प्रशस्ति पत्र में नराकास अध्यक्ष एवं बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत के प्रयासों की विशेष सराहना
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F.farooqui/Ajeet Singh rajpoot
Varanasi (वाराणसी)। राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं प्रभावी कार्यान्वयन के क्षेत्र में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के राजभाषा विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान अपने कार्यक्षेत्र में संघ की राजभाषा नीति के उल्लेखनीय कार्य-निष्पादन के लिए नराकास, वाराणसी को ‘नराकास प्रोत्साहन सम्मान’ के अंतर्गत ‘प्रशंसनीय’ श्रेणी में सम्मानित किया गया।
यह सम्मान 14 एवं 15 सितंबर 2026 को सिडको एग्जीबिशन सेंटर, नवी मुंबई (महाराष्ट्र) में आयोजित अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान 15 सितंबर 2026 को प्रदान किया गया। नराकास, वाराणसी की ओर से बरेका के मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (उत्पादन एवं विपणन) राम जन्म चौबे ने प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया।
गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा जारी प्रशस्ति पत्र में नराकास, वाराणसी के अध्यक्ष एवं बनारस रेल इंजन कारखाना के महाप्रबंधक आशुतोष पंत के प्रयासों की विशेष सराहना की गई है। प्रशस्ति पत्र में उल्लेख किया गया है कि समिति के अध्यक्ष आशुतोष पंत के प्रयासों से राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं कार्यान्वयन में नराकास, वाराणसी ने उल्लेखनीय प्रगति की है। साथ ही, राजभाषा हिंदी के प्रति उनकी निष्ठा एवं कार्यकुशलता को सराहनीय और प्रेरणादायी बताया गया है।
यह सम्मान वाराणसी में विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालयों के मध्य राजभाषा हिंदी के प्रयोग, प्रचार-प्रसार तथा राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए किए जा रहे समन्वित एवं सतत प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण मान्यता है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बनारस रेल इंजन कारखाना परिवार गौरवान्वित है। नराकास, वाराणसी के अध्यक्ष एवं बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने नराकास से जुड़े सभी कार्यालयों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।



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