपें शामिल होने वालों की लिस्ट 

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जुलूस में जिन्हें भी शामिल होना है वो हो सकते हैं लेकिन परमीशन वाली 100 गाड़ियों का पूरा ब्यौरा देना अनिवार्य होगा। इसके लिए प्रत्येक गाड़ी का नंबर और उस पर सवार लोगों का आधार कार्ड दो दिन के भीतर एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी के कार्यालय में सदर काजी को जमा करना होगा।

प्रशासन ने साफ किया कि जुलूस में दूसरे जिलों की गाड़ियां शामिल नहीं होंगी। साथ ही सुरक्षा कारणों से तबर्रुक/खाने-पीने का सामान गाड़ियों से न बांटकर सड़क के किनारे स्टाल लगाकर वितरित किया जाए। ताकि किसी तरह की कोई दुश्वारी न हो।

बैठक में तमाम प्रशासनिक अधिकारी और शहर भर के सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि जुलूस शांति, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ संपन्न होगा।


सारी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए नबी

मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने कहा कि पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद साहब सारी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए थे। उन्हें रब ने अमन और मिल्लत का धरती पर दूत बनाकर भेजा था। उस दौर में अरब की धरती तमाम बुरे कामों का केंद्र बना हुआ था। नबी के आने से वहां अमन, मिल्लत और शांति कायम हुई। उसी शांतिदूत की जयंती 26 अगस्त को देश दुनिया में मनाया जाता है।

कोई टिप्पणी नहीं: