विश्व शांति, अमन व मिल्लत के लिए होगी उर्स में दुआएं
हज़रत मखदूम सिमनानी के 640 वें सालाना उर्स का हुआ आगाज़
Hazrat makhdoom Ashraf jahagir simnani Ambedkar Nagar main urs. (dil india live)

- मोहम्मद रिजवान
उर्स को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और दरगाह इंतजामिया कमेटी ने व्यापक तैयारियां की हुई हैं। जिलाधिकारी ईशा प्रिया एवं पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, पीएसी तथा महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम और निगरानी व्यवस्था को सक्रिय कर दिया गया है
स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस और चिकित्सकों की टीम तैनात रहेगी। नगर पंचायत द्वारा साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। विद्युत विभाग, जल निगम, परिवहन, अग्निशमन, खाद्य सुरक्षा तथा अन्य विभागों को भी विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पार्किंग स्थलों का निर्धारण कर यातायात की विशेष योजना लागू की गई है ताकि जायरीन को किसी तरह की तकलीफ़ न हो।
दरगाह इंतजामिया कमेटी भी प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर व्यवस्थाओं में जुटी हुई है। कमेटी के पदाधिकारी जायरीन के ठहरने, इबादत करने, लंगर, भीड़ प्रबंधन तथा अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के सुचारु संचालन की निगरानी कर रहे हैं। कमेटी ने सभी अकीदतमंदों से उर्स की पवित्रता बनाए रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
ये हैं उर्स का पूरा प्रोग्राम
धार्मिक कार्यक्रमों के क्रम में 9 जुलाई को रस्म-ए-परचम कुशाई के साथ उर्स का विधिवत शुभारंभ हो गया है। आज 10 जुलाई शुक्रवार को मलंग सज्जादानशीन आलम शाह परंपरानुसार जुलूस की शक्ल में आस्ताना पहुंचेंगे और चादरपोशी की रस्म अदा कर देश में अमन, खुशहाली और देश की तरक्की की दुआएं करेंगे।
11 जुलाई को साहिबे सज्जादा हजरत अल्लामा मौलाना सैय्यद मोइनुद्दीन मोईन मियां रस्म-ए-गागर अदा करेंगे तथा देश की उन्नति, खुशहाली और विश्व शांति के लिए विशेष दुआएं मांगेंगे और 12 जुलाई को किछौछा से सैय्यद हसीन अशरफ पालकी में सवार होकर विशाल जुलूस के साथ दरगाह पहुंचेंगे। इसके बाद 13 एवं 14 जुलाई को सज्जादानशीन दरगाह हजरत मोहिउद्दीन अशरफ प्राचीन खिरका मुबारक धारण कर विशेष दुआएं करेंगे। 14 जुलाई को रस्मात-ए-अशरफ के साथ उर्स अपने चरम पर पहुंचेगा, जिसमें देशभर से उलेमा, सूफी संत और लाखों अकीदतमंद शिरकत करेंगें
प्रशासन और इंतजामिया कमेटी को उम्मीद है कि इस वर्ष भी उर्स पूरी धार्मिक गरिमा, भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होगा तथा किछौछा की धरती से अमन, इंसानियत और विश्व शांति का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचेगा। उर्स के दौरान पूरे देश के कोने कोने से मलंगों की भी बड़ी संख्या में आमद होती है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें