शुक्रवार, 29 अगस्त 2025

UP K Varanasi Main बिजलीकर्मियो ने निजीकरण के विरुद्ध 274 वें दिन किया जोरदार प्रदर्शन

बिना उपभोक्ताओं की सहमति के पोस्टपेड को प्रीपेड में बदलने विरोध 

कहा कि जनता के अधिकारों के साथ नहीं होने देंगे खिलवाड़ 

सरफराज अहमद 

Varanasi (dil India live). विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0 के बैनर तले आज 274 वें दिन भी बनारस के बिजलीकर्मियो ने बिजली के निजीकरण और बेतहाशा बिजली दरो में बढ़ोतरी का जोरदार विरोध किया है, साथ ही उपभोक्ताओं के बिना सहमति उनके पोस्टपेड कनेक्शन को प्रीपेड में बदलने को नियम विरुद्ध बताया है।

   वक्ताओ ने बताया कि आज बिजलीकर्मियो ने जहां एक ओर बिजली के निजीकरण का विरोध किया वही दूसरी ओर उपभोक्ता देवो भव: कहे जाने वाली आमजनता के अधिकारों का हनन करते हुए पुर्वांचल डिस्कॉम द्वारा 2 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के यहाँ जबरन स्मार्ट मीटर लगाकर उनको पोस्टपेड से प्रीपेड में बदल दिया जबकि उपभोक्ता कनेक्शन लेने हेतु झटपट पोर्टल या निवेशमित्र पोर्टल पर अवेदम करता है तो उसके पास ये अधिकार होता है कि वो पोस्टपेड कनेक्शन के लिए आवेदन करें या प्रीपेड कनेक्शन के लिए आवेदन करें किन्तु हद तो तब हो जाती है जब पोस्टपेड कनेक्शन लेने वाले 2 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के कनेक्शन जबरन प्रीपेड में बदल दिए गये जबकि उपभोक्ताओ से सहमति भी नहीं ली गयी, जो उपभोक्ताओं के अधिकारों का घोर हनन है जिसका यह संघर्ष समिति निंदा करते हुए पुरजोर विरोध करती है।

 



 वक्ताओ ने बताया कि संघर्ष समिति पुर्वांचल कमेटी जल्द ही इसको लेकर प्रबन्ध निदेशक पुर्वांचल को पत्र लिखेगी और उनसे मुलाकात कर तत्काल बिना सहमति पोस्टपेड से प्रीपेड किये गए कनेक्शनों को पोस्टपेड में बदलने का आग्रह करेगी अन्यथा बिजली के निजीकरण के साथ ही उपभोक्ताओं के साथ किये गए नियमविरुद्ध आदेश को लेकर भी विरोध करेगी।

    वक्ताओ ने कहा कि वर्तमान में भीषण आपदा जो बाढ़ के रूप में आई है उसको लेकर उपभोक्ताओं की सेवा हेतु संघर्ष समिति ने अपने आंदोलनों में ढील दी है किंतु यह आपदा के समाप्त होते ही संघर्ष समिति पुर्वांचल कमेटी अपना आंदोलन तेज करेगी और यदि पूर्वान्चल विधुत निगम के निजीकरण का प्रस्ताव निरस्त न हुआ तो बनारस में माननीय मुख्यमंत्री जी के आगमन के दौरान कभी भी संघर्ष समिति पुर्वांचल कमेटी उनसे मिलकर विभिन्न समस्याओं जैसे पुर्वांचल विधुत निगम का निजीकरण, उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन करने  सहित बिजलिकर्मियो के बिना संसाधन उपलब्ध कराये फेसिअल अटेंडेन्स के नाम पर वेतन काटने आदि को लेकर ज्ञापन देगी।

   


वक्ताओ ने बताया कि निजीकरण के लिए लालायित प्रबंधन के आला अधिकारी कितनी बेशर्मी पर उतर आए हैं इसका सबूत है कि सोसाइटी एक्ट में रजिस्टर्ड निजी संस्था  देश भर के विद्युत वितरण निगमों से उगाही कर रही है। इन सब के बावजूद शासन और सरकार चुप है।  

      सभा को सर्वश्री ई. राजेन्द्र सिंह, ई. एस0के. सिंह, अंकुर पाण्डेय, रामाशीष कुमार, आजाद बाबू, आशुतोष राय, नागेंद्र कुमार, छोटेलाल, दिनेश सिंह, कृष्णा सिंह, बंशीलाल, सरोज भूषण, योगेंद्र कुमार, सुशांत गौतम, विशाल कुमार आदि ने संबोधित किया।

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