रविवार, 6 सितंबर 2026

Saharanpur Masjid ध्वस्तीकरण असंवैधानिक, जाएंगे शीर्ष अदालत-imran Masood

बोलें इमरान मसूद कलेक्ट्रेट का निर्माण ही याकूब खां की दी हुई जमीन पर हुआ फिर मस्जिद अवैध कैसे?
सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण समाचार फोटो 6 September 2026


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Saharanpur (सहारनपुर)। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण का सांसद इमरान मसूद ने जोरदार विरोध किया है। उन्होंने इस कार्रवाई को असंवैधानिक करार दिया है। अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि यह जमीन आज भी याकूब खां और वहीद खां के नाम है। कलेक्ट्रेट परिसर पूरा ही याकूब खां और वहीद खां के नाम पर थी। फिर मस्जिद अवैध कैसे? मस्जिद पहले थी और कलेक्ट्रेट बाद में बनी। उस समय जमींदारी होती थी और बिना बैनामे के ही कलेक्ट्रेट बन गई। उस समय ना तो उन्होंने कोई मुआवजा लिया और ना ही दान किया। तो ऐसे में मस्जिद को तोड़ना तो दूर की बात है पहले सरकार यह साबित करे कि जमीन उनकी है। अदालत से जो आदेश हुए हैं उनके मुताबिक मस्जिद पक्ष को बड़ी अदालत में अपील करने के लिए समय था लेकिन बिना किसी नोटिस के मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया।यह कार्रवाई आगामी 2027 चुनाव को फोकस करके की गई है लेकिन हम भाईचारा खराब नहीं होने देंगे। कानूनी रूप से लड़ाई लड़ेंगे। सांसद बोले कि हमने अदालत में डॉक्यूमेंट लगाए थे लेकिन मस्जिद पक्ष के डॉक्यूमेंट को नजर अंदाज किया गया।

सौहार्द को खराब नहीं होने देंगे

सांसद इमरान मसूद ने कहा कि जो भी किया गया है उसके पीछे भाईचारे को ठेस पहुंचाने की साजिश है लेकिन हम आपसी भाईचारा खराब नहीं होने देंगे। हम इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। हाईकोर्ट में हमारे वकील पहुंच गए हैं। हम इस लड़ाई को लड़ेंगे और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। यह सरकार का फंडा है, लोगों के बीच खाई खोदने का प्रयास किया गया है ताकि लोग बुनियादी मुद्दे भूल जाएं।

देश के संविधान को रौंदा जा रहा

धर्मस्थलों को गिराने का जो काम हो रहा है वह बहुत गलत है। हमारे अधिकारों पर बुल्डोजर चलाया जा रहा है, देश के संविधान को रौंदा जा रहा है। जो लोग शहर में अमन शांति चाहते हैं वो इस कार्रवाई से खुश नहीं होंगे। हाल ही में हाईकोर्ट ने एक ऐसे ही मामले में मुआवजा देने के आदेश दिए हैं जो नजीर बन गया है।

हमारे लिए यह काला दिन - इमरान मसूद

सांसद ने कहा कि प्रशासन संविधान के अनुरूप काम नहीं कर रहा है। यह दिन हमारे लिए काला दिन है। यह कार्य पूरी तरह से कानून को रौंदने वाला है। हमारी मस्जिद शहीद हुई है हमें तकलीफ है। शीर्ष अदालत में हम इस मामले को उठाएंगे।

जनता से संयम की अपील

इमरान मसूद ने जनता से शांत रहने की अपील की। कहा - यह मामला कानूनी है इसे हम कानूनी तरीके से लड़ेंगे। हाईकोर्ट जाएंगे और फिर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। यह लड़ाई लाठी-डंडे से नहीं, कलम से लड़ी जाएगी। हमारी मांग है कि जो मस्जिद तोड़ी गई है उसके मुआवजे की मांग के साथ हम शीर्ष अदालत में जाएंगे।

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