शनिवार, 30 अगस्त 2025

Hazrat Muhammad ने Duniya में अपने अखलाख से Islam फैलाया


जुलुसे मोहम्मदी को लेकर बैठक इतवार को

जुलूस ए मोहम्मदी में उमड़े लोग (फाइल फोटो)

Varanasi (dil India live). मरकजी दावते इस्लामी जुलूस-ए मोहम्मदी कमेटी की बैठक मगरिब की नमाज के बाद इतवार को खजूर वाली मस्जिद नयी सड़क में होने वाली है। कमेटी ने इस जुलूस को अमन और शांति के साथ निकालने के लिए विभिन्न मुहल्लों के उलेमा, जुलूस के ओहदेदारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया है।

उस दौर में न तो इंटरनेट था और न ही बुलेट ट्रेन और प्लेन, फिर भी नबी ने दुनिया के हर कोने में इस्लाम पहुंचा दिया। उस पैग़म्बरे इस्लाम की यौमे पैदाइश की आज खुशियां पूरी दुनिया मनाने जा रहा है।

गौरतलब हो कि पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफा (स.) की यौमे पैदाइश (जन्मदिन) पर यह जुलूस परम्पराओं के साथ नबी के जश्न में नात, सलाम और कलाम पेश करते हुए तकरीबन तीन दशक से निकलता चला आ रहा है। जुलूस के संबंध में मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने बताया कि यह जुलूस दुनिया में अमन का पैग़ाम देने का जरिया है। जुलूस यह बताता है कि अरब की सरजमीं पर जब गुमराहियत आम थी, आदमी आदमी का दुश्मन था, लड़की की पैदाइश पर जिंदा लड़कियों को जमीन के सुपुर्द कर दिया जाता था, चारों ओर बुराई ही बुराई थी। ऐसे दौर में सुबह सादिक के वक्त अरब की सरजमीं पर आमीना बीबी के घर प्यारे नबी की पैदाइश हुई। 

नबी ने अरब ही नहीं समूची दुनिया में अपने अखलाख से इस्लाम फैलाया। उस दौर में न तो इंटरनेट था और न ही बुलेट ट्रेन और प्लेन फिर भी नबी ने दुनिया के हर कोने में इस्लाम पहुंचा दिया। उस पैग़म्बरे इस्लाम की यौमे पैदाइश की आज खुशियां पूरी दुनिया मनाएं जाने की तैयारियां शुरू हो चुकी है। रबीउल अव्वल का चांद निकलने के बाद से ही मोमिनीन ने इस्लामी झंडा लगा दिया है। यह संकेत है कि आमीना बीबी के लाल हज़रत मुहम्मद (से.) की पैदाइश का दिन 12 रबीउल अव्वल का दिन नजदीक है।

कोई टिप्पणी नहीं: