महर्षि वेदव्यास के जीवन से लें प्रेरणा -प्रो. रचना श्रीवास्तव
भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन का आह्वान
वसंत कन्या महाविद्यालय में मनाया गया गुरुपर्व
dil india live (Varanasi). वसन्त कन्या महाविद्यालय के संस्कृत विभाग एवं श्रीतुलसी संस्कृतगुरुकुलम्,मठगद्दीस्थल, बरेली के संयुक्त तत्त्वावधान में MoU के अन्तर्गत गुरुपर्व का आयोजन महाविद्यालय सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीपप्रज्वलन तथा सरस्वती वन्दना संग हुआ। इस अवसर पर छात्राओं को सम्बोधित करते हुए प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने महर्षि वेदव्यास के जीवन से प्रेरणा ग्रहण कर भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन का आह्वान किया । मुख्य अतिथि डॉ. कमला पाण्डेय ने महर्षि वेदव्यास के भारतीय ज्ञान-परम्परा, वेदों के संरक्षण तथा महाभारत एवं पुराणों की रचना में उनके अद्वितीय योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु-शिष्य परम्परा भारतीय संस्कृति की आत्मा है और वर्तमान समय में उसके आदर्शों का अनुसरण अत्यन्त आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आचार्य ब्रह्मस्वरूप शर्मा ने गुरु तत्त्व का प्रतिपादन करते हुए कहा कि गुरु केवल ज्ञान के प्रदाता ही नहीं, अपितु माता पिता एवं आचार्य के रूप में शिष्यों के व्यक्तित्व एवं चरित्र के निर्माता भी होते हैं। कार्यक्रम में प्रतिष्ठा त्रिपाठी ने भरतनाट्यम् नृत्य द्वारा गुरु-वन्दना की प्रस्तुति की। अतिथियों का स्वागत डा. शान्ता चटर्जी, अध्यक्ष संस्कृत विभाग ने किया। प्रो. आशा यादव, (अध्यक्ष हिन्दी विभाग) अभिलाषा पटेल सहित छात्राओं और गुरुकुल के छात्रों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं संस्कृत गुरु स्तोत्रों तथा गुरु विषयक उद्गारों को व्यक्त कर गुरु-परम्परा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रियंका पाठक तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंगिरा तिवारी ने किया।


