शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना भी है -उमा भट्टाचार्य
dil india live (Varanasi). काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से संबद्ध एवं NAAC मान्यता प्राप्त वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी के 72 वें स्थापना दिवस का आयोजन महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा सेमिनार हॉल में गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने की तथा प्रबंधिका उमा भट्टाचार्य ने शुभाशंसा प्रेषित की।
अपने संबोधन में प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने कहा कि 72 वर्षों की गौरवशाली यात्रा केवल उपलब्धियों का इतिहास नहीं, बल्कि भविष्य की नई संभावनाओं का आधार भी है। उन्होंने महाविद्यालय को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान के रूप में स्थापित करने के लिए आगामी पांच वर्षों के विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की।
प्रबंधिका उमा भट्टाचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना भी है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार को संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
महाविद्यालय के आगामी पांच वर्षों के विकास हेतु विस्तृत विचार विमर्श में जिन मुख्य विषयों पर मंथन हुआ उनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ बहुविषयक एवं कौशल-आधारित शिक्षा को सुदृढ़ करना, NAAC के आगामी मूल्यांकन में उच्च ग्रेड प्राप्त करने के लिए गुणवत्ता उन्नयन की सभी प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाना, शोध संस्कृति को प्रोत्साहित करते हुए ICSSR, UGC तथा अन्य राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से अनुसंधान परियोजनाएँ एवं अनुदान प्राप्त करना, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, ई-लर्निंग संसाधनों एवं आधुनिक प्रयोगशालाओं का विस्तार आदि मुख्य थे। विद्यार्थियों के लिए रोजगारोन्मुखी, कौशल विकास एवं मूल्य संवर्धन पाठ्यक्रमों की संख्या में वृद्धि, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग (MoU), फैकल्टी एवं विद्यार्थी विनिमय कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता, नवाचार एवं स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करना, पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर, ऊर्जा संरक्षण तथा सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप परिसर का विकास, समुदाय आधारित गतिविधियों, NSS, NCC तथा आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करना, विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास हेतु खेल, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं नेतृत्व विकास कार्यक्रमों का विस्तार जैसे सुझाव भी पटल पर रखे गए।
कार्यक्रम में IQAC द्वारा संस्थान की उपलब्धियों, गुणवत्ता संवर्धन की पहलों तथा भावी विकास योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी किया गया। शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्राओं ने महाविद्यालय को उत्कृष्टता के नए आयामों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की।
अंत में सभी उपस्थित जनों ने यह संकल्प लिया कि वसंत कन्या महाविद्यालय आगामी पांच वर्षों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, डिजिटल परिवर्तन, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में नई उपलब्धियां अर्जित करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा।




कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें