Happy Teachers day: Teachers Pass, AI Fail, New York के मेयर के इस बड़े फैसले पर दुनिया भर की निगाहें
गुरु के सामने AI भरोसे के काबिल नहीं, New York में लगा बैन तो दुनिया भर में बेचैनी
dil india live (New York). जब पूरी दुनिया AI को गले लगा रही है, तब अमेरिका के दिल न्यूयॉर्क ने एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला लिया है जिसने सारी दुनिया की निगाहें अपनी ओर खींची है। इस फैसले ने पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या वाकई AI भरोसे के लायक है या नहीं। इस बड़े फैसले से पूरी दुनिया में बेचैनी है।
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने एक ऐतिहासिक और अमेरिका में अब तक का सबसे बड़ा फैसला सुनाकर न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया के शिक्षण संस्थानों को एक तरह से होशियार किया है। फैसले के तहत न्यूयॉर्क सिटी पब्लिक स्कूलों में AI को बैन कर यह सिद्ध किया गया है कि बच्चों को पढ़ाने और समझाने के मामले में Teachers ज्यादा कारगर हैं, AI इस मामले में Fail हो गया और Teachers को उन्होंने Pass कर दिया। Teachers day के पहले आए इस फैसले से भारत में Teachers का कंधा फक्र से ऊंचा कर दिया है। ऐसा लग रहा है कि इस डिजिटल दौर में दुनिया ने Teachers को इस फैसले के जरिए Teachers day wish किया हो।
यहां जानिए क्या है फैसला
फैसले के तहत क्लास 8वीं तक के लगभग 6 लाख बच्चों के लिए अगले एक साल तक AI का इस्तेमाल पूरी तरह बंद रहेगा। क्लास में चल रहे करीब 40 AI एजुकेशन टूल्स को तुरंत हटा दिया गया है।
मेयर ने क्यों कहा -Teachers Pass, AI Fail?
मेयर ममदानी ने साफ कहा - “बच्चों को सीखने और बढ़ने के लिए टीचर और मानवीय जुड़ाव की जरूरत है। टेक कंपनियां हमें बताना चाहती हैं कि AI से शुरुआती शिक्षा जरूरी है, हम ऐसा नहीं मानते।” उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने साथियों के साथ कौशल विकसित करने, शिक्षकों के साथ रिश्ते बनाने और कठिन सवालों से खुद जूझने की जरूरत है, जो AI कभी नहीं सिखा सकता।
यहां जानिए इस फैसले की खास व बड़ी बातें
- यह बैन 6 लाख छात्रों पर लागू, अमेरिका का सबसे बड़ा प्रतिबंध
- हाई स्कूल में कुछ अप्रूव्ड टूल्स की अनुमति रहेगी
- टीचर्स लेसन प्लानिंग के लिए AI इस्तेमाल कर सकेंगे
- विकलांग छात्रों के लिए असिस्टिव टेक्नोलॉजी में छूट मिल सकती है।
बहरहाल डिजिटल दौर में इंसानियत को चुनने वाले इस फैसले पर अब लॉस एंजिल्स समेत कई शहर में भी विचार हो रहे हैं। सवाल एक ही है - क्या AI बच्चों का भविष्य है या टीचर ही असली गुरु हैं? इस पर पूरी दुनिया की निगाहें न्यूयॉर्क पर टिकी हैं। दुनिया भर के शिक्षण संस्थान इस फैसले की समीक्षा अपने अपने तरीके से कर रहे हैं अब देखना यह है कि इस फैसले का असर क्या अपने देश भारत में भी सक्रिय होगा या नहीं। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा मगर इस फैसले ने सभी का ध्यान New York की ओर खींचा जरुर है।
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