कल भिखारीपुर में दोपहर-2 बजे से हाथ में तिरंगा लेकर होगा आंदोलन
अग्रेंजो भारत छोड़ो की तर्ज पर कारपोरेट सेक्टर पॉवर सेक्टर छोड़ो अभियान कल से
काकोरी क्रांति के 100 वर्ष पूरा होने पर चलाएंगे बिजलीकर्मी अभियान
Sarfaraz Ahmad
Varanasi (dil India live). विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उ.प्र. के बैनर तले गुरुवार को तीसरे दिन भी बनारस के समस्त कार्यालयों पर बिजलीकर्मियो ने बिजली के निजीकरण और उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बनारस के अभियंता, अवर अभियंता, नियमित एवं संविदाकर्मी भी शामिल हुए।
संघर्ष समिति के केंद्रीय आह्वान पर प्रदेश के समस्त जिला, मुख्यालय की तरह ही बनारस के तमाम बिजली कर्मचारी 08 अगस्त से 15 अगस्त तक सार्वजनिक क्षेत्र में पॉवर सेक्टर को बचाये रखने के लिए तिरंगा लेकर अभियान के तारतम्य में भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर दोपहर-2 बजे से हाथ मे तिरंगा लेकर अग्रेंजो भारत छोड़ो आन्दोलन की तर्ज पर कारपोरेट सेक्टर सार्वजनिक क्षेत्र में पॉवर सेक्टर छोड़ो अभियान काकोरी क्रांति के 100 वर्ष पूरा होने पर चलाएंगे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, के पदाधिकारियों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य किसानों, गरीब और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं को बिजली के निजीकरण से होने वाली अपूरणीय क्षति से अवगत कराया जायेगा। संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली अकेली सेवा है जो अलग अलग श्रेणी के उपभोक्ताओं को अलग अलग दाम पर मिलती है। इसका उद्देश्य यही है कि बिजली सबकी आवश्यकता है और गरीब उपभोक्ताओं को नुकसान उठाकर लागत से कम दाम पर बिजली आपूर्ति की जा सके। बिजली कारपोरेट घरानों के लिए व्यापार है जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के लिए बिजली एक सेवा है। इसीलिए बिजली के क्षेत्र में सब्सिडी और क्रॉस सब्सिडी का प्राविधान है।
संघर्ष समिति ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अन्तर्गत प्रदेश के सबसे गरीब 42 जनपद आते हैं। इन 42 जनपदों की बिजली कारपोरेट घरानों के हवाले कर देना प्रदेश के विकास के साथ सबसे बड़ा खिलवाड़ है। निजीकरण के बाद बिजली की दरें कम से कम तीन गुनी हो जायेंगी। पॉवर कारपोरेशन ने निजी घरानों को सहूलियत देने के लिए बिजली की दरों में 45 प्रतिशत तक का इजाफा करने का प्रस्ताव इसीलिए विद्युत नियामक आयोग को भेज रखा है। इस प्रस्ताव से ही घरेलू बिजली की दरें 13 रूपये प्रति यूनिट तक हो जायेंगी।
वक्ताओ ने बताया कि 08 अगस्त से 15 अगस्त तक चलने वाले अभियान में बिजली कर्मी आम जनता को निजीकरण के पीछे हो रही लूट से भी अवगत करायेंगे। लगभग एक लाख करोड़ रूपये की परिसम्पत्तियों को मात्र 6500 करोड़ रूपये की रिजर्व प्राइस पर बेचने का आरएफपी डॉक्यूमेंट पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन ने तैयार किया है। इसके अतिरिक्त 42 जनपदों की जमीन मात्र एक रूपये की लीज पर निजी घरानों को दी जायेगी जिसका संघर्ष समिति उ0प्र0 घोर विरोध एवं निंदा करती है।
आज के कार्यक्रम को ई. एसके सिंह, ई. नीरज बिंद, अंकुर पाण्डेय, संदीप कुमार, पंकज यादव, हेमंत श्रीवास्तव, उदयभान दुबे, विजय नारायण हिटलर, अमित कुमार, रोहित कुमार, विजय सिंह, नवीन कुमार, ज्योति प्रकाश, जितेंद्र कुमार आदि ने सम्पन्न कराया।
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