आगे बढ़ने की दृढ़ इच्छा हो तो कठिन परिस्थितियां व्यक्ति की संभावनाओं को सीमित नहीं कर सकतीं-प्रो. रचना श्रीवास्तव
dil india live (Varanasi). काशी हिंदू विश्वविद्यालय से संबद्ध कमच्छा स्थित वसंत कन्या महाविद्यालय (VKM kamacha Varanasi) में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में महाविद्यालय के थिएटर क्लब ‘रंगमंच’ द्वारा एक प्रेरणादायी एकल नाट्य प्रस्तुति (Solo Play) का आयोजन 8 अगस्त को सेमिनार हॉल में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रंगमंच के माध्यम से मानवीय संवेदना, संघर्ष, आत्मविश्वास, दृढ़ इच्छाशक्ति और विपरीत परिस्थितियों में जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का संदेश विद्यार्थियों तक पहुंचाना था।
लोगों का स्वागत करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने कहा कि जीवन की कठिन परिस्थितियां व्यक्ति की संभावनाओं को सीमित नहीं कर सकतीं, यदि उसके भीतर संघर्ष करने और आगे बढ़ने की दृढ़ इच्छा हो। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय द्वारा इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं सृजनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में रचनात्मकता, संप्रेषण कौशल, टीम भावना, संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता के विकास में सहायक होते हैं।
रंगकर्मी पौलमी घोष ने नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से सुप्रसिद्ध अमेरिकी लेखिका, शिक्षिका और सामाजिक कार्यकर्ता हेलन केलर के जीवन-संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया। यह प्रस्तुति हेलन केलर की आत्मकथा पर आधारित थी। नाटक का निर्देशन एवं रूपांतरण प्रख्यात रंगकर्मी लकी गुप्ता द्वारा किया गया।
मंच पर जीवंत हुआ हेलन केलर का चरित्र
एकल नाटक की केंद्रीय विषयवस्तु हेलन केलर की उस अदम्य जीवन-यात्रा पर केंद्रित रही, जिसमें शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की। प्रस्तुति में उनके जीवन के संघर्ष, सीखने की उत्कट इच्छा, आत्मविश्वास के विकास तथा निराशा से आशा और अंधकार से प्रकाश की ओर उनकी यात्रा को नाटकीय एवं संवेदनशील ढंग से अभिव्यक्त किया गया। पौलमी घोष ने अपनी सशक्त अभिनय क्षमता, संवाद-अभिव्यक्ति, भाव-भंगिमा और मंचीय ऊर्जा के माध्यम से हेलन केलर के चरित्र को मंच पर जीवंत कर दिया।
थिएटर केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं...
नाट्य में रंगमंच की भूमिका पर विशेष बल दिया गया। नाट्य प्रस्तुति ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि थिएटर केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि संवेदना, सहानुभूति, सामाजिक जागरूकता और आत्म-अभिव्यक्ति का प्रभावी माध्यम भी है।
कार्यक्रम की प्रस्तुति का मूल संदेश “Expression, Empathy, Empowerment” अर्थात अभिव्यक्ति, सहानुभूति और सशक्तीकरण था। साथ ही, यह आयोजन विद्यार्थियों को प्रेरित करने और उन्हें रंगमंचीय गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण था।
सेमिनार हॉल में उपस्थित छात्राओं एवं शिक्षकों ने एकल नाट्य प्रस्तुति को गहरी रुचि और एकाग्रता के साथ देखा। प्रस्तुति के दौरान कलाकार की भावपूर्ण अभिनय शैली और हेलन केलर के जीवन के संघर्षपूर्ण प्रसंगों ने दर्शकों को भावुक एवं कठिनाइयों से जूझते हुए लक्ष्य प्राप्त करने, आत्मविश्वास बनाए रखने और दूसरों के प्रति संवेदनशील रहने को प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समग्र स्वर हेलन केलर के जीवन से मिलने वाली प्रेरणा पर केंद्रित रहा—अंधकार चाहे कितना भी गहरा हो, दृढ़ संकल्प, शिक्षा और आत्मविश्वास के माध्यम से प्रकाश की ओर बढ़ा जा सकता है। एकल नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को यह संदेश दिया कि वास्तविक सीमाएं परिस्थितियों में नहीं, बल्कि व्यक्ति के आत्मविश्वास और दृष्टिकोण में होती हैं।
कार्यक्रम का समापन कलाकार, निर्देशक, थिएटर क्लब ‘रंगमंच’, IQAC तथा आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हुआ। IQAC समन्वयक ने ऐसी सार्थक और प्रेरणादायी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।



