नकारात्मक सोच को ना होने दे हावी- प्रो. आशीष बाजपेयी
Varanasi (dil India live). DAV पीजी कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग के तत्वावधान में शुक्रवार को 'कैसे सोचे और कार्य करें' विषय पर विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रबंध शास्त्र संस्थान के निदेशक प्रो. आशीष बाजपेयी ने छात्रों को सकारात्मक और संरचनात्मक जीवन के लिए योजनाबद्ध तौर तरीकों के आधार पर प्रकाश डाला।
मेहनती असफलताओं से घबराते नही
प्रो. बाजपेयी ने कहा कि जीवन को बदलना है तो स्वयं को जानना होगा, परन्तु वास्तविकता यह है कि ना हम अपने अंदर की कमियों को जानना चाहते है और ना ही बदलना चाहते है। जीवन मे अच्छी राह पर स्वागत हमेशा काँटो से होता है, जो इन काँटो को पार कर गया उसे सफल होने से कोई नही रोक सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन मे कभी किसी काम के लिए देर नही होती है, मेहनती कभी भी असफलताओं से घबराते नही है। नकारात्मक सोच को कभी भी अपने ऊपर हावी नही होने दे, समस्याएं कभी नही बदलती बस हम बदल जाते है। उन्होंने छात्रों से यह भी कहा कि दुनिया जिस नजरिये से हमे देखती है वही हमारा चरित्र होता है इसलिए हमारी सोच, आदत और व्यवहार यह सब संतुलित होना आवश्यक है।
विवेकपूर्वक किया गया श्रम कभी व्यर्थ नही जाता
अध्यक्षता करते हुए कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने कहा कि विवेकपूर्वक किया गया श्रम कभी व्यर्थ नही जाता है, यदि हम सकारात्मक होकर लक्ष्य की ओर बढ़ रहे है तो निश्चित रूप से सफल होंगे ही। उन्होंने यह भी कहा कि वाह्य जगत की सफलता के लिए पहले अंतर्मन के प्रबंधन को दुरुस्त करना होगा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के मंत्री/प्रबंधक अजीत कुमार सिंह विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे। स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप कुमार मिश्र, संचालन कार्यक्रम संयोजक डॉ. पारुल जैन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शालिनी सिंह ने दिया। इस मौके पर प्रो. सत्यगोपाल, प्रो. ऋचारानी यादव, डॉ. मयंक कुमार सिंह, डॉ. सिद्धार्थ सिंह, डॉ. ओमप्रकाश कुमार, डॉ. शान्तनु सौरभ आदि सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल रहे।
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